दिल्ली, भारत की राजधानी, अपने ऐतिहासिक स्मारकों, हलचल भरे बाजारों और स्वादिष्ट खाने के लिए जानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली में एक ऐसा पार्क भी है, जो प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का अनमोल उदाहरण है। जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ बांसेरा पार्क की, जो यमुना नदी के किनारे, सराय काले खाँ में स्थित है। पार्क के सामने से हाइवे का शोरशराबा और अंदर माहौल ऐसा है कि आप यह मानिए वहाँ बैठकर आत्मचिंतन कर सकते हैं। यह दिल्ली-एनसीआर का पहला बांस थीम वाला पार्क है, जो अपनी हरियाली, शांति और इको-फ्रेंडली डिज़ाइन के लिए जाना जाता है। सेंतीस एकड़ में फैला यह पार्क न सिर्फ दिल्लीवासियों के लिए, बल्कि आगंतुकों के लिए भी एक आकर्षक जगह है।
बांसेरा पार्क के बारे में थोड़ी सी जानकारी
बांसेरा पार्क दिल्ली के सराय काले खाँ में यमुना नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसका नाम “बांसेरा” बांस से प्रेरित है, क्योंकि यह पार्क बांस की थीम पर ही बना हुआ है। यहाँ पच्चीस से अधिक प्रजातियों के तीस हजार से ज्यादा बांस के पौधे लगाए गए हैं। जो पार्क को लगभग एक सुन्दर बगीचे का रूप देता है। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इस पार्क को बनवाया है, और इसे दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने गोद लिया है। 9 अगस्त 2022 को इसका उद्घाटन हुआ, लेकिन 2021 की यमुना की बाढ़ ने इस क्षेत्र को भारी नुकसान पहुँचाया था। इसके बाद डीडीए ने इसे दोबारा जीवंत किया, जिससे आज यह दिल्ली की उम्मीद और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन पाया है ।


पार्क की खूबसूरती इसकी हरियाली और बांस से बनी संरचनाओं में छुपी है। प्रवेश द्वार, दीवारें, बेंच, और सजावटी सामान- सब कुछ बांस से बना है, जो इसे इको-फ्रेंडली बनाता है। यहाँ का शांत वातावरण दिल्ली की भागदौड़ से राहत देता है। पार्क में सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जो रात में अपने आप जल उठती हैं और बिजली की बचत करती हैं। बांस की थीम न सिर्फ सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैलाती है।
बांसेरा में सिर्फ बांस नहीं, चाँद भी है
पार्क में एक विशाल बांस से बना चाँद भी है, जो आप नीचे तस्वीर में देख सकते हैं। इस चांद को आप हुमायूँ के मकबरे से देख सकते हैं और यह रात में बेहद आकर्षक लगता है। यह चाँद दो मंजिल ऊँचे मकान जितना बड़ा है और पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण बना हुआ है। बांसेरा पार्क का इतिहास भले ही नया हो, लेकिन यह दिल्ली के पर्यावरणीय प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पार्क न सिर्फ एक पिकनिक स्थल है, बल्कि बांस के महत्व को समझाने का एक सही उदाहरण भी है। यहाँ की हरियाली, फूलों की क्यारियाँ, और शांत माहौल इसे परिवार, दोस्तों, और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं।

झील और म्यूजिकल फव्वारा देख प्रफुल्लित हो उठेंगे आप
बांसेरा पार्क की सबसे खास विशेषताओं में से एक है इसकी कृत्रिम झील और उसमें बना म्यूजिकल फव्वारा। पार्क में तीन कृत्रिम झीलें हैं, जो इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाने का काम करती हैं। इनमें से एक झील में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक शानदार म्यूजिकल फव्वारा स्थापित किया है। यह फव्वारा शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत के साथ नाचता है, जो दर्शकों को बेहद रोमांचक बना देता है। म्यूजिकल फव्वारा शो दिन में दो बार आयोजित होता है पहला शो शाम 6:30 से 7:00 बजे तक और दूसरा शो 7:30 बजे से होता है। यह शो रविवार, सोमवार, और मंगलवार को देखा जा सकता है। झील के किनारे बैठकर इस शो का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव है।

झील का शांत जल और फव्वारे की रंगीन लहरें बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को लुभाती हैं। झील के आसपास बांस के पौधे और हरे-भरे लॉन इसे और भी खूबसूरत बनाते हैं। यहाँ बैठकर आप प्रकृति की शांति का एहसास कर सकते हैं, जो दिल्ली जैसे व्यस्त शहर में दुर्लभ ही मानिए।
झील का जो क्षेत्र है वह सेल्फी पॉइंट के रूप में भी लोकप्रिय है। यहाँ बांस से बने झूले और फूलों से सजाए गए स्थान हैं, जहाँ पर्यटक तस्वीरें लेना पसंद करते हैं। झील का पानी और आसपास की हरियाली पार्क को एक तरोताज़ा और सुकून भरा माहौल देती है। यहाँ आप परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद ले सकते हैं और फव्वारे के शो को देखकर अपनी शाम को यादगार बना सकते हैं।
बच्चों के लिए एडवेंचर पॉइंट
बांसेरा पार्क सिर्फ शांति और हरियाली तक सीमित नहीं है, यहाँ बच्चों और युवाओं के लिए एडवेंचर पॉइंट भी हैं, जो इसे और आकर्षक बनाते हैं। हाल ही में, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने पार्क में एक चिल्ड्रन प्ले एरिया का उद्घाटन किया है, जो बच्चों के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया है। इस क्षेत्र में बांस से बने झूले, स्लाइड्स, और अन्य खेल उपकरण हैं, जो बच्चों को घंटों व्यस्त रखते हैं।
एडवेंचर पॉइंट में बांस से बनी संरचनाएँ न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। यहाँ का डिज़ाइन बच्चों को प्रकृति के करीब लाता है, क्योंकि सभी उपकरण बांस और प्राकृतिक सामग्रियों से बने हैं।

इसके अलावा, पार्क में कुछ खुले क्षेत्र हैं, जहाँ पर बैडमिंटन या अन्य खेल भी खेले जा सकते हैं। यहाँ का शांत और खुला माहौल इसे एक्टिविटीज़ के लिए आदर्श बनाता है। पार्क में भविष्य में और भी एडवेंचर गतिविधियाँ जोड़े जाने की योजना है। उदाहरण के लिए, बांस से बने लाल किला, कुतुब मीनार, और इंडिया गेट जैसे मिनी मॉडल बनाने की बात चल रही है, जो बच्चों और पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा। यह एडवेंचर पॉइंट परिवारों को एक साथ समय बिताने का मौका देता है। जहाँ बच्चे खेल सकते हैं और बड़े प्रकृति का आनंद ले सकते हैं। पार्क अभी अपनी प्रगति पर है मतलब अभी इस पार्क में और भी शानदार और आनंदित करने वाले बदलाव होने बाकी हैं।
कैफेटेरिया का एरिया
यहाँ का कैफेटेरिया इतना खूबसूरत है कि आपका ध्यान खींचने में सक्षम है।
बांसेरा पार्क में कफेटेरिया की सुविधा भी है, जो पर्यटकों की सुविधा और आनंद को बढ़ाती है। यह कैफेटेरिया पार्क के भीतर एक शांत और हरियाली से घिरे क्षेत्र में स्थित है, जहाँ आप स्वादिष्ट खाने और ठंडे पेय का आनंद ले सकते हैं। यहाँ का मेन्यू सरल और किफायती है, जिसमें चाय, कॉफी, स्नैक्स, और हल्के भोजन जैसे सैंडविच, समोसे, और चाट उपलब्ध हैं। केफेटेरिया में बैठकर आप यमुना नदी के किनारे की खूबसूरती और पार्क की हरियाली का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

कैफेटेरिया की खास बात यह है कि यहाँ बांस से बनी मेज और कुर्सियाँ हैं, जो पार्क की थीम के साथ पूरी तरह से मेल खाती हैं। यहाँ का माहौल इतना सुकून भरा है कि आप घंटों बैठकर दोस्तों या परिवार के साथ बातचीत कर सकते हैं। कैफेटेरिया में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है, और यहाँ का स्टाफ बेहद विनम्र है। यह जगह उन लोगों के लिए आदर्श है, जो पार्क में पिकनिक के दौरान घर का खाना नहीं लाए और कुछ स्वादिष्ट खाना चाहते हैं। कैफेटेरिया न सिर्फ खाने-पीने की सुविधा देता है, बल्कि यह पर्यटकों को पार्क में ज्यादा समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करता है। यहाँ से आप म्यूजिकल फव्वारे का शो देख सकते हैं या झील के किनारे टहलने जा सकते हैं। यह कैफेटेरिया बांसेरा पार्क को एक पूर्ण पिकनिक स्थल बनाता है, जहाँ हर तरह की सुविधा उपलब्ध है।
पार्किंग, टिकिट और लोकेशन
बांसेरा पार्क में पार्किंग की सुविधा भी है। यह पार्क सराय काले खाँ की मुख्य सड़क पर स्थित है, और यहाँ तक पहुँचना बहुत आसान है। नज़दीकी मेट्रो स्टेशन, जैसे निज़ामुद्दीन या सराय काले खाँ मेट्रो स्टेशन, से आप ऑटो या टैक्सी लेकर आसानी से पार्क तक पहुँच सकते हैं। या फिर पैदल भी आप बड़ी आसानी से पहुँच सकते हैं।

पार्क में एक विशाल पार्किंग क्षेत्र है, जहाँ कार, बाइक, और अन्य वाहनों के लिए पर्याप्त जगह है। यहाँ पार्किंग की सुविधा मुफ्त या बहुत कम शुल्क पर उपलब्ध है, जिससे पर्यटकों को कोई असुविधा नहीं होती। एक और जरूरी बात यह है कि यदि आप चलना पसंद नहीं करते तो आपको यहाँ घुमाने के लिए राइड भी मिल जाएगी। लेकिन इसका आपको अलग से खर्च देना पड़ेगा। वैसे पार्क की सामान्य टिकट प्रति व्यक्ति पचास रुपए है और यदि आप राइड लेते हैं तो टिकिट के दोगुने पैसे आपको देने होंगे। यहाँ लमसम पाँच हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के फूल लगाए गए हैं, जो पार्क की सुंदरता को दोगुना करते हैं।
तितलियों की उपस्थिति और फूलों की सजावट बच्चों और प्रकृति प्रेमियों को बहुत पसंद आती है। पार्क में हरे-भरे लॉन और बैठने के लिए कई स्थान हैं, जो इसे पिकनिक के लिए सबसे खास जगह बनाते हैं। यहाँ पर कई सेल्फी पॉइंट भी हैं, जैसे झील के किनारे बने झूले और फूलों से सजाए गए स्थान, जो युवाओं और परिवारों के बीच लोकप्रिय हैं। पार्क सुबह 10:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहता है, लेकिन सोमवार को बंद रहता है। प्रवेश शुल्क न के बराबर है, जिससे यह हर वर्ग के लिए सुलभ है।

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