भारत की राजधानी दिल्ली के केंद्र में स्थित ‘राष्ट्रपति भवन’ केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की गरिमा और गौरव का प्रतीक है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रपति का निवास स्थान कैसा दिखता है? वहां की वास्तुकला कैसी है? क्या एक आम आदमी वहां जा सकता है? ये ऐसे सवाल हैं जो अक्सर लोगों के मन में आते हैं। अच्छी खबर यह है कि अब राष्ट्रपति भवन के दरवाजे आम जनता के लिए खुले हैं। आइए जानते हैं कि आप देश के इस सबसे प्रतिष्ठित परिसर की सैर कैसे कर सकते हैं। Rashtrapati Bhavan
तीन हिस्सों में बंटा है आपका सफर–Rashtrapati Bhavan
राष्ट्रपति भवन का दौरा केवल एक चक्कर नहीं है, बल्कि इसे तीन अलग-अलग ‘सर्किट्स’ में बांटा गया है ताकि पर्यटक अपनी पसंद के अनुसार जगह चुन सकें।
सर्किट 1 (मुख्य भवन): इसमें आप राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत, अशोक हॉल, दरबार हॉल, बैंक्वेट हॉल और नॉर्थ कोर्ट जैसी ऐतिहासिक जगहों को देख सकते हैं। यह हिस्सा राजसी ठाट-बाट और ब्रिटिश-भारतीय वास्तुकला का बेजोड़ संगम है।

सर्किट 2 (संग्रहालय): राष्ट्रपति भवन संग्रहालय (Museum Complex) इतिहास प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। यहाँ पुराने समय की बग्घियां, राष्ट्रपतियों को मिले उपहार और देश के इतिहास से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं रखी गई हैं।


सर्किट 3 (अमृत उद्यान): पहले इसे मुगल गार्डन के नाम से जाना जाता था। यह केवल साल के कुछ विशेष महीनों (आमतौर पर फरवरी-मार्च) में खुलता है। यहाँ की फूलों की क्यारियां और हरियाली आपका मन मोह लेगी।

कैसे करें ऑनलाइन टिकट बुकिंग?
अब वो जमाना गया जब आपको लाइन में लगना पड़ता था। राष्ट्रपति भवन जाने के लिए आपको ऑनलाइन एडवांस बुकिंग करनी होगी।
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (https://rb.nic.in/rbvisit/visit_plan.aspx) पर जाएं।
वहां ‘Plan Your Visit’ के विकल्प पर क्लिक करें।
अपनी पसंद का सर्किट चुनें और उपलब्ध तारीख व समय (स्लॉट) का चयन करें।
अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें और एक फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) की जानकारी दें।
बुकिंग शुल्क का भुगतान करें (आमतौर पर यह प्रति व्यक्ति 50 रुपये होता है, जबकि 8 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रवेश निशुल्क है)।
कब और किस समय जा सकते हैं?
राष्ट्रपति भवन सप्ताह के सभी दिन नहीं खुलता है। सर्किट 1 यानी मुख्य भवन की सैर आप गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को कर सकते हैं। वहीं, संग्रहालय सोमवार को छोड़कर सप्ताह के सभी दिन खुला रहता है। घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होता है। इसके अलावा, शनिवार को आप ‘चेंज ऑफ गार्ड’ (Change of Guard) सेरेमनी भी देख सकते हैं, जो एक बहुत ही भव्य अनुभव होता है।
सुरक्षा और जरूरी नियम
चूंकि यह देश की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है, इसलिए यहाँ नियमों का पालन करना अनिवार्य है।


आईडी प्रूफ: अपना वही असली पहचान पत्र (Original ID) साथ रखें जिसकी जानकारी आपने ऑनलाइन बुकिंग के समय दी थी।
सामान की पाबंदी: मोबाइल फोन, कैमरा, हैंडबैग, पानी की बोतल या खाने का सामान अंदर ले जाना वर्जित है। हालांकि, पर्यटकों के लिए अपना सामान जमा करने के लिए काउंटर की सुविधा उपलब्ध होती है।
समय का ध्यान: आपके स्लॉट से कम से कम 15-30 मिनट पहले गेट पर पहुंचना बेहतर रहता है ताकि सुरक्षा जांच में देरी न हो।
कैसे पहुंचें?
राष्ट्रपति भवन पहुंचने के लिए सबसे आसान माध्यम ‘दिल्ली मेट्रो’ है। आप सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (Central Secretariat) मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। वहां से आप गेट नंबर 2 या गेट नंबर 37/38 (आपके टिकट के निर्देशानुसार) तक पैदल या ऑटो से जा सकते हैं।
क्यों है यह यात्रा खास?
राष्ट्रपति भवन की दीवारों में भारत के इतिहास की गूंज सुनाई देती है। एडवर्ड लुटियंस द्वारा डिजाइन की गई इस इमारत का गुंबद और इसके विशाल खंभे आपको अचंभित कर देंगे। संग्रहालय के अंदर ‘होलो-प्रोजेक्शन’ और डिजिटल माध्यमों से इतिहास को जीवंत होते देखना एक अनोखा अनुभव है।

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