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हर नव वधू के वार्डरोब में शामिल होने चाहिए ये सिल्क की साड़ियां, जानिए इनकी खासियत और कीमत

अगर मूल रूप से सिल्क की बात की जाए तो भारत में चार प्रकार के सिल्क के रेशे बनाए जाते हैं- शहतूत रेशम, ओक तसर सिल्क, एरी सिल्क और मुगा रेशम।

अगर आप कांजीवरम सिल्क की साड़ियां खरीद रहे हैं तो उन्हें खरीदते वक्त आप यह स्योर करें कि आप असली कांजीवरम हीं खरीद रहे हैं। क्योंकि आजकल कांजीवरम साड़ियों के नाम पर धोखाधड़ी के भी मामले देखे जाते हैं। कांचीपुरम साड़ियों को पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि असली कांजीवरम साड़ी के प्लेट्स को एक दूसरे से घिसने पर किसी भी प्रकार की आवाज नहीं आती है।

बलूचरी साड़ी की एक खास वैरायटी होती है जिसमें सोने के धागों से साड़ी पर बुनावट की जाती है। ये साड़ियां स्वर्णचेरी साड़ियां कहलाती हैं। अधिकतर बलूचरी साड़ियां चटक रंगों में पसंद की जाती हैं। इनका निर्माण बंगाल के मुर्शिदाबाद में किया जाता है

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Hello! I Pardeep Kumar

मुख्यतः मैं एक मीडिया शिक्षक हूँ, लेकिन हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की फ़िराक में रहता हूं।

लम्बे सफर पर चलते-चलते बीच राह किसी ढ़ाबे पर कड़क चाय पीने की तलब हमेशा मुझे ज़िंदा बनाये रखती
है।

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