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पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं संगम नगरी के ये प्रमुख पर्यटन स्थल

प्रयागराज का नाम सुनते ही हमारे मन में सबसे पहले जो ख्याल आता है वह है “कुंभ
प्रयागराज शहर को कुंभ नगरी के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां सिर्फ कुंभ के समय में हीं आया जाता है। आप कभी भी प्रयागराज विज़िट
कर सकते हैं। यह एक बहुत ही खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस और आस्था का बहुत ही बेहतरीन केंद्र माना जाता है। इस ब्लॉग में हम आपको प्रयागराज शहर के बेहतरीन जगहों के बारे में तो बताएंगे हीं साथ ही साथ हम आपको यह भी बताएंगे कि प्रयागराज कैसे पहुंचे? और प्रयागराज में कहां ठहरे?

1. त्रिवेणी संगम
त्रिवेणी संगम वह स्थान है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। इस जगह को देखने के लिए काफी लोग आते हैं। अगर आप भी त्रिवेणी संगम को देखना चाहते हैं तो उसके लिए आपको पहले नाव की सवारी करनी होगी और नाव के जरिए उस पवित्र जगह तक पहुंचना होगा जहां गंगा जमुना सरस्वती एक दूसरे में घुल मिल जाती हैं। जब आप नाव से त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ेंगे तो चारों ओर कल कल बहती गंगा, शांत और प्रदूषण रहित वातावरण, आसमान में उड़ती चिड़ियाँ, आपको काफी अट्रैक्टिव लगेंगे। नेचर की खूबसूरती को एंजॉय करने के लिए इससे बेहतरीन कोई दूसरा ऑप्शन तो हो ही नहीं सकता है। अगर आप चाहे तो आकाश में उड़ रहे पंछियों को खाना खिला सकते हैं। इसके लिए आपको नदी के बीचो-बीच ही नमकीन के पैकेट बिकते हुए मिल जाएंगे जिसे खरीद कर आप पक्षियों को खाना खिला सकते हैं और यकीन मानिए जब आप वह नमकीन पक्षियों को खिलाएंगे तो वहां आसपास उमड़ी हुई पक्षियों के भीड़ को देखकर आपको भी ऐसा महसूस होगा जैसे आप खुद भी एक पंछी हो।
अगर आप चाहे तो त्रिवेणी संगम पहुंचकर आप वहां गंगा जी में डुबकी भी लगा सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको यह भी ध्यान में रखना होगा कि आपके पास एक्स्ट्रा कपड़े रखे हो।

2. गंगा आरती (Ganga Aarti)
अब गंगा की नगरी आओ और गंगा आरती ना देखो तो यह तो बहुत बड़ी नाइंसाफी वाली बात होगी। प्रयागराज जैसे शहर में जाकर गंगा आरती को देखना तो मस्ट विजिट हो जाता है। ऐसे में आप शाम के समय रामघाट का रुख कर सकते हैं। जहां हर रोज गंगा आरती होती है। यह गंगा आरती इतना सुकून देने वाली होती है कि आप अपने सारे तनाव को भूलकर एकदम से चार्ज्ड अप हो जाएंगे। पॉजिटिविटी तो यहां के फिजाओं में घुली रहती है। ऊपर से मंत्र उच्चारण के साथ-साथ शंखनाद की ध्वनि दिलो दिमाग पर इस तरह कब्जा कर लेती हैं कि आप कुछ पल के लिए बस उसी समय में ठहर कर रह जाना चाहेंगे।

3. श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (Shri Bade Hanuman Ji Temple)
इस मंदिर में हनुमान जी विश्राम की मुद्रा में लेटे हुए हैं। इसलिए इस मंदिर को बड़े हनुमान जी या फिर लेटे हनुमान जी मंदिर के नाम से जाना जाता है। वैसे तो यहां हर रोज हीं भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन आप अगर मंगलवार या फिर शनिवार के दिन यहां घूमने आएंगे तो आपको बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिलेगी। यकीन मानिए इस मंदिर में आकर आपको इतनी पॉजिटिविटी मिलेगी कि आप एक पल को अपने लाइफ के सारे नेगेटिव प्वाइंट्स को भूल जाएंगे।

4. अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क (Amar Shaheed Chandrashekhar Azad Park)
हमारे देश में कई सारे स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने आजादी के लिए लड़ते हुए अपनी जान गवा दी। उन्हीं शहीद वीरों की सूची में एक नाम चंद्रशेखर आजाद का भी आता है। जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपनी जान दे दी। बताया जाता है कि चंद्रशेखर आजाद इस पार्क में घूम रहे थे। जब किसी ने इसकी सूचना अंग्रेजों तक पहुंचा दी। अंग्रेजों ने उन्हें इस पार्क में चारों ओर से घेर लिया। चंद्रशेखर आजाद काफी देर तक अंग्रेजों के गोलीबारी का जवाब देते रहे। लेकिन जब उनके पास सिर्फ एक गोली बची तो उन्होंने वह गोली खुद को मार ली। क्योंकि वह अंग्रेजों के हाथों नहीं मरना चाहते थे। उस समय का अल्फ्रेड पार्क आज के समय में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क के नाम से जाना जाता है। अगर आप प्रयागराज आ रहे हैं तो आप इस पार्क को जरुर विजिट करें। यह पार्क आजादी के लिए दिए गए बलिदानों का एक बेहतरीन उदाहरण है।

5. आनंद भवन (Anand Bhawan)
आनंद भवन के विजिट के लिए पहले आपको टिकट लेना पड़ेगा। जहां आपको दो तरह के टिकट ऑप्शन मिलेंगे। एक ₹30 के टिकट की और ₹100 के टिकट की। अगर आप सिर्फ ग्राउंड फ्लोर को घूमना चाहते हैं तो आपको ₹30 का टिकट लेना होगा। जबकि अगर आप ग्राउंड फ्लोर के साथ-साथ फर्स्ट फ्लोर को भी घूमना चाहते हैं तो आपको ₹100 की टिकट लेनी होगी।
आनंद भवन की टाइमिंग सुबह 10:00 बजे से शाम के 5:30 बजे तक की होती है और दोपहर में 1 घंटे का लंच टाइम होता है।

आनंद भवन को 1927 में बनाया गया था। यह नेहरू जी का अपना घर था और यहां नेहरू जी रहा करते थे। गांधी जी भी यहां आया जाया करते थे। आज के समय में आनंद भवन एक म्यूजियम की तरह है। जहां पंडित जवाहरलाल नेहरू के यादों को बहुत हीं बेहतरीन तरीके से संजोकर रखा गया है। यहां आकर पता चलता है कि नेहरू जी किस तरह राजसी शान के साथ रहा करते थे। यहां कांग्रेस का ऑफिस भी हुआ करता था।

ये प्रयागराज के मुख्य विजिटिंग प्लेसेस हैं। इनके अलावा प्रयागराज में और भी बहुत सारे मंदिर और घूमने के लिए बेहतरीन विजिटिंग प्लेसेस हैं। जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं।

प्रयागराज में कहां ठहरे (Where to stay in Prayagraj)

हम जब भी किसी नए शहर जाते हैं तो वहां सबसे बड़ी समस्या आती है कि बसेरा किस जगह बनाया जाए। अगर प्रयागराज की बात करें तो प्रयागराज में आपको हर रेंज में होटल और धर्मशालाएं उपलब्ध हो जाएंगे। अगर आप प्रीमियम होटल में ठहरना पसंद करते हैं तो आप सिविल लाइंस एरिया में होटल देख सकते हैं। वहीं अगर आप नॉर्मल रेंज के होटल और धर्मशाला में ठहरना चाहते हैं तो आप रामबाग या फिर रेलवे स्टेशन रोड के आसपास आपको ऐसे होटल मिल जाएंगे।
प्रयागराज की धर्मशालाएं भी काफी बेहतरीन हैं। आप चाहे तो धर्मशालाओं में भी अपना ठिकाना बना सकते हैं। इससे आपके बजट में भी ज्यादा लोड नहीं आएगा।

By Five Colors Of Travel

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