दिल्ली के उत्तर पश्चिमी हिस्से, शालीमार बाग में स्थित शीश महल एक मुग़लकालीन ऐतिहासिक इमारत है। कथित तौर पर इसे 1653 में मुग़ल बादशाह शाहजहाँ द्वारा अपनी बेगम ऐज़्ज़ुन-निशा की याद में बनवाया गया था। सन् 1658 में शाहजहाँ के बेटे औरंगज़ेब की ताजपोशी के बाद इस महल का ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया।
एक लम्बे अरसे के बाद सरकार द्वारा इसका जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। यह कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के नेतृत्व में हो रहा है। लगभग 370 वर्षों के बाद, 2 जुलाई, 2025 को इसका पुनः उद्घाटन किया गया है, जिससे आगंतुकों को मुगलकालीन वास्तुकला की भव्यता की दुर्लभ झलक देखने को मिलेगी।

पर्यटकों के लिए आवश्यक बात यह है कि अभी इसका केवल औपचारिक उद्घाटन किया गया है, लेकिन आम जनता के लिए इसे अभी नहीं खोला गया है। चूँकि अभी इसका निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए यहाँ अभी आम जनता का प्रवेश निषेध है। निर्माण कार्य समाप्त होने में अभी और वक़्त लगेगा। किंतु, कुछ कहा नहीं जा सकता कि यह कार्य कब तक पूरा हो सकेगा। शीश महल के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति भी नहीं है।
यदि आप शीश महल जाना चाहते हैं या वहाँ जाने की योजना बना रहे हैं तो अभी वहाँ न जाएँ क्योंकि अभी पर्यटकों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। हालांकि, यदि आप जाना चाहते हैं तो शीश महल के आसपास के उद्यान एवं शीश महल नर्सरी को एक्सप्लोर कर सकते हैं।