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दिल्ली वालों को लुभाते हैं हरियाणा के ये पिकनिक स्पॉट, आप भी हो जाएंगे यहाँ के मुरीद

  • सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (Sultanpur National Park)
  • मोरनी हिल्स (Morni Hills) 
  • फरीदाबाद (Faridabad)
  • कालेसर राष्ट्रीय उद्यान (Kalesar National Park)
  • कैक्टस गार्डन (Cactus Garden) 

1. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (Sultanpur National Park)

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के सुल्तानपुर, फारुखनगर और गुरुग्राम जिले में स्थित भारत का एक प्रसिद्ध बर्ड अभयारण्य है। यह नेशनल पार्क सुल्तानपुर में स्थित है जिसके कारण इस उद्यान को सुल्तानपुर पक्षी विहार भी कहा जाता है। यह नेशनल पार्क लगभग 142 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पक्षी विहार में हजारों की संख्या में लुप्तप्राय और दुर्लभ पक्षी पाए जाते है। यहाँ पाए जाने वाले पक्षियों में पेलिकन, साइबेरियाई सारस, काले पंखों वाला स्टिल्ट, जलकाग, पैडीफील्ड पिपिट, लिटिल कॉर्मोरेंट, इंडियन कॉर्मोरेंट, पर्पल सनबर्ड, ब्लैक फ्रैंकोलिन, कॉमन स्पूनबिल, कॉमन हूपो, ग्रे फ्रैंकोलिन, इंडियन रोलर, व्हाइट आइबिस, व्हाइट-थ्रोटेड किंगफिशर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, पेंटेड सारस, कॉमन ग्रीनशैंक्स, कुरजां आदि कुछ ऐसे प्रमुख प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां हैं जो इस नेशनल पार्क में आपको अवश्य मिल जायेंगे।

कैसे पहुंचे सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Sultanpur National Park)?

सुल्तानपुर नेशनल पार्क, गुड़गाँव-झज्जर हाईवे पर फर्रुखनगर के नजदीक स्थित है। दिल्ली एनसीआर में होने के कारण सुल्तानपुर नेशनल पार्क वीकेंड बिताने का एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। आप दिल्ली मेट्रो से यहाँ आना चाहें तो येलो लाइन से हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुँच कर, वहां से कोई निजी कैब या ऑटो बुक करके आप इस खूबसूरत पक्षी विहार तक पहुँच सकते हैं। अगर आप गुड़गाँव से जाएँ तो यह लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है और दिल्ली से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर।

2. मोरनी हिल्स (Morni Hills) 

मोरनी हिल्स (Morni Hills) को हरियाणा का एकमात्र हिल स्टेशन माना जाता है, जो कि अपने स्पिरिचुअल और हिस्टोरिकल वैल्यूज (Spiritual and Historical Values) के लिए फेमस है। यहां की खूबसूरती आसपास के शहरों से पर्यटकों को आकर्षित करती है। राजधानी दिल्ली से नजदीक होने के कारण अक्सर दिल्ली के लोग पिकनिक मनाने यहां आया करते हैं। यहां के फेमस टूरिस्ट अट्रैक्शन (Famous Tourist Attraction) की अगर बात की जाए तो उनमें मोरनी फोर्ट का नाम सबसे पहले आता है। इसके अलावा यहां एडवेंचर पार्क और टिक्कर ताल भी है जो पर्यटकों को आकर्षित करता है।

कैसे पहुंचे मोरनी हिल्स (How to reach Morni Hills)?

मोरनी हिल्स पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले चंडीगढ़ पहुंचना होगा। चंडीगढ़ से मोरनी हिल्स की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है और यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट चंडीगढ़ एयरपोर्ट है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन मोरनी हिल्स का नजदीकतम रेलवे स्टेशन है। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद अगर आप वहां से बस लेकर मोरनी हिल जाना चाहेंगे तो आपको चंडीगढ़ से मोरनी हिल्स के लिए डायरेक्ट बसें भी मिल जाएंगी। इसके अलावा आप अपनी सुविधा अनुसार टैक्सी भी कर सकते हैं।

3. फरीदाबाद (Faridabad)

फरीदाबाद हरियाणा का एक ऐसा शहर है जहाँ आपको एक हिल स्टेशन की वाइब आएगी। फरीदाबाद के बारे में अगर बात की जाए तो यह एक इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) है और बीते कुछ सालों में एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में भी उभर रहा है। अब तो इस शहर को मिनी हिल स्टेशन भी कहा जाने लगा है। फरीदाबाद आपके लिए सबसे बेस्ट विजिटिंग ऑप्शन हो सकता है। क्योंकि यह शहर दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) का हिस्सा है और एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अगर आप भी फरीदाबाद जाना चाहते हैं तो फरीदाबाद में घूमने लायक जगह के बारे में जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है। फरीदाबाद में बहुत सी ऐसी जगहें हैं जहां आप अपने पिकनिक के लिए या फिर वीकेंड (weekend) के लिए जा सकते हैं।फरीदाबाद के मुख्य पर्यटन स्थल निम्नलिखित हैं : राजा नाहर सिंह पैलेस (Nahar Singh’s Palace), इस्कॉन टेंपल फरीदाबाद (Isckon Temple Faridabaad), सूरजकुंड (Surajkund), टाउन पार्क (Town Park)

कैसे पहुंचे फरीदाबाद (How to reach Faridabad)?

फरीदाबाद पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले दिल्ली पहुंचना होगा। दिल्ली से फरीदाबाद की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है और यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन फरीदाबाद का नजदीकतम रेलवे स्टेशन है। दिल्ली पहुंचने के बाद अगर आप वहां से बस लेकर फरीदाबाद जाना चाहेंगे तो आपको दिल्ली से फरीदाबाद के लिए डायरेक्ट बसें भी मिल जाएंगी। इसके अलावा आप अपनी सुविधा अनुसार टैक्सी भी कर सकते हैं। आप दिल्ली मेट्रो के कश्मीरी गेट स्टेशन से राजा नाहर सिंह पैलेस पहुंच सकते है।

4. कालेसर राष्ट्रीय उद्यान (Kalesar National Park)

चंडीगढ़ से 122 किलोमीटर दूर हरियाणा के यमुनानगर जिले में कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और कालेसर वन्यजीव अभ्यारण्य (Kalesar Wildlife Sanctuary) है जो अपने नेचुरल डाइवर्सिटी (Natural Diversity) के लिए अपने आसपास के क्षेत्र में प्रसिद्ध है। कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और कालेसर वन्यजीव अभ्यारण्य क्रमशः 53 वर्ग किमी और 53.45 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है और इन दोनों की स्थापना क्रमशः 8 दिसंबर 2003 और 13 दिसंबर 1996 को हुई थी। इस नेशनल पार्क का नाम कालेसर महादेव मंदिर के नाम पर रखा गया था जो इसी राष्ट्रीय उद्यान में है। यहाँ पाए जाने वाले जीवों में एशियाई हाथी (Asian Elephant), भारतीय तेंदुआ (Indian Leopard), लेपर्ड कैट (Leopard Cat), वाइल्ड कैट (Wild Cat), चीतल (Chital), रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted Cat), नीलगाय (Nilgai), सांभर (Sambar), आदि शामिल है।

कैसे पहुंचे कालेसर राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Kalesar National Park)?

यमुनानगर पौंटा साहिब स्टेट हाईवे (NH 907) कालेसर नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। कालेसर नेशनल पार्क सड़क मार्ग द्वारा प्रमुख शहरों (यमुनानगर, पोंटा और देहरादून) से जुड़ा हुआ है। इस नेशनल पार्क के पास में एक रेलवे स्टेशन है- ‘यमुनानगर रेलवे स्टेशन’ जहाँ से आप टैक्सी या बस लेकर कालेसर नेशनल पार्क पहुंच सकते है। हवाई मार्ग से आने के लिए इस नेशनल पार्क का निकटम एयरपोर्ट चंडीगढ़ (शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट) में है।

5. कैक्टस गार्डन (Cactus Garden) 

जब भी कभी पार्क या फिर गार्डन का जिक्र होता है तो हमारे ध्यान में क्या आता है? खूबसूरत से फूल और रंग बिरंगी तितलियाँ,,, यहीं ना! लेकिन क्या कभी सोचा है कि कैक्टस का भी कोई गार्डन हो सकता है? जी हां यह वही कैक्टस है जो अक्सर घर के गमले में दिख जाता है लेकिन किसी को उसमें खास दिलचस्पी नहीं होती। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हरियाणा के पंचकूला में एक ऐसा गार्डन है जहां रंग-बिरंगे फूल नहीं बल्कि कैक्टस के पौधों को उगाया गया है। यह एशिया के सबसे बड़े कैक्टस गार्डन के रूप में जाना जाता है। यहां आकर आपको सामान्य सा दिखने वाला कैक्टस भी खूबसूरत लगने लगेगा। क्योंकि यहां सामान्य से दिखने वाले कैक्टस के पौधे को भी इतने खूबसूरत तरीके से सजाया गया है कि यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं।

यह कैक्टस गार्डन और बोटैनिकल गार्डन पेड़ पौधों के जैव विविधता के मामले में काफी धनी है। यहां फ्लोरा की कई सारी ऐसी प्रजातियां पाई जाती हैं जो विलुप्त होने के कगार पर हैं। अगर यहाँ पाए जाने वाले कैक्टस के दुर्लभ प्रजातियों की बात की जाए तो यहाँ कैक्टस की लगभग 3500 दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियाँ पायी जाती हैं। जिनमे प्रमुख रूप से ओपंटियास (Opuntias), फेरोकैक्टस (Ferocactus), नोटोकैक्टि (Notocacti), स्तंभाकार कैक्टि (Columnar Cacti), एगेव्स (Agaves), एस्ट्रोफाइटम (Astrophytum), इचिनोसेरियस (Echinocereus), मम्मिलारियास (Mammillarias) शामिल हैं।

  • अगर बात करें इस बोटैनिकल गार्डन में एंट्री की तो इस बोटैनिकल गार्डन के एंट्री टिकट की प्राइस ₹10 पर पर्सन है। इस कैक्ट्स गार्डन के एंट्री की टाइमिंग सुबह के 8 बजे से शाम के 6 बजे तक की है।

कैसे पहुंचे कैक्टस गार्डन? (How to reach Cactus Garden)
अगर आप कैक्टस गार्डन जाना चाहते हैं तो पंचकूला शहर आना होगा जिसके लिए आप चंडीगढ़ का रुख कर सकते हैं। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला शहर सिर्फ 16 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इसके अलावा आप रेल मार्ग से भी पंचकूला पहुंच सकते हैं। चंडी मंदिर रेलवे स्टेशन पंचकूला जिले में स्थित एक छोटा सा रेलवे स्टेशन है। आप सीधा चंडीगढ रेलवे स्टेशन के लिए भी ट्रेन ले सकते हैं। आसपास के शहरों से पंचकूला शहर के लिए बाय रोड बहुत अच्छी कनेक्टिविटी मिल जाती है। आप आसानी से बाय रोड भी पंचकूला जा सकते हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आप बाय रोड भी बहुत ही आसानी से पंचकुला पहुँच सकते हैं।

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