
दिल्ली की शान कहे जाने वाले ऐतिहासिक स्थलों में लाल किला (Red fort) का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। यह वहीं किला है जहां से हर साल प्रधानमंत्री (Prime Minister) 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन झंडोत्तोलन करने के बाद पूरे देश को संबोधित (speech) करते हैं। बचपन से ही हिस्ट्री (history) की किताबों में इस किले की फोटो देखकर मन में यहां जाने की एक ललक जागती है। इसकी बनावट (Architecture) और इसका इतिहास दोनों हीं लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। यह यूनेस्को का विश्व विरासत स्थल (world heritage site) भी है और इसे भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। जहां ना सिर्फ भारत से बल्कि दुनिया के अलग-अलग कोने से पर्यटक घूमने आते हैं। आइए आपको बताते हैं इस किले के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट्स (interesting facts) :-
लाल किले का इतिहास
(History of Red Fort) :

लाल किला यानी रेड फोर्ट को मुगल साम्राज्य (Mughal Empire) के समय में शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। यह किला 1639 में बनकर तैयार हुआ था। मुगल बादशाह शाहजहाँ ने इसे शाहजहाँनाबाद के रूप में बनवाया था। लगभग 200 सालों तक इस किले पर मुगल बादशाहों ने राज किया। इस किले को बनाने में लाल बलुआ पत्थर (Red sandstone) का इस्तेमाल किया गया है। जिसके कारण यह किला लाल रंग का दिखता है। इस किले का नाम भी इस किले के लाल रंग के होने के कारण लाल किला पड़ गया। यह भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है और दिल्ली के पुरानी दिल्ली (Old Delhi) के क्षेत्र में स्थित है। इस किले की दीवारों की ऊंचाई लगभग 35 मीटर है और इसकी विशालता और इंटीरियर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम है। इस किले का निर्माण शाहजहां ने मुगल साम्राज्य के वर्चस्व (Power of Mughal Empire) को दिखाने के लिए करवाया था।
लाल किले की बनावट :
(Architecture of Red Fort) :

लाल किला 265 एकड़ जगह में बना हुआ है और इस किले के कई सारे हिस्से हैं। जैसे कि दीवान ए खास, रंग महल, हयात बख्श बाग, मोती मस्जिद आदि। इस किले के अंदर बहुत सारे म्यूजियम भी हैं। अगर आपके पास लाल किला प्लस म्यूजियम (museum) वाली टिकट होगी तो आप इन सभी म्यूजियम में जाकर भारतीय इतिहास के बारे में बहुत कुछ नया जान पाएंगे। लाल किले को वर्ष 2007 में यूनेस्को (UNESCO) की वर्ल्ड हेरिटेज साइट (world heritage site) की सूची में स्थान मिला। जिसके बाद से इस किले के रखरखाव की जिम्मेदारी यूनेस्को ने उठाई हुई है।
लाल किले के अंदर सजता है खूबसूरत शाही बाजार (Royal Market of the Red Fort) :

जब आप लाल किले में इंटर करेंगे तो सबसे पहले आपको वह स्थान दिखेगा, जहां से प्रधानमंत्री हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन झंडोत्तोलन करते हैं। लेकिन उस स्थान पर जाने की इजाजत सामान्य नागरिक को नहीं है। आप बस दूर से ही उस स्थान को देख सकते हैं। वहां से थोड़ा आगे बढ़ने पर आपको दिखेगा एक छोटा सा शाही बाजार (Royal Market)। जहां हर तरह के साज सज्जा के सामान, चूड़ियां, झुमके, गहने, ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी और कई तरह के रंग-बिरंगे पर्स आपको मिल जाएंगे। यहां बच्चों के लिए कई तरह के खिलौने जैसे रूबिक्स क्यूब आदि भी मिलते हैं। यह बाजार पर्यटकों खासकर लड़कियों को अपनी ओर बहुत ज्यादा आकर्षित करता है।
रंग बिरंगे गहनों को देख आप भी अपने आपको यहां खरीदारी करने से रोक नहीं पाएंगे। इसके अलावा यहां होम डेकोर (Home decor) के सामान भी मिलते हैं। ड्रीम कैचर (Dream catcher), कैंडल्स (candles) , छोटे-छोटे शोपीस (show piece) देखकर आपका दिल करेगा कि सारे ही खरीद ले।
खास महल, रंग महल और हीरा महल (Kash Mahal, Rang Mahal and Hira Mahal) :

खास महल सम्राट का निजी स्थान हुआ करता था। जिसमें तीन कक्ष थे। जिनमें से एक में बादशाह के बैठने का इंतजाम किया गया था। दूसरे में बादशाह के सोने का अरेंजमेंट किया गया था और एक सामान्य कक्ष था। लाल किले के भीतर एक सफेद संगमरमर का बना हुआ रंग महल भी है। इस रंग महल के संगमरमर की दीवारों के ऊपर की गई नक्काशी और इसकी बनावट इस किले की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। वहीं किले के भीतर एक हीरा महल भी है। जिसे बहादुर शाह जफर ने बनवाया था। बताया जाता है कि इस हीरा महल में एक बहुत ही कीमती हीरे (Diamond) को रखा गया था। जो कोहिनूर से भी ज्यादा महंगा हीरा था।
किले की शान है मोती मस्जिद (Moti Masjid) :

लाल किला के भीतर एक मस्जिद है, जिसे मोती मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है। इस मस्जिद में कई सारे गुंबद हैं और यह मस्जिद सफेद संगमरमर का बना हुआ है। मस्जिद में एक बड़ा सा आंगन भी है। जहां नमाज पढ़ा जाता था। यहां के दीवारों पर की गई महीन नक्काशी (Fine Architecture) भारतीय स्थापत्य कला का एक बेहतरीन नमूना है। जैसा कि कहते हैं कि सफेद रंग शांति (peace) का प्रतीक होता है, इस मस्जिद को देखने के बाद आपको इसकी सादगी का अनुभव हो जाएगा।
लाल किला जाने का सबसे बेहतरीन समय (Best times to visit Red Fort) :

अगर आप लाल किला घूमने आना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे बेहतरीन समय अक्टूबर से नवंबर और फरवरी से मार्च तक का है। क्योंकि मार्च के बाद दिल्ली के तापमान में काफी तेजी से बढ़ोतरी होती है और यहां का टेंपरेचर (temperature) लगभग 40 डिग्री के पार हो जाता है। ऐसे में यहां घूमने आना आपके लिए अच्छा विकल्प नहीं होगा। क्योंकि इस समय लू लगने की संभावना भी बहुत ज्यादा होती है। वहीं दिसंबर से जनवरी की बात की जाए तो यहां उस समय बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है। कई बार तो स्थिति ऐसी होती है कि आपको कुछ कदम आगे का दृश्य भी ना दिखे। ऐसे में इस समय आ कर आप यहां अच्छे से इंजॉय नहीं कर पाएंगे।
लाल किले की टिकट प्राइस (Ticket price for Red Fort) :
अगर आप भारतीय (Indian) हैं तो आपके लिए लाल किले की टिकट प्राइस विदेशी पर्यटकों के मुकाबले बहुत कम होगी। वीकेंड (weekend) पर लाल किले में 15 साल से ऊपर के व्यक्ति का टिकट प्राइस 80 रुपए पर पर्सन होता है। जिसमें म्यूजियम का टिकट भी अटैच होता है। वहीं अगर आप भारतीय नहीं हैं तो आपके लिए एंट्री फी ₹600 रुपए होगा। वहीं वीक डेज (weekdays) में भारतीय पर्यटकों के लिए टिकट प्राइस ₹35 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹500 होता है।