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“Delhi Metro: Beyond Transportation – A Journey Through Sustainability, Social Impact, and Urban Growth”

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The Delhi Metro, a lifeline for millions in India’s bustling capital, witnesses a staggering number of commuters each year, more than the entire population of the United States! With Delhi being one of the most densely populated and polluted cities in the world, the Metro plays a crucial role in managing the city’s ever-increasing urban sprawl. But have you ever wondered where your fare goes or how this massive transport system impacts Delhi’s dynamics? In this blog, we’ll explore the most interesting facts about the Delhi Metro, from its cutting-edge technology and sustainability efforts to its effect on pollution, population, and urban growth. While most might think of it as simply a mode of transportation, the Delhi Metro has a much deeper impact on the environment, social welfare, and even popular culture. Let us uncover the fascinating world behind one of the busiest metro systems in the world! (Delhi Metro)  1.A Positive Contributor to the Environment   You might assume that a massive rail network like the Delhi Metro contributes to the city’s pollution, but it actually does the opposite! The Delhi Metro is certified by the United Nations as the world’s first rail-based system to receive *carbon credits* for reducing greenhouse gas emissions. It helps reduce a whopping 624,000 tonnes of greenhouse emissions annually in the city. This eco-friendly initiative makes the Delhi Metro a critical asset in the fight against air pollution in the capital.   2.Supporting Street Children  Did you know that your metro fare is indirectly contributing to the welfare of street children? The Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) has taken a unique initiative by running a children’s home for the betterment of underprivileged children. The money collected from fares supports this home, which is equipped with dormitories, classrooms, computer rooms, and many other resources to help educate and nurture these young ones. This initiative is a beautiful blend of transportation and social responsibility.   3.Why Metro Trains Have an Even Number of Coaches  Have you ever wondered why the Delhi Metro always has an even number of coaches? The answer is quite technical but fascinating! Metro trains once operated with four coaches, and now many have six or eight. This is due to the two types of coaches in the metro system: the ‘D’ car, which is the driver’s cabin that pulls electricity from overhead wires, and the ‘M’ car, which is the motor car. The ‘M’ car houses three-phase induction motors responsible for power transmission. Together, the ‘D’ and ‘M’ cars function as one operational unit, and they cannot run independently. Thus, metro trains always operate with an even number of coaches.   4.Asia’s Largest Escalator at Janakpuri  If you’ve traveled through the Janakpuri West metro station, you may have noticed something extraordinary – it houses Asia’s largest escalator! At a staggering height of around 5 floors, this escalator has become one of the key attractions at the station, adding a new level of grandeur to the city’s metro infrastructure. 5. A Star of the Silver Screen  The beauty of the Delhi Metro has not gone unnoticed by filmmakers. Many iconic movies have featured scenes shot on the metro, making it a recognizable symbol across India. The first movie to be filmed here was Bewafaa in 2003, followed by many others like Delhi-6, Love Aaj Kal, PK, and Paa. Its sleek design and modern aesthetic have made it a preferred location for shooting, reflecting the city’s evolving landscape.  The Delhi Metro Is much more than just a way to get from point A to point B. It’s a sustainable solution for Delhi’s pollution, a supporter of social causes, a host of record-breaking infrastructure, and a favourite among filmmakers. The next time you step into a metro station, take a moment to appreciate the role it plays, both in your life and in the city’s broader landscape. 

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पर्यटकों को खूब लुभाता है ये दिल्ली का मीना बाजार

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आई हो कहाँ से गोरी आंखों में प्यार लेके,दिल्ली शहर का पूरा मीना बाजार लेके,,,,, इस गाने के बोलने जिस तरह से दिल्ली शहर के मीना बाजार का जिक्र किया गया है वह अपने आप में हीं दिल्ली के मीना बाजार को मुकम्मल तरीके से कहानी के रूप में बयां करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है यह जो दिल्ली शहर का मीना बाजार है वह आखिर दिखता कैसा है और इसे कब और क्यों बसाया गया था? दिल्ली वासियों के लिए तो यह आम बात है, लेकिन दिल्ली से बाहर रहने वाले लोग इस बात को लेकर जरूर उत्सुक होते होंगे कि आखिर दिल्ली शहर का यह मीना बाजार दिखता कैसा है? तो आज के फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको दिल्ली शहर के मीना बाजार के बारे में बताएंगे। लाल किला के सामने लगने वाला यह बाजार हर तरह के शॉपिंग करने वाले लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्शन होता है। क्योंकि यहां हर तरह के समान आपको मिल जाएंगे। चाहे फिर इलेक्ट्रॉनिक्स की बात हो या फिर डेकोरेटिव आइटम्स की, हर तरह के खरीदारी के लिए यह मीना बाजार परफेक्ट है। इस बाजार को छाता बाजार भी कहा जाता है। चलिए इस बाजार के बारे में जानते हैं और जानते हैं कि यहां से आप किस तरह की शॉपिंग कर सकते हैं। दूर से हीं दिखने लगते हैं गहनों के दुकान : इस मीना बाजार को बसाने का उद्देश्य हीं मुगल राजकुमारियों का मनोरंजन था। इसलिए इस मीना बाजार में हर तरह के गहने और साथ सजावट के समान मिलते थे और आज भी आपको मीना बाजार में यह सारे सामान देखने को मिल जाएंगे। यहां आपको हर वैरायटी की चूड़ियां झुमके बालियां और गहने खरीदने को मिल जाएंगे। यहां गहनों की इतनी वैरायटी है कि उन्हें देखकर आप खुद हीं यह डिसाइड नहीं कर पाएंगे कि कौन सा लेना है? क्लासी लेडीज पर्स (Classy Ladies Purse in Chhata Bazaar) यहां आपको बहुत ही बढ़िया क्वालिटी के जरी और मोती के वर्क वाले पर्स देखने को मिल जाएंगे जो किसी भी लूक में चार चांद लगाने का काम करते हैं। ऐसे में आप यहाँ से बहुत अच्छे-अच्छे और यूनिक क्वालिटी के पर्स को परचेस कर सकते हैं। आपको भी तरह-तरह के क्लच रखने का शौक है तो यहां क्लच के मामले में भी बहुत सारी वैराइटीज उपलब्ध है। जो यहां आने वाले महिला पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनते हैं एंटीक कलेक्शन (Antique Collection of Chhata Bazaar) अगर आपको भी अपने घरों को पुराने और एंटीक चीजों से सजाने का शौक है और आप भी बहुत सारे रंग-बिरंगे शोपीसेज से अपने आशियाने को और भी खूबसूरत बनाना चाहते हैं तो इस बाजार में आपको ऐसे कई सारे एंटीक ऑब्जेक्ट्स मिल जाएंगे जिन्हें आप अपने घर में सजा सकते हैं और घर की खूबसूरती को बढ़ा सकते हैं। अगर आप किसी के लिए एक परफेक्ट गिफ्ट की तलाश कर रहे हैं तो यहां मिलने वाले एंटीक पीस आपके लिए एक बेहतरीन गिफ्ट बन सकते हैं। क्लासिक शॉल (Classic Shawl in Chhata Bazaar) अगर आप भी अपने फैशन के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद करते हैं तो आपके वार्डरोब में शॉल की उपस्थिति अनिवार्य हो जाती है। मीना बाजार में आपको बहुत सारे ऐसे दुकान मिल जाएंगे जहां आपको हर तरह के शॉल देखने को मिल जाएंगे। सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है ऐसे में शॉल फैशन ट्रेंड में आने वाले हैं। इस समय शॉल लेना आपके लिए दोहरे फायदे का काम हो सकता है और मीना बाजार में आपको बहुत ही अच्छी क्वालिटी के शॉल देखने को मिल जाएंगे। बच्चों के खिलौने (Children’s Toys in Chhata Bazaar) अब किसी बाजार का जिक्र हो और वहां बच्चों के खिलौने ना हो तो वह बाजार, बाजार नहीं हो सकता। अगर आप भी लाल किला आ रहे हैं और आपके साथ बच्चे भी हैं तो, आप उनके लिए भी बहुत अच्छी खरीदारी कर सकते हैं। यहां आपके बच्चों के बहुत सारे खिलौने जैसे रुबिक्स क्यूब्स, पजल्स और भी अतरंगे खिलौने देखने को मिल जाएंगे। यहां से आप अपने बच्चों के लिए गिफ्ट के तौर पर खिलौने भी ले जा सकते हैं।

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Delhi-NCR के ऐसे प्रमुख कृष्ण मंदिर जहाँ आप दर्शन करने जा सकते हैं

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दिल्ली जैसे शहरों में रहते हुए अगर वर्कलोड और स्ट्रेस को कम करना हो और अपने लाइफ में पॉजिटिविटी लानी हो तो इसका इकलौता शॉर्टकट है मंदिर जाकर कुछ देर के लिए भगवान की आस्था में तल्लीन हो जाना। अगर आप दिल्ली से हैं तो आज का यह ब्लॉग आपके लिए ही है।आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे दिल्ली के कुछ प्रमुख कृष्ण मंदिरों के बारे में :- इस्कॉन टेंपल दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर बहुत हीं बड़ा और भव्य है। इसकी खूबसूरती और प्रसिद्धि का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस मंदिर में दर्शन करने के लिए देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा होती है। इस मंदिर में हर शाम श्री कृष्ण के नाम का कीर्तन होता है। जिसमें आने वाले सभी भक्तजन शामिल हो सकते हैं। यह मंदिर नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन के नजदीक ही स्थित है और सुबह के 6:00 से रात के 9:00 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह दिल्ली एनसीआर में मौजूद एक फेमस मंदिर है जो कृष्ण भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस मंदिर की भव्यता और लुभावने सजावट देख कर आपका मन करेगा कि आप भी वहीं ठहर जाएं। खास कर जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को बहुत हीं बेहतरीन तरीके से सजाया जाता है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच बहुत हीं फेमस है और ध्यान करने वाले लोगों को यह काफी पसंद आता है। इस मंदिर के खुलने की टाइमिंग सुबह के 4:30 से दोपहर के 1:00 तक है और दोपहर के 2:30 बजे से रात के 9:00 तक की है। गीता गायत्री धाम मंदिर भगवान श्री कृष्णा और वेद माता गायत्री को समर्पित मंदिर है। इस मंदिर में आपको सभी देवी देवताओं की मूर्तियों के दर्शन एक ही बार में हो जाएंगे। इस मंदिर को सत्यम शिवम सुंदरम सोसायटी के द्वारा बनवाया गया है और यह मंदिर गुरुग्राम सिटी में स्थित है। इस मंदिर का माहौल बहुत हीं अच्छा और शांत है। यहां आकर आपको अपने आप में एक अलग तरह की पॉजिटिविटी का एहसास होगा। इस मंदिर के खुलने की टाइमिंग सुबह के 5:00 से रात के 9:00 तक की होती है। आप इस समय अंतराल के भीतर कभी भी मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। ईस्ट दिल्ली के सबसे बेहतरीन कृष्ण मंदिरों के सूची में श्री राधा कृष्ण मंदिर का भी नाम गिना जाता है। इस मंदिर को भी जन्माष्टमी के समय में बहुत हीं बेहतरीन तरीके से सजाया जाता है। बाकी के सामान्य दिनों में भी यह मंदिर काफी खूबसूरत दिखता है। इस मंदिर में आकर आपको अलग ही तरह के शांति की अनुभूति होगी।यह मंदिर सुबह के 5:00 बजे से शाम के 9:00 तक खुला रहता है। आप जब भी चाहे यहां आ सकते हैं।

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Chandni Chowk- All you need to know  

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Chandni Chowk is one of the oldest and most famous markets in Delhi, India. Located in the heart of Old Delhi, it is a vibrant and bustling area known for its historical significance, cultural heritage, and vibrant shopping experience. The name “Chandni Chowk” translates to “Moonlight Square” or “Moonlight Market,” and it has a rich history that dates back to the Mughal era. Chandni chowk was established in the 17th century by the Mughal Emperor Shah Jahan when he decided to shift the capital of his empire from Agra to Delhi. It was designed as one of the main streets of Shahjahanabad, the new walled city of Delhi. The construction of Chandni Chowk began in 1650 and was completed in 1656. In its early days, Chandni Chowk was a grand boulevard lined with trees, canals, and pools, flanked by imposing havelis (mansions) and significant structures. The street was broad and served as the main thoroughfare of Shahjahanabad. It quickly became the commercial and cultural hub of the city, teeming with traders, merchants, artisans, and nobility. The market’s name is said to have originated from the moon’s reflection on a large pool that once existed in the area, creating a beautiful moonlit ambiance. The Mughal royal processions would often pass through Chandni Chowk, adding to its prestige and grandeur. Over the centuries, Chandni Chowk has witnessed various historical events and changes. It experienced the rise and decline of the Mughal Empire, followed by the British colonial rule in India. Many havelis were demolished, and the area underwent modernization. Despite the transformations, Chandni Chowk has managed to retain its old-world charm and cultural heritage. Today, it remains a bustling and vibrant market, featuring narrow lanes filled with a plethora of shops, vendors, and traders selling a diverse range of products. Whether you’re shopping for textiles, jewellery, spices, or indulging in mouth-watering street food, a visit to Chandni Chowk is a must for anyone exploring the cultural and historical treasures of Delhi. Read More on Chandni Chowk Historic monuments near Chandni chowk Chandni Chowk is located in the heart of Old Delhi, which is steeped in history and dotted with numerous historic monuments and landmarks. Here are some of the prominent historic monuments around Chandni Chowk: Red Fort (Lal Qila): One of the most iconic landmarks of Delhi, the Red Fort, is situated just a short distance away from Chandni Chowk. Built by the Mughal Emperor Shah Jahan in the 17th century, the Red Fort served as the main residence of the Mughal emperors until 1857. It is a UNESCO World Heritage Site and an architectural marvel, with its impressive red sandstone walls, magnificent gates, and intricate designs. Jama Masjid: Another significant historical monument near Chandni Chowk is the Jama Masjid, which is one of the largest and most revered mosques in India. Constructed by Shah Jahan between 1644 and 1656, the Jama Masjid’s grandeur lies in its vast courtyard, onion-shaped domes, and two towering minarets. It can accommodate thousands of worshippers during prayers and offers stunning views of Old Delhi from its minarets. Fatehpuri Masjid: Located at the western end of Chandni Chowk, the Fatehpuri Masjid is an elegant mosque built by Fatehpuri Begum, one of Shah Jahan’s wives. The mosque’s architecture exhibits a blend of Mughal and Islamic styles and features a beautiful central dome and minarets. St. James’ Church: While Old Delhi is predominantly associated with Mughal-era monuments, St. James’ Church stands as an example of British colonial architecture. Built-in 1836, it is one of the oldest churches in Delhi and is known for its stunning white exterior and elegant design. Gurudwara Sis Ganj Sahib: This Sikh gurudwara holds immense historical and religious significance. It marks the site where the ninth Sikh Guru, Guru Teg Bahadur, was beheaded on the orders of Aurangzeb, the Mughal Emperor. The present gurudwara was built in his memory and is an essential place of worship for Sikhs. Gauri Shankar Temple: An ancient Hindu temple dedicated to Lord Shiva, the Gauri Shankar Temple is a prominent religious site in Chandni Chowk. The temple features an 800-year-old lingam (phallic symbol) of Lord Shiva and is visited by devotees throughout the year. These are just a few of the historic monuments around Chandni Chowk. Exploring these landmarks offers a glimpse into the rich history, architectural brilliance, and cultural diversity of Old Delhi. Most famous four bazaars of Chandni Chowk Chandni Chowk, being one of the oldest and busiest markets in Delhi, is divided into several smaller bazaars, each with its own specializations and unique offerings. The four main bazaars of Chandni Chowk are: Fatehpuri Market is one of the bustling markets located in Chandni Chowk, Delhi. It is named after Fatehpuri Begum, one of the wives of Mughal Emperor Shah Jahan. The market is well-known for its wholesale trade of a variety of goods and merchandise, catering to both locals and retailers. Fatehpuri Market is primarily a wholesale market, and you’ll find a wide range of products being traded in bulk quantities. Items such as textiles, garments, fabrics, shoes, hardware, kitchenware, and household items are among the commodities sold here. The market is particularly famous for its cloth and garment shops. Retailers from various parts of Delhi and neighboring states come here to purchase textiles and ready-made clothing at wholesale prices. The market area consists of various traditional bazaars, each specializing in specific types of products. For example, there are bazaars for jewelry, cosmetics, accessories, and more. Like many markets in Chandni Chowk, Fatehpuri Market also has its share of street food vendors. You can find some local favorites and quick snacks to refuel while exploring the area. Fatehpuri Market is located close to the historic Fatehpuri Masjid, which adds to the charm and cultural significance of the area. The mosque itself is worth a visit and showcases splendid Mughal architecture. If you’re looking for a unique shopping experience and want to buy goods in bulk or explore the vibrant ambiance of an old Delhi market,

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नोएडा में खुला देश का पहला वैदिक थीम पार्क : वेद वन(Ved Van Park)

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जैसे जैसे हम मॉडर्न (Modern) होते जा रहे हैं वैसे वैसे हीं हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। आज के समय में तो पार्क भी काफी मॉडर्न हो गए हैं। लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा में एक ऐसा पार्क खुला है, जो हमारी संस्कृति को दुनिया के सामने बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत (represents our culture) कर रहा है। इस पार्क का नाम है वेद वन! जी हाँ आपने बिल्कुल सही पढ़ा। नोएडा के सेक्टर 78 (Noida sector-78) में वेदों की थीम पर एक पार्क बना है, जो कि भारत का पहला वैदिक थीम पार्क (Vaidik theme park) है। वेदवन पार्क का इनॉग्रेशन (Inaugration) 4 जुलाई को किया गया और फिलहाल इसकी एंट्री फ्री (free entry) है। अभी इस पार्क के उद्घाटन को ज्यादा दिन नहीं हुआ है, फिर भी यहां लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। दूर-दूर से लोग यहां हैंग आउट (hangout) करने आते हैं। यह पार्क दिल्ली एनसीआर में काफी पॉपुलर हो चुका है।….और हो भी क्यों ना इस पार्क का थीम हीं कुछ ऐसा है कि जो भी इसके बारे में सुनता है वह यहां आना चाहता है। 1. क्या है खास?(what is special about this park?) : वैदिक थीम पर बने होने के कारण यह पार्क बहुत ही शांत वातावरण (peaceful environment) वाला है। यहां आने पर आपको इंटरनल पीस (internal peace) फील होगा। जिसकी जरूरत आज के भाग दौर वाले समय में सभी को है। यहां जगह-जगह वैदिक कलाकृतियां बनी हुई है जो देखने में तो खूबसूरत है हीं साथ ही बहुत सारे मैसेज भी लोगों को देते हैं। इस पार्क में चारों वेदों के बारे में जानकारियां दी गई हैं। जिससे आज का यूथ हमारे वैदिक कल्चर (vaidik culture) को समझ सके। 2. लेजर शो है मुख्य आकर्षण (Laser show is centre of attraction) : वेदों पर आधारित इस खूबसूरत से पार्क का सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन यहां हर रोज शाम को होने वाला लेजर शो है। जिसमें वेदों के बारे में बहुत सारी जानकारियां दी जाती हैं। दिन भर तो आपको यहां बहुत कम भीड़ देखने को मिलेगी, लेकिन जैसे ही शाम गहरी होती जाती है और लेजर शो का वक्त होता है, यहां सैकड़ों लोग आ जाते हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह पार्क दिल्ली एनसीआर (Delhi-NCR) में इतने कम दिनों में हीं कितना फेमस (famous) हो चुका है। 3. क्या है टाइमिंग? (What is the timing of Ved Van park?) :इस पार्क की टाइमिंग सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक की है और इस पार्क में कोई भी एंट्री टिकट (entry ticket) नहीं लगता है। वहीं अगर इस पार्क में होने वाले लेजर शो की टाइमिंग की बात की जाए तो लेजर शो हर रात 8:00 बजे शुरू होता है। 4. वेदवन जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Ved van) :यूं तो वेद वन हमेशा हीं खूबसूरत लगता है। इसलिए यहाँ घूमने कभी भी जाया जा सकता है, लेकिन शाम के समय में यहां घूमना वाकई बहुत खूबसूरत एहसास होता है। जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता है और लाइट्स ऑन होते जाते हैं, इस पार्क की खूबसूरती में चार चांद लग जाता है। लेजर शो की टाइमिंग (timing of laser show) भी 8:00 बजे शाम की है। इसलिए शाम में आकर पार्क को एक्सप्लोर (explore) करना एक अच्छा डिसीजन होगा। Also Read- Best Places to visit in Alwar

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दिल्ली में कपल्स के लिए ये जगह हैं बिल्कुल परफेक्ट

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दोस्तों क्या आप भी अपने रोज के टाइम टेबल की वजह से अपने स्पेशल वन को टाइम नही दे पा रहे तो अब आप बिल्कुल भी फिक्र मत कीजिए । क्यूंकि हम आपको बताएंगे इस आर्टिकल में आपको कई अमेजिंग एंड रोमांटिक प्लेसिस के बारे में जो आपके क्वालिटी टाइम के लिए है एक दम परफेक्ट। 1. फाइव सेंसेज गार्डन (The Garden of Five Senses)-वैसे तो जहां कपल्स बैठ जाए वो जगह ही रोमांटिक हो जाती है, लेकिन ये जगह दिल्ली की सबसे रोमांटिक जगहों में से एक है। ये गार्डन बहुत वाइड एरिया (Wide area) में है और यहां के पूल, फव्वारे और बम्बू कोर्ट (Bamboo court), स्पेशल गार्डन और यहां तक कि कुछ रेस्तरां जैसे कई थीम भी है। एक रोमांटिक वॉकिंग ट्रेल (Romantic walking trail) के अलावा, इस जगह का माहौल ही इसे यूथ कपल्स (Youth couple) के बीच एक बड़ी हिट (hit) बनाता है जो की बाहर के शोर शराबे से बिल्कुल दूर है, तो अगर आप भी एक साथ कुछ समय बिताने की चाहत रखते हैं तो यहां जरूर आइए। 2. मिलेनियम इंद्रप्रस्थ पार्क (Milanium inderprasth park)-दिल्ली शहर का ये पार्क काफी रोमांटिक है और काफी डिमांड में भी है। अपने स्पेशल वन के साथ कुछ अंतरंग पल बिताने के लिए ये प्लेस एक दम परफेक्ट है। लेकिन कोशिश करे की आप अपने वर्किंग डेज में से कुछ समय निकालकर यहां आए क्यूंकि हॉलीडेज (Holidays) में इस जगह पर कई लोग फैमिली टाइम भी स्पेंड (spend) करते हैं जो आपके लिए सही नही है। 3. कुतुब मीनार मेमेंटो (Qutub Minar Memento)-दिल्ली में जोड़ों के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक, कुतुब मीनार को रोमांटिक बॉलीवुड स्टोरीज (Romantic Bollywood Stories) में कई बार दिखाया गया है। यहां आपको अपने लव्ड वन के साथ बात करने के लिए सही स्पेस और टाइम मिल जाएगा। 4. हुमायूं का टॉम्ब (Humayo tomb)-क्यूंकि जगह खुद भी एक लव सिंबल है। यह टॉम्ब सम्राट की पहली पत्नी द्वारा उनके प्यार की निशानी के तौर पर बनवाया गया था और इसलिए इस जगह की हवा में भी प्यार बहता है। इसका अट्रेक्टिंग आर्किटेक्ट (Attracting Architect) आगे चलकर ताज महल के निर्माण के लिए इंस्पिरेशन (Inspiration) बना। 5. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to wander park)-नई दिल्ली के अट्रैक्शन लिस्ट में सबसे नया नाम वेस्ट टू वंडर पार्क का है। ये प्लेस उन कपल्स के लिए एक खूबसूरत जगह है जो एक साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते हैं। पार्क में दुनिया के सात अजूबों के स्टेच्यू बनाए गए हैं। इस जगह की खास बात ये है की इस पार्क को बनाने के लिए 150 टन इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल वेस्ट का यूज करके बनाया गया है। शाम के समय पार्क सुंदर दिखता है जब पूरी जगह रोशनी से जगमगा उठती है, जिससे कपल्स के लिए काफी रोमांटिक एनवायरनमेंट क्रिएट होता है और यहां आपके लिए कई सेल्फी पॉइंट्स भी बनाए गए हैं जो आपकी डेट को मेमोरेबल बना देगा। 6. रोज़ कैफ़े (Rose cafe)-ये जगह अपनी ओल्ड डेकोरेशन स्टाइल (Old decoration style) और स्पेशल फूड के लिए जाना जाता है और यूथ के बीच एक नई पसंद बन गया है। ये पीसफुल जगह जरूर आपके डेट के साथ रोमांटिक मीट (Romantic Meet) या सर्पराइज (Surprize) के लिए परफेक्ट है। 7. दिल्ली हाट (Delhi haat)-दिल्ली हाट सच में दिल्ली के दिलवालों के घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। ये प्लेस शॉपिंग के लिए काफी अच्छा है जो की लड़कियों को काफी पसंद भी होता है। आप कपड़े (Cloths), पेंटिंग (Painting), हैंड क्राफ्ट (Hand craft), मिट्टी के बर्तन और यहां तक कि ज्वैलरी जैसी बहुत सारी चीजें खरीद सकते हैं और अपने प्यार को गिफ्ट में दे सकते हैं। एक बार जब आप खरीदारी का काम पूरा कर लें, तो आप दोनों वहां स्टालों पर डिलीशियस डिशिश (Delicious dishes) टेस्ट कर सकते हैं। इस जगह की सबसे अच्छी बात ये है कि आप बजटेड शॉपिंग (Budgeted shopping) कर सकते हैं । जिससे आपके पैसे भी ज्यादा खर्च नही होंगे और आपका लव्ड वन इंप्रेस (Impress) भी हो जाएगा। 8. अटलांटिक वाटर वर्ल्ड (Atlantic Water World)-मौज-मस्ती के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी जगहों में से एक, अटलांटिक वॉटर वर्ल्ड आप दोनों को कई घंटों तक खुशी से जोड़े रख सकता है। वेव अटैक (Wave Attack), यिप्पी लैंड (Yippee Land), लूपी (Loopy), रेसर (Loopy, Racer), ग्रेविटी (Gravity), स्टॉर्म आई (Storm Eye), टॉरनेडो (Tornado) और भी कई वाटर राइड्स हैं। पार्क में रेन डांस सेक्शन आपके एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है, जहां आप दोनों डांस कर सकते हैं। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप किसी बॉलीवुड गाने में देखते हैं। आपके रोमांटिक पलों का बैकग्राउंड स्कोर बजाने के लिए इस जगह पर लाइव डीजे भी है। पार्क में सेल्फी प्वाइंट (Selfie point) आपकी यादों की अलमारी को भरने का काम करेगा। 9.एडवेंचर आईसलैंड (Adventure Island)-अपने पार्टनर को सचमुच इस एडवेंचर पार्क में एक रोमांचक ट्रिप पर ले जाएं, जो आपको कई घंटों तक बिना रुके मौज-मस्ती का वादा करता है। जेड-फोर्स (Z-Force), स्काई राइडर (Sky Rider), साइड विंडर (Side Winder), ट्विस्टर (Twister), स्प्लैश डाउन (Splash Down), फ्लिप आउट (Flip Out), स्पेस जंप (Space Jump) और कई भी बहुत से अट्रैक्शनस (Attraction) हैं ।आप बोट राइड एंजॉय कर सकते हैं और पार्क के स्प्लैश पूल में समय बिता सकते हैं। पार्क के फ़ूड कोर्ट में डिलीशियस फूड (Delicious food) भी आपका इंतजार करेगा।

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Famous Picnic spots in Delhi where you can enjoy in best way

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“इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में जब भी वीकेंड ब्रेक आता है बीबी-बच्चों की घूमने-फिरने की जिद्द शुरू हो जाती है। लेकिन इस ज़िद्द से निजात का एक रामबाण तरीका है पिकनिक। तो आज हम दिल्ली के ऐसे डेस्टिनेशंस के बारे में बताएंगे जहां आप अपने बच्चो के साथ मेमोरेबल पिकनिक मना सकतें हैं।” 1.लोधी गार्डन – (Lodhi garden) :दिल्ली के लोधी गार्डन के बारे में तो आप ने सुना ही होगा। ये एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस (Beautiful Tourist Place) होने के साथ-साथ फेमस पिकनिक स्पॉट भी है। अगर आप अपनी, फैमली (Family), फ्रेंड्स (Friend) के साथ वीकेंड (Weekend) में घूमने के लिए किसी अच्छी और सस्ती जगह की तलाश कर रहे हैं, तो ये जगह एकदम परफेक्ट है। लोधी गार्डन के शांत और खूबसूरत माहौल में पिकनिक मनाने का अलग ही मजा है। दिल्ली में फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यहां काफी फोटोग्राफी (Photography) के अच्छे ऑप्शन्स (Options) हैं। 2.डियर पार्क – (Deer park) :दिल्ली के हौज खास विलेज (Hauz Khas Village) का डियर पार्क भी बेहद बड़ा और खूबसूरत है, बच्चों या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए। इस पार्क को चार विंग्स में बांटा गया है, जिसमें रोज गार्डन (Rose Garden), ओल्ड मॉन्यूमेंट (Old Monument) और हौज खास मार्केट (Hauz Khas Market), डियर पार्क (Deer Park) और फाउंटेन एंड डिस्ट्रिक्ट पार्क (Fountain and District Park) का नाम शामिल है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है डियर पार्क में आपको हिरणों का झुंड देखने को मिल जाएगा। जिसे आपके बच्चे काफी एंजॉय करने वाले हैं 3.गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज – (Garden of five senses) :दिल्ली का सईद-उल-अजायब में गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज भी दिल्ली में घूमने-फिरने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। खासकर उनके लिए जो दिल्ली की भीड़-भाड़़ से दूर किसी शांत जगह जाकर क्वॉलिटी टाइम स्पेंड (Quality Time Spend) करना चाहते है। यहां पास ही एक दूसरी जगह चंपा गली (Champa Gali) भी है। यकीनन इसे देखने का आपका एक्सपीरियंस (Experience) काफी मेमोरेबल होगा। खूबसूरत फूलों और पेड़-पौधों से घिरा यह पार्क बना देगा आपके वीकेंड को मजेदार। 4.नेशनल जूलॉजिकल पार्क – (National Zoological Park, Delhi) :नेशनल जूलॉजिकल पार्क या दिल्ली जू दिल्ली के पुराने किले के पास मौजूद है। दिल्ली के आसपास पिकनिक मनाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। अगर आप भीड़ भाड़ से बचना चाहते हैं, तो वीकेंड की बजाए वीकडे (Weekday) पर घूमने के लिए आएं। यहां आपको एशियाई शेर (Asiatic Lion), रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger), भारतीय गैंडे (Indian Rhinoceros) और लाल जंगली मुर्गी (Red Jungle Fowl) जैसी कई वन्यजीव प्राणियों को देख सकेगें। यहां की एंट्री फि 20-40 रुपए है। 5.रेल म्यूजियम दिल्ली – (Rail Museum, Delhi) :दिल्ली का रेल म्यूजियम 10 एकड़ में फैला हुआ है, जहां आप रेलवे की प्राचीन संरचनाओं (Ancient Railway Structures) की प्रस्तुति (Presentation) देख सकते हैं। रेल म्यूजियम एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है, क्योंकि यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए 3 डी वर्चुअल ट्रेन की सवारी (Ride of 3D virtual train), स्टीम लोको सिम्युलेटर (Steam loco simulator), टॉय ट्रेन (Toy train) और एक इनडोर गैलरी (Indoor gallery) की सुविधा भी दी गई है। बच्चे ऐसी जगहों में घूमकर सबसे ज्यादा खुश होते हैं। 6.बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट – (Botanix Nature Resort) :बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट दमदमा झील के गुरुग्राम में मौजूद है। यहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं। पिकनिक पर जाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। दिल्ली की भीड़ भाड़ से दूर आप शांति में आकर प्रकृति की सैर कर सकते हैं। यहां आप अरावली पहाड़ियों की सुंदरता की खूबसूरत तस्वीरें खींच सकते हैं, या फिर इन-हाउस पूल में फुल मस्ती कर सकते है। दिल्ली के बेहद ही पास है खूबसूरत मोरनी हिल्स (Morni Hills), आज ही बनाएं इस स्टेशन में घूमने का प्लान। 7.कैंप वाइल्ड धौज – (Camp Wild Dhauj) :कैंप वाइल्ड धौज फरीदाबाद के मंगर गांव (Mangar Village) में अरावली पहाड़ियों की तलहटी (Foothills of aravalli hills) में मौजूद एक एडवेंचर कैम्प (Adventure Camp) है, जो दिल्ली के पास एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट माना जाता है। यहां आप रॉक क्लाइम्बिंग (Rock Climbing), कैम्पिंग रैपलिंग (Camping Rappelling), फ्लाइंग फॉक्स (Flying Fox) और रिवर क्रॉसिंग (River Crossing) जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज (Adventure Activities) कर सकते हैं। 8.ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी – (Okhla Bird Sanctuary) : यमुना नदी के ऊपर ओखला बैराज पर मौजूद ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी है, जहां आप पक्षियों की अलग-अलग ब्रीड्स (breads) और नेचर ब्यूटी का लुफ़्त उठा सकते हैं। ये दिल्ली का सबसे फेमस पिकनिक स्पॉट (Most famous picnic spot) है, जहां बच्चे (Childrens), फैमिली (Family), कपल्स (Couples) भी घूमने के लिए आते हैं। यहां 300 से अधिक पक्षियों की वेरायटीज (Varieties) मौजूद हैं। जब भी पिकनिक पर जाने का प्लान बने, तो अपनी लिस्ट में ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी को भी जरूर शामिल करें।

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Best Water Parks in Delhi NCR

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Written by Sakshi Joshi/Edited by Pardeep Kumar लो आ ही गया मार्च का महीना और साथ में दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी भी और समझो हो गया दिल्ली में गर्मियों का आगमन। अब दिल्ली के मैक्सिमम लोग बस वीकेंड के इंतज़ार में होंगे और गर्मी से कुछ राहत पाने के लिए कोई-न-कोई ट्रिप तो जरूर प्लॉन कर ही लेंगे ताकि अपनी छुट्टियां शानदार बिता सकें और थोड़े दिन के लिए ही सही पर गर्मी से राहत मिल सके। पर वीकेंड पर अगर आप पहाड़ों का दौरा किए बिना ही अपना वीकेंड खुशनुमा और फुल एन्जॉय भरा बनाना चाहते हैं तो दिल्ली के वाटर पार्क्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं। यहां गर्मी से राहत के साथ-साथ आप अपनी फैमिली या फ्रेंड्स के साथ शानदार क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं। तो आईये जानते हैं, दिल्ली एनसीआर के बेस्ट वाटरपार्कस और उनकी प्राइस टिकट्स। Best Water Parks In Delhi NCR फन एंड फ़ूड विलेज मस्ती भरे इस गांव में आप सभी का स्वागत हैदिल्ली और हरियाणा की सीमा के पास कापसहेड़ा में स्थित यह फन एंड फ़ूड विलेज, इस चिलचिलाती गर्मी और रोजमर्रा की थकान को दूर करने वाला एक लाजवाब स्पॉट है। बेस्ट वीकेंड पिकनिक स्पॉट के रूप में यह पूरे दिल्ली में मशहूर है। इसके अलावा यहां हर ऐज ग्रुप के लोगों के लिए राइड्स अवेलेबल हैं जिसमें आप अपनी फैमिली के साथ कुछ शानदार यादें और लाजवाब पल बटोर सकते हैं। आप यहां बहुत सारी वाटर राइड्स के साथ-साथ, अपने पूरे परिवार के साथ रेन डांस का आनंद भी ले सकते हैं। और आपको बता दें कि यहां सबसे लंबा वॉटर चैनल ‘लेजी रिवर’ है। ऑफर और पैकेज के हिसाब से अलग-अलग टिकट उपलब्ध हैं। जिसमें एडल्ट्स की टिकट 1000 रुपए और बच्चों की टिकट 500 रुपए है। ऑफर्स के लिए आप फन एंड फ़ूड विलेज की वेबसाइट चेक कर सकते हैं। कैसे पहुंचेअगर आप अपनी कार से यहां आना चाहते हैं तो आपकी कार आपको दिल्ली के किसी भी कोने से फन एंड फूड विलेज तक एक घंटे में पहुंचा देगी। आप जीपिएस मैप की सहायता से यहां आसानी से पहुँच सकते हैं। लेकिन अगर आप मेट्रो की सहायता से यहां आना चाहते हैं तो आपको द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन तक जाना होगा। वहां से आप ऑटो के जरिए अगले 20 मिनट में इस मजेदार डेस्टिनेशन तक पहुंच सकते हैं। एडवेंचर आइलैंड रोहिणी में स्थित ये वॉटरपार्क दिल्ली वालों के सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय स्पॉट्स में से एक है। यहां आप रेन डांस, मैड थिएटर, बोटिंगिव डीजे, इंटरनेशनल राइड्स के साथ फैमिली एंटरटेनमेंट राइड्स, एडवेंचर स्पोट्र्स, किड्स फ्रेंड्ली प्लेस और आर्चरी जैसी कई एडवेंचर एक्टिविएज़ का आनंद ले सकते हैं। एडवेंचर आईलैंड रिठाला मेट्रो स्टेशन से पैदल दूरी पर रोहिणी दिल्ली में स्थित है। यहां का मेन आकर्षण जहाज के आकार का रेस्टोरेंट है जोकि काफी लोकप्रिय है। गर्मियों में परिवार के साथ क्वालिटी टाइम और वाटर राइड्स का लुत्फ़ उठाने के लिए यह एक बेस्ट स्पॉट है। प्रवेश टिकट फ्री RIDES के साथ एडल्ट्स के लिए 600 रूपए है। यह 60 वर्ष और उससे ज्यादा ऐज वालों के लिए 350 रूपए है। और बिना राइड के टिकट 300 रुपये है। ऑफर्स के साथ यह टिकट्स बदलती रहती हैं। Adventure Island के अंदर बाहर के खाने और पीने के सामान की परमिशन नहीं है। पार्क में आप पानी के अलावा कोई भी खाने पीने की आइटम अंदर नहीं लेजा सकते।यहाँ के विशेष आकर्षण टैलेंट शोज़, महेंदी स्टाल्स, नेल आर्ट, बॉलीवुड डांस, रिंग डांस , और मैजिक शो जैसी कई एक्टिविटीज़ हैं। जस्ट चिल जब पूरे शहर में एडवेंचर और वाटर पार्क की बात आती है, तो दिल्ली के पास बहुत डेस्टिनेशंस हैं, जिनमें से जस्ट चिल वाटरपार्क माना जाना स्पॉट है। जस्ट चिल वाटरपार्क उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है, जो भीषण गर्मी से थक चुके हैं और ठंडक के लिए एक ब्रेक लेना चाहते हैं। वाटरपार्क होने के अलावा, यह एक एंटरटेनमेंट पार्क, एक एडवेंचर पार्क और एक एजुकेशनल पार्क भी है। स्विमिंग पूल से लेकर रेनबो, कैटरीना-ट्विस्ट, ब्लैक थ्रिल, गॉडजिला जैसी 12 और एडवेंचर एक्टिविएज़ का आनंद लें। इसके अलावा वाटर राइड्स भी आप बहुत सारी कर सकते हैं, जिनमें कैटरपिलर, स्विंग चेयर, बुल राइड, कोलंबस और अद्भुत पानी की सवारी के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल हैं। यह पार्क एजुकेशन का खजाना भी देता है। आप अपने बच्चों को यह सीखने के लिए ला सकते हैं कि बकरी या गाय का दूध कैसे निकाला जाता है, साथ ही मिट्टी के बर्तन बनाना सीख सकते हैं। यहां ठहरने और आराम करने के लिए आप कमरे भी बुक कर सकते हैं। और अपने नियमित जीवन की हलचल से छुट्टी ले सकते हैं। फन, फ़ूड, एडवेंचर और एजुकेशन सब कुछ आपको यहां वर्थ प्राइस में मिलने वाला है। तो बिना किसी देरी के इस वीकेंड जस्ट चिल में एन्जॉय कीजिये।नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन समयपुर बादली मेट्रो स्टेशन है। इसके बाद आप कैब या ऑटो की सहायता से यहां पहुँच सकते हैं। वर्ल्डस ऑफ़ वंडर एडवेंचर पार्क हमेशा से ही बच्चों एडल्ट्स की पसंदीदा जगह रही है, जहां बिना किसी तनाव के सभी ऐज ग्रुप के लोग फुल एन्जॉय करते हैं। और ऐसे पार्क्स की कमी आपको दिल्ली एनसीआर में कभी महसूस नहीं हो सकती। ऐसे ही पार्क्स में से अपने अनोखे मनोरंजन के लिए प्रसिद्ध है वर्ल्डस ऑफ़ वंडर। वर्ल्ड-ऑफ वंडर में आप पेंट-बॉल, गो-कार्टिंग, एयर हॉकी और कई अन्य गतिविधियों का भी आनंद ले सकते हैं। नोएडा के ग्रेट इंडिया प्लेस मॉल के पास स्थित यह वॉटरपार्क आपको 26 तरह की वाटर राइड्स का फुल पैकेज प्रोवाइड करता है। साथ ही यह एक एम्यूजमेंट पार्क भी है। आप यहां गो कार्टिग भी होती है। वर्ल्ड ऑफ वंडर पार्टियों, सेमिनार और कंपनी के कार्यक्रम के लिए लॉन की सुविधा भी देता है। ये लॉन अपने आकार के कारण विशेष ध्यान आकर्षित करते हैं। इसके अलावा अगर आप इस पार्क के आस-पास कहीं घूमना चाहते हैं तो समय बिताने के लिए, पार्क के पास स्थित ग्रेट इंडिया प्लेस मॉल भी जा सकते हैं। वीकेंड और वीक डेज में बच्चों और बड़ों के लिए टिकट के दाम अलग-अलग है। बच्चों के लिए टिकट की शुरुआत 500 रुपए और

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Best Tourist Places to Visit in Delhi

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मेरे चर्चों की गूँज काफी है, मैं किसी परिचय की मोहताज़ नहीं, मैं दिल्ली हूँ, मेरी नीव रखी किसने, यह तो मुझे भी याद नहीं देश की विरासत को अब तक मैंने संभाला है, ग्रंथ महाभारत में इन्द्रप्रस्थ मेरे बचपन का नाम बताया है। हाँ, मैंने समेटी है, संस्कृति पूरे भारत की और देखी है अपने हर आँगन में कतारें लोगों के अरमानों की। देखा है कैसे उस जमाने में बलशाली राजा का ताज उतर गया और देखा है कितनी बार लोगों का सपना टूट गया।   कैसे गरीबी ने एक इंसान को मार दिया और कैसे किसी की मेहनत ने, दुनिया भर में अपना नाम किया मैंने देखा कैसे राजाओं ने मीनारों का निर्माण किया और चर्चे हो गए देश-विदेशों में, जब मैंने था शासन किया। और सिर्फ इतना ही नहीं  मेरे किस्सों की भरमार है क्योंकि राजधानी का खिताब  तो आज भी मेरे नाम है, पर चलिए फ़िलहाल सुनाती हूँ कहाँ-कहाँ मेरी खूबसूरती आज भी बरकरार है। (Best Tourist Places in Delhi) हां, यही है देश की राजधानी कही जाने वाली दिल्ली। दिल्ली अपने हर अंदाज और अनोखे इतिहास के लिए काफी जानी जाती है और हो भी क्यों ना , ऐतिहासिक इमारतें, अलग-अलग संस्कृतियों के लोग, स्ट्रीट फ़ूड के चर्चे और लाजवाब बाजार। यहां सब कुछ मौजूद है। यहां वो सब है जिनकी कमी आपको शायद देश के दूसरे शहरों में दिखाई पड़ती हो तभी तो इसे देश की शान कहा जाता है। इसके साथ ही दिल वालों की दिल्ली की खूबसूरती वाकई काबिल ए तारीफ है। तो चलिए आपको रूबरू कराते हैं देश की शान की बेस्ट टूरिस्ट प्लेसों से। Best Tourist Places to Visit in Delhi लाल किला देश की आन बान और शान का प्रतीक लाल किला दिल्ली शहर का सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस है। जी हां वो लाल किला जहां की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री हर साल 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराते हैं, और लाखों करोड़ों की आबादी को सम्बोधित करते हैं। वो लाल किला जो तकरीबन दो सौ साल तक मुगलों की राजधानी बना रहा, मुगलों के शासन का प्रमुख केंद्र बना रहा। जहां से तकरीबन दो सौ साल तक मुगलों ने देश पर शासन किया। अगर पर्यटन स्थलों की बात की जाए तो लाल किला दिल्ली का सबसे बड़ा टूरिस्ट प्लेस माना जाता है। इस किले के दो द्वार हैं लाहौर दरवाजा और दिल्ली दरवाजा। लाहौर दरवाजा इसका मुख्य प्रवेश द्वार है, इसके अंदर प्रवेश करते ही आपको एक शानदार और आकर्षित बाजार दिखाई देगा। जिसे छत्ता चौक या छत्ता बाजार भी कहा जाता है। Best Tourist Places in Delhi इसके अंदर जाते ही आपको मुग़ल शासन के अनोखे अंदाज़ से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा इस किले के बिलकुल सामने आप दिल्ली की सबसे फेमस चांदनी चौक मार्केट भी एक्स्प्लोर कर सकते हैं। इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन है चांदनी चौक। इंडिया गेट अगर आप इंडिया गेट मेट्रो से आना चाहते हैं तो इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन है केंद्रीय सचिवालय। इंडिया गेट जो कि हमारे देश की आन बान और शान है। इंडिया गेट को फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में शहीद हुए हमारे जवानों की याद में बनवाया गया। इसका निर्माण कार्य 1921 में शुरू हुआ और दस साल बाद 1931 में पूरा हुआ।  यह हमारे जवानों के सहस और शौर्य का प्रतीक है। 26 जनवरी को हर साल महामहिम राष्ट्रपति की मौजूदगी में हमारा देश यहीं से पूरी दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन करता है। आपको बता दें 8 सितंबर 2022 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इंडिया गेट के नए लुक यानि की सेंट्रल विस्टा एवेन्यू  का अनावरण किया। इसके साथ ही वर्षों पुराना राजपथ अब कर्तव्य पथ बन गया। देश की इस धरोहर का नया लुक बेहद ही शानदार है। तो अब इसको एक्स्प्लोर करना और भी मजेदार होने वाला है। अगर आप भी आपने देश के ऐतिहासिक और गौरवशाली पलों को सहेजना चाहते हैं तो यकीन मानिये सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, इंडिया गेट का यह नया परिसर एक शानदार जगह है और यकीनन इससे दिल्ली के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। जंतर मंतर : तो चलिए बात करते हैं दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के बिलकुल सामने स्तिथ जंतर मंतर की। जो शयद अपनी अनोखी कारीगरी के साथ-साथ धरना और प्रदर्शन के कारण भी देश भर में खूब पहचाना जाता है। जंतर अंतर की एंट्री टिकट की बात करें तो यह इंडियंस के लिए 25$ है और फॉरनर्स के लिए 250 सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है और यहां आने का समय सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक है। दिल्ली के जंतर मंतर में मुख्यतः चार यंत्र हैं रामयंत्र, सम्राटयंत्र, जयप्रकाश यंत्र,और मिश्र यंत्र। जब आप जंतर मंतर के अंदर प्रवेश करेंगे तो यहां आपको इसका पूरा इतिहास समझ में आ जायेगा। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि किस तरह सैकड़ों साल पहले राजा महाराजा किस तरह सूर्य चंद्रमा और गृहों के समय और गति की सही जानकारी लेते थे तो आपको एक बार जंतर मंतर अवश्य आना चाहिए। क़ुतुब मीनार : वैसे तो दिल्ली घूमने और देखने के लिहाज़ से काफी शानदार है। पर दिल्ली की कुछ बेहद खूबसूरत इमारतों को देखे बिना दिल्ली का दर्शन अधूरा सा लगता है। इसके अंदर आपको एक से एक इतिहास समेटे इमारतें दिखाई देंगी। इस मीनार को बनाने में लाल बलुआ पत्थर और मार्बल का इस्तेमाल किया गया है। और इसके अंदर गोल-गोल करीब 379 सीढ़ियां हैं। मीनार की दीवारों पर सदियों पुराने मंदिरों के अवशेष साफ दिखाई पड़ते हैं। इसमें हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और मंदिर की वास्तुकला मौजूद है। इसके अंदर जाकर आपको इसकी काफी सारी ऐतिहासिक बातों का पता चलेगा। इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन क़ुतुब मीनार है। भारत दर्शन पार्क : जी हां, दोस्तों हम बात कर रहे हैं दिल्ली में स्तिथ एक बेहद ही शानदार जगह जिसका नाम है भारत दर्शन पार्क। यह पार्क लिंक रोड पर पंजाबी बाग़ में स्तिथ है। भारत दर्शन पार्क से सबसे नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन पंजाबी बाग़ वेस्ट है। आप आराम से मेट्रो स्टेशन से पैदल ही पांच मिनट में यहां पहुंच सकते हैं। इस पार्क की खासियत यह है कि इसे बहुत सारे वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल करके बनाया

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Qutub Minar Delhi – World Heritage Site

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Qutub Minar: कुतुब मीनार नहीं देखा तो दिल्ली दर्शन अधूरा है सुनहरें लफ़्ज़ों का इतिहास आज भी तेरे हर पत्थर, तेरी हर दीवार पर है जो ख़ूबसूरती उस ज़माने में थी वही क़ातिलाना अदा आज क़ुतुब मीनार पर है। वैसे तो पूरी दिल्ली ही देखने के लिहाज़ से बहुत खास है पर इसकी कुछ नायाब इमारतों को देखे बिना दिल्ली दर्शन अधूरा है। क़ुतुब मीनार इन्हीं खास और नायाब जगहों में से एक है। इस बात में कोई शक नहीं कि मुगलों ने दिल्ली को खूबसूरत बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। शायद इसी का परिणाम है  दिल्ली चारों दिशाओं से बेहद खूबसूरत मुगल इमारतों से सजी हुई है। आज अपने दिल्ली दर्शन में हम निकले हैं क़ुतुब मीनार के दीदार पर। कैसे पहुंचे क़ुतुब मीनार लॉकडाउन के बाद से ही दिल्ली में मेट्रो सेवा कई जगहों पर बदहाल है, मेट्रो स्टेशन के बाहर लम्बी-लम्बी लाइन्स आसानी से देखने को मिल जाएँगी। इसलिए हमें इन सब से बचते हुए  डीटीसी बस यात्रा का आनंद लेना ही मुनासिब लगा। एक लंबी बस यात्रा के बाद हम पहुंचे क़ुतुब मीनार। लेकिन अगर आप मेट्रो से आते हैं तो यहाँ का मेट्रो स्टेशन है क़ुतुब मीनार। सड़क के एक तरफ कुतुब मीनार परिसर है तो दूसरी तरफ टिकट घर। 40 रुपये का टिकट लिया और उत्सुकतावश अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए क़ुतुब मीनार की तरफ। भीड़ ठीक-ठाक ही थी, क्योंकि किसी भी ऐतिहासिक इमारत में चहल-पहल के बिना हमारी  दिल्ली अधूरी है जनाब। आपको कुतुबमीनार के परिसर में जहाँ एक तरफ युवा अलग-अलग पोज़ में फोटोशूट करते दिख जायेंगे वहीँ, परिवार के साथ आने वालों के लिए भी यह एक बेहतरीन यादगार जगह है। वैसे तो साल भर यहाँ पर्यटकों का आना लगा रहता है लेकिन फिर भी अक्टूबर से मार्च का महीना यहाँ आने के लिए बेस्ट रहता है। इन दिनों में जो एक चीज आप सभी पर्यटन स्थलों पर सबसे ज्यादा मिस करेंगे वो है विदेशी सैलानी। कोविड महामारी के कारण विदेशी सैलानियों की कमी महसूस हुई और उनके साथ इतिहास का बखान करने वाले ट्यूरिस्ट गाइड भी मीनार में दूर-दूर तक नज़र नहीं आए। बस सब समय का खेल है, उम्मीद करते हैं जल्द ही सब पहले जैसा हो। काली गुबंद वाली मस्जिद पूरा कुतुब मीनार परिसर 13 अलग-अलग व्यूपोइंट्स में बंटा हुआ है। हम में से ज्यादातर लोग मुख्य कुतुब मीनार और लौह स्तम्भ से ही वाकिफ़ हैं पर और भी बहुत कुछ है अपनी नक़्क़ाशी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध क़ुतुबमीनार के इस परिसर में। परिसर में घुसते ही सबसे पहले नजर आती है काली गुबंद वाली मस्जिद। अंदर आते ही सबसे पहले इस मस्जिद पर ही नजर पड़ती है। आगे बढ़ने पर विशिष्ट मुगल शैली के बगीचें दिखाई देते हैं  जो कि मुगलों की प्रसिद्ध चार बाग की शैली में बने हैं। ये चार बाग शैली किसी भी इमारत में जान डाल देती है। प्रसिद्ध मुगल इमारतों में बागों की इसी शैली का प्रयोग किया जाना आम बात है। मीनार के पास मण्डप जैसी दिखने वाली संरचना को कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद कहा जाता है। ये जानकारी पास लगे सूचना बोर्ड से ही मिली अन्यथा हम तो इसे एक सामान्य मण्डप भर समझ रहे थे। इस मस्जिद की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1190 के दशक में की थी। इस मस्जिद की खासियत इसकी स्थापत्य कला है। इंडो इस्लामिक शैली से बनी ये मस्जिद और इसकी नक्काशी एक बार तो आपको दीवाना ही बना देगी। नक्काशीदार स्तंभो पर खड़ी यह मस्जिद बनावट के मामले में बेहतरीन है। अगर यूं कहें कि कुतुब मीनार परिसर की शोभा बढ़ाने में इस मस्जिद का भी अमूल्य योगदान है, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। अलाई मीनार आप जैसे-जैसे परिसर में आगे बढ़ते जायेंगे वैसे ही अद्भुत स्थापत्य कला के मुरीद बनते चले जायेंगे। आगे दिखी अजीब-सी बेढ़ंगी चट्टान जैसी दिखने वाली एक इमारत। पास पहुंच कर पता चला ये है अलाई मीनार। जी, ये वही मीनार है जिसे दिल्ली के बाद के शासक अलाउद्दीन खिलजी ने बनाने की कोशिश की थी। ये खिलजी के अधूरे सपने जैसा है। खिलजी कुतुबमीनार से भी ऊंची इमारत बनाना चाहता था पर किसी कारणवश ये सपना अधूरा ही रह गया। इल्तुतमिश का मकबरा अलाई मीनार से आगे बढ़कर परिसर में एक सफेद और लाल बलुआ पत्थर से बना मकबरा नजर आ रहा था। ये वही मकबरा था जिसमें दिल्ली के दूसरे शासक इल्तुतमिश को दफनाया गया था। ये मकबरा कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद के ठीक पीछे ही है। मकबरा अपनी इस्लामिक बनावट के कारण अलग ही नजर आ रहा था। इसकी खूबसूरती को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल था कि ये एक कब्र है। किसी शाही महल जैसी इसकी बनावट वास्तव में अद्भुत है। बीच-बीच में बने सफेद मेहराब और खुली छत इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। इसी के ठीक सामने अलाउद्दीन खिलजी का मदरसा है, जिसे शायद खिलजी ने अपनी छाप छोड़ने के लिए बनवाया था। मेहराबों के समूह जैसा दिखने वाला ये मदरसा शिक्षा का केंद्र रहा होगा, जिसमें छात्रों के लिए कमरें और पुस्तकालय हुआ करते थे। मदरसे का परिसर काफी विशाल है। मार्ग में आगे प्रेमी जोड़े तस्वीरें खिंचवाते दिखे। विचार आया इन्हें इस परिसर के इतिहास से क्या ही लेना देना। इनके लिए ये अब सिर्फ क्वालिटी टाइम बिताने का एक ठिकाना भर है। लौह स्तम्भ परिसर का बारीकी से मुआयना करते हुए हम कुतुब मीनार पास ही स्थित लौह स्तम्भ के करीब पहुंचे। बचपन में अपनी किसी किताब में इस लौह-स्तम्भ का जिक्र पढ़ा था। जो कहता था कि इस स्तम्भ को पीठ के बल खड़े होकर दोनों हाथों से गले लगा सकने वाला व्यक्ति भाग्यशाली होता है। इच्छा मेरी भी थी इस किंवदंती को एक बार आजमाने की। दुर्भाग्य से अब लौह स्तम्भ के चारों तरफ ग्रिल लगा दी गई है ताकि पर्यटक उसके पास न पंहुचे। शायद  अब स्तम्भ को देखना भर ही हमारे भाग्य में था। खैर, इसकी वैज्ञानिक खासियत को जान लेना भी जरूरी है। 550 ईस्वी से भी पहले का ये स्तम्भ आज भी अपने पौराणिक रूप में जस का तस है। आज भी जंग का एक कतरा इस स्तम्भ को छू तक नहीं पाया। स्तम्भ पर संस्कृत के शिलालेख उकेरे हुए हैं। स्तम्भ कुल 7.2