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20 Most Famous National Parks in India

  • गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park)
  • पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park)
  • बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park)
  • दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park)
  • सुंदरवन नेशनल पार्क (Sundarbans National Park)
  • मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)
  • पेंच राष्ट्रीय उद्यान (Pench National Park)
  • राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park)
  • वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve)
  • ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park)
  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (Bandipur National Park)
  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park)
  • रणथम्भोर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park)
  • काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)
  • नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान (Namdapha National Park)
  • जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park)
  • कंचनजंगा नेशनल पार्क (Kanchenjunga National Park)
  • बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क (Bannerghatta national park)
  • कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान (Kanha–Kisli National Park)
  • अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (Alwar Sariska National Park)

1. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park)

चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं। यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): केशोद एयरपोर्ट और राजकोट एयरपोर्ट गिर नेशनल पार्क से सबसे निकटतम एयरपोर्ट्स हैं। आप यहां से कैब और बस सर्विस का उपयोग करके गिर नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। दिल्ली से राजकोट एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट टिकट की कीमत मिनिमम ₹5000 के आसपास होती है। आप वाया ट्रेन बड़ी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park)

पेरियार नेशनल पार्क 350 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक ऐसा नेशनल पार्क है जो हाथियों और बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। पेरियार नेशनल पार्क को दो नदियों का पानी उपलब्ध होता है। जिसमें से पहली नदी का नाम है पेरियार और दूसरी नदी का नाम है पांबा। यह नेशनल पार्क 1934 में नीली कक्कांपेट्टी गेम सेंचुरी के नाम से स्थापित किया गया था। इस नेशनल पार्क का नाम 1950 में बदलकर पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रखा गया। इस पार्क के देखरेख का काम डिपार्मेंट आफ फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ केरल और साथ ही गवर्नमेंट आफ इंडिया द्वारा संभाला जाता है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): पेरियार नेशनल पार्क आना बहुत हीं आसान है, क्योंकि यहां तक बाय रोड बहुत अच्छी कनेक्टिविटी मिल जाती है। अगर आप आसपास के शहरों से आ रहे हैं तो आप बहुत ही आसानी से बस के जरिए पेरियार नेशनल पार्क तक पहुंच सकते हैं। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से आना चाहते हैं तो मदुरै एयरपोर्ट आ सकते हैं। जहाँ से इस पार्क की दुरी लगभग 140 किलोमीटर है। पार्क से सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन कोट्टायम है जो 110 किमी दूर है। पेरियार सभी प्रमुख शहरों से रोड मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा है।

3. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park)

मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): अगर आप हवाई मार्ग से बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंचाना चाहते हैं तो आपको जबलपुर हवाई अड्डा के लिए फ्लाइट की टिकट बुक करवानी होगी। जबलपुर हवाई अड्डा से बांधवगढ़ नेशनल पार्क की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। इसे आप अपनी सुविधा अनुसार लोकल ट्रांसपोर्ट या फिर कैब के द्वारा तय कर सकते हैं। अगर आप रेल मार्ग के द्वारा बांधवगढ़ पहुंचाना चाहते हैं तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उमरिया रेलवे स्टेशन और कटनी रेलवे स्टेशन हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क से उमरिया रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। वहीं कटनी रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 100 किलोमीटर की है। आप बाय रोड भी बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

4. दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park)

दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 490 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1977 में हुई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान का उद्देश्य बारहसिंघा का संरक्षण करना है। यहां पर बाघ, बारहसिंघा, सुस्त भालू, एक सींग वाले गैंडे और 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। सुहेली नदी और मोहाना नदी इस उद्यान की जीवन रेखा का कार्य करती है। इन नदियों में गंगेटिक डॉल्फिन भी निवास करती है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): अगर आप हवाई मार्ग से यहां आना चाहते हैं तो लखनऊ हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है। जो यहां से करीब 238 किलोमीटर है और यदि आप रेल से दुधवा टाइगर रिज़र्व आना चाहते हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन शाहजहांपुर हैं। शाहजहांपुर से दुधवा की दूरी तकरीबन 105 किमी है।

5. सुंदरवन नेशनल पार्क (Sundarban National Park)

सुंदरवन नेशनल पार्क विश्व के सबसे बड़े डेल्टाई क्षेत्र (सुंदरवन डेल्टा) में स्थित है। यह नेशनल पार्क अपने रॉयल बंगाल टाइगरों (Royal Bengal Tigers) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1330 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिज़र्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1977 में इसे वन्य जीव अभयारण्य घोषित किया गया। तथा बाद में 4 मई 1984 को इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। सुंदरवन नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बर्ड्स (Birds), रेप्टाइल्स (Reptiles) और इनवर्टेब्रेट्स (Invertebrates) शामिल है। इसके अलावा यहाँ साल्ट वाटर (Salt Water) में रहने वाले मगरमच्छ भी पाए जाते है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप सुंदरवन नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप नदी जलमार्ग से आप सबसे आसानी से आ सकते है। वही सड़क मार्ग से आने के लिए आपको गोसाबा (50 किमी) आना होगा जो यहाँ से निकटतम शहर है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन कैनिंग में है जो 48 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट आना होगा।

6. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)

असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): मानस नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आप सड़क रेल और हवाई तीनों ही मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से मानस नेशनल पार्क पहुंचना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचना होगा। रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बरपेटा रेलवे स्टेशन है जो मानस नेशनल पार्क से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप मानस नेशनल पार्क जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं तो सिलीगुड़ी गलियारा के द्वारा बड़े ही आसानी से मानस नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है।

7. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park)

पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी। यहां पर पीफोल, कोपीजेन्ट, रेड जंगल फोल, रेड वेन्टेड बुलबुल, बेस्ट डबारबेट, क्रीमसन, मेंगपाई राबिन, रॉकेट टेल डोगों, व्हिस्टल टील, लेसर आदि पक्षियों की प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। पेंच नदी इस उद्यान को दो भागों में बाँटती है। पेंच टाइगर रिज़र्व को भारत का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिज़र्व होने का गौरव प्राप्त है। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘द जंगल बुक’ इसी पार्क पर आधारित है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): नागपुर (92 किमी) और जबलपुर (200 किमी) पेंच नेशनल पार्क से सबसे निकटतम एयरपोर्ट्स हैं। आप यहां से कैब और बस सर्विस का उपयोग करके पेंच नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। वही निकटम रेलवे स्टेशन भी नागपुर में ही है जहाँ से आप नेशनल पार्क आ सकते है। यह नेशनल पार्क बय रोड भी नागपुर और जबलपुर से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

8. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park)

उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यहां पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है हवाई मार्ग। राजाजी नेशनल पार्क से सबसे निकटतम एयरपोर्ट है जौली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून। जो कि दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से अच्छे तरीके से जुड़ा हुआ है। यहां के लिए फ्लाइट टिकट की कीमत आपको लगभग ₹3500 रुपए पड़ेंगे। यहां आप वाया ट्रेन भी जा सकते हैं। न्यू दिल्ली से देहरादून रेलवे स्टेशन के लिए भी कई सारी ट्रेनें चलती हैं। आप चाहे तो दिल्ली से देहरादून के लिए कैब भी बुक कर सकते हैं।

9. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve)

चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के रह रहे जंगली जानवर!  वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की यही खासियत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। बापू के पहले सत्याग्रह की भूमि पश्चिम चंपारण, उपजाऊ भूमि के साथ-साथ टाइगर रिजर्व के लिए भी मशहूर है। यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एक राष्ट्रीय उद्यान है, जिसका उद्देश्य बाघों का संरक्षण करना है। जंगल सफारी के शौकीन लोगों के घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ बिहार का इकलौता राष्ट्रीय उद्यान है। यहां बाघों की अनुमानित संख्या लगभग 50 है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी की जा सकती है। यहां जंगल सफारी के लिए एक जीप में अधिकतम 6 लोगों को सीट दी जा सकती है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): अगर आप हवाई मार्ग से आना चाहते है तो आपको पटना इंटरनेशनल एयरपोर्ट आ सकते है जहाँ से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व 295 किलोमीटर दूर हैं। आप पटना से आने के लिए कैब बुक कर सकते हैं। वाल्मीकि नगर रेलवे स्टेशन नेशनल पार्क से 5 km दूर हैं। सड़क मार्ग से आने के लिए आपको बेतिया आना होगा जहाँ से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व 80 किलोमीटर दूर हैं।

10. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park)

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (GHNP) पर्यटकों की मनपसंद जगहों में से एक हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह नेशनल पार्क हिमालय की खूबसूरत वादियों में है। इस नेशनल पार्क को वर्ल्ड हेरिटेज साइट (World Heritage Site) की सूची में भी शामिल किया गया है। यह नेशनल पार्क अपने ब्राउन बियर्स (Brown Bears) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1171 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान को 1984 में बनाया गया था। इसके पश्चात 1999 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में ब्राउन बियर्स के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे थार, गोराल, मस्‍क डीयर, चीता आदि प्रमुख है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। सड़क मार्ग से दिल्ली से आने के लिए आप 10 से 12 घंटा ड्राइव करके ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क पहुंच सकते है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर में है जो 143 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आप भुंतर एयरपोर्ट आ सकते है जो 20 किमी दूर है।

11. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (Bandipur National Park)

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक के चामराजनगर जिला में अवस्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान 874 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1974 में हुई थी। सर्वप्रथम मैसूर के राजा ने 1931 में एक अभयारण्य बनवाया जिसे वेणुगोपाल उद्यान के नाम से जाना जाता था। इसके पश्चात 1973 में इस वेणुगोपाल उद्यान में और 310 वर्ग किलोमीटर जोड़कर इसे बांदीपुर टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। इस नेशनल पार्क में बाघ, तेंदुआ, भारतीय मूल के हाथी, भालू, गौर आदि स्तनधारियों की प्रजातियाँ पाई जाती है। इसके अलावा इस इलाके में पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियाँ रहती हैं।

कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप बांदीपुर नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो आप मैसूर-ऊटी हाईवे का सहारा ले सकते है जो बांदीपुर नेशनल पार्क को ऊटी और मैसूर से जोड़ता है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन मैसूर में है जहाँ से आप 2 घंटों में बांदीपुर नेशनल पार्क पहुँच सकते है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको बैंगलोर एयरपोर्ट (220 किमी) आना होगा।

12. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park)

देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है। बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): ग्वालियर एयरपोर्ट कूनो नेशनल पार्क के सबसे नजदीक स्थित एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोटा, पटना, जयपुर आदि से भली भांति जुड़ा हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए फ्लाइट लगभग ₹2000 से ₹3000 तक की आती है। आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से भी ग्वालियर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप बाय रोड भी कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

13. रणथम्भोर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park)

रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िला में अवस्थित है। यह नेशनल पार्क लगभग 1334 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान को 1955 में सवाई माधोपुर खेल अभयारण्य के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1973 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। 1 नवंबर 1980 को इस टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय उद्यान बना दिया गया। रणथम्भोर नेशनल पार्क में कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बाघ (Tiger), सांभर हिरण (Sambhar Deer), नर मोर (Male Peacock) और चित्तीदार हिरण (Spotted Deer) शामिल है। इसके अलावा यहाँ तेंदुए (Leopards) भी पाए जाते है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। यदि आप दिल्ली से आना चाहते हैं तो आप एनएच 8 और एनएच 11ए से आ सकते है जो रणथम्भोर को दिल्ली से जोड़ता है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन है जो मात्र 11 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट (145 किमी) आना होगा।

14. काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)

असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): काजीरंगा नेशनल पार्क असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 194 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप यहां फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप गुवाहाटी हवाई अड्डे तक की फ्लाइट ले सकते हैं। गुवाहाटी शहर से काजीरंगा नेशनल पार्क जाने के लिए आप बस या फिर कैब की सुविधा ले सकते हैं। नेशनल हाईवे 37 काजीरंगा नेशनल पार्क के पास से ही गुजरती है। अगर आप रेल मार्ग के द्वारा काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हेलेम रेलवे स्टेशन पड़ेगा, जो काजीरंगा नेशनल पार्क से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

15. नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान (Namdapha National Park)

नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग ज़िला में है जो म्यांमार की सीमा के समीप अवस्थित है। यह पार्क क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत का चौथा सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 1985 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1974 में हुई थी। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, यह दुनिया का एकलौता ऐसा नेशनल पार्क है जहाँ बिग कैट्स (Big Cats) की चार प्रजातियां देखने को मिल जाती है। इन प्रजातियों में बाघ (Tiger), हिम तेंदुआ (Snow Leopard), तेंदुआ (Leopard), और क्लाउडेड तेंदुआ (Clouded Leopard) शामिल है। इसके अलावा यहाँ सप्रिया हिमालयना (Sapria Himalayana) और बालानोफोरा रैफ़लेशिया (Balanophora Rafflesia) जैसे पुष्प की प्रजातियां भी पायी जाती है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप नमदाफा नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो आप ‘असम स्टेट ट्रांसपोर्ट निगम’ (Assam State Transport Corporation) और ‘अरुणाचल प्रदेश स्टेट ट्रांसपोर्ट निगम’ (Arunachal Pradesh State Transport Corporation) की बसों से आ सकते है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू तिनसुकिया जंक्शन (NTSK) है जो 141 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट (150 किमी) आना होगा।

16. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park)

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क भी कहा जाता था। यह हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है। यह उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दूरी करीबन 250 किलोमीटर है। यहां पर आप किसी भी साधन से बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते है। यहां पर आपको 2000 से भी ज्यादा रंग बिरंगी तितलियों की प्रजातियां मिल जाएगी। आप यहां किफायती दाम में होटल या रिसोर्ट में भी रुक सकते हैं। यह कॉर्बेट यकीनन प्रकृति के बहुत करीब और शांति प्रिय है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): जिम कार्बेट नेशनल पार्क से नियरेस्ट एयरपोर्ट है पटनागर एयरपोर्ट। जिसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट से आपको लगभग 3000 रुपए से 5000 रुपए तक के बीच में टिकट मिल जाएंगे। आप यहां जाने के लिए ट्रेन मार्ग या फिर सड़क मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं।

17. कंचनजंगा नेशनल पार्क (Kanchenjunga National Park)

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान विश्व के तीसरे सबसे ऊँची पर्वत चोटी (कंचनजंघा) की गोद में स्थित है। कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान सिक्किम का एकमात्र नेशनल पार्क है। यह नेशनल पार्क सिक्किम में उत्तर सिक्किम जिला में स्थित है। यह नेशनल पार्क हिमालय की पर्वतमाला में बसे जानवरों के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1784 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को 26 अगस्त 1977 को नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया था। कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे कस्तूरी मृग, हिमालय तहर, हिम तेंदुआ, रेड पांडा, हिमालयी काला भालू, आदि शामिल है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप कंचनजंगा नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं तो आप NH 31A आ सकते है जो कंचनजंगा नेशनल पार्क का नजदीकी हाईवे है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी (NTSK) है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको बागडोगरा एयरपोर्ट (222 किमी) आना होगा।

18. बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क (Bannerghatta national park)

बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क में आपको कई तरह के फ्लोरा एंड फ़ाउना (Flora and founa) देखने को मिलेंगे। इस नेशनल पार्क में जंगली जानवरों और वनस्पतियों का एक बड़ा संग्रह देखने को मिलता है। बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क 104 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क की स्पेशलिटी (specialty) यह है कि यहां देश का पहला बटरफ्लाई पार्क (butterfly park) देखने को मिलता है। जो ज्यादा से ज्यादा विजिटर्स को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आप रंग बिरंगी तितलियों को देखने के अलावा कई अन्य प्रकार के जीव जंतुओं को भी देख सकते हैं। क्योंकि यह पार्क बहुत हीं बड़ा है, इसलिए यहां जंगल सफारी का भी ऑप्शन मिलता है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। स्टेट हाईवे 87 द्वारा बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क, बैंगलोर से जुड़ा हुआ है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बैंगलोर में है जो 27 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको बैंगलोर के केंपेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आना होगा।

19. कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान (Kanha–Kisli National Park)

कान्हा नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। यह नेशनल पार्क अपने बारहसिंगा (Reindeer) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 940 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1 जून 1955 को नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। इसके पश्चात 1973 में इसे टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया। कान्हा नेशनल पार्क में बारहसिंगा के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बाघ, सारस, भेड़िया, छोटी बत्तख, चिन्कारा, भारतीय पेंगोलिन शामिल है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप कान्हा नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। कान्हा नेशनल पार्क बाय रोड खजुराहो, जबलपुर, नागपुर, मुक्की और रायपुर से डायरेक्ट कनेक्टेड है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जबलपुर में है जो 175 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको जबलपुर एयरपोर्ट (175 किमी) आना होगा जहाँ से आप बस या ऑटो से आ सकते है।

20. अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (Alwar Sariska National Park)

दिल्ली के नजदीक स्थित अलवर सरिस्का सफारी अन्य जंगल सफारियों से काफी अलग है। क्योंकि आप यहां मानसून में भी जंगल सफारी का आनंद उठा सकते हैं। सरिस्का जंगल सफारी दिल्ली से मात्र ढाई घंटे की दूरी पर स्थित है और नेचर को एक्सप्लोर करने के लिए एक बेहतरीन जगह है। सरिस्का जंगल सफारी के पास हीं स्थित है, अलवर फोर्ट और बाला फोर्ट बफर जोन (buffer zone)। आप इन दोनों जगह पर जाकर भी घूम सकते हैं। अलवर के किले पर खड़े होकर आप पूरे सरिस्का नेशनल पार्क को देख सकते हैं। चारों ओर बड़े-बड़े पेड़, घना जंगल और जंगलों में बिना डरे चहल कदमी कर रहे हिरन आपका मन मोह लेंगे। खड़े होकर आसपास के सीनरी को निहारना भी सुकून दायक होता है।

  • कैसे पहुंचे? (how to reach): दिल्ली से अलवर वाया रोड और वाया ट्रेन आसानी से आ सकते हैं। अलवर के लिए आपको नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनें मिल जाएंगी। अगर आप अपनी गाड़ी से अलवर आना चाहते हैं तो यह भी एक अच्छा ऑप्शन है। आप अपनी सुविधा अनुसार अपने यातायात के साधन का चुनाव कर सकते हैं।
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Hello! I Pardeep Kumar

मुख्यतः मैं एक मीडिया शिक्षक हूँ, लेकिन हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की फ़िराक में रहता हूं।

लम्बे सफर पर चलते-चलते बीच राह किसी ढ़ाबे पर कड़क चाय पीने की तलब हमेशा मुझे ज़िंदा बनाये रखती
है।

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