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Mailani‑Bichhia Vistadome Train: 5 Amazing Facts

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अगर आप घूमते‑फिरते कुछ नया और आरामदायक अनुभव करना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश में शुरू हुई Mailani‑Bichhia Vistadome Train आपके लिए बढ़िया ऑप्शन है। अब दुधवा नेशनल पार्क के जंगल देखने के लिए सिर्फ जीप सफारी ही नहीं — आप एसी विस्टाडोम कोच में बैठकर भी प्रकृति का मजा ले सकते हैं। उत्तर पूर्व रेलवे (NER) के लखनऊ मंडल ने पर्यटकों के लिए यह स्पेशल ट्रेन शुरू की है। यह ट्रेन उन लोगों के लिए खास है जो दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर वाइल्डलाइफ सेंचुरी और तराई के इलाकों को आराम से, आरामदायक तरीके से देखना चाहते हैं।  Mailani‑Bichhia Vistadome Train क्या है? Mailani‑Bichhia Vistadome Train कोई सामान्य ट्रेन नहीं है। इसमें एक ऐसा एसी कोच लगाया गया है जिसे खास तौर पर सीनिक रूट के लिए बनाया गया है। इस कोच की सबसे बड़ी पहचान हैं बड़ी‑बड़ी कांच की खिड़कियाँ और शीशे की छत। इससे बाहर का नजारा बिलकुल खुला और साफ दिखता है। ऊपर पेड़ों की डाली हो या खुला आसमान, सब कुछ एकदम नज़रों के सामने रहेगा। ट्रेन में 360 डिग्री घूमने वाली आरामदायक सीटें भी हैं। यात्री अपनी सीट को जिस दिशा में चाहें घुमा कर बाहर का नज़ारा ले सकते हैं। परिवार, बच्चे, फोटोग्राफर और वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए यह ट्रेन जल्दी लोकप्रिय हो रही है। दुधवा के जंगलों के बीच से गुजरती  Mailani‑Bichhia Vistadome Train Mailani‑Bichhia Vistadome Train का रूट लगभग 107 किलोमीटर लंबा है और यह सफर करीब साढ़े चार घंटे लेता है। इस दौरान ट्रेन दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर वाइल्डलाइफ सेंचुरी और कतर्नियाघाट के जंगलों से गुज़रती है। रास्ते में लंबी साल की छायादार पेड़‑पंक्तियाँ, घास के मैदान, दलदली इलाके और घना वन लगातार दिखता है। अगर किस्मत साथ दे तो खिड़की से ही बाघ, हाथी, बारहसिंगा, हिरण और कई रंग‑बिरंगे पक्षी भी नज़र आ सकते हैं। फिर भी यह जानना जरूरी है कि वन्यजीव दिखना मौसम और उनकी गतिविधियों पर निर्भर करता है। कौन‑कौन से स्टेशनों पर रुकती है Mailani‑Bichhia Vistadome Train ? Mailani‑Bichhia Vistadome Train रास्ते में कुछ छोटे स्टेशनों पर रुकती है। इनमें भीरा खेड़ी, पलिया कलां, दुधवा, बेलरायाँ, तिकुनिया और मंझरा पूरब जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन जगहों का इलाका शांत और प्राकृतिक है — शहरों की भीड़‑भाड़ से बिलकुल अलग माहौल मिलता है। सिर्फ शनिवार‑रविवार को चलती है ट्रेन अगर आप इस ट्रेन से सफर करना चाहते हैं तो तारीख पहले से फ़िक्स कर लें क्योंकि यह ट्रेन रोज नहीं चलती। फिलहाल रेलवे ने इसे सिर्फ शनिवार और रविवार के लिए चालू किया है। मैलीनी से बिचिया (Train No. 52260) यह ट्रेन सुबह 6:05 बजे मैलीनी जंक्शन से रवाना होती है और करीब 10:30 बजे बिचिया पहुंचती है। बिचिया से मैलीनी (Train No. 52259) वापसी में ट्रेन सुबह 11:45 बजे बिचिया से चलती है और शाम करीब 4:10 बजे मैलीनी जंक्शन पहुंच जाती है। यदि आप चाहें तो एक ही दिन में आना‑जाना भी संभव है और पूरा सफर कर सकते हैं। किराया कितना है? Mailani‑Bichhia Vistadome Train में फिलहाल एक एसी विस्टाडोम कोच है जिसमें कुल 60 सीटें हैं। मैलीनी से बिचिया तक एक तरफ का किराया सिर्फ ₹270 रखा गया है। इतनी किफायती कीमत पर विस्टाडोम का अनुभव मिलना काफी खास माना जा रहा है। टिकट कैसे बुक करें? इस ट्रेन में सफर करने की योजना हो तो टिकट पहले से बुक कर लें। IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से टिकट ले सकते हैं, या किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर (PRS) से जारी करवा सकते हैं। चूँकि सीटें सिर्फ 60 हैं, इसलिए वीकेंड पर टिकट जल्दी बिक जाती हैं — पहले बुक करना बेहतर रहेगा। किसके लिए सबसे अच्छा है यह सफर? अगर आपको वाइल्डलाइफ पसंद है तो Mailani‑Bichhia Vistadome Train एक अच्छी ट्राय है। यह सफर उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जो पहली बार दुधवा जा रहे हैं। बच्चों वाले परिवार, बुज़ुर्ग, फोटोग्राफर और बर्ड‑वॉचर के लिए यह आरामदायक और थके बिना जंगल देखने का बढ़िया तरीका है। Five Colors of Travel की ओर से कुछ जरूरी सुझाव एक दिन पहले मैलीनी पहुँच जाएँ। ट्रेन सुबह 6:05 बजे निकलती है, इसलिए उसी सुबह पहुंचना मुश्किल हो सकता है। स्टेशन के आसपास Abhi Home Stay जैसे ठहरने के विकल्प मिल जाते हैं। टिकट पहले से बुक करें। विस्टाडोम कोच में मात्र 60 सीटें हैं और वीकेंड में डिमांड ज़्यादा रहती है। कैमरा और दूरबीन साथ रखें। जंगल में कई बार जानवर और पक्षी दूर दिखते हैं—दूरबीन और अच्छा कैमरा काम आएगा। शोर न करें। ट्रेन जंगल के बीच से गुजरती है; तेज आवाज़ और कचरा करने से बचें। जंगल यहाँ के जीवों का घर है—नियमों का सम्मान ज़रूरी है। मोबाइल नेटवर्क कम/ना के बराबर मिल सकता है। सफर के दौरान कई जगह नेटवर्क नहीं आता, इसलिए जरूरी फोन या ऑनलाइन काम पहले ही निपटा लें। अगर आप वीकेंड पर कुछ नया और आरामदायक ट्रैवल एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो यह ट्रेन एक अच्छा विकल्प है। कम किराया, एसी विस्टाडोम कोच, शीशे की छत और दुधवा के जंगलों के बीच से गुजरने वाला रूट—यही सब इसे खास बनाते हैं।

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20 Most Famous National Parks in India

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बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ चुनिंदा नेशनल पार्क्स के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं। 1. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं। यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है। 2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park) पेरियार नेशनल पार्क 350 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक ऐसा नेशनल पार्क है जो हाथियों और बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। पेरियार नेशनल पार्क को दो नदियों का पानी उपलब्ध होता है। जिसमें से पहली नदी का नाम है पेरियार और दूसरी नदी का नाम है पांबा। यह नेशनल पार्क 1934 में नीली कक्कांपेट्टी गेम सेंचुरी के नाम से स्थापित किया गया था। इस नेशनल पार्क का नाम 1950 में बदलकर पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रखा गया। इस पार्क के देखरेख का काम डिपार्मेंट आफ फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ केरल और साथ ही गवर्नमेंट आफ इंडिया द्वारा संभाला जाता है। 3. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। 4. दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 490 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1977 में हुई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान का उद्देश्य बारहसिंघा का संरक्षण करना है। यहां पर बाघ, बारहसिंघा, सुस्त भालू, एक सींग वाले गैंडे और 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। सुहेली नदी और मोहाना नदी इस उद्यान की जीवन रेखा का कार्य करती है। इन नदियों में गंगेटिक डॉल्फिन भी निवास करती है। 5. सुंदरवन नेशनल पार्क (Sundarban National Park) सुंदरवन नेशनल पार्क विश्व के सबसे बड़े डेल्टाई क्षेत्र (सुंदरवन डेल्टा) में स्थित है। यह नेशनल पार्क अपने रॉयल बंगाल टाइगरों (Royal Bengal Tigers) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1330 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिज़र्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1977 में इसे वन्य जीव अभयारण्य घोषित किया गया। तथा बाद में 4 मई 1984 को इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। सुंदरवन नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बर्ड्स (Birds), रेप्टाइल्स (Reptiles) और इनवर्टेब्रेट्स (Invertebrates) शामिल है। इसके अलावा यहाँ साल्ट वाटर (Salt Water) में रहने वाले मगरमच्छ भी पाए जाते है। 6. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park) असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। 7. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park) पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी। यहां पर पीफोल, कोपीजेन्ट, रेड जंगल फोल, रेड वेन्टेड बुलबुल, बेस्ट डबारबेट, क्रीमसन, मेंगपाई राबिन, रॉकेट टेल डोगों, व्हिस्टल टील, लेसर आदि पक्षियों की प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। पेंच नदी इस उद्यान को दो भागों में बाँटती है। पेंच टाइगर रिज़र्व को भारत का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिज़र्व होने का गौरव प्राप्त है। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘द जंगल बुक’ इसी पार्क पर आधारित है। 8. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है। 9. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के रह रहे जंगली जानवर!  वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की यही खासियत लोगों

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15 Best National Parks of India

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बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ चुनिंदा नेशनल पार्क्स के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं। 1. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park) पेरियार नेशनल पार्क 350 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक ऐसा नेशनल पार्क है जो हाथियों और बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। पेरियार नेशनल पार्क को दो नदियों का पानी उपलब्ध होता है। जिसमें से पहली नदी का नाम है पेरियार और दूसरी नदी का नाम है पांबा। यह नेशनल पार्क 1934 में नीली कक्कांपेट्टी गेम सेंचुरी के नाम से स्थापित किया गया था। इस नेशनल पार्क का नाम 1950 में बदलकर पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रखा गया। इस पार्क के देखरेख का काम डिपार्मेंट आफ फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ केरल और साथ ही गवर्नमेंट आफ इंडिया द्वारा संभाला जाता है। 2. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं। यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है। 3. दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 490 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1977 में हुई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान का उद्देश्य बारहसिंघा का संरक्षण करना है। यहां पर बाघ, बारहसिंघा, सुस्त भालू, एक सींग वाले गैंडे और 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। सुहेली नदी और मोहाना नदी इस उद्यान की जीवन रेखा का कार्य करती है। इन नदियों में गंगेटिक डॉल्फिन भी निवास करती है। 4. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। 5. सुंदरवन नेशनल पार्क (Sundarban National Park) सुंदरवन नेशनल पार्क विश्व के सबसे बड़े डेल्टाई क्षेत्र (सुंदरवन डेल्टा) में स्थित है। यह नेशनल पार्क अपने रॉयल बंगाल टाइगरों (Royal Bengal Tigers) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1330 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।सर्वप्रथम सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिज़र्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1977 में इसे वन्य जीव अभयारण्य घोषित किया गया। तथा बाद में 4 मई 1984 को इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। सुंदरवन नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बर्ड्स (Birds), रेप्टाइल्स (Reptiles) और इनवर्टेब्रेट्स (Invertebrates) शामिल है। इसके अलावा यहाँ साल्ट वाटर (Salt Water) में रहने वाले मगरमच्छ भी पाए जाते है। 6. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park) असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। 7. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park) पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी। यहां पर पीफोल, कोपीजेन्ट, रेड जंगल फोल, रेड वेन्टेड बुलबुल, बेस्ट डबारबेट, क्रीमसन, मेंगपाई राबिन, रॉकेट टेल डोगों, व्हिस्टल टील, लेसर आदि पक्षियों की प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। पेंच नदी इस उद्यान को दो भागों में बाँटती है। पेंच टाइगर रिज़र्व को भारत का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिज़र्व होने का गौरव प्राप्त है। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘द जंगल बुक’ इसी पार्क पर आधारित है। 8. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है। 9. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park) ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (GHNP) पर्यटकों की मनपसंद जगहों में से एक हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह नेशनल