कोहरे में ट्रैवल करने वाले सावधान- अगर आप इस कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच रेल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी चेतावनी है। उत्तर भारत में घने कोहरे और शीतलहर के ‘डबल अटैक’ ने रेल यातायात की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि, देश की सबसे भरोसेमंद और तेज़ रफ्तार मानी जाने वाली राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी अब समय की पाबंद नहीं रह गई हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें 9 से 10 घंटे की भारी देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें चरम पर हैं।

कोहरे में ट्रैवल करने वाले सावधान-कोहरे में प्रीमियम ट्रेनों की भी थमी रफ्तार
रेलवे के दावों और अत्याधुनिक तकनीक के बावजूद, कुदरत के कहर के आगे इंजन की रफ्तार बेबस नजर आ रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 7:30 घंटे की देरी से चल रही है। वहीं, नई दिल्ली से भुवनेश्वर जाने वाली राजधानी और नई दिल्ली-सियालदह राजधानी एक्सप्रेस ने तो देरी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
ये ट्रेनें 9 से 10 घंटे तक लेट हैं। बीकानेर-सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस भी 7:30 घंटे की देरी से चल रही है। सिर्फ प्रीमियम ही नहीं, बल्कि आम यात्रियों की लाइफलाइन कही जाने वाली मगध एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों का हाल भी बेहद खराब है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से लोको पायलट्स को सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनें बेहद धीमी गति से चलानी पड़ रही हैं।

यात्रियों की आपबीती: बिगड़ गया पूरा शेड्यूल
ट्रेनों की इस लेति-लतीफी ने यात्रियों के पूरे सफर के गणित को बिगाड़ कर रख दिया है। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के यात्री ‘जीवन’ ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनकी ट्रेन 8 घंटे लेट है। उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि उन्हें दिल्ली पहुंचकर आगे की कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी थी, जो अब छूटती नजर आ रही है। इसी तरह तापस चक्रवर्ती ने बताया कि ट्रेन शुरुआती स्टेशन भुवनेश्वर से ही 5 घंटे की देरी से चली थी, जो रास्ते में बढ़ते-बढ़ते अब 8 घंटे पार कर चुकी है।
सियालदह राजधानी के यात्री समीर बनर्जी ने बताया कि, वह अपने गंतव्य पर अब तक पहुंच चुके होते, लेकिन ट्रेन के 10 घंटे लेट होने से वह रास्ते में ही फंसे हुए हैं। यात्री मनु ने बताया कि नई दिल्ली से ही ट्रेन ढाई घंटे देरी से खुली थी, जिसने सफर के दौरान 9 घंटे का विलंब कर दिया। इसलिए अगर आप ट्रैवल करने वाले हैं को मौसम को देखते हुए सावधानी से करें।
स्टेशन पर ‘कोल्ड टॉर्चर’ और आर्थिक मार
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए यह किसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से कम नहीं है। प्लेटफॉर्म पर कड़कड़ाती ठंड में रात गुजारना यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यात्री सौम्या ने बताया कि उनकी ट्रेन रात 1:30 बजे की थी, जो सुबह 9:30 बजे के बाद आने की संभावना है। ट्रेन लेट होने का असर यात्रियों की जेब पर भी पड़ रहा है।
कई यात्रियों ने बताया कि सफर में देरी के कारण उन्हें अपने अगले पड़ाव पर होटल की बुकिंग बढ़ानी पड़ी है या फिर नए सिरे से रिजर्वेशन कराना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इस कोहरे में यात्रियों के लिए सलाह
अगर आप आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस (Live Train Status) जरूर चेक करें। रेलवे की नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप या 139 नंबर पर कॉल करके अपनी ट्रेन की स्थिति जान लें। साथ ही, सर्दी से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े और खाने-पीने का जरूरी सामान साथ रखें, क्योंकि ट्रेनों की भारी देरी के कारण रास्ते में खान-पान की समस्या भी हो सकती है।
कोहरे का यह सीजन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सफर में पर्याप्त बफर टाइम लेकर चलें, ताकि कनेक्टिंग फ्लाइट या ट्रेन छूटने की स्थिति से बचा जा सके।