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Kolkata: यहां के बाजार, खाना, खूबसूरती और आस-पास के आकर्षण आपका दिल जीत लेंगे!

Kolkata: का इतिहास

Kolkata

घूमने के लिए प्रसिद्ध स्थान

कोलकाता में घूमने के लिए इतने अनोखे स्थान हैं कि यात्रियों को यहां कई दिन बिताने पड़ते हैं। हुगली नदी के तट पर बना हावड़ा पुल इस शहर की पहचान है और इसकी इंजीनियरिंग दुनिया भर में मिसाल मानी जाती है। विक्टोरिया मेमोरियल सफेद संगमरमर से बना ब्रिटिश काल का स्मारक है, जिसके हरे-भरे बगीचे और संग्रहालय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर और कालीघाट मंदिर धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जहां हजारों भक्त रोज़ दर्शन करने आते हैं। भारतीय संग्रहालय भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा संग्रहालय है, जिसमें जीवाश्म, प्राचीन मूर्तियां, ममी और ऐतिहासिक धरोहरों का विशाल संग्रह है। विज्ञान नगरी, बिरला तारामंडल, नीको पार्क बच्चों के लिए बेहतरीन जगहें हैं। साहित्य और बुद्धिजीवियों के लिए कॉलेज स्ट्रीट और कॉफी हाउस तीर्थस्थल समान हैं। मार्बल पैलेस, मदर हाउस, सेंट पॉल कैथेड्रल, इको पार्क, अलीपुर पशु उद्यान भी शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। हर दिशा में कला, इतिहास और आधुनिकता की झलक देखने को मिलती है।(यही वजह है कि कोलकाता को City of Joy तथा Cultural Capital of India कहा जाता है।)

कोलकाता के मशहूर बाजार

शॉपिंग के शौकीनों के लिए कोलकाता किसी रोमांचक स्थान से कम नहीं। न्यू मार्केट यानी सरोजिनी नायडू मार्केट शहर का सबसे पुराना और सबसे व्यस्त बाज़ार है, जहां कपड़े, साड़ियाँ, चमड़े के बैग, गहने और खाने-पीने की चीज़ें बेहतरीन दामों पर मिलती हैं। गरियाहाट मार्केट और हाटीबागान मार्केट बंगाली रेशम, कांथा-वर्क और पारंपरिक तांत तथा बलूचरी साड़ियों के लिए खास पहचान रखते हैं। कॉलेज स्ट्रीट किताब बाज़ार दुनिया का सबसे बड़ा सेकेंड-हैंड किताब बाज़ार है, जहां हर विषय की किताबें मिलती हैं। बड़ा बाज़ार थोक खरीदारी का दिल माना जाता है और यहां से होलसेल कपड़ों से लेकर सूखे मेवे तक, हर चीज़ मिल जाती है। कला प्रेमियों के लिए कुम्हारटुली एक ऐसी जगह है, जहां कारीगर अपने हाथों से देवी-देवताओं की अद्भुत मूर्तिययां बनाते हैं, विशेषकर दुर्गा पूजा के समय यहां का माहौल देखने लायक होता है

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कोलकाता का प्रसिद्ध फूड

कोलकाता का भोजन सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाओं का सुंदर सा मेल है। यहां की मिष्ठी, रसगुल्ला, संदेश, नोलान गुर दुनिया भर में मशहूर हैं। स्ट्रीट फूड में कोलकाता काठी रोल, घुगनी चाट, फुचका जोकि पानी पूरी का ही एक रूप है, झालमूड़ी, फिश फ्राई, कोचुरी, आलूर दम हर किसी को दीवाना बना देते हैं। बंगाली फिश करी, इलिश, चिंगड़ी मलाई करी, भेटकी पातुरी, सरसों माछ समुद्री खाने के शौकीनों के लिए खास अनुभव है। वेज पसंद करने वालों के लिए बंगाली थाली, लाबड़ा और शुक्तो बेहतरीन विकल्प हैं। यहां की चाय का अलग ही अंदाज़ है मिट्टी के कुल्हड़ में सुगंधित चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है। यदि आप मिठाइयों के दीवाने हैं, तो के.सी. दास, बाला राम मुल्लिक और राधा रमण मुल्लिक, भिखारम चांदमल, और मिठाई ज़रूर जाएं।

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कैसे जाएं और कहां रुकें

कोलकाता भारत के हर बड़े शहर से रेल, हवाई और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर का मुख्य एयरपोर्ट है। हावड़ा जंक्शन और सीलदह दो प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहां से देशभर की ट्रेनें मिलती हैं। शहर का स्थानीय परिवहन बेहद सुविधाजनक है। मेट्रो रेल, ट्राम, पीली टैक्सी, ओला, ऊबर, स्थानीय बस और फेरी सभी यहां उपलब्ध हैं। रहने के लिए हर बजट के विकल्प मिलते हैं। पार्क स्ट्रीट, एस्प्लेनेड, न्यू टाउन, सॉल्ट लेक और हावड़ा में अच्छे होटल, अतिथि गृह और होम-स्टे मिल जाएंगे। लग्ज़री रहने के लिए द ओबेरॉय ग्रैंड, ताज बंगाल, आईटीसी रॉयल बंगाल शानदार विकल्प हैं; जबकि कम बजट वाले यात्रियों के लिए जॉस्टल, बैकपैकर होस्टल और ओयो भी आसानी से मिल जाते हैं।

कोलकाता की खूबसूरती

कोलकाता की खूबसूरती सिर्फ इमारतों या रोशनी में नहीं बल्कि इसकी नजारों में बसती है। यहां के लोग बेहद सरल, भावनात्मक और बातचीत पसंद करने वाले होते हैं। बारिश की फुहारों में ट्राम की धीमी चाल, हुगली नदी किनारे नौका विहार, शाम की चाय और पार्क स्ट्रीट की चमक एक शानदार अनुभव बयां करते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सजावट, पंडाल कला, रोशनी और पारंपरिक ढाक की आवाज़ दिल को रोमांचित कर देती है। शहर की रातें शांत, सुरक्षित और मोहक होती हैं। पुरानी हवेलियों, पुराने बाज़ारों, पुराने ट्राम लाइनों की nostalgia यहां की पहचान है। यह शहर पुराना भी है और आधुनिक भी। 

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कोलकाता का कल्चर

कोलकाता का सांस्कृतिक जीवन अपने आप में अनोखा है। यहां थिएटर, संगीत, कविता, नृत्य और कला को पूजा की तरह माना जाता है। Rabindra Sangeet, Nazrul Geeti, Baul Music, बंगाली थिएटर, लोक कला और फिल्में यहां की सांस्कृतिक धड़कन हैं। इस शहर ने सत्यजित राय, ऋत्विक घटक, उत्तम कुमार, किशोर कुमार और रबीन्द्रनाथ टैगोर जैसी महान हस्तियां दी हैं। बुक फेयर, फिल्म फेस्टिवल, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा, पोइसाखी जो कि बंगाली नववर्ष है। जैसे आयोजन शहर को उत्सवमय बना देते हैं। हर व्यक्ति में कला और संवाद की भूख है। लोग बहसें करते हैं, विचारों का आदान-प्रदान करते हैं, किताबें पढ़ते हैं और नई सोच और समझ को जन्म देते हैं। यही वजह है कि कोलकाता सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव है। कोलकाता ऐसा शहर है जिसे आप सिर्फ आंखों से नहीं, दिल से महसूस करते हैं। यहां की खुशबू, यहां की चाय की चुस्कियां, यहां का संगीत और लोगों की गर्मजोशी इसे भारत के सबसे चालू शहरों में से एक बनाती है। अगर आप इतिहास, भोजन, संस्कृति और सौंदर्य सब एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो कोलकाता जरूर जाएं। यक़ीनन यह शहर आपको हमेशा याद रहेगा।

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वैसे एक बात और है! आपने कई जगह देखी होंगी! लेकिन जब भी आप यहां आएंगे तो एक अलग ही अनुभव महसूस करेंगे। कहा जाता है शहर अपनी और खींचता है तो यह शहर बिल्कुल वैसा ही है। आप एक बार यहां जाएंगे तो लौटने का मन नहीं होगा। यहां के नजारे आपके दिल में बस जाएंगे। यहां का खाना, यहां का कल्चर, यहां की घूमने योग्य जगहों की खूबसूरती किसी को भी अपना मुरीद बना सकती हैं। इतिहास की कई परतें यहां मौजूद हैं, प्राचीन इतिहास से लेकर ब्रिटिश दौर और इस मिट्टी पर हुए कई सामाजिक सुधार यहां आप देख सकते हैं, महसूस कर सकते हैं। यही इतिहास इस शहर की अकूत संपदा है। इस संपदा को संभालना और इसकी रक्षा करना आपका कर्तव्य है।  

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Five Colors of Travel की तरफ़ से 5 यात्रा सुझाव

  1. हमेशा पानी साथ रखें, खासकर ऐसी जगहों पर जहां दुकानों की सुविधा कम मिलती है। यात्रा के दौरान हाइड्रेटेड रहना बहुत ज़रूरी है।
  2. पावर बैंक और चार्जर साथ रखें, क्योंकि कभी भी फोन की बैटरी खत्म हो सकती है और नेविगेशन व सुरक्षा के लिए फोन जरूरी है।
  3. इतिहास और प्रकृति को महसूस करने की आदत डालें, भागदौड़ और जल्दीबाज़ी से यात्रा का असली आनंद खो जाता है। हर जगह को दिल और वक्त दोनों दें।
  4. मंदिर या ऐतिहासिक स्थलों में प्रवेश से पहले जूते, चप्पल बाहर रखें, यह हमारी संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है।
  5. अकेले यात्रा कर रहे हों तो अनजान लोगों के बहकावे में न आएं। सुरक्षित रहना सबसे ज़रूरी है। सोशल मीडिया पर लोकेशन तुरंत साझा न करें और सोच-समझकर निर्णय लें।

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Hello! I Pardeep Kumar

मुख्यतः मैं एक मीडिया शिक्षक हूँ, लेकिन हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने की फ़िराक में रहता हूं।

लम्बे सफर पर चलते-चलते बीच राह किसी ढ़ाबे पर कड़क चाय पीने की तलब हमेशा मुझे ज़िंदा बनाये रखती
है।

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