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भारत का Cultural Capital कौन सा City है? जानिए Kolkata की खासियत

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अगर कोई आपसे पूछे कि India का Capital कौन सा City है? तो आपके दिमाग में सबसे पहला नाम क्या आएगा? दिल्ली अपनी History के लिए मशहूर है, Mumbai Entertainment की दुनिया का King माना जाता है और Bengaluru Technology Hub के नाम से जाना जाता है। लेकिन जब बात आती है Art, Literature, Music, Festivals और Heritage की, तो एक City बाकी सब पर भारी पड़ता है—Kolkata। क्या आपने कभी ऐसी जगह देखी है जहाँ सुबह की शुरुआत गरमा-गरम चाय और अख़बार से होती हो, दोपहर में पुराने Book Market की रौनक देखने को मिले और शाम ढलते ही Music, Theatre और Street Food का अलग ही माहौल बन जाए? अगर नहीं, तो Kolkata आपको हैरान करने के लिए तैयार है। यह सिर्फ एक City नहीं, बल्कि एक एहसास है। यहाँ की गलियाँ, पुरानी इमारतें, Tram, Coffee House, Festivals और लोगों का अपनापन इस जगह को बाकी Cities से बिल्कुल अलग बनाते हैं। अगर आप भी Travel के दौरान सिर्फ Photos नहीं, बल्कि किसी जगह की असली पहचान और Culture को महसूस करना चाहते हैं, तो Kolkata आपकी Bucket List में ज़रूर होना चाहिए। तो चलिए, जानते हैं आखिर क्यों Kolkata को India का Cultural Capital कहा जाता है। 1. Kolkata आखिर इतना खास क्यों है? Kolkata, West Bengal की राजधानी है और India के सबसे पुराने बड़े Cities में से एक माना जाता है। British Rule के दौरान यह लंबे समय तक भारत की राजधानी भी रहा था। इसी वजह से यहाँ आपको History, Heritage और Modern Life का एक शानदार मेल देखने को मिलता है। लेकिन Kolkata की असली पहचान इसकी Buildings से नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों और उनकी Lifestyle से बनती है। यहाँ लोग Art, Books, Music और Festivals को सिर्फ पसंद नहीं करते, बल्कि अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा मानते हैं। यही वजह है कि Kolkata को Cultural Capital of India कहा जाता है। सोचिए, अगर किसी City की पहचान उसकी Shopping नहीं बल्कि उसकी किताबें और Culture हों, तो वह जगह कितनी अलग होगी! 2. History की खुशबू आज भी ज़िंदा है Kolkata की हर गली आपको किसी न किसी कहानी से मिलवा देती है। British समय में बने पुराने Buildings, चौड़ी सड़कें और Colonial Architecture आज भी इस City की पहचान हैं। कई Heritage Buildings सौ साल से भी ज़्यादा पुरानी हैं, लेकिन आज भी शानदार हालत में खड़ी हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि Modern Malls और Metro Stations के बीच भी आपको History का एहसास हर कदम पर होता है। यही Balance Kolkata को बाकी Metro Cities से अलग बनाता है। अगर आपको पुराने शहरों का माहौल पसंद है, तो यकीन मानिए, Kolkata आपको पहली नज़र में पसंद आ जाएगा। 3. Books से प्यार करने वालों की Favourite Destination अगर आप Book Lover हैं, तो Kolkata आपके लिए किसी Dream City से कम नहीं। यहाँ का College Street दुनिया के सबसे बड़े Second-Hand Book Markets में गिना जाता है। यहाँ आपको School Books से लेकर Rare Novels और Competitive Exam Books तक सब कुछ मिल जाएगा। कई लोग तो सिर्फ इस Market को देखने के लिए Kolkata आते हैं। हर साल यहाँ International Book Fair भी आयोजित किया जाता है, जहाँ लाखों Readers और Writers एक साथ जुटते हैं। 4. Coffee House और Adda Culture का अलग ही मज़ा Kolkata की सबसे यूनिक चीज़ों में से एक है इसका Adda Culture। अगर आपने पहली बार यह शब्द सुना है, तो आसान भाषा में समझिए—दोस्तों या परिवार के साथ बिना किसी जल्दी के घंटों बैठकर बातें करना। यहाँ लोग सिर्फ Coffee पीने नहीं जाते। Politics, Movies, Cricket, Literature, Music और Life पर लंबी बातचीत करना यहाँ की Culture का हिस्सा है। इसी वजह से Kolkata के पुराने Coffee Houses आज भी लोगों से भरे रहते हैं। अगर आपको भी Slow Travel पसंद है, तो Kolkata का यह अंदाज़ आपको ज़रूर पसंद आएगा। 5. Festivals आते ही बदल जाता है पूरा City अगर किसी ने Kolkata की असली रौनक देखनी है, तो उसे Durga Puja के समय यहाँ आना चाहिए। पूरे City में सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों Pandals बनाए जाते हैं। हर Pandal का Design अलग होता है। सड़कों पर Lights, Music, Decorations और लोगों की भीड़ देखकर ऐसा लगता है जैसे पूरा City किसी बड़े Celebration का हिस्सा बन गया हो। Local Food Stalls, Cultural Performances और Late Night Walks इस Festival को और भी यादगार बना देते हैं। कई लोग सिर्फ Durga Puja देखने के लिए हर साल Kolkata की Trip प्लान करते हैं। अगर आपको मौका मिले, तो क्या आप Durga Puja के दौरान Kolkata जाना पसंद करेंगे? 6. Music और Art हर गली में महसूस होती है Kolkata में Music सिर्फ Stage तक सीमित नहीं है। यहाँ Classical Music, Rabindra Sangeet, Folk Music और Modern Bands—सबका अपना अलग Fan Base है। कई Parks, Auditoriums और Cultural Centres में पूरे साल Music Programs होते रहते हैं। अगर Art की बात करें, तो Local Artists की Paintings, Street Murals और छोटी-बड़ी Art Galleries इस City को और भी दिलकश बना देती हैं। ऐसा कम ही होता है कि आप Kolkata की किसी सड़क से गुज़रें और आपको कहीं न कहीं Creativity की झलक न मिले। Five कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ से कुछ सुझाव 1. Durga Puja के दौरान जाएँअगर Kolkata का सबसे शानदार रूप देखना चाहते हैं, तो Durga Puja के समय Trip Plan करें। पूरा City रोशनी, Music और Celebration से भर जाता है। 2. Local Food ज़रूर Try करेंPuchka, Kathi Roll, Jhal Muri, Fish Curry और Bengali Sweets का स्वाद लिए बिना Kolkata की Trip अधूरी मानी जाती है। 3. Tram Ride मिस मत कीजिएआज के समय में Heritage Tram का Experience बहुत कम जगह मिलता है। Kolkata आएँ, तो इसे अपनी List में ज़रूर रखें। 4. Comfortable Shoes पहनेंइस City को पैदल घूमने का मज़ा ही अलग है। Heritage Areas और Markets में काफी Walking करनी पड़ सकती है। 5. Local Culture का सम्मान करेंकिसी भी Festival या Religious Place पर जाते समय Local Rules का ध्यान रखें। कुछ Cities सिर्फ घूमने के लिए होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो

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Kolkata: यहां के बाजार, खाना, खूबसूरती और आस-पास के आकर्षण आपका दिल जीत लेंगे!

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Kolkata: का इतिहास कोलकाता, जिसे पहले कलकत्ता कहा जाता था, भारत का एक ऐसा शहर है जिसकी सांस्कृतिक जड़ें बेहद गहरी और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध हैं। 1690 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के जॉब चैर्नॉक ने इस क्षेत्र में व्यापारिक केंद्र स्थापित किया और धीरे-धीरे तीन छोटे गांव सुतानुटी, कालिकाता और गोविंदपुर मिलकर कलकत्ता शहर का रूप लेने लगे। 1772 से 1911 तक यह ब्रिटिश भारत की राजधानी रहा और यहीं से आधुनिक भारतीय राजनीति, शिक्षा, साहित्य और समाज सुधार की शुरुआत होती है। राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस जैसे महानायक यहीं से निकले जिन्होंने भारत के विचार और संघर्ष की धार को तेज बनाया। यहां बंगाल पुनर्जागरण Bengal Renaissance ने भारतीय समाज को नई दिशा दी और साहित्य, कला तथा पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लम्बे समय तक यह शहर भारत का बौद्धिक केंद्र माना जाता रहा और आज भी किताबों, थिएटर, वाद-विवाद और सिनेमा का गढ़ माना जाता रहा है। यही वजह है कि कोलकाता को City of Joy तथा Cultural Capital of India कहा जाता है। घूमने के लिए प्रसिद्ध स्थान कोलकाता में घूमने के लिए इतने अनोखे स्थान हैं कि यात्रियों को यहां कई दिन बिताने पड़ते हैं। हुगली नदी के तट पर बना हावड़ा पुल इस शहर की पहचान है और इसकी इंजीनियरिंग दुनिया भर में मिसाल मानी जाती है। विक्टोरिया मेमोरियल सफेद संगमरमर से बना ब्रिटिश काल का स्मारक है, जिसके हरे-भरे बगीचे और संग्रहालय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर और कालीघाट मंदिर धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जहां हजारों भक्त रोज़ दर्शन करने आते हैं। भारतीय संग्रहालय भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा संग्रहालय है, जिसमें जीवाश्म, प्राचीन मूर्तियां, ममी और ऐतिहासिक धरोहरों का विशाल संग्रह है। विज्ञान नगरी, बिरला तारामंडल, नीको पार्क बच्चों के लिए बेहतरीन जगहें हैं। साहित्य और बुद्धिजीवियों के लिए कॉलेज स्ट्रीट और कॉफी हाउस तीर्थस्थल समान हैं। मार्बल पैलेस, मदर हाउस, सेंट पॉल कैथेड्रल, इको पार्क, अलीपुर पशु उद्यान भी शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। हर दिशा में कला, इतिहास और आधुनिकता की झलक देखने को मिलती है।(यही वजह है कि कोलकाता को City of Joy तथा Cultural Capital of India कहा जाता है।) कोलकाता के मशहूर बाजार शॉपिंग के शौकीनों के लिए कोलकाता किसी रोमांचक स्थान से कम नहीं। न्यू मार्केट यानी सरोजिनी नायडू मार्केट शहर का सबसे पुराना और सबसे व्यस्त बाज़ार है, जहां कपड़े, साड़ियाँ, चमड़े के बैग, गहने और खाने-पीने की चीज़ें बेहतरीन दामों पर मिलती हैं। गरियाहाट मार्केट और हाटीबागान मार्केट बंगाली रेशम, कांथा-वर्क और पारंपरिक तांत तथा बलूचरी साड़ियों के लिए खास पहचान रखते हैं। कॉलेज स्ट्रीट किताब बाज़ार दुनिया का सबसे बड़ा सेकेंड-हैंड किताब बाज़ार है, जहां हर विषय की किताबें मिलती हैं। बड़ा बाज़ार थोक खरीदारी का दिल माना जाता है और यहां से होलसेल कपड़ों से लेकर सूखे मेवे तक, हर चीज़ मिल जाती है। कला प्रेमियों के लिए कुम्हारटुली एक ऐसी जगह है, जहां कारीगर अपने हाथों से देवी-देवताओं की अद्भुत मूर्तिययां बनाते हैं, विशेषकर दुर्गा पूजा के समय यहां का माहौल देखने लायक होता है। कोलकाता का प्रसिद्ध फूड कोलकाता का भोजन सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाओं का सुंदर सा मेल है। यहां की मिष्ठी, रसगुल्ला, संदेश, नोलान गुर दुनिया भर में मशहूर हैं। स्ट्रीट फूड में कोलकाता काठी रोल, घुगनी चाट, फुचका जोकि पानी पूरी का ही एक रूप है, झालमूड़ी, फिश फ्राई, कोचुरी, आलूर दम हर किसी को दीवाना बना देते हैं। बंगाली फिश करी, इलिश, चिंगड़ी मलाई करी, भेटकी पातुरी, सरसों माछ समुद्री खाने के शौकीनों के लिए खास अनुभव है। वेज पसंद करने वालों के लिए बंगाली थाली, लाबड़ा और शुक्तो बेहतरीन विकल्प हैं। यहां की चाय का अलग ही अंदाज़ है मिट्टी के कुल्हड़ में सुगंधित चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है। यदि आप मिठाइयों के दीवाने हैं, तो के.सी. दास, बाला राम मुल्लिक और राधा रमण मुल्लिक, भिखारम चांदमल, और मिठाई ज़रूर जाएं। कैसे जाएं और कहां रुकें कोलकाता भारत के हर बड़े शहर से रेल, हवाई और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर का मुख्य एयरपोर्ट है। हावड़ा जंक्शन और सीलदह दो प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहां से देशभर की ट्रेनें मिलती हैं। शहर का स्थानीय परिवहन बेहद सुविधाजनक है। मेट्रो रेल, ट्राम, पीली टैक्सी, ओला, ऊबर, स्थानीय बस और फेरी सभी यहां उपलब्ध हैं। रहने के लिए हर बजट के विकल्प मिलते हैं। पार्क स्ट्रीट, एस्प्लेनेड, न्यू टाउन, सॉल्ट लेक और हावड़ा में अच्छे होटल, अतिथि गृह और होम-स्टे मिल जाएंगे। लग्ज़री रहने के लिए द ओबेरॉय ग्रैंड, ताज बंगाल, आईटीसी रॉयल बंगाल शानदार विकल्प हैं; जबकि कम बजट वाले यात्रियों के लिए जॉस्टल, बैकपैकर होस्टल और ओयो भी आसानी से मिल जाते हैं। कोलकाता की खूबसूरती कोलकाता की खूबसूरती सिर्फ इमारतों या रोशनी में नहीं बल्कि इसकी नजारों में बसती है। यहां के लोग बेहद सरल, भावनात्मक और बातचीत पसंद करने वाले होते हैं। बारिश की फुहारों में ट्राम की धीमी चाल, हुगली नदी किनारे नौका विहार, शाम की चाय और पार्क स्ट्रीट की चमक एक शानदार अनुभव बयां करते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सजावट, पंडाल कला, रोशनी और पारंपरिक ढाक की आवाज़ दिल को रोमांचित कर देती है। शहर की रातें शांत, सुरक्षित और मोहक होती हैं। पुरानी हवेलियों, पुराने बाज़ारों, पुराने ट्राम लाइनों की nostalgia यहां की पहचान है। यह शहर पुराना भी है और आधुनिक भी।  कोलकाता का कल्चर कोलकाता का सांस्कृतिक जीवन अपने आप में अनोखा है। यहां थिएटर, संगीत, कविता, नृत्य और कला को पूजा की तरह माना जाता है। Rabindra Sangeet, Nazrul Geeti, Baul Music, बंगाली थिएटर, लोक कला और फिल्में यहां की सांस्कृतिक धड़कन हैं। इस शहर ने सत्यजित राय, ऋत्विक घटक, उत्तम कुमार, किशोर कुमार और रबीन्द्रनाथ टैगोर जैसी महान हस्तियां दी हैं। बुक फेयर, फिल्म फेस्टिवल, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा, पोइसाखी जो कि बंगाली नववर्ष है। जैसे आयोजन शहर को उत्सवमय बना देते हैं। हर व्यक्ति में कला और संवाद की भूख है। लोग बहसें करते हैं, विचारों का आदान-प्रदान करते हैं, किताबें पढ़ते हैं और नई सोच और समझ को जन्म देते हैं। यही वजह है कि कोलकाता सिर्फ एक शहर

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Durga Puja: जानिए क्यों खास है कोलकाता की दुर्गा पूजा?

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जब भी दुर्गा पूजा का जिक्र होता है, हमारे जहन में पश्चिम बंगाल और कोलकाता का नाम जरूर आता है। सबसे प्रमुख पर्व होने के नाते पश्चिम बंगाल का दशहरा पूरे दुनिया में मशहूर है। दूर-दूर से लोग दुर्गा पूजा के समय यहां घूमने आते हैं। अगर पश्चिम बंगाल की संस्कृति को एक्सप्लोर करना हो तो इसके लिए सबसे बेस्ट तरीका होता है दुर्गा पूजा के समय कोलकाता जाना। कहते हैं हर एक चीज की प्रसिद्धि के पीछे का कोई ना कोई कारण जरूर होता है और कोलकाता के दुर्गा पूजा की प्रसिद्धि का कारण हैं वहां लगने वाले खूबसूरत और भव्य पंडाल। जिनकी खूबसूरती देखते हीं बनती है।(Durga Puja) अगर आप भी दशहरे के समय कहीं घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कोलकाता से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। यहां की रंग बिरंगी लाइटों से सजी हुई सड़कें और बड़े-बड़े भव्य पंडाल देखकर आप यहाँ की चकाचौंध में खो कर रह जाएंगे। दुर्गा पूजा कार्निवल (Durga Puja Immersion Carnival) कोलकाता में हर वर्ष दुर्गा पूजा के समय कार्निवल फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इस कार्निवल फेस्टिवल की शुरुआत 2016 में की गई थी। कोरोना के समय वर्ष 2020 और 2021 में इस कार्निवल का आयोजन नहीं किया गया, लेकिन 2022 से फिर से इसका आयोजन शुरू कर दिया गया। यह कार्निवल पर्यटकों में दुर्गा पूजा के रोमांच को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। क्यों है खास कोलकाता का दशहरा? (What’s special about Durga puja of Kolkata?) फिजाओं में घुल जाती है स्पिरिचुअलिटी (Spirituality is in the air) अगर कोलकाता के दुर्गा पूजा की थीम से हटकर बात की जाए तो यहां के फिजाओं में फैली धूप की सुगंध, ढाक की लयबद्ध थाप और बंगाली रीति रिवाज से किए जा रहे सारे अनुष्ठानों को देखकर आपके अंदर अपने आप स्पिरिचुअलिटी को लेकर विश्वास और बढ़ता जाएगा। आप भी यहीं के रंग में रंग कर पूरी श्रद्धा से देवी मां की आराधना में लीन हो जाएंगे। कोलकाता आने का सबसे सही समय (Best time to visit Kolkata) कोलकाता आने की अगर प्लानिंग कर रहे हैं तो कोलकाता आने के लिए सबसे सही समय दुर्गा पूजा का ही होता है। क्योंकि इस समय आप दुर्गा पूजा को तो एक्सप्लोर कर हीं सकते हैं साथ हीं आप कोलकाता के लोकल विजिटिंग प्लेसेस को भी कवर कर सकते हैं। कैसे पहुंचे कोलकाता? (How to visit Kolkata? ) कोलकाता देश के बाकी राज्यों और सभी प्रमुख शहरों से काफी अच्छे तरीके से रेल मार्ग द्वारा कनेक्टेड है। अगर आप कोलकाता आना चाह रहे हैं तो आप रेल मार्ग का उपयोग करके यहां आ सकते हैं। इसके अलावा आप हवाई मार्ग और सड़क मार्ग का उपयोग करके भी कोलकाता पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से कोलकाता पहुंचने के लिए आपको कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की फ्लाइट लेनी होगी।

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These are 12 Best Visiting places of Kolkata

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कोलकाता- भारत का एक ऐसा शहर, जिसे अंग्रेजी शासन काल में भारत की राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त हुआ था। यह शहर आज के समय में भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। हुगली नदी के तट पर बसा हुआ यह शहर भारत के इतिहास में बहुत हीं महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस शहर की जनता ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। स्वतंत्रता संग्राम के समय प्रकाशित होने वाली कई पत्र पत्रिकाएं भी इसे प्रकाशित होती थीं। आज के समय में भी यह शहर भारत के सबसे महत्वपूर्ण शहरों की सूची में शामिल है।ब्रिटिश शासनकाल की राजधानी होने के कारण इस शहर में कई सारी औपनिवेशिक इमारतें भी हैं। जो इस शहर के गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। इस ब्लॉग में हम आपको उन्हीं बेहतरीन ऐतिहासिक इमारतों और कुछ ऐसे विजिटिंग प्लेसेस के बारे में बताने वाले हैं जो इस शहर की शान और शौकत में चार चांद लगाने का काम करते हैं। 1. हावड़ा ब्रिज (Howrah Bridge) :जब भी कोलकाता शहर के नाम का जिक्र होता है, सबसे पहले जो ख्याल हमारे दिमाग में आता है वह इस स्थान का होता है। ब्रिटिश काल में हुगली नदी पर बनाया गया यह ब्रिज कोलकाता के गेटवे (Gateway of Kolkata) के जैसा है। इस पुल का निर्माण 1940 में हुआ था और 1965 में रविंद्र नाथ टैगोर (Rabindra nath tagore) के सम्मान में इसका नाम रवींद्र सेतु (Ravinjdra setu) कर दिया गया। आपको यह जानकर हैरानी होगी की प्रतिदिन लगभग एक लाख वाहन और हजारों लोग इस फुल को पार करते हैं।हावड़ा ब्रिज घूमने का सबसे सही समय रात का होता है। क्योंकि जब रात में यहां के लाइट्स ऑन (Lights On) होते हैं तो इस पुल की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आप भी कोलकाता घूमने गए हैं तो आपको इस जगह पर जरूर घूमने जाना चाहिए। 2. विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria Memorial) : ब्रिटिश शासन काल में बनवाया गया यह इमारत अंग्रेजी स्थापत्य कला (English Architecture) का एक बेहतरीन नमूना है। इस इमारत में अंग्रेजी स्थापत्य कला के अलावा मुगल (Mughal), मिश्र (Mishra) और फारसी (Farsi) सहित अन्य शैली की वास्तुकलाओं (Architectures) की झलक भी देखने को मिलती हैं। विक्टोरिया मेमोरियल शहर के बीचोबीच स्थित है औरऔर इसे महारानी विक्टोरिया के सम्मान में बनवाया गया था। विक्टोरिया मेमोरियल का आर्किटेक्चर भी काफी खूबसूरत है। सफेद संगमरमर से बने हुए इस इमारत का निर्माण 1906-1921 के बीच करवाया गया था। यह स्मारक एक बेहतरीन संग्रहालय (Musuem) है। 3. साइंस सिटी (Science City) :अगर आपकी भी रुचि विज्ञान और अनुसंधान (Science and research) के क्षेत्र में है तो यह जगह आपके लिए कोलकाता का सबसे बेस्ट विजिटिंग प्लेस (Best visiting place) होगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ विज्ञान के क्षेत्र में इंटरेस्ट (Interest) रखने वाले लोगों कोई पसंद आता है। अगर आपकी रूचि विज्ञान में थोड़ी कम है, फिर भी आप इस जगह को काफी अच्छे से इंजॉय (Enjoy) कर सकते हैं। यह कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसमें स्पेस थिएटर (Space Theater), नेचुरल साइंस पार्क (Natural Science Park), 3D परफॉर्मेंस (3D Performance), टाइम मशीन (Time Machine), डायनासोर कंपलेक्स (Dinosaur Complex), इवोल्यूशन थीम पार्क (Evolution Theme Park) जैसे एडवेंचर (Adventure) से भरे वैज्ञानिक उपकरणों (scientific instruments) का आप मजा ले सकते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक संग्रहालयों (scientific museums) में से एक है। इसकी खासियत यह है कि यह मनोरंजन (Entertainment) के साथ लोगों को विज्ञान की जानकारी देता है। कोलकाता साइंस सेंटर का इनॉग्रेशन (inauguration) 1997 में हुआ था। यहां आप कई तरह की वैज्ञानिक घटनाओं को देख और समझ सकते हैं। 4. सेंट पॉल कैथेड्रल (St Paul’s Cathedral) :कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध जगहों की सूची में सेंट पॉल कैथेड्रल का भी नाम आता है। जिन लोगों को इतिहास में रूचि होती है तथा ऐतिहासिक वास्तुकला और स्थापत्य शैली (Historical architecture and architectural styles) के बारे में जानने की इच्छा होती है, उन लोगों के लिए यह जगह सबसे परफेक्ट (Perfect) होता है। इसके अलावा क्रिसमस (Chirstmas) के समय में भी यहां पर्यटकों (Tourists) की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। क्योंकि जब क्रिसमस के लिए इस जगह को सजाया जाता है तो मोमबत्ती और लाइट के वजह से यह जगह और भी ज्यादा खूबसूरत दिखने लगता है। सेंट पॉल कैथेड्रल काफी भव्य इमारत है। जिसके चारों ओर बगीचा है। क्रिसमस के रात यहां पर्यटकों की काफी ज्यादा मात्रा में भीड़ उमड़ती है। 5. विश्व बांग्ला गेट (Vishwa Bangla Gate) : विश्व बांग्ला गेट एक प्रकार का स्वागत द्वार (welcome gate) है, जो कि कोलकाता में आपका स्वागत करता है। आज के समय में यह सिर्फ एक स्वागत द्वार के तौर पर नहीं बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। इसके टॉप पर एक रेस्टोरेंट (Restaurant) भी है, जहां आप खाने के साथ-साथ पार्टी भी कर सकते हैं। यहां जाने के लिए आपको पहले से हीं टिकट बुक करवाना पड़ेगा। जिसकी प्राइस (Price) भारतीय लोगों के लिए ₹100 है। 6. प्रिंसेप घाट (Prinsep Ghat) :वोटिंग (Boating) को पसंद करने वाले लोगों के लिए कोलकाता का प्रिंसेप घाट एक बेहतरीन विजिटिंग प्लेस है। जहां नदी के किनारे चलते हुए नेचर (Nature) की खूबसूरती का मजा लिया जा सकता है। प्रिंसेप घाट को 1843 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान ही बनवाया गया था। हुगली नदी का यह घाट जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) को समर्पित है, जो अंग्रेजी विद्वान थे। प्रिंसेप घाट पर लोग सुबह शाम को वॉकिंग (Walking) के लिए जाना पसंद करते हैं। यहां आप सुबह और शाम के समय सनराइज और सनसेट (Sunrise and Sunset) की खूबसूरती को बहुत ही अच्छे तरीके से महसूस कर सकते हैं। 7. न्यू मार्केट (New Market) : अगर आपको भी शॉपिंग (Shopping) पसंद है तो कोलकाता का न्यू मार्केट आपको बहुत ही पसंद आने वाला है। यह जगह कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध मार्केटों में से एक है। जिसे 1874 में अंग्रेजों ने स्थापित किया था। यह मार्केट लिंडसे स्ट्रीट चौरंगी रोड (Lindsay Street Chowringhee Road) पर स्थित है। अगर आप भी कभी कोलकाता जाए तो आप इस मार्केट को विजिट कर सकते हैं। 8. फ्लोटिंग मार्केट (Floating Market) : कहते