बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ चुनिंदा नेशनल पार्क्स के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं।

- गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park)
- बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park)
- मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)
- राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park)
- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve)
- कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park)
- काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)
- जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park)
- बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क (Bannerghatta national park)
- अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (Alwar Sariska National Park)

1. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park)
चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं।
यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): केशोद एयरपोर्ट और राजकोट एयरपोर्ट गिर नेशनल पार्क से सबसे निकटतम एयरपोर्ट्स हैं। आप यहां से कैब और बस सर्विस का उपयोग करके गिर नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। दिल्ली से राजकोट एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट टिकट की कीमत मिनिमम ₹5000 के आसपास होती है। आप वाया ट्रेन बड़ी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

2. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park)
मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): अगर आप हवाई मार्ग से बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंचाना चाहते हैं तो आपको जबलपुर हवाई अड्डा के लिए फ्लाइट की टिकट बुक करवानी होगी। जबलपुर हवाई अड्डा से बांधवगढ़ नेशनल पार्क की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। इसे आप अपनी सुविधा अनुसार लोकल ट्रांसपोर्ट या फिर कैब के द्वारा तय कर सकते हैं। अगर आप रेल मार्ग के द्वारा बांधवगढ़ पहुंचाना चाहते हैं तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उमरिया रेलवे स्टेशन और कटनी रेलवे स्टेशन हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क से उमरिया रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। वहीं कटनी रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 100 किलोमीटर की है। आप बाय रोड भी बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

3. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)
असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): मानस नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आप सड़क रेल और हवाई तीनों ही मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से मानस नेशनल पार्क पहुंचना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचना होगा। रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बरपेटा रेलवे स्टेशन है जो मानस नेशनल पार्क से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप मानस नेशनल पार्क जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं तो सिलीगुड़ी गलियारा के द्वारा बड़े ही आसानी से मानस नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है।

4. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park)
उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): यहां पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है हवाई मार्ग। राजाजी नेशनल पार्क से सबसे निकटतम एयरपोर्ट है जौली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून। जो कि दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से अच्छे तरीके से जुड़ा हुआ है। यहां के लिए फ्लाइट टिकट की कीमत आपको लगभग ₹3500 रुपए पड़ेंगे। यहां आप वाया ट्रेन भी जा सकते हैं। न्यू दिल्ली से देहरादून रेलवे स्टेशन के लिए भी कई सारी ट्रेनें चलती हैं। आप चाहे तो दिल्ली से देहरादून के लिए कैब भी बुक कर सकते हैं।

5. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve)
चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के रह रहे जंगली जानवर! वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की यही खासियत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। बापू के पहले सत्याग्रह की भूमि पश्चिम चंपारण, उपजाऊ भूमि के साथ-साथ टाइगर रिजर्व के लिए भी मशहूर है। यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एक राष्ट्रीय उद्यान है, जिसका उद्देश्य बाघों का संरक्षण करना है। जंगल सफारी के शौकीन लोगों के घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ बिहार का इकलौता राष्ट्रीय उद्यान है। यहां बाघों की अनुमानित संख्या लगभग 50 है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी की जा सकती है। यहां जंगल सफारी के लिए एक जीप में अधिकतम 6 लोगों को सीट दी जा सकती है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): अगर आप हवाई मार्ग से आना चाहते है तो आपको पटना इंटरनेशनल एयरपोर्ट आ सकते है जहाँ से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व 295 किलोमीटर दूर हैं। आप पटना से आने के लिए कैब बुक कर सकते हैं। वाल्मीकि नगर रेलवे स्टेशन नेशनल पार्क से 5 km दूर हैं। सड़क मार्ग से आने के लिए आपको बेतिया आना होगा जहाँ से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व 80 किलोमीटर दूर हैं।

6. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park)
देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है। बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): ग्वालियर एयरपोर्ट कूनो नेशनल पार्क के सबसे नजदीक स्थित एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोटा, पटना, जयपुर आदि से भली भांति जुड़ा हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए फ्लाइट लगभग ₹2000 से ₹3000 तक की आती है। आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से भी ग्वालियर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप बाय रोड भी कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

7. काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)
असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): काजीरंगा नेशनल पार्क असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 194 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप यहां फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप गुवाहाटी हवाई अड्डे तक की फ्लाइट ले सकते हैं। गुवाहाटी शहर से काजीरंगा नेशनल पार्क जाने के लिए आप बस या फिर कैब की सुविधा ले सकते हैं। नेशनल हाईवे 37 काजीरंगा नेशनल पार्क के पास से ही गुजरती है। अगर आप रेल मार्ग के द्वारा काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हेलेम रेलवे स्टेशन पड़ेगा, जो काजीरंगा नेशनल पार्क से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

8. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park)
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क भी कहा जाता था। यह हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है। यह उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दूरी करीबन 250 किलोमीटर है। यहां पर आप किसी भी साधन से बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते है। यहां पर आपको 2000 से भी ज्यादा रंग बिरंगी तितलियों की प्रजातियां मिल जाएगी। आप यहां किफायती दाम में होटल या रिसोर्ट में भी रुक सकते हैं। यह कॉर्बेट यकीनन प्रकृति के बहुत करीब और शांति प्रिय है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): जिम कार्बेट नेशनल पार्क से नियरेस्ट एयरपोर्ट है पटनागर एयरपोर्ट। जिसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट से आपको लगभग 3000 रुपए से 5000 रुपए तक के बीच में टिकट मिल जाएंगे। आप यहां जाने के लिए ट्रेन मार्ग या फिर सड़क मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं।

9. बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क (Bannerghatta national park)
बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क में आपको कई तरह के फ्लोरा एंड फ़ाउना (Flora and founa) देखने को मिलेंगे। इस नेशनल पार्क में जंगली जानवरों और वनस्पतियों का एक बड़ा संग्रह देखने को मिलता है। बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क 104 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क की स्पेशलिटी (specialty) यह है कि यहां देश का पहला बटरफ्लाई पार्क (butterfly park) देखने को मिलता है। जो ज्यादा से ज्यादा विजिटर्स को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आप रंग बिरंगी तितलियों को देखने के अलावा कई अन्य प्रकार के जीव जंतुओं को भी देख सकते हैं। अगर आप जंगल सफारी के शौकीन हैं तो आप डेफिनेटली इस पार्क का रुख कर सकते हैं। इसके अलावा इस पार्क में आपको फॉरेस्ट रिजर्व (Forest reserve), एक्वेरियम (Aquariam), चिल्ड्रन्स पार्क (Childrens park) जैसे और भी बहुत सारे विजिटिंग एरियाज देखने को मिलेंगे।
- कैसे पहुंचे? (how to reach): यदि आप बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क आना चाहते हैं तो आप तीनो मार्गों से आप बहुत आसानी से आ सकते है। स्टेट हाईवे 87 द्वारा बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क, बैंगलोर से जुड़ा हुआ है। इस नेशनल पार्क का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बैंगलोर में है जो 27 किमी दूर है। इसके अलावा हवाई मार्ग से आने के लिए आपको बैंगलोर के केंपेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आना होगा।

10. अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (Alwar Sariska National Park)
दिल्ली के नजदीक स्थित अलवर सरिस्का सफारी अन्य जंगल सफारियों से काफी अलग है। क्योंकि आप यहां मानसून में भी जंगल सफारी का आनंद उठा सकते हैं। सरिस्का जंगल सफारी दिल्ली से मात्र ढाई घंटे की दूरी पर स्थित है और नेचर को एक्सप्लोर करने के लिए एक बेहतरीन जगह है। सरिस्का जंगल सफारी के पास हीं स्थित है, अलवर फोर्ट और बाला फोर्ट बफर जोन (buffer zone)। आप इन दोनों जगह पर जाकर भी घूम सकते हैं। अलवर के किले पर खड़े होकर आप पूरे सरिस्का नेशनल पार्क को देख सकते हैं। चारों ओर बड़े-बड़े पेड़, घना जंगल और जंगलों में बिना डरे चहल कदमी कर रहे हिरन आपका मन मोह लेंगे। खड़े होकर आसपास के सीनरी को निहारना भी सुकून दायक होता है।
- कैसे पहुंचे? (how to reach?): दिल्ली से अलवर वाया रोड और वाया ट्रेन आसानी से आ सकते हैं। अलवर के लिए आपको नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनें मिल जाएंगी। अगर आप अपनी गाड़ी से अलवर आना चाहते हैं तो यह भी एक अच्छा ऑप्शन है। आप अपनी सुविधा अनुसार अपने यातायात के साधन का चुनाव कर सकते हैं।


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