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15 Best National Parks of India

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बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ चुनिंदा नेशनल पार्क्स के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं। 1. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park) पेरियार नेशनल पार्क 350 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक ऐसा नेशनल पार्क है जो हाथियों और बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। पेरियार नेशनल पार्क को दो नदियों का पानी उपलब्ध होता है। जिसमें से पहली नदी का नाम है पेरियार और दूसरी नदी का नाम है पांबा। यह नेशनल पार्क 1934 में नीली कक्कांपेट्टी गेम सेंचुरी के नाम से स्थापित किया गया था। इस नेशनल पार्क का नाम 1950 में बदलकर पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रखा गया। इस पार्क के देखरेख का काम डिपार्मेंट आफ फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ केरल और साथ ही गवर्नमेंट आफ इंडिया द्वारा संभाला जाता है। 2. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं। यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है। 3. दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 490 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1977 में हुई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान का उद्देश्य बारहसिंघा का संरक्षण करना है। यहां पर बाघ, बारहसिंघा, सुस्त भालू, एक सींग वाले गैंडे और 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। सुहेली नदी और मोहाना नदी इस उद्यान की जीवन रेखा का कार्य करती है। इन नदियों में गंगेटिक डॉल्फिन भी निवास करती है। 4. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। 5. सुंदरवन नेशनल पार्क (Sundarban National Park) सुंदरवन नेशनल पार्क विश्व के सबसे बड़े डेल्टाई क्षेत्र (सुंदरवन डेल्टा) में स्थित है। यह नेशनल पार्क अपने रॉयल बंगाल टाइगरों (Royal Bengal Tigers) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 1330 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।सर्वप्रथम सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिज़र्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1977 में इसे वन्य जीव अभयारण्य घोषित किया गया। तथा बाद में 4 मई 1984 को इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। सुंदरवन नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बर्ड्स (Birds), रेप्टाइल्स (Reptiles) और इनवर्टेब्रेट्स (Invertebrates) शामिल है। इसके अलावा यहाँ साल्ट वाटर (Salt Water) में रहने वाले मगरमच्छ भी पाए जाते है। 6. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park) असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। 7. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park) पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी। यहां पर पीफोल, कोपीजेन्ट, रेड जंगल फोल, रेड वेन्टेड बुलबुल, बेस्ट डबारबेट, क्रीमसन, मेंगपाई राबिन, रॉकेट टेल डोगों, व्हिस्टल टील, लेसर आदि पक्षियों की प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। पेंच नदी इस उद्यान को दो भागों में बाँटती है। पेंच टाइगर रिज़र्व को भारत का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिज़र्व होने का गौरव प्राप्त है। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘द जंगल बुक’ इसी पार्क पर आधारित है। 8. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है। 9. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park) ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (GHNP) पर्यटकों की मनपसंद जगहों में से एक हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह नेशनल

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10 Best National Parks of India

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बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ चुनिंदा नेशनल पार्क्स के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं। 1. गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के घूम रहे बब्बर शेर, गुजरात के सोमनाथ जिले में स्थित गिर नेशनल पार्क की पहचान हैं। यहां मैमल्स (mammals) के 38 प्रजाति पक्षियों (birds) के 300 से अधिक प्रजाति रेप्टाइल्स (reptiles) के साथ इस प्रजाति और इनसेक्टस (insects) के 2,000 से भी ज्यादा प्रजाति पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क सिर्फ जानवरों के लिए नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले पौधों के विविधता के लिए भी मशहूर है। 2. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। 3. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park) असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। 4. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है। 5. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) चारों तरफ घने जंगल और स्वतंत्र रूप से बिना किसी डर के रह रहे जंगली जानवर!  वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की यही खासियत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। बापू के पहले सत्याग्रह की भूमि पश्चिम चंपारण, उपजाऊ भूमि के साथ-साथ टाइगर रिजर्व के लिए भी मशहूर है। यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एक राष्ट्रीय उद्यान है, जिसका उद्देश्य बाघों का संरक्षण करना है। जंगल सफारी के शौकीन लोगों के घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ बिहार का इकलौता राष्ट्रीय उद्यान है। यहां बाघों की अनुमानित संख्या लगभग 50 है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी की जा सकती है। यहां जंगल सफारी के लिए एक जीप में अधिकतम 6 लोगों को सीट दी जा सकती है। 6. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है।  बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है। 7. काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं। 8. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park) जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क भी कहा जाता था। यह हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है। यह उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दूरी करीबन 250 किलोमीटर है। यहां पर आप किसी भी साधन से बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते है। यहां पर आपको 2000 से भी ज्यादा रंग बिरंगी तितलियों की प्रजातियां मिल जाएगी। आप यहां किफायती दाम में होटल या रिसोर्ट में भी रुक सकते हैं। यह कॉर्बेट

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टूर के लिए बेस्ट है मानस नेशनल पार्क जानिए यहां के टूर पैकेजों के बारे में

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असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है।मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। नॉर्थ ईस्ट में फेवरेबल कंडीशन होने के कारण यहां रिच बायोडायवर्सिटी देखने को मिलती है और यहीं वजह है कि यहां कई सारे नेशनल पार्क्स हैं। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। ब्रह्मपुत्र नदी इस नेशनल पार्क की जीवन दायिनी नदी है। आइये जानते है मानस नेशनल पार्क के जंगल सफारी के पैकजों के बारें में मानस नेशनल पार्क में जंगल सफारी के लिए दो तरह के टूर पैकेजेस उपलब्ध है पहला टूर पैकेज टूर प्लानर (Tour Planner) पहला दिनबारपेटा/बंगईगांव/गुवाहाटी से आपको पिकअप किया जायेगा। इसके बाद आपको मानस नेशनल पार्क ले जाया जायेगा। मानस नेशनल पार्क उत्तर पूर्व भारत के प्रमुख नेशनल पार्कों में से एक है। आप रात्रि में मानस नेशनल पार्क में ही रहेंगे। दूसरा दिनअगले दिन आपको एलीफैंट सफारी करने ले जाया जायेगा। एलीफैंट सफारी करने के बाद आप होटल वापस लौटेंगे। आप होटल आकर फ्रेश होने के बाद नाश्ता करेंगे। दोपहर में आपको जीप सफारी के लिए ले जाया जायेगा। जीप सफारी के दौरान आपको एक सींग वाले गैंडे, बाघ, एशियाई हाथी, जंगली भैंसे आदि जंगली जानवर देखने को मिलेंगी। तीसरा दिनअंतिम दिन आपको बारपेटा/बंगईगांव/गुवाहाटी वापस छोड़ दिया जायेगा। दूसरा टूर पैकेज टूर प्लानर (Tour Planner) पहला दिनबोंगाईगांव/बारपेटा/गुवाहाटी से आपको पिकअप किया जायेगा। इसके बाद आपको मानस राष्ट्रीय उद्यान के जंगल गांव बशबारी ले जाया जायेगा। मानस नेशनल पार्क उत्तर पूर्व भारत के प्रमुख नेशनल पार्कों में से एक है। आप रात्रि में बशबारी गांव में रहेंगे। दूसरा दिनअगले दिन आप नाश्ते के बाद मानस राष्ट्रीय उद्यान के मेन एरियाज को कवर करेंगे। आप इन एरियाज में एक सींग वाले गैंडे, बाघ, एशियाई हाथी, जंगली भैंसे आदि जंगली जानवर देखेंगे। आप रात्रि विश्राम बशबारी गांव में ही रहेंगे। तीसरा दिनअगले दिन आप एलीफैंट सफारी और नाश्ता करके काजीरंगा नेशनल पार्क की ओर रवाना हो जायेंगे। काजीरंगा नेशनल पार्क भारत के प्रमुख नेशनल पार्कों में आता है। आप काजीरंगा नेशनल पार्क के कोहोरा रेंज में रात्रि विश्राम करेंगे। चौथा दिनअगले दिन आप सुबह एलीफैंट सफारी करेंगे। एलीफैंट सफारी करने के बाद नाश्ता करने रिसॉर्ट वापस आएंगे। नाश्ता करके आप जिप्सी द्वारा जंगल सफारी करेंगे। आप कोहोरा रेंज में ही रात्रि विश्राम करेंगे। पांचवा दिनअंतिम दिन आपको नाश्ते के बाद गुवाहाटी वापस छोड़ दिया जायेगा।

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बेहतरीन पर्यटन स्थलों से भरा हुआ है पूर्वोत्तर का गेटवे असम

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भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य असम अपने खूबसूरत वादियों और चाय के बागानों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। असम में बर्फीले सफेद ऊंचे पहाड़ भी हैं और हरे भरे चाय के बागान भी, यहां रिलिजियस टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले मंदिर भी हैं और कई वन्य जीव अभ्यारण्य भी। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं असम के कुछ फेमस टूरिस्ट प्लेस के बारे में, जहां एक बार जाना तो बनता है। 1. काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अगर इसके भौगोलिक परिस्थितियों की बात की जाए तो यह ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे कार्बी की पहाड़ियों तक फैला हुआ है। काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले असम के गुवाहाटी शहर तक पहुंचना होगा। काजीरंगा नेशनल पार्क असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 194 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप यहां फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप गुवाहाटी हवाई अड्डे तक की फ्लाइट ले सकते हैं।  2. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park) असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी।  मानस नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आप सड़क रेल और हवाई तीनों ही मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से मानस नेशनल पार्क पहुंचना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचना होगा। जो कि असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित है। रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बरपेटा रेलवे स्टेशन है जो मानस नेशनल पार्क से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप मानस नेशनल पार्क जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं तो सिलीगुड़ी गलियारा के द्वारा बड़े ही आसानी से मानस नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है। 3. दिसपुर (Dispur) असम के दिसपुर शहर को उसके खूबसूरत प्राकृतिक नजारों और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के लिए जाना जाता है। इस शहर में कई ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशंस हैं जिनकी ओर पर्यटकों का मुख्य रूप से रुझान होता है। अगर आप असम आ रहे हैं तो आप इस शहर को घूमना बिल्कुल भी मिस नहीं कर सकते हैं। वरना असम का टूर आपके लिए अधूरा माना जाएगा। दिसपुर के टूरिस्ट प्लेस में से एक है सूअल्कुची गांव। इस गांव के लोग बहुत ही साधारण और आम जीवन जीने वाले लोग हैं। इस गांव को पूर्व का मैनचेस्टर भी कहा जाता है। असम घूमने आने वाले पर्यटकों को इस गांव में एक बार जरूर जाना चाहिए। यह गांव रेशम के उत्पादन के लिए भी काफी मशहूर है। दिसपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में कामाख्या देवी मंदिर का भी नाम आता है। जो राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। जहां दूर-दूर से लोग देवी कामाख्या की आराधना करने के लिए आते हैं। भारत के सबसे प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है कामाख्या शक्तिपीठ। कामाख्या शक्तिपीठ के अलावा दिसपुर में एक और प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है। जिसका नाम है सिद्धेश्वर देवालय जो सुअल्कुची गांव में स्थित है। इस मंदिर में कई देवी देवताओं की पूजा की जाती है, लेकिन विशेष रूप से यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। जनार्दन टेंपल दिसपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसका निर्माण दसवीं शताब्दी में करवाया गया था और 17वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार करवाया गया था। अगर इस मंदिर के वास्तुकला की बात करें तो यहां बौद्ध और जैन दोनों तरह के वास्तुकलाओं का संगम देखने को मिलता है। इसके अलावा दिसपुर में वशिष्ठ आश्रम भी है। इसके बारे में बताया जाता है कि इस आश्रम का संबंध रामायण काल के गुरु वशिष्ट से है। दिसपुर में असम स्टेट जॉन बोटैनिकल गार्डन भी है। जहां आप कई तरह के पेड़ पौधों के साथ-साथ पक्षियों के प्रजातियों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। 4. माजुली द्वीप (Majuli Island) माजुली आईलैंड दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल रिवर आईलैंड है, जोकि ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित है। अगर आप माजुली आईलैंड घूमना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निमती घाट से फेरी के जरिए लगभग डेढ़ घंटे का सफर करके माजुली आईलैंड पहुंचना होगा। अगर आप फेरी नहीं लेना चाहते तो आप बाय ब्रिज भी माजुली आईलैंड जा सकते हैं। जिसके लिए डिब्रूगढ़ के पास से ही एक ब्रिज जाती है। माजुली आईलैंड के खास होने के पीछे और भी कई सारे कारण हैं। जिनमें से सबसे प्रमुख कारण यहां का शांत माहौल और यहां की संस्कृति है। यहां के लोग बहुत हीं सीधे-सादे और सरल व्यक्तित्व के होते हैं। अगर आप शहरों के पॉल्यूशन और शोर सराबे से दूर कुछ दिन शांति से बिताना चाहते हैं तो माजुली आईलैंड का टूर आपके लिए बहुत ही बेहतरीन साबित होगा। माजुली आईलैंड से सनराइज और सनसेट दोनों ही बहुत ही खूबसूरत दिखता है। क्योंकि यह आइलैंड तीन तरफ से ब्रह्मपुत्र नदी और एक तरफ से एक लोकल नदी की धारा से घिरा है। जिसके कारण यह चारों ओर से दूर-दूर तक पानी से घिरा हुआ नजर आता है। जो आयरलैंड की खूबसूरती में चार

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एक ऐसा राष्ट्रीय उद्यान जो भारत और भूटान दोनों देशों में फैला हुआ है

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असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है।मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। नॉर्थ ईस्ट में फेवरेबल कंडीशन होने के कारण यहां रिच बायोडायवर्सिटी देखने को मिलती है और यहीं वजह है कि यहां कई सारे नेशनल पार्क्स हैं। असम का यह मानस नेशनल पार्क पर्यटकों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन इसे भी यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में स्थान दिया गया है। यहां आप शहरों से दूर जंगलों के बीच प्रकृति को महसूस करते हुए अपना एक अच्छा सा वीकेंड ट्रिप प्लान कर सकते हैं। लगभग 500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित असम का प्रमुख नेशनल पार्क है। ब्रह्मपुत्र नदी इस नेशनल पार्क की जीवन दायिनी नदी है। मानस नेशनल पार्क का इतिहास (History of Manas National Park) सबसे पहले मानस नेशनल पार्क को वर्ष 1928 में एक सेंचुरी डिक्लेयर किया गया था। 1973 ई. में इसे बायो रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया गया। 1990 में इस क्षेत्र को नेशनल पार्क की उपाधि दी गई और इस वन क्षेत्र का नाम मानस नेशनल पार्क पड़ गया। मानस नेशनल पार्क में जंगल सफारी (Jungle safari in manas national park)मानस नेशनल पार्क में अगर आप जंगल सफारी करना चाहते हैं तो यहां जंगल सफारी के दो ऑप्शन उपलब्ध हैं। पहला जीप सफारी और दूसरा एलिफेंट सफारी। जीप सफारी (Jeep Safari)अगर आप भारतीय हैं और बाँसबाड़ी जोन में जंगल सफारी करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 4500 रुपए पर जीप खर्च करना होगा। वहीं भुईयांपाड़ा जॉन के लिए आपको ₹5500 पर जीप पे करना होगा। अगर बात किया जाए विदेशी पर्यटकों की तो विदेशी पर्यटकों को बाँसबाड़ी जोन में जंगल सफारी करने के लिए ₹8000 पर जीप पे करना होता है। वहीं भुईयांपाड़ा जोन में उनकाे ₹9000 पर जीप पे करना होता है। एक जीप को एक बार में पांच आदमी के लिए बुक किया जा सकता है।अगर बात करें जीप सफारी की टाइमिंग की तो यहां हर दिन तीन टाइम जीप सफारी करवाई जाती है। पहला सुबह के 6:30 से 9:30 तक, दूसरा सुबह के 10:00 से दोपहर के 1:00 तक और तीसरा दोपहर के 2:00 से शाम के 5:00 बजे तक। अगर आप यहां जंगल सफारी करने आ रहे हैं तो आप अपने हिसाब से जंगल सफारी की टाइमिंग सेट कर सकते हैं। एलिफेंट सफारी (Elephant Safari) मानस नेशनल पार्क में एलिफेंट सफारी सिर्फ बाँसबाड़ी जोन में करवाई जाती है अगर आप एलिफेंट सफारी करना चाह रहे हैं तो इसके लिए टिकट की प्राइस भारतीय पर्यटकों के लिए 1450 रुपए प्रति व्यक्ति और विदेशियों के लिए ₹3200 प्रति व्यक्ति होता है। एलिफेंट सफारी का यह टिकट 1 घंटे के लिए मान्य होता है। मानस नेशनल पार्क में एलिफेंट सफारी की टाइमिंग सुबह के समय ही होती है। आप यहां सुबह के 6:00 बजे से 7:00 बजे तक और 7:00 बजे से 8:00 बजे तक इस एलिफेंट सफारी का लुफ्त उठा सकते हैं।मानस नेशनल पार्क में चार तरह के टूर पैकेज उपलब्ध करवाए जाते हैं। अगर आप मानस नेशनल पार्क घूमना चाहते हैं तो आप अपनी सुविधा अनुसार इन टूर पैकेज में से किसी एक टूर पैकेज का चयन कर सकते हैं। मानस नेशनल पार्क के टूर पैकेजों के बारे में जानकारी निम्नांकित है : मानस नेशनल पार्क जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Manas National Park) अगर आप वाइल्डलाइफ को पसंद करते हैं और वाइल्डलाइफ को एक्सप्लोर करने के लिए अगर आप मानस नेशनल पार्क जा रहे हैं तो मानसून के समय जाने से बचें। क्योंकि मानसून के समय पूर्वोत्तर भारत में बहुत अधिक बारिश होने के कारण बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण आपका पूरा का पूरा टूर प्लान खराब हो सकता है। इससे बचने के लिए आप अक्टूबर से मार्च तक के समय का चयन कर सकते हैं। क्योंकि इस समय बारिश की संभावना कम होती है और मौसम भी ठंडा होता है। कैसे पहुंचे मानस नेशनल पार्क (How to reach Manas National Park) मानस नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आप सड़क रेल और हवाई तीनों ही मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से मानस नेशनल पार्क पहुंचना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचना होगा। जो कि असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित है और देश के प्रमुख शहरों से बहुत ही अच्छे तरीके से फ्लाइट से कनेक्टेड है। अगर आपके शहर से यहां की डायरेक्ट फ्लाइट नहीं मिल रही है तो आप कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए अभी यहां पहुंच सकते हैं।रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बरपेटा रेलवे स्टेशन है जो मानस नेशनल पार्क से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से आप बहुत ही आसानी से मानस नेशनल पार्क पहुँच सकते हैं। बरपेटा रेलवे स्टेशन देश के अन्य राज्यों के रेलवे स्टेशनों से बहुत ही अच्छे तरीके से जुड़ा है।अगर आप मानस नेशनल पार्क जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं तो आसपास के शहरों से यहां आप आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा दूर के शहरों से भी आप यहां अपनी पर्सनल गाड़ी या कैब का उपयोग करके आ सकते हैं। सिलीगुड़ी गलियारा के द्वारा बड़े ही आसानी से मानस नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है।