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बेहतरीन पर्यटन स्थलों से भरा हुआ है पूर्वोत्तर का गेटवे असम

भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य असम अपने खूबसूरत वादियों और चाय के बागानों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। असम में बर्फीले सफेद ऊंचे पहाड़ भी हैं और हरे भरे चाय के बागान भी, यहां रिलिजियस टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले मंदिर भी हैं और कई वन्य जीव अभ्यारण्य भी। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं असम के कुछ फेमस टूरिस्ट प्लेस के बारे में, जहां एक बार जाना तो बनता है।

  • काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)
  • मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)
  • दिसपुर (Dispur)
  • माजुली द्वीप (Majuli Island)
  • डिब्रूगढ़ (Dibrugarh)

1. काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)

असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अगर इसके भौगोलिक परिस्थितियों की बात की जाए तो यह ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे कार्बी की पहाड़ियों तक फैला हुआ है।

काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले असम के गुवाहाटी शहर तक पहुंचना होगा। काजीरंगा नेशनल पार्क असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 194 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप यहां फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप गुवाहाटी हवाई अड्डे तक की फ्लाइट ले सकते हैं। 

2. मानस नेशनल पार्क (Manas National Park)

असम के मानस नदी के तट पर स्थित मानस नेशनल पार्क भारत और भूटान दोनों हीं देश में फैला हुआ है। मानस नदी भारत और भूटान के बॉर्डर पर बहती है, जिसके दोनों ओर घने जंगल बसे हैं। भारत में इस जंगल के भूभाग को मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता हैं। वहीं भूटान में फैले जंगल के क्षेत्र को रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ की बहुत सारी प्रजातियां आपको देखने को मिलेंगी। 

मानस नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आप सड़क रेल और हवाई तीनों ही मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से मानस नेशनल पार्क पहुंचना चाह रहे हैं तो आपको सबसे पहले गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचना होगा। जो कि असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित है। रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बरपेटा रेलवे स्टेशन है जो मानस नेशनल पार्क से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप मानस नेशनल पार्क जाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं तो सिलीगुड़ी गलियारा के द्वारा बड़े ही आसानी से मानस नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है।

3. दिसपुर (Dispur)

असम के दिसपुर शहर को उसके खूबसूरत प्राकृतिक नजारों और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के लिए जाना जाता है। इस शहर में कई ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशंस हैं जिनकी ओर पर्यटकों का मुख्य रूप से रुझान होता है। अगर आप असम आ रहे हैं तो आप इस शहर को घूमना बिल्कुल भी मिस नहीं कर सकते हैं। वरना असम का टूर आपके लिए अधूरा माना जाएगा। दिसपुर के टूरिस्ट प्लेस में से एक है सूअल्कुची गांव। इस गांव के लोग बहुत ही साधारण और आम जीवन जीने वाले लोग हैं। इस गांव को पूर्व का मैनचेस्टर भी कहा जाता है। असम घूमने आने वाले पर्यटकों को इस गांव में एक बार जरूर जाना चाहिए। यह गांव रेशम के उत्पादन के लिए भी काफी मशहूर है।

दिसपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में कामाख्या देवी मंदिर का भी नाम आता है। जो राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। जहां दूर-दूर से लोग देवी कामाख्या की आराधना करने के लिए आते हैं। भारत के सबसे प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है कामाख्या शक्तिपीठ। कामाख्या शक्तिपीठ के अलावा दिसपुर में एक और प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है। जिसका नाम है सिद्धेश्वर देवालय जो सुअल्कुची गांव में स्थित है। इस मंदिर में कई देवी देवताओं की पूजा की जाती है, लेकिन विशेष रूप से यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

जनार्दन टेंपल दिसपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसका निर्माण दसवीं शताब्दी में करवाया गया था और 17वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार करवाया गया था। अगर इस मंदिर के वास्तुकला की बात करें तो यहां बौद्ध और जैन दोनों तरह के वास्तुकलाओं का संगम देखने को मिलता है। इसके अलावा दिसपुर में वशिष्ठ आश्रम भी है। इसके बारे में बताया जाता है कि इस आश्रम का संबंध रामायण काल के गुरु वशिष्ट से है। दिसपुर में असम स्टेट जॉन बोटैनिकल गार्डन भी है। जहां आप कई तरह के पेड़ पौधों के साथ-साथ पक्षियों के प्रजातियों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।

4. माजुली द्वीप (Majuli Island)

माजुली आईलैंड दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल रिवर आईलैंड है, जोकि ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित है। अगर आप माजुली आईलैंड घूमना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निमती घाट से फेरी के जरिए लगभग डेढ़ घंटे का सफर करके माजुली आईलैंड पहुंचना होगा। अगर आप फेरी नहीं लेना चाहते तो आप बाय ब्रिज भी माजुली आईलैंड जा सकते हैं। जिसके लिए डिब्रूगढ़ के पास से ही एक ब्रिज जाती है। माजुली आईलैंड के खास होने के पीछे और भी कई सारे कारण हैं। जिनमें से सबसे प्रमुख कारण यहां का शांत माहौल और यहां की संस्कृति है। यहां के लोग बहुत हीं सीधे-सादे और सरल व्यक्तित्व के होते हैं। अगर आप शहरों के पॉल्यूशन और शोर सराबे से दूर कुछ दिन शांति से बिताना चाहते हैं तो माजुली आईलैंड का टूर आपके लिए बहुत ही बेहतरीन साबित होगा।

माजुली आईलैंड से सनराइज और सनसेट दोनों ही बहुत ही खूबसूरत दिखता है। क्योंकि यह आइलैंड तीन तरफ से ब्रह्मपुत्र नदी और एक तरफ से एक लोकल नदी की धारा से घिरा है। जिसके कारण यह चारों ओर से दूर-दूर तक पानी से घिरा हुआ नजर आता है। जो आयरलैंड की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। माजुली आईलैंड का सनसेट और सनराइज आपको किसी भी पॉपुलर बीच के सनसेट और सनराइज से ज्यादा खूबसूरत लगेगा। इसके पीछे का कारण यह है कि यहां भीड़ और शोर बिल्कुल भी नहीं होता है।आप यहाँ बहुत ही शांति से खुद को नेचर से कनेक्ट कर पाएंगे।

5. डिब्रूगढ़ (Dibrugarh)

डिब्रूगढ़ असम के सबसे प्रमुख शहरों में से एक है, जहां घूमने के लिए बहुत सारे टूरिस्ट डेस्टिनेशंस हैं। अगर आप डिब्रूगढ़ जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको फ्लाइट बस और ट्रेन तीनों तरह की सुविधा मिल जाएगी। आप अपनी सुविधा अनुसार परिवहन मार्ग का चयन कर सकते हैं। डिब्रूगढ़ में घूमने के लिए सबसे प्रमुख स्थल है जगन्नाथ मंदिर! जो उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी मंदिर के तर्ज पर बना है। यह मंदिर रिलिजियस स्पिरिचुअल सेंटर भी है, जो लाखों पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। इसके अलावा आप डिब्रूगढ़ में महात्मा गांधी उद्यान भी घूम सकते हैं। जो जगन्नाथ मंदिर के ठीक सामने स्थित है। यह पार्क बच्चों को काफी पसंद आता है। इस पार्क के खुलने की टाइमिंग सुबह के 10:00 बजे से शाम के 5:00 तक की है और पार्क के एंट्री टिकट की प्राइस ₹30 पर पर्सन है। महात्मा गांधी उद्यान से आप राधा कृष्ण मंदिर के लिए प्रस्थान कर सकते हैं, जो कि असम मेडिकल कॉलेज के बगल में ही स्थित है। महात्मा गांधी उद्यान से राधा कृष्ण मंदिर के लिए आपको आसानी से टोटो की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। राधा कृष्ण मंदिर को देखने के बाद आप असम मेडिकल कॉलेज को देखने भी जा सकते हैं। यह टोटली आपकी चॉइस पर है। असम मेडिकल कॉलेज नॉर्थ ईस्ट इंडिया का सबसे पहला मेडिकल कॉलेज है और इसे 1947 में स्थापित किया गया था। यहां से आप टी गार्डन देखने के लिए जा सकते हैं।

अगर असम आए और टी गार्डन नहीं देखा तो फिर क्या ही देखा? चाय के बागानों की खूबसूरती तो किसी से छुपी नहीं है और असम आकर अगर इन्हें एक्सप्लोर ना किया जाए तो ट्रिप अधूरा माना जाएगा। इसलिए आप डिब्रूगढ़ के चाय के बागानों को घूमने के लिए जरूर जाएं। डिब्रूगढ़ के चाय के बागानों के बीच एक छोटा सा रिसोर्ट भी है आप चाहे तो वहां रुक के लंच कर सकते हैं। इस रिसोर्ट में लंच करने के बाद आप बढ़ सकते हैं अपने नेक्स्ट डेस्टिनेशन की ओर जिसका नाम है बोगीबील ब्रिज! यह ब्रिज इंडिया का सबसे लंबा रेल कम रोड ब्रिज है। जिसकी लंबाई लगभग 5 किलोमीटर है और यह असम के डिब्रूगढ़ से धेमाजी जिला को जोड़ने का काम करता है। यहां से आप ब्रह्मपुत्र नदी पर सनसेट व्यू इंजॉय कर सकेंगे। सनसेट को एंजॉय करने के बाद आप वापस डिब्रूगढ़ मेन सिटी आकर लोकल मार्केट को एक्सप्लोर कर सकते हैं। क्योंकि बिना लोकल मार्केट को एक्सप्लोर किए किसी भी जगह के टूर को कंप्लीट नहीं माना जा सकता है।

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