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Chail- Amazing places to visit in Chail

चंडीगढ़ से महज 110 किमी की दूरी पर है खूबसूरत चैल हिल स्टेशन

by Pardeep Kumar

मैं प्रदीप कुमार फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल के इस नए ब्लॉग में आप सभी का स्वागत करता हूं। इस ब्लॉग में मैं आपको हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास ही स्थित एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन चैल की हाल ही की यात्रा के बारे में बताऊंगा।

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ठंडी हवाओं को ख़ुद में समेटे चैल की मीठी सुबह ने जैसे हमारे मिज़ाज को तरोताज़ा कर दिया। जून के महीने में भी चैल का मौसम बेहद सुहाना लग रहा था, और ऐसे सुहाने मौसम में जो कि हिल स्टेशन के लिए पीक का समय माना जाता है एक अच्छा रिसाॅर्ट मिलना हमारे लिए क़ाफ़ी क़िफ़ायती साबित हुआ। (Chail, Solan)

बलखाती नागिन जैसी सड़कों पर जब हिचकोले लेती हमारी गाड़ी दौड़ रही थी तो एक अलग ही रोमांच का एहसास हो रहा था।

चायल में एंट्री के दौरान हमें महादेव के दर्शन हुए मानो जैसे भगवान का आशीर्वाद भी हमें मिल गया हो। दरअसल चायल (चैल) में प्रवेश करते समय हमें भगवान शिव का मंदिर दिखाई दिया, यहाँ हम थोड़ी देर रुके और फिर आगे चल पड़े अपने रिज़ॉर्ट की और। एक तरफ़ पहाड़ और दूसरी ओर गहरी खाई से जबरदस्त रोमांच में जैसे डर का हल्का तड़का लग गया हो। यक़ीनन अब सफ़र और भी ज़्यादा हसीं और दिलचस्प होने वाला है।

होटल्स, रिजोर्ट्स और होम स्टे

दोस्तों, आप जब पहाड़ों में घूमने आते हैं तो आपको ठहरने के लिए दो से तीन अच्छे विकल्प मिल जाते हैं जैसे होटल्स, रिजोर्ट्स और होम स्टे, तीनों में अच्छा ख़ासा फ़र्क़ होता है जो आपकी सहूलियत और बजट पर असर डाल सकता है।

जैसे होटल्स की बात की जाए तो वो आपको नार्मल दिनों में 1500/- तक में मिल जाते हैं वहीं पीक टाइम में इन्हीं होटलों के रेट तीन गुणा बढ़ जाते हैं। होम स्टे की बात करें तो नार्मल दिनों में 1000/- तक और पीक टाइम में 2000-2500/- तक रेट बढ़ जाते हैं। लेकिन होम स्टे के कुछ फायदे भी हैं जनाब अगर आप घर से दूर रहकर भी घर जैसा माहौल चाहते हैं तो होम स्टे को आजमा सकते हैं । रिजोर्ट्स की जहाँ तक बात आती है तो रिज़ॉर्ट में आपको ढेरों विकल्प मिल जाते हैं थ्री स्टार से लेकर फाइव स्टार तक या इससे भी ऊपर जो पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है क्योंकि इनके शुरूआती रेट  2500/- से लेकर ज़्यादा से ज्यादा कितने भी हो सकते हैं।

ये सब जानकारी देने का मक़सद बस इतना है कि ट्रिप प्लान करते समय आप अपना बजट सही तरीक़े से मैनेज कर सकें। पर एक बात का ज़रूर ध्यान रखें कि बुकिंग आप एडवांस में ही करें क्यूँकि ऑन द  स्पॉट बुकिंग करने पर आपका वक्त ज़ाया होने की संभावना बढ़ जाती है, ज़ाहिर है पहाड़ों और वादियों के ख़ूबसूरत ट्रिप की शुरुआत आप ऐसे तो नहीं करना चाहेंगे। खै़र हमने भी अपना रिज़ॉर्ट एडवांस में बुक कर लिया था। जिससे जून के महीने में बेवजह की भागा दौड़ी से बच गए यह समर वेकेशन का वो टाइम होता है जहाँ किसी भी हिल स्टेशन में पैर रखने की भी जगह नहीं होती।

अगर आप अच्छा क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं तो होटल या रिज़ॉर्ट थोड़ा सा रिसर्च करके ही बुक करें। मद्धम धूप में सराबोर देवदार के पेड़ों की चादर ओढ़े ये ऊँची-ऊँची पहाडियाँ ग़ज़ब लग रही हैं। बहरहाल, हम सुबह दस बजे के क़रीब अपने रिज़ॉर्ट में दाख़िल हुए, जो मुख्य सड़क से थोड़ी ढ़लान पर बना हुआ था, बिल्कुल हिमालय की गोद में, जिसकी बदौलत हमने हर तरफ़ पहाड़ों के शानदार नज़ारों का खूब आनंद लिया। नाश्ता करने के बाद हम घंटों तक पहाड़ों में खोए रहे, उसके बाद हमने थोड़ा आराम किया जो उस वक़्त एनर्जी और रोमांच को बरक़रार रखने के लिये बेहद ज़रूरी था।

अब तक़रीबन साढ़े बारह बजे हमने चैल की नई जगहों को एक्स्प्लोर करने का प्लान बनाया और बस फिर क्या अगले ही पल हमने ख़ुद को उन्हीं नागिन सी बलखाती सड़कों पर पाया। घुमावदार रास्तों से होते हुए हम अपनी धुन में खोए ही थे कि चैल के मेन बाज़ार ने हमारा ध्यान अपनी ओर खींचा,

 चैल बाज़ार और चैल पैलेस

पहाड़ी जगह पर बने बाज़ार को घूमने का अपना ही मजा है क्योंकि यहां पर ज़रूरत की हर चीज़ मौजूद है। बाज़ार में हमने थोड़ा ही समय बिताया क्योंकि हमारा मुख्य लक्ष्य था उस जगह घूमना जहाँ के बारे में लोग इतना अवगत नहीं है। इसके अलावा आप चैल में सेल्फी पॉइंट, काली का टिब्बा मंदिर और चैल पैलेस भी घूम सकते हैं। बताते हैं लोर्ड़ किच्नर के आदेशानुसार पटियाला के राजा भूपिंदर सिंह को शिमला से निकाल दिया गया था, इसका बदला लेने के लिए उन्होंने शिमला के पास ही खूबसूरत चैल को अपनी गीष्मकालीन राजधानी बना कर यहाँ सुंदर चैल पैलेस का निर्माण करवाया। चैल पैलेस को 1891 में बनवाया गया था और यह चैल की शाही वीरासत मानी जाती है जिसे आज एक शानदार होटल में बदल दिया गया है। यहाँ पर्यटकों को घूमने के लिए सौ रुपए का टिकट लेना पड़ता है।  टूरिस्ट चाहे तो यहाँ रूम बुक करके भी रह सकते हैं। जिसके रूम की सुविधाओं के हिसाब से अलग-अलग चार्ज हैं। यहाँ से आप चैल के पहाड़ों और वादियों के शानदार नज़ारों का आनंद ले सकते हैं।

अश्विनी खड़

अच्छा ख़ासा रास्ता तय करके हम अपनी डेस्टिनेशन पर आख़िरकार पहुँच ही गए।

हिमाचल प्रदेश एक ऐसी जगह है जो हमें कभी निराश नहीं करती और हमेशा कुछ न कुछ नए और खूबसूरत मंजर देखने पर मजबूर करती है, एक ऐसी जगह जहां बहुत सारी अनछुई या यूँ कह लीजिये कि बहुत सारे छिपे हुए रत्न हैं।  इन्हीं हिडेन जेम्स में से एक जगह है अश्विनी खड़। चायल से तकरीबन 33 km दूर अश्वनी खड़ में है पहाड़ों के बीच छिपा बहुत सुंदर वाटरफॉल, जहां आप ठंडे पानी में पैर रखके तरोताजा हो सकते हैं, लेकिन हमने समय बिताया नदी के पानी में जो झरने से होते हुए इस विशाल घाटी से गुजर रहा था।

सूरज सर पर था लेकिन इस धारा का पानी इतना ठंडा मानो बर्फ अभी-अभी पिघली हो। यहाँ पर दूर-दूर से आये लोगों को एंजॉय करते देख आप अंदाजा लगा सकते हैं की इस जगह में कितना सुकून है।  हमने भी यहां अच्छा खासा वक्त बिताया और ठंडे पानी के छींटों से एक दूसरे को जम  कर भिगोया। शाम होने लगी तो सोचा अब यहाँ से चला जाए, क्योंकि जिस रास्ते से हम आए थे वहां कई किलोमीटर तक का रास्ता खराब था तो अंधेरे में उसी रास्ते से वापिस जाना ठीक नही लगा, इसलिए हमने दूसरे रास्ते से जाने की योजना बनाई जो कंडाघाट और साधुपुल से होते हुए चैल तक जाता है। आप जब भी यहां आएं  तो रास्तों का खास ख्याल रखें।

मैगी और टोमेटो सूप

बहरहाल वापसी के दौरान हमने रोमांच से भरे इस सफ़र को एक लेवल और ऊपर उठाने की ठानी, नहीं-नहीं हम बड़े और ऊँचे पहाड़ों पर बिना किसी तैयारी के नहीं चढे़ बल्कि  सड़क किनारे छोटी पहाडियों पे चढ़के कुकिंग का आनंद ज़रूर लिया। वाक़ई में बड़ा मज़ा आया। वाह जी वाह, मैगी और टोमेटो सूप ने तो मुँह का ज़ायका ही बना दिया।

साधुपुल

खाना पीना करने के बाद सफ़र फिर से शुरू हुआ। अंधेरा भी होने लगा था इसलिए गाड़ी की रफ्तार को बढ़ा कर सीधा ब्रेक लगाए साधुपुल में, साधुपुल एक पिकनिक स्पॉट है, जहां आप फैमिली के साथ या फ्रेंड्स के साथ पार्टी कर सकते हैं।

साधुपुल सोलन से लगभग 23 किलोमीटर और चैल से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहाड़ों से घिरी और अश्वनी नदी की बहती धारा इस जगह को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रही थी, इसमें तो कोई शक नहीं की साधुपुल एंजॉय करने की बेस्ट जगह है। बच्चों के लिए यहाँ वाटर पार्क और एडवेंचर जोन भी है, जहाँ वो खूब मौज-मस्ती कर सकते हैं। हमने कुछ समय यहां बिताने के बाद फिर से अपनी गाड़ी की ओर रुख किया और थोड़े से सफर के बाद अपने रिसोर्ट में वापिस आ गए। सच में चैल एक बेहद खूबसूरत और मनोरम जगह है जहाँ आप अपना बेहतरीन वक़्त बिता सकते हैं।

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