Category Destination South India Travel

केरल का कश्मीर नहीं देखा? सर्दियों में तो लगता है और भी हसीन!

केरल के इडुक्की जिले में, मुन्नार से कुछ ही दूरी पर स्थित, एक छिपा हुआ स्वर्ग है, जिसे स्थानीय लोग और पर्यटक अब असली ‘केरल का कश्मीर’ मानने लगे हैं और वह है कंथलूर। मुन्नार के हरे-भरे चाय बागानों के विपरीत, कंथलूर अपने सेब के बागों, संतरे के पेड़ों, स्ट्रॉबेरी के खेतों और लहसुन की खेती के लिए प्रसिद्ध है, जो केरल के बाकी हिस्सों से इसे एकदम अलग पहचान देते हैं।

कंथलूर की भौगोलिक स्थिति इसे यह उपनाम दिलाती है। यह पश्चिमी घाटों की एक ठंडी और शुष्क पट्टी पर स्थित है, जिसके कारण यहां का मौसम केरल के नम मौसम से भिन्न होता है। समुद्र तल से लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी चारों ओर से घने जंगलों और पहाड़ों से घिरी हुई है। यहां की जलवायु उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से काफी मिलती-जुलती है, जिसके कारण सेब और प्लम जैसे शीतोष्ण फल यहां सफलतापूर्वक उगाए जाते हैं। कंथलूर की हरियाली, शांति और खेती के अनोखे तरीके इसे एक अनोखा और आकर्षक गंतव्य बनाते हैं।

केरल

कंथलूर की यात्रा का सबसे उत्तम समय नवंबर से फरवरी के बीच का है। इस दौरान, यहां का मौसम अत्यंत ठंडा और मनमोहक हो जाता है, जिससे यह अनुभव सचमुच ‘कश्मीर’ जैसा प्रतीत होता है। जब तापमान 5°C से 10°C तक गिर जाता है, तो सुबह-सुबह खेतों और बागानों पर ओस की परत जम जाती है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में, कंथलूर की खासियत सेब के बागान, पतझड़ के रंग बिखेरते हैं, और कई जगहों पर फलों की कटाई का मौसम भी होता है। किसान अपनी ताज़ी फसलें बेचते हैं, जिससे पर्यटक सीधे पेड़ से तोड़कर फलों का आनंद ले सकते हैं।

इस ठंडी और शांत जलवायु में, स्ट्रॉबेरी के खेत लाल दानों से लदे होते हैं, जो नज़ारे को और भी हसीन बना देते हैं। ठंडी हवाएं, साफ नीला आसमान और फूलों-फलों से लदी पहाड़ियां, कंथलूर को एक अविस्मरणीय शीतकालीन गंतव्य बना देती हैं।

यह केरल की एकमात्र ऐसी जगह है, जहां सेब की व्यावसायिक खेती होती है। इसके अलावा, संतरे, प्लम, स्ट्रॉबेरी और पैशन फ्रूट के बागान भी यहां की विशेषता हैं।

कंथलूर के पास स्थित, यह बांध शांत वातावरण और आसपास की हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। यहां वन्यजीवों को देखने का भी मौका मिलता है।

केरल

यहां इलायची, दालचीनी और लौंग जैसे कई मसालों की खेती भी होती है, जिसकी सुगंध हवा में घुली रहती है।

भीमकाया गुफाएंः माना जाता है कि पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां विश्राम किया था। ये गुफाएं ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

चिन्नार वन्यजीव अभयारण्यः कंथलूर के करीब स्थित, यह अभयारण्य विविध वन्यजीवों और वनस्पतियों का घर है, जिसमें ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

कंथलूर की यात्रा की योजना बनाते समय, परिवहन के साधनों और उनसे जुड़े अनुमानित किराए को जानना बहुत ज़रूरी है। मुन्नार से इसकी निकटता के कारण, कोच्चि शहर यहां पहुंचने का मुख्य केंद्र है।

यहाँ तक सीधे हवाई मार्ग या रेल मार्ग से नहीं पहुंचा जा सकता। निकटतम हवाई अड्डा कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो कंथलूर से लगभग 160 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से मुन्नार होते हुए कंथलूर के लिए टैक्सी या बस सेवा उपलब्ध है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम या अलुवा है। इन स्टेशनों से आप मुन्नार तक बस या टैक्सी ले सकते हैं और फिर मुन्नार से कंथलूर के लिए स्थानीय परिवहन का उपयोग कर सकते हैं। मुन्नार से कंथलूर की सड़क यात्रा अत्यंत सुंदर घाटों और प्राकृतिक दृश्यों से गुज़रती है। हावाई यात्रा का औसत किराया ₹4,000 से ₹8,000 प्रति व्यक्ति (मौसम और अग्रिम बुकिंग के आधार पर) रहेगा।

परिवहन का किराया आपके प्रारंभिक शहर और यात्रा के तरीके पर निर्भर करता है। ट्रेन यात्रा का औसत किराया ₹800 (स्लीपर क्लास) से ₹3,000 (एसी क्लास) प्रति व्यक्ति तक रहेगा। कोच्चि या एर्नाकुलम से कंथलूर तक (सड़क मार्ग) का टैक्सी (निजी कार) का किराया लगभग ₹4,500 से ₹6,000 (एक तरफ़ा) रहेगा। यह आरामदायक और तेज़ विकल्प है, जिसमें मुन्नार भी शामिल हो सकता है। बस में एर्नाकुलम या अलुवा से मुन्नार तक का लगभग ₹180 से ₹300 प्रति व्यक्ति किराया रहेगा। मुन्नार से कंथलूर के लिए स्थानीय बस या जीप का किराया ₹50 से ₹100 अतिरिक्त होगा।

कंथलूर प्रकृति प्रेमियों और शांत वातावरण की तलाश करने वालों के लिए एक अद्भुत और कम भीड़-भाड़ वाला गंतव्य है। अपनी अनोखी कृषि, ठंडी जलवायु और शानदार दृश्यों के कारण, यह वास्तव में ‘केरल का कश्मीर’ होने का हकदार है। ठंड के मौसम में जब फलों की कटाई होती है, तो यहां का नज़ारा और भी मनमोहक हो जाता है। अगर आप जाना चाहते हैं तो आप को शुभकामनाएं

admin

admin

About Author

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Culture Himachal Pradesh Travel

Chail- Amazing places to visit in Chail

चंडीगढ़ से महज 110 किमी की दूरी पर है खूबसूरत चैल हिल स्टेशन by Pardeep Kumar मैं प्रदीप कुमार फाइव
Culture Destination Lifestyle Uttar Pradesh

Garh Mukteshwar

Garh Mukteshwar – गढ़मुक्तेश्वर: जहाँ कौरवों और पांडवों का पिंडदान हुआ था By Pardeep Kumar नमस्कार, आदाब, सत श्री अकाल