भारत के उत्तर-पूर्वी कोने में बसा असम, न केवल अपने हरे-भरे चाय के बागानों और शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की पाक-कला भी अपनी एक अलग पहचान रखती है। असमिया खाना, कम मसालों और ताज़ा सामग्री के साथ, स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन संगम है। अगर आपने असम की यात्रा की, लेकिन वहां के पारंपरिक पकवानों का स्वाद नहीं लिया, तो समझ लीजिए आपकी यात्रा अधूरी है। यहां असम के 5 ऐसे लाजवाब पकवानों का ज़िक्र है, जो आपकी स्वाद कलिकाओं को एक अविस्मरणीय अनुभव देंगे।असम में प्रसिद्ध भोजन क्या है?असम में प्रसिद्ध भोजन क्या है?Traditional Dishes Of Assam
खार: असमिया भोजन की एक अनोखी शुरुआत..
असमिया थाली की शुरुआत एक विशेष व्यंजन से होती है, जिसे खार कहते हैं। यह कोई सामान्य व्यंजन नहीं, बल्कि एक ऐसा पकवान है जो असम की अनूठी पाक-कला का परिचय देता है। खार को आमतौर पर कच्चे पपीते, सरसों की पत्तियों, सब्ज़ियों और किसी दाल से बनाया जाता है। लेकिन इसकी सबसे ख़ास बात इसका मुख्य घटक है, एक क्षारीय घोल, जिसे धूप में सुखाए गए केलों के छिलकों से फ़िल्टर करके बनाया जाता है। यह प्रक्रिया खार को एक अनूठा नमकीन स्वाद देती है। यह माना जाता है कि खार पाचन में मदद करता है और शरीर को अंदर से साफ रखता है। यह न सिर्फ़ स्वादिष्ट होता है, बल्कि असमिया लोगों के लिए यह भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मासेर टेंगा: स्वाद में खट्टा, दिल में मीठा..
अगर आपको हल्की खटास पसंद है, तो मासेर टेंगा आपके लिए है। मास का मतलब मछली और टेंगा का मतलब खट्टा। यह असम के लोगों का एक बहुत ही पसंदीदा व्यंजन है, जो मछली को हल्के मसालों और खटास के साथ तैयार किया जाता है। टेंगा में खटास लाने के लिए नींबू, टमाटर या फिर असम में पाए जाने वाले कुछ ख़ास खट्टे फलों का इस्तेमाल किया जाता है। यह व्यंजन हल्का होने के साथ-साथ बहुत ही ताज़गी भरा होता है। इसे चावल के साथ खाने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। मासेर टेंगा, असम की नदियों और झीलों से मिलने वाली ताज़ी मछलियों का बेहतरीन उपयोग है।

पीटिका: हर थाली की जान..
असमिया थाली की एक और ज़रूरी चीज़ है पीटिका। यह एक तरह की साइड डिश है जो हर घर और रेस्तरां में आसानी से मिल जाती है। पीटिका किसी भी मुख्य व्यंजन का स्वाद बढ़ा देती है। सबसे ज़्यादा लोकप्रिय आलू पीटिका है, जिसे उबले हुए आलू को मसलकर, उसमें कच्ची प्याज़, सरसों का तेल, हरी मिर्च, धनिया और नमक मिलाकर बनाया जाता है। कभी-कभी इसमें अंडे या भुनी हुई सब्ज़ियों को भी मिलाया जाता है। यह व्यंजन बहुत ही साधारण, लेकिन लाजवाब होता है। पीटिका का ताज़ा और तीखा स्वाद हर असमिया भोजन को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है।

पुरा: भुनी हुई ख़ुशबू का जादू..
अगर आपने किसी असमिया थाली में कोई भुनी हुई चीज़ नहीं खाई, तो आपने कुछ मिस कर दिया। असम में भुने हुए व्यंजनों को पुरा कहते हैं। पुरा में सब्ज़ियां, मछली या मीट, कुछ भी शामिल हो सकता है। यह पकवान अपनी अनूठी, भुनी हुई सुगंध के लिए जाना जाता है। सबसे मशहूर आलू बैगुन पुरा है, जिसमें बैंगन को सीधा आग पर भूनकर, उसे मसला जाता है और उसमें सरसों का तेल और मसाले मिलाए जाते हैं। इसके अलावा, पुरा मास (भुनी हुई मछली) और पुरा मांखो (भुना हुआ मांस) भी बहुत लोकप्रिय हैं। पुरा का स्मोकी स्वाद और साधारण तैयारी इसे बहुत खास बनाती है।

पोईता भात: एक पारंपरिक और अनोखा व्यंजन…गर्मी के दिनों में पोईता भात असम के लोगों के लिए एक राहत भरा भोजन है। यह पकवान पके हुए चावलों को रातभर पानी में भिगोकर फरमेंट करके बनाया जाता है। सुबह तक ये चावल हल्के खट्टे और नरम हो जाते हैं। फिर इसमें कच्ची प्याज़, सरसों का तेल, हरी मिर्च और नमक मिलाकर खाया जाता है। अक्सर, इसे पीटिका के साथ परोसा जाता है। पोईता भात न केवल पेट को ठंडक देता है, बल्कि इसे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह एक ऐसा व्यंजन है जो असम के ग्रामीण जीवन और उनकी सरल जीवनशैली को दर्शाता है।

नींबू का प्रयोग
बता दें, असम का भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक अनुभव है। यहां का खाना प्रकृति के करीब है और कम से कम मसालों का इस्तेमाल करता है ताकि सामग्री का असली स्वाद बरकरार रहे। इन 5 पकवानों के अलावा, असमिया भोजन में खीर और सलाद के साथ एक खास किस्म का स्थानीय नींबू भी होता है, जिसे लोग अक्सर खाने के बाद हाथ धोने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह मछली की गंध को दूर करता है। तो अगली बार जब आप असम जाएं, तो इन 5 पकवानों का स्वाद लेना न भूलें, क्योंकि इन्हें खाए बिना आपकी असम यात्रा वाकई अधूरी है।

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