जब भी बात ट्रैवलिंग की होती है तो जो बात सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है वह यह कि हम कंफर्टेबली यात्रा कर पाएं। क्योंकि अनकंफर्टेबल होकर यात्रा करना ट्रैवलिंग के मजे को किरकिरा कर देता है। अगर ट्रैवलिंग के कंफर्ट के बारे में बात किया जाए तो किसी भी ट्रैवलर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है एक कंफरटेबल ट्रैवलिंग शूज!
आइए जानते हैं एक अच्छे ट्रैवलिंग शूज की खासियत क्या-क्या होती है और ट्रैवलिंग शूज खरीदते वक्त आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

- जूते लाइट वेट हो (Shoes should be light in weight)
- फ्लैक्सिबल हो (Must be flexible)
- ग्रिप अच्छी हो (Have a good grip)
- सोल ज्यादा मोटा ना हो (Midsole should not be too thick)
- कुशनिंग अच्छी हो (Must have good cushioning)
- हार्ड मैटर का ना बना हो (Should not made up of hard material)
1. जूते लाइट वेट हो (Shoes should be light in weight) :
ट्रैवलिंग शूज का लाइट वेट होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि अगर आपका जूता ज्यादा भारी होगा तो आपको थकान भी बहुत जल्दी होगी। साथ ही साथ आप कंफर्टेबल होकर ट्रेवल भी नहीं कर पाएंगे। खासकर जब ट्रैकिंग की बात हो तो उस समय इस बात का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए कि आपके शूज लाइट वेट हो।
2. फ्लैक्सिबल हो (Must be flexible) :
कई बार हम ऐसी जगह पर जाते हैं जहां हमें ट्रैकिंग भी करनी होती है। ऐसे में अगर शूज फ्लैक्सिबल ना हो तो ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा नॉर्मल ट्रैवलिंग के लिए भी शूज का फ्लैक्सिबल होना ज्यादा अच्छा होता है। क्योंकि इसमें आप कंफर्टेबली ट्रैवलिंग तो कर ही पाते हैं साथ ही साथ लंबी दूरी तक आप पैदल भी आसानी से चल लेते हैं।
3. ग्रिप अच्छी हो (Have a good grip) :
जूते का चुनाव करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि जूते की ग्रिप अच्छी क्वालिटी का हो। क्योंकि खराब ग्रिप वाले जूते बहुत ज्यादा स्लिपरी होते हैं और उनमें फिसलने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं। इस वजह से उन्हें पहन कर ट्रैकिंग पर जाना भी बहुत खतरनाक हो सकता है।

4. सोल ज्यादा मोटा ना हो (Midsole should not be too thick) :
जूते का सोल जितना ज्यादा मोटा होता है, उसकी फ्लैक्सिबिलिटी उतना ही कम होती जाती है। इसीलिए शूज की खरीदारी करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आपके जूतों के सोल की मोटाई ज्यादा ना हो। इससे आपको पैकिंग करते समय भी आसानी होगी। क्योंकि पतले सोल वाले जूते ज्यादा जगह नहीं घेरते हैं।
5. कुशनिंग अच्छी हो (Must have good cushioning) :
ट्रैवलिंग करते वक्त कई बार हमें लंबी दूरी तक चलना भी पड़ जाता है। ऐसे में अगर जूते की कुशनिंग अच्छी ना हो तो पैरों में दर्द और तलवे में दर्द की समस्या आ जाती है। ऐसे जूतों में थकान भी बहुत जल्दी होती है। इसीलिए जूता चूज करते वक्त इस बात का ध्यान रखें की उस जूते की कुशनिंग अच्छी हो ताकि वह आरामदायक हो और लंबे सफर के लिए भी उपयुक्त हो।
6. हार्ड मैटर का ना बना हो (Should not made up of hard material) :
जूते खरीदते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि जूते का ऊपरी हिस्सा बहुत ज्यादा स्टिफ ना हो और वह फ्लैक्सिबल हो। ताकि उन्हें पैक करते वक्त आपको ज्यादा परेशानी ना हो और कम से कम जगह में उन जूतों को आप एडजस्ट कर पाए।