“पंचमढ़ी मध्य प्रदेश के सतपुड़ा पहाड़ियों के क्षेत्र में आता है और इसकी खूबसूरती के कारण इसे “सतपुड़ा की रानी” के नाम से जाना जाता है। पंचमढ़ी को मध्य प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशन माना जाता है। आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे पचमढ़ी के फेमस टूरिस्ट स्पॉट्स के बारे में । इसके साथ हीं मैं आपको यह भी बताऊंगी कि पंचमढ़ी का इतिहास क्या रहा है और यहां आप किस तरह से अपना टूर प्लान कर सकते हैं।”
- पंचमढ़ी का इतिहास (History of panchmarhi)
- ये हैं पंचमढ़ी के मुख्य आकर्षण (These are the main attractions of Panchmarhi)
- पंचमढ़ी में करने लायक एक्टिविटीज (Things to do in panchmarhi)
- पंचमढ़ी कैसे पहुंचे (How to reach panchmadhi)
- पंचमढ़ी में ठहरने का खर्च (Cost of stay in Panchmarhi)
- पंचमढ़ी जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Panchmarhi)
- कुछ ऐसे प्लान करें टूर प्लानर (Tour planner should plan something like this)

पंचमढ़ी का इतिहास (History of panchmarhi)
अगर पंचमढ़ी के इतिहास की बात की जाए तो सबसे पहले इसके नाम के बारे में जानते हैं। पंचमढ़ी का नाम पंचमढ़ी पड़ने के पीछे का कारण यह है कि यहाँ पांडवों ने अपने वनवास के समय पांच गुफाओं का निर्माण करवाया था। जो यहां एक ऊंचे पर्वत के शिखर पर मौजूद है। आजादी के बाद 1955 तक पंचमढ़ी मध्य प्रदेश की समर कैपिटल हुआ करती थी। यहां अभी भी कई सारे प्रशासनिक भवन बने हुए हैं और कई मंत्रियों के आवास स्थल भी यही मौजूद हैं।
ये हैं पंचमढ़ी के मुख्य आकर्षण (These are the main attractions of Panchmarhi)
बी फॉल वॉटरफॉल (Bee waterfall)
पंचमढ़ी में कई वॉटरफाल्स भी हैं जहां लगभग 150 फीट ऊपर से पानी गिरता है। इतनी ऊंचाई से पानी गिरने के कारण जब आप इस वॉटरफॉल के नीचे खड़े होंगे तो पानी के दबाव के कारण आपको ऐसा महसूस होगा कि कई सारी मधुमक्खियां मिलकर आपको काट रही हैं। इसीलिए इस वॉटरफॉल का नाम बी वॉटरफॉल रखा गया है। इस वॉटरफॉल का नामकरण अंग्रेजों द्वारा ही किया गया था और आज के समय में यह वॉटरफॉल पंचमढ़ी के सबसे मुख्य आकर्षणों में से एक है। इसके अलावा पंचमढ़ी में अप्सरा फॉल्स और सिल्वर फॉल्स भी है। जो अपनी अप्रतिम खूबसूरती के कारण लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित करती हैं।

धूपगढ़ सनराइज एंड सनसेट पॉइंट (Dhupgarh sunrise and sunset point)
धूपगढ़ पचमढ़ी के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट अट्रैक्शन में से एक है। धूपगढ़ में एक पिक्चर गैलरी भी है। जहां पहुंचकर आपको पता लगेगा की सतपुड़ा के पंचमढ़ी में देखने के लिए क्या क्या है? धूपगढ़ का नाम धूपगढ़ इसलिए रखा गया क्योंकि पचमढ़ी में जब सूरज की पहली किरण पड़ती है तो वह इसी जगह पर पड़ती है और सूर्यास्त के समय सूरज की आखिरी किरण भी यही से विदा लेती है। इस पॉइंट से सूरज को सुबह के समय उगते हुए देखना और शाम के समय आकाश में लालिमा बिखेरते हुए धीरे धीरे अस्त होते देखना वाकई एक मनोरम दृश्य होता है। धूपगढ़ के इस बिंदु से दिखने वाले व्यू भी इतनी खूबसूरत होते हैं कि आप इस मूमेंट अपने लाइफ में कभी नहीं भूल पाएंगे। चारों ओर सतपुड़ा की हरी भरी पहाड़ियां, बादलों से भरा हुआ आकाश और उन बादलों को चीरते हुए निकल रही धूप की किरणें आपका मन मोह लेने में सक्षम होते हैं।

बड़ा महादेव टेंपल (Bada Mahadev temple)
पचमढ़ी के मेन मार्केट से बड़ा महादेव टेंपल की दूरी लगभग 10 किलोमीटर की है। इसके रास्ते में आपको कुछ व्यु पॉइंट्स भी देखने को मिलेंगे। जिनमें हांडी खोह, इको पॉइंट और प्रियदर्शनी व्यू पॉइंट प्रमुख हैं। जंगल के खूबसूरत नजारों का लुफ्त उठाते हुए जब आप बड़ा महादेव टेंपल के लिए आगे बढ़ेंगे तो कुछ दूर आपको पैदल भी चलना पड़ेगा। बड़ा महादेव मंदिर तक जाने वाला यह पैदल रास्ता बहुत ही खूबसूरत है। आप लगभग 2 मिनट तक इस रास्ते पर चलते हुए बड़ा महादेव मंदिर तक पहुंच जाएंगे। हमारी ओर से सुझाव रहेगा कि आप अपने साथ खाने का समान ना रखें। क्योंकि यहां बंदरों की बहुत ज्यादा आवाजाही है। इसलिए आप बंदरों से बच कर रहे। बड़ा महादेव टेंपल में भी बहुत सारे झरने हैं। जिन्हें देखना बहुत ही खूबसूरत सा एहसास होता है। बड़ा महादेव टेंपल पहुंच कर आपको स्पिरिचुएलिटी का सही अर्थ समझ में आएगा। क्योंकि यहां नेचर की गोद में बैठकर आप भगवान की पूजा अर्चना कर सकते हैं और ध्यान में मग्न हो सकते हैं।

बड़ा महादेव टेंपल के बारे में बताया जाता है कि जब महादेव ने भस्मासुर को वरदान दिया कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा तब भस्मासुर अपनी शक्ति के घमंड में चूर होकर शिवजी को ही भस्म करने के लिए चल पड़ा। जिससे बचने के लिए महादेव इस गुफा में जाकर छुप गए थे। फिर विष्णु जी ने मोहिनी का रूप धारण करके भस्मासुर का वध किया। जिसके बाद महादेव यहां से बाहर आए। इस समय से इस गुफा में शिवलिंग स्थापित है और दूर-दूर से भक्त यहां पूजा करने के लिए आते हैं। खास कर नाग पंचमी के समय में आपके पूरे पंचमढ़ी में अलग ही दृश्य देखने को मिलेगा और इस मंदिर में भी नाग पंचमी के समय आपको बहुत ही भीड़ देखने को मिलेगी। पंचमढ़ी से बड़ा महादेव मंदिर के लिए आप अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं।
इसके अलावा पचमढ़ी में गुप्त महादेव के दर्शन करने के लिए भी जा सकते हैं। पचमढ़ी के मार्केट से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर ही आपको जटाशंकर महादेव टेंपल भी देखने को मिलेगा। जटाशंकर महादेव टेंपल के आसपास भी बहुत सारी गुफाएं हैं।
पंचमढ़ी में करने लायक एक्टिविटीज (Things to do in panchmarhi)
पंचमढ़ी में आप पैरासेलिंग, हॉर्स राइडिंग और बोटिंग जैसे कई एडवेंचरस एक्टिविटीज कर सकते हैं। पंचमढ़ी में नाइट सफारी की भी सुविधा उपलब्ध है। लेकिन इस समय आपको एनिमल्स दिखेंगे कि नहीं यह आपकी किस्मत पर डिपेंड करेगा। वैसे तो डे सफारी में भी एनिमल्स के दिखने के चांसेस बहुत ज्यादा नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी डे सफारी में आप व्यूज का बहुत ही अच्छे से लुप्त उठा सकते हैं। लेकिन नाइट सफारी में व्यूज उतने क्लियर नहीं होते हैं।
पंचमढ़ी कैसे पहुंचे (How to reach panchmadhi)?

अगर आप पंचमढ़ी आना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले भोपाल से 150 किलोमीटर दूर स्थित पिपरिया पहुंचना पड़ेगा। पिपरिया में एक रेलवे स्टेशन भी है। इसलिए आप पिपरिया बाय ट्रेन भी पहुंच सकते हैं। पिपरिया पहुंचने के बाद आप बस के द्वारा पंचमढ़ी के लिए निकल सकते हैं। जिसके लिए आपको ₹100 से ₹150 रुपए तक का किराया देना होगा। वहीं अगर आप शेयरिंग कार का उपयोग करेंगे तो पिपरिया पहुंचने का ₹300 से ₹400 प्रति व्यक्ति तक का खर्च आएगा।
पंचमढ़ी में ठहरने का खर्च (Cost of stay in Panchmarhi)
अगर आप पचमढ़ी आना चाह रहे हैं तो यहां के होटल आपको थोड़े कॉस्टली पड़ेंगे। यहां होटल में ठहरने के लिए आपको मिनिमम 700 से 1500 तक का खर्च आएगा। वहीं मैक्सिमम आपके यहां 6000 से 7000 तक के होटल भी देखने को मिल सकते हैं। अगर आप बरसात के सीजन में आएंगे तो उस समय यहां होटल आपको मिनिमम ₹1500 में मिलेंगे। क्योंकि बरसात के सीजन में यहां का व्यु बहुत हीं खूबसूरत हो जाता है। जिसके वजह से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती हैहै और बढ़ते डिमांड के कारण यहां के होटल के प्राइस भी बढ़ जाते हैं। इसके अलावा नाग पंचमी के समय भी यहां के होटलों के प्राइस बढ़ जाते हैं।

पंचमढ़ी जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Panchmarhi)
अगर आप पंचमढ़ी घूमने चाहते हैं तो आप साल के किसी भी समय पंचमढ़ी का रुख कर सकते हैं। क्योंकि यहां का टेंपरेचर कभी भी 25 डिग्री से ऊपर नहीं जाता है, इसीलिए यहां साल के 12 महीने खुशनुमा मौसम होता है। लेकिन अगर आप पंचमढ़ी के बेस्ट व्यू का मजा लेना चाहते हैं तो आप बरसात के सीजन में यहां जा सकते हैं। हालांकि इस समय आपको ओवर प्राइस का सामना करना पड़ सकता है लेकिन यहां के खूबसूरत व्यूज को देखने के बाद आपको ऐसा महसूस होगा कि सारे पैसे वसूल हो गए।
कुछ ऐसे प्लान करें टूर प्लानर (Tour planner should plan something like this)

वैसे तो पंचमढ़ी में देखने के लिए बहुत कुछ है और कई सारे पॉइंट्स ऐसे हैं जहां एक बार जाने से मन नहीं भरता है। लेकिन फिर भी अगर आप पचमढ़ी आना चाहते हैं तो आपको इसके लिए कम से कम तीन दिनों का समय यहां देना होगा। साथ ही पचमढ़ी में आपको नेटवर्क इशू फेस करना पड़ सकता है। अगर आप जंगल के एरिया में जाएंगे तो आपको वहां बिल्कुल भी नेटवर्क नहीं मिलेगा।
अगर आप पचमढ़ी को अच्छे से घूमना चाहते हैं तो आप अपना टूर प्लान कुछ इस प्रकार से तैयार कर सकते हैं।
- पहले दिन बी फॉल्स, अप्सरा फॉल्स, सिल्वर फॉल्स के साथ-साथ धूपगढ़ और रिच गढ़ को कवर कर सकते हैं।
- दूसरे दिन आप चौरागढ़ के लिए निकल सकते हैं। इस दिन आप चौरागढ़ की ट्रैकिंग कर सकते हैं और पूरा दिन वहां बिता सकते हैं। चौरागढ़ ट्रैक से आप जब नीचे आएंगे तो आप गुप्त महादेव और बड़ा महादेव टेंपल को बहुत ही आसानी से कर कर पाएंगे।
- तीसरे दिन आप पांडव केव्स और जटाशंकर महादेव मंदिर को कर कर सकते हैं।

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