कल्पना कीजिए, आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और वीकेंड पर बच्चों को किसी ऐसी जगह ले जाना चाहते हैं, जहां मस्ती, रोमांच और नयापन तीनों हों। और उसके लिए अमेरिका के डिज़्नीलैंड (Disneyland) या दुबई के मोशनगेट (Motiongate) जाने की ज़रूरत न हो।
अब ये सपना सिर्फ कल्पना नहीं रह जाएगा, क्योंकि हरियाणा में एक ऐसी ही दुनिया बसने की तैयारी में है।
कहां बन रहा है ये पार्क?
हरियाणा के मानेसर में, पचगांव चौक के पास, करीब 500 एकड़ ज़मीन पर एक भव्य थीम पार्क की योजना बन रही है। बिल्कुल डिज़्नीलैंड की तर्ज़ पर।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस प्रस्ताव को लेकर बातचीत की है। सरकार इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नज़र आ रही है।

क्या होगा खास?
- ये सिर्फ एक थीम पार्क नहीं होगा, बल्कि एक ग्लोबल सिटी की तरह विकसित किया जाएगा।
- बच्चों के लिए एनिमेटेड ज़ोन, युवाओं के लिए थ्रिलराइड्स, और पूरे परिवार के लिए शो, म्यूज़िक, और इंटरैक्टिव अनुभव।
- आसपास के इलाके- गुरुग्राम, रेवाड़ी, धारूहेड़ा और भिवाड़ी में रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
क्यों चुना गया मानेसर?
मानेसर पहले से ही हरियाणा की नई विकास योजनाओं का केंद्र रहा है।
- यह KMP एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, और प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से अच्छी तरह जुड़ा है।
- दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों से यहाँ पहुँचना बेहद आसान होगा।
यानी लोगों के लिए यहाँ आना उतना ही आसान होगा, जितना मेट्रो पकड़ना।
क्या मिलेगा हरियाणा को?
हरियाणा सरकार की नज़र सिर्फ मनोरंजन पर नहीं, बल्कि आर्थिक बदलाव पर भी है:
- हज़ारों नौकरियाँ – पार्क के निर्माण और संचालन में
- स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा – होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवाएं, दुकानें/शॉप्स आदि
- पर्यटन से कमाई – जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी
लेकिन क्या डिज़्नी आएगा?
अब यहाँ सवाल उठता है- क्या डिज़्नी कंपनी वाकई इस प्रोजेक्ट में शामिल होगी?
डिज़्नीलैंड जैसा कहे जाने वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर फिलहाल लोगों की उम्मीदें ज़्यादा हैं, लेकिन ज़मीनी सच्चाई अभी खुलनी बाकी है।
पहले भी हुआ था प्रयास?
दिलचस्प बात यह है कि 1989 में भी एक थीम पार्क की योजना बनी थी, लेकिन ज़मीन विवाद और राजनीतिक असहमति के चलते वो प्लान ठंडे बस्ते में चला गया था।
इस बार सरकार ज़्यादा ठोस तैयारी के साथ आई है।
सपनों का शहर या सिर्फ सपना?
हरियाणा का यह प्रस्ताव अगर सही दिशा में बढ़ा, तो यह केवल राज्य ही नहीं, पूरे देश के लिए पर्यटन और आर्थिक विकास की एक नई मिसाल बन सकता है।
लेकिन इसकी सफलता सिर्फ ‘घोषणाओं’ से नहीं, बल्कि निवेश, नियोजन और ज़मीनी काम पर निर्भर करेगी।
अब देखना ये होगा कि क्या भारत में भी जल्द ही ऐसा समय आएगा? जब लोग कहेंगे- “चलो, गुरुग्राम वाले डिज़्नीलैंड चलते हैं!”