सकट चतुर्थी का त्योहार हर माँ के लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य के लिए व्रत रखती हैं। ऐसे में इस दिन का पहनावा भी सिंपल, कंफर्टेबल और ट्रेडिशनल होना चाहिए। ज़्यादातर महिलाएं इस मौके पर साड़ी या सलवार-सूट पहनना पसंद करती हैं। पीले, लाल, हरे या हल्के रंग के कपड़े शुभ माने जाते हैं।
सर्दियों में सकट चतुर्थी: ठंड से कैसे करें बचाव?
सकट चतुर्थी सर्दियों के मौसम में आती है इसलिए इस दिन ठंड से बचाव का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। पूजा-पाठ और व्रत के दौरान काफी देर तक बाहर या ठंडे माहौल में रहना पड़ सकता है, ऐसे में साड़ी या सूट के साथ एक अच्छा-सा शॉल या दुपट्टा ज़रूर रखें। इससे न सिर्फ ठंड से बचाव होता है, बल्कि आपका पूरा लुक निखर के आ जाएगा।

चाहें तो हल्का ऊनी या सिल्क शॉल ले सकती हैं, जो पहनने में कंफर्टेबल होता है। बहुत भारी कपड़े, मोटी कढ़ाई या ज़्यादा चमक-दमक से इस दिन बचना ही अच्छा रहता है, क्योंकि सकट चतुर्थी पर सादगी ही सबसे ज़्यादा अच्छी लगती है और यही इसकी असली खूबसूरती भी होती है।
सकट चतुर्थी पर कैसी हो ज्वेलरी?
गहनों की बात करें तो सकट चतुर्थी के दिन बहुत ज़्यादा या भारी ज्वेलरी पहनने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इस दिन सादगी ही सबसे अच्छी लगती है। छोटे झुमके, हाथों में कुछ चूड़ियां और माथे पर एक छोटी सी बिंदी पूरे लुक को साफ-सुथरा और प्यारा बना देती है। अगर मन करे तो हल्की सी नथ या छोटा सा मांगटीका भी लगा सकती हैं, लेकिन ध्यान रखें कि सब कुछ सिंपल ही रहे।

मेकअप भी हल्का और नेचुरल रखना बेहतर होता है थोड़ा सा काजल, हल्की लिपस्टिक या लिप बाम और फ्रेश चेहरा इस दिन सबसे सुंदर लगता है। बालों में साधारण सा बन या चोटी बना लें और चाहें तो उसमें गजरा भी लगा सकती हैं, जिससे पूरा लुक और भी ट्रेडिशनल बन जाता है।
सादगी में ही है खूबसूरती!
कुल मिलाकर सकट चतुर्थी पर फैशन का मतलब दिखावा नहीं, बल्कि परंपरा और मन की शांति है। साफ-सुथरे कपड़े, हल्का सा श्रृंगार और सच्ची श्रद्धा यही इस दिन की असली खूबसूरती है।