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The Most Haunted Places in India

ऐसी जगह जो अपने खौफनाक किस्सों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और जिनका इतिहास आपको हैरान कर देगा(The Most Haunted Places in India)

Research By Sakshi Joshi/ Edited by Pardeep Kumar


वैसे तो भारत के हर शहर या हर गांव में कोई ना कोई कहानी या कहें भूतों की कहानियां काफी सुनाई पड़ती हैं। यहां किसी की खौफनाक मनगढ़ंत कहानियां मशहूर हो जाती है तो कुछ लोग इस बारे में बात करने से कतराते हैं, और कुछ साफ मुंह फेर के कह देते हैं कि भूत-वूत कुछ नहीं होता। पर आज भी देश भर में बहुत-सी ऐसी जगहें हैं जिनके इतिहास के पन्नों में लिखी कहानियां भयानक लगती हैं। हालांकि आज के समय इस विषय में बात करना काफी नॉर्मल है, या यूं कहें कि आज इन सब भूत-प्रेत की बातों में काफी कम लोग विश्वास करते हैं। लेकिन क्या आप वाकिफ हैं, भारत की कुछ ऐसी जगहों से जिनका इतिहास आपको इस विषय में सोचने पर मजबूर कर देगा। तो चलिए आज आपको रूबरू कराते हैं भारत की कुछ ऐसी हॉन्टेड जगहों से जिनसे जुड़ी दिलचस्प कहानियां आपको हैरान कर देंगी।(The Most Haunted Places in India)

भानगढ़ का किला,  Indian Ghost Town of Bhangarh

The Most Haunted Places in India

और इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर है राजस्थान का भानगढ़ फोर्ट।अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा भानगढ़ का किला अपने आप में बहुत लम्बा इतिहास समेटे हुए है। भानगढ़ का किला जयपुर और अलवर शहर के बीच सरिस्का से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस भव्य किले का निर्माण 17 वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह, महान मुगल सेनापति, आमेर के मान सिंह के छोटे भाई द्वारा करवाया गया था। शाही महल के अलावा, भानगढ़ में 1720 तक 9,000 से अधिक घर थे जिसके बाद धीरे-धीरे ये आबादी में कम हो गई।

पूरी बस्ती के साथ भानगढ़ किला लगातार तीन किलेबंदी और पांच विशाल दरवाजों से सुरक्षित था। इस किले के परिसर के भीतर भव्य हवेलियों, मंदिरों और सुनसान बाजारों के अवशेष हैं, जो किले की विराटता और समृद्धता का संकेत देते हैं। यह जगह भूत प्रेत की वजह से ज्यादा जानी जाती है, भानगढ़ किला फिर भी अपने शांत वातावरण, सुंदर अरावली पर्वत के कारण पर्यटकों की भीड़ को आकर्षित करता है।


दिलचस्प कहानी : भानगढ़ किले को भारत में सबसे भूतिया स्थानों में से एक माना जाता है और इसे शापित कहा जाता है। किले से जुड़ी कई कहानियां हैं लेकिन दो ऐसी भी हैं जो स्थानीय आबादी के बीच काफी लोकप्रिय हैं। पहली कथा बाबा बालाऊ नाथ नाम के एक साधु की है। राजा माधो सिंह द्वारा भानगढ़ में एक किले का निर्माण करने का निर्णय लेने से बहुत पहले, यह क्षेत्र बाबा बालाऊ नाथ के लिए एक ध्यान स्थल था। साधु ने किले के निर्माण के लिए अपनी अनुमति इस शर्त पर दी थी कि किला या कोई भी इमारत उसके घर से ऊंची नहीं होनी चाहिए और यदि किसी संरचना की छाया उसके घर पर पड़ती है, तो इसका परिणाम किले का विनाश होगा। मगर कहा जाता है कि माधो सिंह के पोते अजब सिंह ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और किले की ऊंचाई बहुत बढ़ा दी, जिसके परिणामस्वरूप साधु के घर पर छाया पड़ी, जिससे शहर का विनाश हुआ

ऐसी ही यहाँ के लोगों में बेहद प्रचलित एक दूसरी कहानी राजकुमारी रत्नावती से जुड़ी है, जो बहुत सुंदर थी और देश के शाही परिवारों के कई प्रेमी काले जादू में माहिर थे। एक जादूगर को राजकुमारी से प्यार हो गया। जैसे ही राजकुमारी एक दिन अपने दोस्तों के साथ खरीदारी करने गई, जादूगर ने उसे इत्र या कहें कि परफ्यूम खरीदते हुए देखा और इत्र को एक प्रेम दवाई से बदल दिया। हालाँकि, राजकुमारी को जादूगर की चाल का पता चला और उसने दवाई को पास के एक विशाल पत्थर पर फेंक दिया। इसके कारण वह विशाल पत्थर जादूगर की ओर लुढ़क गया और उसकी कुचलकर मौत हो गई। लेकिन मौत के मुंह में जाने से पहले, उसने शहर को यह कहते हुए शाप दिया कि इसे जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा और कोई भी इसके परिसर में नहीं रह पाएगा। बाद में आक्रमणकारी मुगल सेनाओं द्वारा राज्य को बर्खास्त कर दिया गया, जिससे किले के सभी निवासियों को राजकुमारी रत्नावती के साथ मार दिया गया।

जैसा कि इसे एक भूतिया स्थान माना जाता है, भानगढ़ का किला सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद पर्यटकों के लिए बंद रहता है।

भानगढ़ किले की ये कहानियां इसलिए भी और अधिक खौफनाक लगती हैं क्योंकि ASI यानी Archaeological Survey of India ने भानगढ़ के किले को भारत की सबसे डरावनी जगहों में सबसे ऊपर रखा है। बाकायदा यहाँ इस विषय में सूचना पट लगाया गया है जिसमें ये साफ़ दर्ज़ है कि सूर्योस्त के बाद यहाँ किसी भी व्यक्ति का आना वर्जित है।

अग्रसेन की बावली Agrasen ki Baoli,New Delhi

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में स्थित यह खूबसूरत अग्रसेन की बावली कब और किसके द्वारा बनाई गई इसका कोई स्पष्ट ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि कई इतिहासकारों का कहना है कि इसका निर्माण किसी और ने नहीं बल्कि अग्रोहा के महान राजा अग्रसेन द्वारा किया गया था। और फिर 14 वी शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण तुगलक वंश या लोधी वंश के दिल्ली पर शासन के दौरान किया गया।

ऐसा कहा जाता है कि यहां पर कुएं के अंदर जानलेवा काला पानी है। यह आत्मघाती काला पानी लोगों को अपने वाश में कर लेता है। और इसके पास जाने पर यह लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर तक कर देता है। जैसे ही लोग सीढ़ियों से पानी की ओर जाते हैं, तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें अपनी ओर खींच रही है। ऐसी कितनी ही कहानियां इस बावड़ी के बारे में अच्छी खासी प्रसिद्ध हैं। और कहते हैं ना कि इन्ही कहानियों से भूतिया किरदार गढ़े जाते हैं और ऐसी पुराणी सुनसान जगह डरावनी बन जाती हैं।


लेकिन अग्रसेन की बावली को अक्सर दिल्ली की सबसे खूबसूरत जगहों में गिना जाता है। यह जगह फिल्म शूटिंग के लिए बॉलीवूड द्वारा बहुत पसंद की गई है। अग्रसेन की बावली को कई फिल्मों में दिखाया गया है और यह दिल्ली में प्रसिद्ध फिल्म शूटिंग स्थानों में से एक है

पुणे का शनिवारवाड़ा, Shaniwar Wada, Pune

भले ही देश में बहुत से लोग शनिवार वाड़ा (महल) के बारे में न जानते हो। पर घुम्मकड़ और खासकर मराठी लोग इसके बारे में बखूबी जानती हैं। शनिवार वाड़ा महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है, जिसका निर्माण मराठा-पेशवा साम्राज्य को बुलंदियों पर ले जाने वाले बाजीराव पेशवा ने करवाया था। यह महल 1732 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। कहा जाता है कि उस समय इसे बनाने में करीब 16 हजार रुपये खर्च हुए थे। तब के समय में यह राशि बहुत अधिक थी।

उस समय इस महल में करीब 1000 लोग रहते थे। यह एक एतिहासिक महल है, जो कभी मराठा साम्राज्य की आन-बान और शान हुआ करता था, लेकिन आज से करीब 246 साल पहले इस महल में एक ऐसी घटना घटी थी, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।

जिसकी वजह से ही लोग इस महल को रहस्यमय मानते हैं। कहते हैं कि इसी महल में 30 अगस्त 1773 की रात 18 साल के नारायण राव की हत्या कर दी गई थी, जो मराठा साम्राज्य के नौवें पेशवा बने थे। कहा जाता है कि उनके चाचा ने ही उनकी हत्या करवाई थी। आस-पास के लोगों का कहना है कि आज भी अमावस्या की रात महल से किसी की दर्द भरी आवाज सुनाई देती है, जो बचाओ-बचाओ चिल्लाती है और यही कहानी इस जगह को डरावना बनाने के काफी है। आज भी लोग शाम के समय इस महल के आस पास से गुजरना भी नहीं चाहते।

जैसलमेर का कुलधरा गांव, The Ghost Village

बहुत सी जगह हैं जो अपने रहस्यमयी कारणों के चलते चर्चाओं में बनी रहती हैं। ऐसी ही जगहों में से एक है जैसलमेर का कुलधरा गांव। कहा जाता पिछले सैंकड़ों सालों से यह जगह शापित है। पर सवाल ये है कि ऐसा क्या हुआ था इधर कि सिर्फ एक रात में यहां लगभग 600 घरों के लोग गायब हो गए। करीब 200 साल से यह गांव सुनसान, उजाड़ और खाली पड़ा है। जबकि एक समय में यह काफी सुन्दर और सभी सुख सुविधाओं से भरपूर था। यहां के लोकल लोगों का कहना है कि यहां रात में कभी चूड़ियों के खनकने की आवाज आती है तो कभी किसी बच्चे के रोने की। इसलिए शाम को ६ बजे के यहाँ प्रवेश करने की सख्त मनाही है।

ऐसा माना जाता है कि इस गांव को साल 1300 में पालीवाल ब्राह्मण समाज ने सरस्वती नदी के किनारे इस गांव को बसाया था। किसी समय इस गांव में काफी चहल-पहल रहा करती थी। लेकिन आज यहां कोई इंसान भटकने से भी डरता है और 200 सालों से इस जगह पर फिर कभी कोई बसने नहीं आया।


कहा जाता है कि 1800 के दशक में, गांव मंत्री सलीम सिंह के अधीन एक जागीर या राज्य हुआ करता था, जो कर इख्ठा करके लोगों के साथ विश्वासघात किया करता था। ग्रामीणों पर लगाए जाने वाले कर की वजह से यहां के लोग बेहद परेशान रहते थे। ऐसा कहा जाता है कि सलीम सिंह को ग्राम प्रधान की बेटी पसंद आ गई और उन्होंने गांव वालों को इस पर धमकी दे डाली कि अगर उन्होंने इस बात का विरोध करने की कोशिश की या रस्ते में आए, तो वह और कर वसूल करने लगेगा। अपने गांव वालों की जान बचाने के साथ-साथ अपनी बेटी की इज्जत बचाने के लिए मुखिया समेत पूरा गांव रातों-रात फरार हो गया। गांव वाले गांव को वीरान छोड़कर किसी दूसरी जगह पर चले गए। ऐसा कहा जाता है कि गांव वालों ने जाते समय गांव को ये श्राप दिया था कि यहां आने वाले दिनों में कोई नहीं रह पाएगा। कहते हैं उस श्राप की वजह से उसके बाद यहाँ कभी कोई बस नहीं पाया।


कुलधरा गांव में आप रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक घूमना-फिरना कर सकते हैं। ये जगह भूतिया मानी जाती है, इसलिए स्थानीय लोग सूर्यास्त के बाद द्वार बंद कर देते हैं।

दिल्ली कैंट , Delhi Cant, New Delhi

एक ऐसी खौफनाक जगह जहां शाम होने के बाद एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता। दिल्ली कैंट इस इलाके में चारों तरफ आर्मी छावनियां है, पर यह रास्ता बिलकुल सुनसान है।

कहा जाता है कि रात में अगर यहां से कोई भी गाड़ी गुज़रती है तो एक औरत सफ़ेद लिबास में आपसे लिफ्ट मांगती है। और गाड़ी न रोकने पर उलटी रफ़्तार में गाड़ी के पीछे भागती है। जिसकी गति गाडी जितनी होती है। आपको बता दें कि सफ़ेद लिबास वाली महिला को देखने की पुष्टि कई लोगों ने की है। हालांकि किसी इंसान को नुक्सान पहुंचाने की कोई खबर नहीं आई है।The Most Haunted Places in India

ऐसी एकांत और सुनसान जगहों के पीछे ऐसी ही ना जाने कितनी कहानियां होती हैं जो इन्हें खौफनाक बनाती हैं। दरअसल कहानियां चाहे कुछ भी हो लेकिन ये सभी जगह बेहद खौफनाक मानी जाती हैं। और शाम ढलने के बाद लोग ऐसी जगहों पर जाने से बचते हैं।

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1 Comment

  1. Mehrangarh Fort, Jodhpur,one of the largest forts in country

    March 6, 2023

    […] किले में चामुंडा माता का मंदिर भी है, जिसे राव जोधा ने 1460 ईस्वी में बनवाया था। नवरात्रि के दिनों में यहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है। बताते हैं जब राव जोधा ने अपनी राजधानी को मंडोर से जोधपुर शिफ्ट किया था तब वह अपने साथ दुर्गा माता की मूर्ति को भी ले गए थे। इस मूर्ति को मेहरानगढ़ किले में स्थापित किया गया था जिसे आज चामुंडा माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहीं इसी जगह हर साल माता का प्रसिद्ध मेला भी लगता है जिसमे दूर दराज से हज़ारों श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं। […]

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