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कश्मीर को धरती का स्वर्ग बनाते हैं वहां के ये टूरिस्ट प्लेस

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जब भी कश्मीर का जिक्र होता है तो खूबसूरत वादियों और बर्फ से ढ़की पहाड़ियों की कल्पनाएँ दिल में हलचल मचाने लगती हैं। चाहे बच्चे हो या जवान कश्मीर के पहाड़ों में खो जाने की ख्वाहिश सभी को होती है। शायद ही कोई घुमक्कड़ ऐसा होगा जो कश्मीर नहीं जाना चाहता होगा। कश्मीर की प्राकृतिक खुबसुरती इसे भारत का स्वर्ग बनाती है। जिस स्वर्ग को देखने के लिए यहां दुनिया भर से लाखों लोग घूमने आते हैं।हम आपको इस ब्लॉग में कश्मीर के कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कश्मीर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कश्मीर की इन जगहों पर जरूर जाएं। 1. वैष्णो देवी मंदिर (vaishno devi mandir) : त्रिकुटा पहाड़ियों में कटरा से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 5300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। माता वैष्णो देवी मंदिर कश्मीर हीं नहीं बल्कि पूरे भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। जहां हर साल लाखों भक्त पूजा अर्चना करने और अपनी मनोकामना मांगने आते हैं। बर्फीली पहाड़ियों में बसा हुआ यह मंदिर काफी शांत और सुंदर है। जहां जाकर आपको अलग हीं तरह की पॉजिटिव एनर्जी और मन की शांति का एहसास होगा। आध्यात्मिक लोगों के लिए यह मंदिर किसी स्वर्ग से कम नहीं है।वैष्णो देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थ यात्रियों को लगभग 13 किलोमीटर तक पैदल चलकर ट्रैकिंग करते हुए मंदिर की गुफाओं तक पहुंचना होता है। मां वैष्णो देवी का यह मंदिर भारत के 108 शक्तिपीठों में से एक है। वैष्णो देवी मंदिर जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Vaishno Devi Mandir) : वैष्णो देवी मंदिर पूरे साल श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। इसीलिए वहां कभी भी जाया जा सकता है, लेकिन मार्च से मई और सितंबर से नवंबर तक का समय यहां आने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इस समय अवधि में यहां श्रद्धालुओं की भी बहुत ज्यादा भीड़ होती है। क्योंकि इस समय में यहां का मौसम बहुत हीं बेहतरीन होता है। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। 2. ट्यूलिप गार्डन (Tulip Garden) : जैसा कि आप जानते होंगे कि कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में जाना जाता है। यहां की खूबसूरती देखने के लिए हर साल दूर-दूर से देशी और विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि बेशक ये ट्यूलिप सिर्फ 4-5 दिन के लिए खिलते हैं, लेकिन इस बाग़ में काम करने वाले स्टाफ को यह ध्यान रखना पड़ता है कि ट्यूलिप के बल्ब की क्वालिटी हर साल अच्छी हो। इसके लिए वह साल भर कड़ी मेहनत करते हैं | 2007 में इस गार्डन को इस उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था कि इससे कश्मीर वैली में फूलों की खेती और पर्यटन को बढ़ावा मिले। इस गार्डन को ढलान वाले क्षेत्र में सीढ़ीदार तरीके से बनाया गया है। यह इंदिरा गाँधी ट्यूलिप गार्डन 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। टयूलिप गार्डन जाने का सबसे बेस्ट समय (Best time to visit Tulip garden) : ट्यूलिप हर साल मार्च से मई के महीने के बीच में खिलते हैं। इनके खिलने की समय अवधि फिक्स नहीं होती है। क्योंकि यह मौसम के अनुरूप हीं खेलते हैं। एक अनुमान के तौर पर कहा जाए तो यह लगभग 1 से 2 सप्ताह के लिए खिलते हैं। इसीलिए ट्यूलिप गार्डन के खुलने की अवधि भी हर साल फिक्स नहीं होती है। अगर आप टयूलिप गार्डन घूमना चाहते हैं तो आपको मार्च से मई तक के समय के लिए प्लानिंग करके रखनी होगी। 3. अमरनाथ की गुफा (Amarnath temple) : भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक अमरनाथ की गुफा हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक बहुत हीं प्रमुख साधना स्थल है। भगवान शिव में आस्था रखने वाले लोगों के लिए अमरनाथ की गुफा सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। अमरनाथ के गुफा में प्राकृतिक रूप से बने हुए बर्फ के शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने के लिए जाते हैं। अमरनाथ की गुफा तक के लिए यात्रा को लोग अमरनाथ यात्रा के नाम से जानते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मई जून की गर्मी में भी अमरनाथ के गुफा में यह शिवलिंग बिल्कुल भी नहीं पिघलता है और ज्यों का त्यों ही बना रहता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वहीं गुफा है, जहां महादेव ने माता पार्वती को जीवन और मृत्यु के सत्य के बारे में बताया था। अमरनाथ जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Amarnath temple): अमरनाथ की गुफा के लिए यात्रा करने का सबसे सही समय मई से अगस्त तक का होता है। सर्दियों में अमरनाथ का मौसम बहुत हीं अधिक कठोर हो जाता है और उस समय यहां बहुत ज्यादा सर्दी होती है। इसीलिए सर्दियों में अमरनाथ यात्रा का प्लान बनाने से बचें। 4. सोनमर्ग (sonamarg) : कश्मीर की वादियों में स्थित सोनमर्ग एक काफी खूबसूरत शहर है। बर्फ से भरे मैदानों, ग्लेशियरों और शांत झीलों वाला यह शहर हमेशा से हीं पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां का माहौल बहुत ही खूबसूरत और शांत है। सोनमर्ग श्रीनगर से लगभग 80 किलोमीटर दूर बसा हुआ शहर है। जो कि समुद्र तल से लगभग 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता, लुभावने ग्लेशियरों और जीवंत झीलों से भरा या शहर कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जो अपने खुबसुरती से हर साल हजारों भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। सोनमार्ग जाने का सबसे सही समय (Best time तो visit sonamarg) सोनमर्ग जाने के लिए सबसे सही समय अप्रैल से सितंबर के बीच का होता है। क्योंकि इस समय भारत के दूसरे राज्य में प्रचंड गर्मी पड़ रही होती है। ऐसे में सोनमर्ग का खुशनुमा मौसम आपको इस भयानक गर्मी से छुटकारा दिला सकता है। 5. पहलगाम (Pahalgam): अगर आप भी केसर के नीले खेतों को देखना चाहते हैं तो पहलगाम इसके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता है। पहलगाम अपने केसर के खेतों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां के केसर के

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The Most Haunted Places in India

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ऐसी जगह जो अपने खौफनाक किस्सों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और जिनका इतिहास आपको हैरान कर देगा(The Most Haunted Places in India) Research By Sakshi Joshi/ Edited by Pardeep Kumar भानगढ़ का किला,  Indian Ghost Town of Bhangarh और इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर है राजस्थान का भानगढ़ फोर्ट।अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा भानगढ़ का किला अपने आप में बहुत लम्बा इतिहास समेटे हुए है। भानगढ़ का किला जयपुर और अलवर शहर के बीच सरिस्का से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस भव्य किले का निर्माण 17 वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह, महान मुगल सेनापति, आमेर के मान सिंह के छोटे भाई द्वारा करवाया गया था। शाही महल के अलावा, भानगढ़ में 1720 तक 9,000 से अधिक घर थे जिसके बाद धीरे-धीरे ये आबादी में कम हो गई। पूरी बस्ती के साथ भानगढ़ किला लगातार तीन किलेबंदी और पांच विशाल दरवाजों से सुरक्षित था। इस किले के परिसर के भीतर भव्य हवेलियों, मंदिरों और सुनसान बाजारों के अवशेष हैं, जो किले की विराटता और समृद्धता का संकेत देते हैं। यह जगह भूत प्रेत की वजह से ज्यादा जानी जाती है, भानगढ़ किला फिर भी अपने शांत वातावरण, सुंदर अरावली पर्वत के कारण पर्यटकों की भीड़ को आकर्षित करता है। ऐसी ही यहाँ के लोगों में बेहद प्रचलित एक दूसरी कहानी राजकुमारी रत्नावती से जुड़ी है, जो बहुत सुंदर थी और देश के शाही परिवारों के कई प्रेमी काले जादू में माहिर थे। एक जादूगर को राजकुमारी से प्यार हो गया। जैसे ही राजकुमारी एक दिन अपने दोस्तों के साथ खरीदारी करने गई, जादूगर ने उसे इत्र या कहें कि परफ्यूम खरीदते हुए देखा और इत्र को एक प्रेम दवाई से बदल दिया। हालाँकि, राजकुमारी को जादूगर की चाल का पता चला और उसने दवाई को पास के एक विशाल पत्थर पर फेंक दिया। इसके कारण वह विशाल पत्थर जादूगर की ओर लुढ़क गया और उसकी कुचलकर मौत हो गई। लेकिन मौत के मुंह में जाने से पहले, उसने शहर को यह कहते हुए शाप दिया कि इसे जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा और कोई भी इसके परिसर में नहीं रह पाएगा। बाद में आक्रमणकारी मुगल सेनाओं द्वारा राज्य को बर्खास्त कर दिया गया, जिससे किले के सभी निवासियों को राजकुमारी रत्नावती के साथ मार दिया गया। जैसा कि इसे एक भूतिया स्थान माना जाता है, भानगढ़ का किला सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद पर्यटकों के लिए बंद रहता है। भानगढ़ किले की ये कहानियां इसलिए भी और अधिक खौफनाक लगती हैं क्योंकि ASI यानी Archaeological Survey of India ने भानगढ़ के किले को भारत की सबसे डरावनी जगहों में सबसे ऊपर रखा है। बाकायदा यहाँ इस विषय में सूचना पट लगाया गया है जिसमें ये साफ़ दर्ज़ है कि सूर्योस्त के बाद यहाँ किसी भी व्यक्ति का आना वर्जित है। अग्रसेन की बावली Agrasen ki Baoli,New Delhi दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में स्थित यह खूबसूरत अग्रसेन की बावली कब और किसके द्वारा बनाई गई इसका कोई स्पष्ट ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि कई इतिहासकारों का कहना है कि इसका निर्माण किसी और ने नहीं बल्कि अग्रोहा के महान राजा अग्रसेन द्वारा किया गया था। और फिर 14 वी शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण तुगलक वंश या लोधी वंश के दिल्ली पर शासन के दौरान किया गया। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर कुएं के अंदर जानलेवा काला पानी है। यह आत्मघाती काला पानी लोगों को अपने वाश में कर लेता है। और इसके पास जाने पर यह लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर तक कर देता है। जैसे ही लोग सीढ़ियों से पानी की ओर जाते हैं, तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें अपनी ओर खींच रही है। ऐसी कितनी ही कहानियां इस बावड़ी के बारे में अच्छी खासी प्रसिद्ध हैं। और कहते हैं ना कि इन्ही कहानियों से भूतिया किरदार गढ़े जाते हैं और ऐसी पुराणी सुनसान जगह डरावनी बन जाती हैं। लेकिन अग्रसेन की बावली को अक्सर दिल्ली की सबसे खूबसूरत जगहों में गिना जाता है। यह जगह फिल्म शूटिंग के लिए बॉलीवूड द्वारा बहुत पसंद की गई है। अग्रसेन की बावली को कई फिल्मों में दिखाया गया है और यह दिल्ली में प्रसिद्ध फिल्म शूटिंग स्थानों में से एक है। पुणे का शनिवारवाड़ा, Shaniwar Wada, Pune भले ही देश में बहुत से लोग शनिवार वाड़ा (महल) के बारे में न जानते हो। पर घुम्मकड़ और खासकर मराठी लोग इसके बारे में बखूबी जानती हैं। शनिवार वाड़ा महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है, जिसका निर्माण मराठा-पेशवा साम्राज्य को बुलंदियों पर ले जाने वाले बाजीराव पेशवा ने करवाया था। यह महल 1732 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। कहा जाता है कि उस समय इसे बनाने में करीब 16 हजार रुपये खर्च हुए थे। तब के समय में यह राशि बहुत अधिक थी। उस समय इस महल में करीब 1000 लोग रहते थे। यह एक एतिहासिक महल है, जो कभी मराठा साम्राज्य की आन-बान और शान हुआ करता था, लेकिन आज से करीब 246 साल पहले इस महल में एक ऐसी घटना घटी थी, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। जिसकी वजह से ही लोग इस महल को रहस्यमय मानते हैं। कहते हैं कि इसी महल में 30 अगस्त 1773 की रात 18 साल के नारायण राव की हत्या कर दी गई थी, जो मराठा साम्राज्य के नौवें पेशवा बने थे। कहा जाता है कि उनके चाचा ने ही उनकी हत्या करवाई थी। आस-पास के लोगों का कहना है कि आज भी अमावस्या की रात महल से किसी की दर्द भरी आवाज सुनाई देती है, जो बचाओ-बचाओ चिल्लाती है। और यही कहानी इस जगह को डरावना बनाने के काफी है। आज भी लोग शाम के समय इस महल के आस पास से गुजरना भी नहीं चाहते। जैसलमेर का कुलधरा गांव, The Ghost Village बहुत सी जगह हैं जो अपने रहस्यमयी कारणों के चलते चर्चाओं में बनी रहती हैं। ऐसी ही जगहों में से एक है जैसलमेर का कुलधरा गांव। कहा जाता पिछले सैंकड़ों सालों से यह जगह शापित है। पर सवाल ये है कि ऐसा क्या हुआ था इधर कि सिर्फ एक रात में यहां लगभग 600 घरों