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10 Most Haunted Places in India

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क्या इन पुराने किलों, वीरान गांवों और सुनसान इमारतों में सच में कुछ रहस्यमयी है? जानिए भारत की उन जगहों के बारे में, जिनसे जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के बीच डर और जिज्ञासा पैदा करती हैं। भारत को आमतौर पर किलों, महलों, मंदिरों, पहाड़ों और खूबसूरत जगहों के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी देश के इतिहास में कुछ ऐसे पन्ने भी हैं, जिन्हें पढ़ते ही माहौल थोड़ा रहस्यमयी लगने लगता है। कहीं पूरा गांव अचानक खाली हो गया, कहीं किसी महल में हुई हत्या की कहानी आज तक लोगों के बीच सुनाई जाती है, तो कहीं पुरानी इमारतों से रात में अजीब आवाजें आने के दावे किए जाते हैं। इन जगहों को लेकर कई तरह की कहानियां और लोककथाएं मशहूर हैं। कुछ किस्से पीढ़ियों से लोगों के बीच चलते आ रहे हैं, जबकि कुछ जगहों के डरावने अनुभवों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने अपने-अपने दावे किए हैं। यही वजह है कि इन जगहों का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर के साथ-साथ उन्हें देखने की उत्सुकता भी पैदा होती है। भारत में ऐसी कई जगहें हैं जिन्हें लोग Haunted मानते हैं। हालांकि हर कहानी को सच मान लेना सही नहीं होगा। कई बार किसी जगह का इतिहास, उसकी पुरानी बनावट, वहां का सन्नाटा, प्राकृतिक आवाजें और हमारे मन में पहले से बनी धारणा मिलकर डर का माहौल बना देती हैं। तो अगर आपको इतिहास के साथ रहस्य और रोमांच भी पसंद है, तो आइए जानते हैं भारत की उन 10 जगहों के बारे में जिनसे जुड़ी Haunted कहानियां आज भी काफी मशहूर हैं। 1. भानगढ़ किला: राजस्थान का सबसे चर्चित रहस्यमयी किला राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व के पास स्थित भानगढ़ किला देश की सबसे ज्यादा चर्चित Haunted जगहों में गिना जाता है। Delhi से करीब 300 किलोमीटर और जयपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित यह किला आज खंडहरों के रूप में मौजूद है। लेकिन कभी यही जगह एक समृद्ध शहर हुआ करती थी, जहां बाजार, मंदिर, महल और हजारों लोगों के घर हुआ करते थे। किले का निर्माण 1573 में कछवाहा राजवंश के राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधो सिंह प्रथम के लिए करवाया था। अपने समय में भानगढ़ काफी आबाद और संपन्न शहर था। लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे उजड़ गया और इसके खंडहरों के साथ कई रहस्यमयी कहानियां भी जुड़ती चली गईं। राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक की कहानी। भानगढ़ से जुड़ी सबसे मशहूर लोककथाओं में एक सिंघिया नाम के तांत्रिक और राजकुमारी रत्नावती की कहानी है। कहा जाता है कि तांत्रिक राजकुमारी की खूबसूरती से प्रभावित था और उसे अपने वश में करना चाहता था। इसके लिए उसने कथित तौर पर जादू का सहारा लिया। कहानी के मुताबिक, राजकुमारी को जब इस बात का पता चला तो उसने वह पत्थर दूर फेंक दिया जिस पर तांत्रिक ने जादू किया था। वह पत्थर लुढ़कता हुआ तांत्रिक के ऊपर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। मरने से पहले उसने भानगढ़ को श्राप दिया कि यह शहर बर्बाद हो जाएगा और यहां दोबारा कोई आबाद नहीं हो पाएगा। यही कहानी भानगढ़ की Haunted छवि को सबसे ज्यादा मजबूत करती है। बालू नाथ के श्राप की दूसरी कहानी। भानगढ़ से जुड़ी एक दूसरी लोककथा साधु बालू नाथ के श्राप की है। कहा जाता है कि उन्होंने किले के निर्माण की अनुमति एक शर्त पर दी थी कि किले की छाया उनके ध्यान स्थल पर नहीं पड़नी चाहिए। बाद में जब किले की ऊंचाई बढ़ाई गई तो उसकी छाया कथित तौर पर साधु के स्थान तक पहुंच गई। इसके बाद शहर के उजड़ने की कहानी इस श्राप से जोड़ दी गई। हालांकि इतिहास की नजर से देखा जाए तो किसी शहर के खाली होने के पीछे राजनीतिक बदलाव, अकाल और आर्थिक परेशानियां जैसे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए भानगढ़ की Haunted कहानी को लोककथा और इतिहास दोनों नजरिए से देखना ज्यादा सही है। सूर्यास्त के बाद भानगढ़ क्यों नहीं जा सकते? भानगढ़ किले के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा रात में प्रवेश पर लगी रोक को लेकर होती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के संरक्षण में आने वाली इस जगह पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसी वजह से भानगढ़ की Haunted छवि और ज्यादा मजबूत हुई है। दिन में जहां पर्यटक इसके खंडहर, मंदिर और पुराने निर्माण को देखते हैं, वहीं शाम होते ही पूरा इलाका बिल्कुल अलग महसूस होने लगता है। यहां जाने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र या समय का उल्लंघन न करें। 2. कुलधरा गांव: एक रात में खाली हुए गांव का रहस्य राजस्थान के जैसलमेर से करीब 17-18 किलोमीटर दूर स्थित कुलधरा गांव को देश के सबसे प्रसिद्ध वीरान गांवों में गिना जाता है। आज यहां टूटे हुए घर, खाली गलियां और पुराने खंडहर दिखाई देते हैं। इसी वजह से कुलधरा को भारत की सबसे चर्चित Haunted जगहों में भी शामिल किया जाता है। कुलधरा की स्थापना 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने की थी। रेगिस्तान जैसे इलाके में रहने के बावजूद पालीवाल समुदाय खेती और पानी बचाने की तकनीकों के लिए जाना जाता था। उन्होंने खड़ीन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करके पानी जमा किया और खेती को संभव बनाया। आखिर रातों-रात क्यों खाली हुआ कुलधरा? कुलधरा से जुड़ी सबसे मशहूर कहानी जैसलमेर के दीवान सलीम सिंह से जुड़ी है। लोककथा के अनुसार, सलीम सिंह की नजर गांव के मुखिया की बेटी पर थी और उसने उससे शादी करने की इच्छा जताई। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसने दबाव बनाने की कोशिश की। कहानी के अनुसार, अपनी इज्जत और आत्मसम्मान बचाने के लिए कुलधरा और आसपास के कई गांवों के लोगों ने एक ही रात में वहां से जाने का फैसला किया। जाते समय पालीवालों ने कथित तौर पर इस जगह को श्राप दिया कि यहां फिर कभी कोई नहीं बस पाएगा। यही श्राप वाली कहानी कुलधरा की Haunted पहचान का बड़ा कारण बनी। आज भी खड़े हैं पुराने घरों के खंडहर। आज कुलधरा में पुराने घरों के करीब 400 खंडहर देखे जा सकते हैं। खाली गलियां और

Bhangarh Fort Rajasthan Destination Latest Travel

Bhangarh Fort Rajasthan: घूमने से पहले जानें ये जरूरी बातें

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भारत की उन ऐतिहासिक जगहों में शामिल है, जिनका नाम सुनते ही रहस्य, रोमांच और इतिहास एक साथ याद आते हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व के किनारे स्थित यह किला आज भी लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। कोई इसे भारत का सबसे रहस्यमयी किला कहता है, तो कोई इसे एशिया की सबसे डरावनी जगहों में गिनता है। लेकिन जब आप भानगढ़ किला राजस्थान के इतिहास को गहराई से समझते हैं, तो पता चलता है कि यह सिर्फ भूत-प्रेत की कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजपूत शौर्य, शानदार वास्तुकला और एक समृद्ध सभ्यता की भी कहानी सुनाता है। अगर आप राजस्थान में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहाँ इतिहास और रोमांच दोनों का अनुभव एक साथ मिले, तो Bhangarh Fort Rajasthan आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए। आज यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है और हर साल हजारों देशी-विदेशी पर्यटक इसे देखने आते हैं। ऊँचे पहाड़, विशाल खंडहर और चारों ओर फैली खामोशी इस जगह को और भी रहस्यमयी बना देती है। भानगढ़ किले का इतिहास: कैसे बसा था यह भव्य शहर? Bhangarh Fort Rajasthan का निर्माण वर्ष 1573 में आमेर के राजा भगवंत दास ने अपने छोटे बेटे माधो सिंह प्रथम के लिए करवाया था। माधो सिंह, प्रसिद्ध मुगल सेनापति राजा मानसिंह के भाई थे और मुगल दरबार में उनका भी महत्वपूर्ण स्थान था। उस समय भानगढ़ केवल एक किला नहीं था बल्कि एक पूरी तरह विकसित और समृद्ध नगर था, जहाँ व्यापार, संस्कृति और कला अपने चरम पर थी। इतिहासकारों के अनुसार अपने स्वर्णिम दौर में भानगढ़ किला राजस्थान के भीतर लगभग 10,000 लोग रहते थे। यहाँ चौड़ी सड़कें, बाजार, हवेलियाँ, राजमहल, मंदिर और बाग-बगीचे मौजूद थे। व्यापारियों की दुकानें दूर-दूर तक प्रसिद्ध थीं और यह नगर राजस्थान के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता था। आज भी जब आप इस किले के अंदर प्रवेश करते हैं तो टूटी हुई हवेलियाँ, पुराने बाजार और मंदिर उस दौर की समृद्धि की कहानी सुनाते हैं। यह देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी यह शहर कितना विकसित रहा होगा। राजपूत और मुगल वास्तुकला Bhangarh Fort Rajasthan अपनी शानदार वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। इस किले में राजपूत और मुगल शैली का खूबसूरत मिश्रण दिखाई देता है। पूरे किले की सुरक्षा के लिए पाँच विशाल प्रवेश द्वार बनाए गए थे, जिनमें लाहौरी गेट, अजमेरी गेट, फुलबाड़ी गेट, दिल्ली गेट और मुख्य द्वार सबसे प्रमुख हैं। किले के अंदर आज भी कई प्राचीन मंदिर सुरक्षित अवस्था में मौजूद हैं। इनमें गोपीनाथ मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, गणेश मंदिर, केशव राय मंदिर और मंगला देवी मंदिर प्रमुख हैं। इन मंदिरों की दीवारों पर बनी बारीक नक्काशी उस समय के शिल्पकारों की अद्भुत कला का प्रमाण देती है। राजमहल के अवशेष आज भी किले के सबसे ऊँचे हिस्से में दिखाई देते हैं। महल की कई मंजिलें समय के साथ नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन बची हुई संरचना देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कभी कितना भव्य रहा होगा। Bhangarh Fort Rajasthan कैसे बना रहस्य का केंद्र? इतिहास बताता है कि 17वीं शताब्दी के अंत तक यह समृद्ध नगर धीरे-धीरे उजड़ने लगा। कई इतिहासकार इसका कारण अकाल, पानी की कमी, व्यापारिक गिरावट और मुगल शासन के दौरान बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को मानते हैं। लेकिन स्थानीय लोगों के बीच इस उजड़ते शहर की कहानी कुछ और ही सुनाई जाती है। यहीं से शुरू होती हैं भानगढ़ किला राजस्थान की दो सबसे प्रसिद्ध रहस्यमयी कथाएँ, जिनकी वजह से आज यह किला पूरी दुनिया में मशहूर है। पहली कथा एक तपस्वी साधु के श्राप से जुड़ी है, जबकि दूसरी कहानी राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिंधिया के रहस्यमयी श्राप की है। यही लोककथाएँ इस ऐतिहासिक किले को भारत की सबसे चर्चित रहस्यमयी जगहों में बदल देती हैं। इन दोनों कहानियों के बारे में विस्तार से हम अगले भाग में जानेंगे, जहाँ आपको पता चलेगा कि आखिर क्यों भानगढ़ किला राजस्थान को सूर्यास्त के बाद बंद कर दिया जाता है, क्या सच में यहाँ भूत-प्रेत दिखाई देते हैं, और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने यहाँ रात में प्रवेश पर प्रतिबंध क्यों लगाया है। Bhangarh Fort Rajasthan का सबसे बड़ा रहस्य: श्राप, भूत और सच्चाई भानगढ़ किला राजस्थान (Bhangarh Fort Rajasthan) का नाम आते ही सबसे पहले लोगों के दिमाग में भूत-प्रेत और रहस्यमयी कहानियाँ आती हैं। हालांकि इतिहासकार इन घटनाओं को लोककथाएँ मानते हैं, लेकिन सदियों से सुनाई जा रही ये कहानियाँ आज भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा देती हैं।  गुरु बालू नाथ का श्राप भानगढ़ की सबसे पुरानी कथा संत गुरु बालू नाथ से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि जिस स्थान पर आज भानगढ़ किला राजस्थान बना हुआ है, वहाँ पहले गुरु बालू नाथ तपस्या किया करते थे। जब राजा भगवंत दास ने यहाँ नगर बसाने का निर्णय लिया, तब उन्होंने संत से अनुमति मांगी। गुरु बालू नाथ ने एक शर्त रखी कि महल की ऊँचाई कभी इतनी नहीं होनी चाहिए कि उसकी परछाई उनकी कुटिया पर पड़े। कई वर्षों तक इस नियम का पालन किया गया, लेकिन बाद में महल की ऊँचाई बढ़ा दी गई और उसकी छाया संत की कुटिया तक पहुँच गई। लोककथाओं के अनुसार क्रोधित होकर गुरु बालू नाथ ने पूरे नगर को श्राप दे दिया कि यह शहर हमेशा के लिए उजड़ जाएगा। आज भी कई लोग मानते हैं कि उसी श्राप की वजह से Bhangarh Fort Rajasthan वीरान हो गया।  राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिंधिया की कहानी भानगढ़ की दूसरी और सबसे प्रसिद्ध कथा राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिंधिया की है। कहा जाता है कि रत्नावती अपनी सुंदरता के लिए पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध थीं। अनेक राजकुमार उनसे विवाह करना चाहते थे, लेकिन सिंधिया नाम का एक तांत्रिक उन पर मोहित हो गया। उसने काले जादू की मदद से राजकुमारी को अपने वश में करने की योजना बनाई। (Bhangarh Fort Rajasthan) एक दिन उसने राजकुमारी के लिए खरीदे गए इत्र पर तांत्रिक मंत्र कर दिया। लेकिन रत्नावती उसकी चाल समझ गईं और इत्र की शीशी एक बड़े पत्थर पर फेंक दी। मंत्र के प्रभाव से वह पत्थर तेजी से लुढ़कता हुआ तांत्रिक के ऊपर जा गिरा और उसकी मृत्यु हो गई। मरने से पहले सिंधिया ने श्राप दिया कि

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The Most Haunted Places in India

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ऐसी जगह जो अपने खौफनाक किस्सों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और जिनका इतिहास आपको हैरान कर देगा(The Most Haunted Places in India) Research By Sakshi Joshi/ Edited by Pardeep Kumar भानगढ़ का किला,  Indian Ghost Town of Bhangarh और इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर है राजस्थान का भानगढ़ फोर्ट।अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा भानगढ़ का किला अपने आप में बहुत लम्बा इतिहास समेटे हुए है। भानगढ़ का किला जयपुर और अलवर शहर के बीच सरिस्का से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस भव्य किले का निर्माण 17 वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह, महान मुगल सेनापति, आमेर के मान सिंह के छोटे भाई द्वारा करवाया गया था। शाही महल के अलावा, भानगढ़ में 1720 तक 9,000 से अधिक घर थे जिसके बाद धीरे-धीरे ये आबादी में कम हो गई। पूरी बस्ती के साथ भानगढ़ किला लगातार तीन किलेबंदी और पांच विशाल दरवाजों से सुरक्षित था। इस किले के परिसर के भीतर भव्य हवेलियों, मंदिरों और सुनसान बाजारों के अवशेष हैं, जो किले की विराटता और समृद्धता का संकेत देते हैं। यह जगह भूत प्रेत की वजह से ज्यादा जानी जाती है, भानगढ़ किला फिर भी अपने शांत वातावरण, सुंदर अरावली पर्वत के कारण पर्यटकों की भीड़ को आकर्षित करता है। ऐसी ही यहाँ के लोगों में बेहद प्रचलित एक दूसरी कहानी राजकुमारी रत्नावती से जुड़ी है, जो बहुत सुंदर थी और देश के शाही परिवारों के कई प्रेमी काले जादू में माहिर थे। एक जादूगर को राजकुमारी से प्यार हो गया। जैसे ही राजकुमारी एक दिन अपने दोस्तों के साथ खरीदारी करने गई, जादूगर ने उसे इत्र या कहें कि परफ्यूम खरीदते हुए देखा और इत्र को एक प्रेम दवाई से बदल दिया। हालाँकि, राजकुमारी को जादूगर की चाल का पता चला और उसने दवाई को पास के एक विशाल पत्थर पर फेंक दिया। इसके कारण वह विशाल पत्थर जादूगर की ओर लुढ़क गया और उसकी कुचलकर मौत हो गई। लेकिन मौत के मुंह में जाने से पहले, उसने शहर को यह कहते हुए शाप दिया कि इसे जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा और कोई भी इसके परिसर में नहीं रह पाएगा। बाद में आक्रमणकारी मुगल सेनाओं द्वारा राज्य को बर्खास्त कर दिया गया, जिससे किले के सभी निवासियों को राजकुमारी रत्नावती के साथ मार दिया गया। जैसा कि इसे एक भूतिया स्थान माना जाता है, भानगढ़ का किला सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद पर्यटकों के लिए बंद रहता है। भानगढ़ किले की ये कहानियां इसलिए भी और अधिक खौफनाक लगती हैं क्योंकि ASI यानी Archaeological Survey of India ने भानगढ़ के किले को भारत की सबसे डरावनी जगहों में सबसे ऊपर रखा है। बाकायदा यहाँ इस विषय में सूचना पट लगाया गया है जिसमें ये साफ़ दर्ज़ है कि सूर्योस्त के बाद यहाँ किसी भी व्यक्ति का आना वर्जित है। अग्रसेन की बावली Agrasen ki Baoli,New Delhi दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में स्थित यह खूबसूरत अग्रसेन की बावली कब और किसके द्वारा बनाई गई इसका कोई स्पष्ट ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि कई इतिहासकारों का कहना है कि इसका निर्माण किसी और ने नहीं बल्कि अग्रोहा के महान राजा अग्रसेन द्वारा किया गया था। और फिर 14 वी शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण तुगलक वंश या लोधी वंश के दिल्ली पर शासन के दौरान किया गया। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर कुएं के अंदर जानलेवा काला पानी है। यह आत्मघाती काला पानी लोगों को अपने वाश में कर लेता है। और इसके पास जाने पर यह लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर तक कर देता है। जैसे ही लोग सीढ़ियों से पानी की ओर जाते हैं, तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें अपनी ओर खींच रही है। ऐसी कितनी ही कहानियां इस बावड़ी के बारे में अच्छी खासी प्रसिद्ध हैं। और कहते हैं ना कि इन्ही कहानियों से भूतिया किरदार गढ़े जाते हैं और ऐसी पुराणी सुनसान जगह डरावनी बन जाती हैं। लेकिन अग्रसेन की बावली को अक्सर दिल्ली की सबसे खूबसूरत जगहों में गिना जाता है। यह जगह फिल्म शूटिंग के लिए बॉलीवूड द्वारा बहुत पसंद की गई है। अग्रसेन की बावली को कई फिल्मों में दिखाया गया है और यह दिल्ली में प्रसिद्ध फिल्म शूटिंग स्थानों में से एक है। पुणे का शनिवारवाड़ा, Shaniwar Wada, Pune भले ही देश में बहुत से लोग शनिवार वाड़ा (महल) के बारे में न जानते हो। पर घुम्मकड़ और खासकर मराठी लोग इसके बारे में बखूबी जानती हैं। शनिवार वाड़ा महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है, जिसका निर्माण मराठा-पेशवा साम्राज्य को बुलंदियों पर ले जाने वाले बाजीराव पेशवा ने करवाया था। यह महल 1732 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। कहा जाता है कि उस समय इसे बनाने में करीब 16 हजार रुपये खर्च हुए थे। तब के समय में यह राशि बहुत अधिक थी। उस समय इस महल में करीब 1000 लोग रहते थे। यह एक एतिहासिक महल है, जो कभी मराठा साम्राज्य की आन-बान और शान हुआ करता था, लेकिन आज से करीब 246 साल पहले इस महल में एक ऐसी घटना घटी थी, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। जिसकी वजह से ही लोग इस महल को रहस्यमय मानते हैं। कहते हैं कि इसी महल में 30 अगस्त 1773 की रात 18 साल के नारायण राव की हत्या कर दी गई थी, जो मराठा साम्राज्य के नौवें पेशवा बने थे। कहा जाता है कि उनके चाचा ने ही उनकी हत्या करवाई थी। आस-पास के लोगों का कहना है कि आज भी अमावस्या की रात महल से किसी की दर्द भरी आवाज सुनाई देती है, जो बचाओ-बचाओ चिल्लाती है। और यही कहानी इस जगह को डरावना बनाने के काफी है। आज भी लोग शाम के समय इस महल के आस पास से गुजरना भी नहीं चाहते। जैसलमेर का कुलधरा गांव, The Ghost Village बहुत सी जगह हैं जो अपने रहस्यमयी कारणों के चलते चर्चाओं में बनी रहती हैं। ऐसी ही जगहों में से एक है जैसलमेर का कुलधरा गांव। कहा जाता पिछले सैंकड़ों सालों से यह जगह शापित है। पर सवाल ये है कि ऐसा क्या हुआ था इधर कि सिर्फ एक रात में यहां लगभग 600 घरों