कुरुक्षेत्र पुरातन नगरी क्यों है खास?
कुरुक्षेत्र के बारे में किसने नहीं सुना। जब-जब महाभारत जैसे महान महाकाव्य का जिक्र होता है, कुरुक्षेत्र का उल्लेख होता है। क्योंकि यह शहर जितना पुरातन है उतना ही खास भी है। इस जगह ने हजारों साल की संस्कृति को ऐसे संभाल रखा है, जैसे एक मोहतरमा अपने दुपट्टे को संभालकर रखती है। यही बात इस शहर को अलग और विचित्र बनाती है। दिल्ली के पास बसा यह शहर आपको एक बार ज़रूर एक्सप्लोर करना चाहिए। क्योंकि यह शहर आज के समय उन सभी सुविधाओं से लैस है जिनकी ज़रूरत आपको है। थकी-हारी दुनिया जिसने समय के साथ इंसान को भी झकझोर कर रख दिया है, यह शहर आपको सुकून भरी ज़िंदगी देता है। तो आइए, आज की इस पेशकश में हम आपको इस जगह की कुछ अद्भुत बातें बताते हैं जो इस स्थान को बेहद खास बनाती हैं।

यहां आपको क्या-क्या अनुभव करने के लिए मिलता है?
बहुत से लोग पूछते हैं कि यहां पर घूमने के लिए क्या-क्या है। तो आपको बता दूं कि कुरुक्षेत्र रोमांचक और आकर्षक जगहों का गढ़ है। यहां आपको देखने के लिए मिलेगा ब्रह्मसरोवर, जिसकी खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। यह सरोवर इतना खूबसूरत और मनोरंजक है कि यहां हर उम्र का व्यक्ति मस्ती और आनंद कर सकता है। यह जगह दरअसल इसलिए है कि आप यहां पर रोज़ाना की थकान से कुछ पल सुकून और खुशी के साथ बिता सकते हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में कई मंदिर हैं जिनकी भव्यता आपको रोमांच से भर देगी।

यहां के कुछ प्रसिद्ध मंदिर भद्रकाली मंदिर, स्थानेश्वर महादेव मंदिर और ज्योतिसर आदि हैं। इनमें आप भगवान के दर्शन कर सकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इन सबके अलावा आप यहां देख सकते हैं शेख चिल्ली का मकबरा। यह मकबरा बहुत ऐतिहासिक और पुरातन है। आप यहां की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं और जीवन के आकर्षक पल जी सकते हैं। तो देर किस बात की! आइए कुरुक्षेत्र और यहां खुशी के कुछ क्षण जी लीजिए।


कुरुक्षेत्र शहर इतिहास के नजरिए से
सरस्वती नदी के किनारे बसा यह शहर जितना पुराना है उतने ही इसके रहस्य भी मौजूद हैं। इस शहर की एक और अद्भुत बात यह है कि इस शहर को जो भी घूमता है वह इसका मुरीद हो जाता है। यहां आप आर्य सभ्यता की संस्कृति देख सकते हैं और ऋग्वैदिक काल की खूबसूरत झांकियां अनुभव कर सकते हैं। जैसा कि विदित है, इस शहर की नींव बहुत पुरानी और प्राचीन है। तो जाहिर है कि आप उन सभी इमारतों और भवनों का दीदार कर पाएंगे जो इतिहास के दृश्य संभाले हुए हैं। साथ ही यह वही स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था। इस कृष्ण उपदेश को आज भी लोग अपने जीवन में उतारते हैं।


यहां खोदने पर निकलती है सुर्ख मिट्टी कारण महाभारत का भीषण युद्ध
दिल्ली वालों के लिए सबसे आदर्श जगहों में से एक है कुरुक्षेत्र, क्योंकि यह जगह पहली बात तो दिल्ली से बहुत नज़दीक है और ऊपर से यहां की यात्रा करना और भी मजेदार है। यहां पहुंचना बहुत आसान है। आप आसानी से ट्रेन, बस, ऑटो कुछ भी ले सकते हैं और यहां पहुंच सकते हैं। बच्चों की छुट्टियां हों या आप फ्री हों, तो आइए इस जगह की खूबसूरती का मज़ा लीजिए। मैं यकीन से कह सकता हूं यह जगह आपको बहुत कुछ सिखाएगी और आप यहां के कुछ खास पल समेट सकते हैं। तो देर किस बात की! बस्ता तैयार कीजिए और पहुंचिए इस पुरातन शहर का दीदार करने के लिए। इस स्थान से बहुत सी यादें जुड़ी हुई हैं, जैसे यही स्थान है जहां पर मनुस्मृति का निर्माण कार्य हुआ था, अर्थात यहीं से मनुस्मृति लिखी गई थी।

यहां एक कहावत खूब मशहूर है। जब मैं यहां पहुंचा तो मैंने यहां के पुराने बुजुर्गों से पूछा कि थोड़ा इस स्थान के बारे में बताइए, तो मैंने पाया कि यहां पर एक राजा हुआ करता था जिसका नाम था राजा कुरु। इन्हीं के द्वारा इस जगह को संवारा और इसकी रक्षा की गई थी। मैंने जब और जानने की कोशिश की तो मुझे पता चला कि यही वह जगह है जहां महाभारत का महासंग्राम हुआ था। कहा जाता है, आज भी यहां पर जब गहराई से खोदा जाता है तो यहां की मिट्टी लाल निकलती है। और यह मिट्टी लाल होने का कारण यहां हुआ भीषण युद्ध बताया जाता है। लोग कहते हैं कि इस युद्ध में मारे गए लोगों के खून से यह मिट्टी लाल हो गई थी। आज जब इस जमीन को खोदा जाता है तो जहां-जहां खोदा जाता है वहां-वहां लाल रक्त जैसी मिट्टी निकलती है।

कुरुक्षेत्र में क्या खास है जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है?
मैं जब यहां पहुंचा तो मैंने देखा और पाया कि यह जगह वास्तव में सुकून के लिए आदर्श जगहों में से एक है। मन को शांत करने और थकान से आराम पाने के लिए यह जगह सबसे उम्दा है। गलियों में महाभारत काल की किलकारियां गूंजती हैं और श्रीकृष्ण याद आते हैं। तब यह जगह और भी मनमोहक लगती है, जब हम सोचते हैं कि इस स्थान पर श्रीकृष्ण के चरण पड़े थे। भगवान के चरण जहां पड़े हों, वहां किसका मन नहीं करता आने का! इसलिए यह जगह मेरी यात्रा स्थानों की सूची में सबसे ऊपर है। मेरी बात मानिए, अगर आप भगवान के अस्तित्व को महसूस करना चाहते हैं, तो आपका यहां आना एक बार तो बनता है। वे खुशी के पल, जिन्हें आप जीना चाहते हैं, और वह सुकून जिसे आप महसूस करना चाहते हैं, शहरों के शोरगुल और चकाचौंध से दूर, यही जगह आपको मुहैया कराती है।


कुरुक्षेत्र आएं तो यहां के खाने का स्वाद जरूर लें
कुरुक्षेत्र में कुछ व्यंजन बेहद पसंद किए जाते हैं, जिनमें बाजरे की खिचड़ी, बथुआ रायता, कचरी की सब्जी, मीठे चावल, खीर, मालपुआ और लस्सी शामिल हैं। तो आप यहां आएं तो यह सब व्यंजन ज़रूर चखें। एक व्यक्ति एक साथ इतना सब नहीं खा सकता, तो कम से कम एक-दो व्यंजन तो यहां आकर चख ही सकते हैं। कुरुक्षेत्र आकर यहां का स्वाद लिए बिना लौटना आपकी यात्रा अधूरी छोड़ने जैसा होगा। इसलिए यहां आएं तो यहां के प्रसिद्ध व्यंजनों का लुत्फ उठाइए।

कुरुक्षेत्र में रुकने के लिए शानदार जगहें और यहां पहुंचने के साधन

कुरुक्षेत्र दिल्ली-एनसीआर से सटा हुआ शहर है, इसलिए यहां रुकने के लिए आपको किसी भी चीज की परेशानी नहीं होगी। यह मानिए कि यह शहर दिल्ली से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। बस, ट्रेन और अन्य सभी साधनों से यहां पहुंचना और रहना बहुत आसान है। ठहरने के लिए यहां आपको कई फाइव-स्टार होटल और अन्य छोटे-बड़े होटल मिल जाएंगे। इसके अलावा यहां पहुंचने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करें, जो बहुत ही किफायती है। यह रास्ता आपको यकीनन मौज से भर देगा। जब मैं यहां गया तो पूरे रास्ते मनोरंजन किया, क्योंकि रास्ते में अरावली की बेहद रोमांचक वादियां देखने को मिलीं, जिनमें आप खो जाएंगे। वास्तव में यह सफर बहुत ही मजेदार है आइए और खूब मनोरंजन कीजिए इस शहर की आबोहवा में।











