आज के समय में यात्रा केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह काम, शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उद्देश्यों से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में हर यात्री चाहता है कि उसका सफर सुरक्षित, सुखद और बिना बाधाओं के पूरा हो। देखने की बात यह है कि कितने ही लोग आजकल वास्तु में भरोसा करते हैं. भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को जीवन के हर पहलू से जोड़ा गया है, और यात्रा भी इससे अछूती नहीं है। Travel Vastu Tips
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही दिशा, समय और कुछ छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से यात्रा के दौरान नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। आइए जानते हैं सफर से पहले अपनाई जाने वाली 5 प्रमुख ट्रैवल वास्तु टिप्स, जिनका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और आधुनिक वास्तु विशेषज्ञों दोनों द्वारा किया जाता है।

1. यात्रा की शुरुआत सही दिशा से करें
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है।
- उत्तर और पूर्व दिशा को यात्रा के लिए सबसे शुभ माना गया है।
- दक्षिण दिशा में यात्रा से पहले विशेष सावधानी या पूजा-पाठ की सलाह दी जाती है।
शोध संकेत:
वास्तु ग्रंथ विश्वकर्मा प्रकाश और मयमतम् में उत्तर-पूर्व को ऊर्जा का केंद्र बताया गया है, जिसे आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ भी सकारात्मक दिशा मानते हैं।
2. सफर पर निकलते समय खाली हाथ न जाएं–Travel Vastu Tips
मान्यता है कि यात्रा की शुरुआत में खाली हाथ निकलना शुभ नहीं होता।
- घर से निकलते समय कुछ मीठा खाकर या
- जल, सिक्का या दही साथ लेकर निकलना शुभ माना जाता है।
व्यावहारिक पक्ष:
यह परंपरा मनोवैज्ञानिक रूप से भी सकारात्मक शुरुआत का संकेत देती है, जिससे व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ यात्रा करता है।
3. यात्रा से एक दिन पहले विवाद और नकारात्मक सोच से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति की मानसिक स्थिति भी ऊर्जा को प्रभावित करती है।
- यात्रा से पहले झगड़ा, क्रोध या अपशब्दों से बचना चाहिए।
- मन शांत और सकारात्मक रखें।
आधुनिक शोध क्या कहता है?
मनोविज्ञान के अनुसार, तनावमुक्त मन निर्णय क्षमता और सतर्कता को बेहतर बनाता है, जो यात्रा के दौरान बेहद आवश्यक है।
4. सामान पैक करते समय रखें संतुलन
वास्तु के अनुसार, यात्रा का सामान भी ऊर्जा का वाहक होता है।
- टूटे-फूटे सामान या बेकार चीजें साथ न रखें।
- धार्मिक या आस्था से जुड़ी छोटी वस्तु (जैसे रुद्राक्ष या पूजा का छोटा प्रतीक) साथ रखना शुभ माना जाता है।

तर्कसंगत पहलू:
हल्का और व्यवस्थित सामान यात्रा को सुविधाजनक बनाता है और अनावश्यक तनाव कम करता है।
5. शुभ मुहूर्त और समय का ध्यान रखें
यदि यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है (जैसे विदेश यात्रा, लंबी दूरी या नया कार्य), तो
- शुभ तिथि और समय देखकर निकलना वास्तु में लाभकारी माना गया है।
विशेषज्ञों की राय:
आज भी कई लोग पंचांग या ज्योतिषीय सलाह लेकर यात्रा की योजना बनाते हैं, जिससे मानसिक संतुष्टि और आत्मविश्वास बढ़ता है।
ट्रैवल वास्तु टिप्स आस्था, अनुभव और व्यवहारिक समझ का मिश्रण हैं। भले ही विज्ञान इन मान्यताओं की सीधी पुष्टि न करता हो, लेकिन यह तय है कि ये नियम अनुशासन, सकारात्मक सोच और तैयारी को बढ़ावा देते हैं। अगर इन टिप्स से यात्री का मन शांत और आत्मविश्वास से भरा रहता है, तो यात्रा अपने आप मंगलमय बन जाती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख वास्तु शास्त्र पर आधारित मान्यताओं और सामान्य शोध जानकारी पर आधारित है। किसी भी यात्रा में सुरक्षा नियमों और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन सर्वोपरि है।

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