पितृपक्ष मेला (Pitrupaksha Mela)
गया का हिंदू धर्म में भी विशेष महत्व रहा है। क्योंकि हिंदू धर्म में इसे मोक्ष भूमि के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि, पितृपक्ष के समय यहां आकर पिंडदान करने से पूर्वजों के आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर साल भाद्रपद के पूर्णिमा से अश्विन के कृष्ण पक्ष तक यहां पितृपक्ष का मेला लगता है।

पितृपक्ष कब शुरू होगा (when will pitrupaksha start)
इस बार पितृपक्ष मेला 29 सितंबर यानी आज से शुरू होने जा रहा है। पितृपक्ष के आरंभ होते ही हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान किया करते हैं। लेकिन गया में किया जाने वाला पिंडदान सबसे पवित्र और फल दायक माना जाता है। इसीलिए यहां हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु आकर अपने पूर्वजों का पिंडदान करते हैं।

जानिए पैकेज के बारे में (Know about the package)
गया आने वाले श्रद्धालुओं के संख्या को बढ़ाने के लिए बिहार सरकार हर साल नए-नए प्रयास करती है। इस साल भी बिहार सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पैकेज प्लान किया है। अगर सबसे कम बजट वाले टूर पैकेज की बात की जाए तो यह टूर पैकेज ₹11,250 का होगा वही अगर सबसे अधिक बजट वाले टूर पैकेज की बात की जाए तो इस पैकेज के लिए आपको ₹21,100 का खर्च आएगा। अगर आप गया घूमने जाना चाहते हैं तो यह गया जाने का सबसे सही समय है गया को एक्सप्लोर करने का।

ई-पिंडदान की भी सुविधा होगी उपलब्ध (Facility of e-Pinddaan will also be available)
बोधगया में पिंडदान करने के लिए आप ई-पिंडदान भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको बिहार गवर्नमेंट के वेबसाइट www.bstdc.bihar.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। यहाँ पिंडदान के लिए प्रत्येक तीर्थ यात्री पर 23,000 रुपए का भुगतान करना होगा।
इस पैकेज में यातायात, ब्राह्मणों की दक्षिणा, कर्मकांड, भोजन, पूजा की सामग्री आदि इंक्लूडेड होगा।