बारिश को पसंद करने वाले लोगों में सावन के महीने का इंतजार, गर्मी के शुरुआती दिनों से ही होता है। लोग सोचते हैं कि कब सावन का महीना आएगा, बारिश होगी और चिलचिलाती धूप से शांति मिलेगी! लेकिन सावन का इंतजार सिर्फ बारिश के लिए नहीं होता… बल्कि सावन से एक विशेष कार्यक्रम भी जुड़ा हुआ होता है। जिसे कांवड़ यात्रा कहते हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु कांवड़ लेकर सावन में कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और महादेव के शरण में जाकर पूजा अर्चना करके अपनी मंगल कामना करते हैं। इस साल भी सावन का महीना शुरू होने वाला है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस साल का सावन विशेष है?

आइए जानते हैं कि क्यों इस साल का सावन विशेष है?
दरअसल सावन (savan) हिंदी कैलेंडर (Hindi calender) का महीना है और जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिंदी कैलेंडर में 1 महीने में दिनों की संख्या(Numbers of day) ग्रह नक्षत्रों की स्थितियों को देखकर तय किया जाता है। इसलिए हिंदी कैलेंडर में 1 महीने में दिनों की संख्या घटती बढ़ती रहती है। ऐसे में इस बार सावन के दिनों की संख्या भी बढ़ गई है। इस बार सावन 59 दिनों का होने वाला है। इस वजह से इस बार सावन में कुल आठ सोमवार (Monday) होंगे। इस साल सावन 4 जुलाई से शुरू होगा और 31 अगस्त तक रहेगा।
क्या होती है कांवड़ यात्रा?

सावन के महीने में उत्तर भारत (North India) के लोगों में कांवड़ यात्रा के लिए विशेष उत्साह(Exitement) देखने को मिलता है। उत्तर भारत के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में कांवड़ यात्रा किसी बड़े त्योहार (festival) से कम नहीं होता है। लोग अपने हाथ में कांवड़ लेकर नंगे पाँव चलते हुए सबसे पहले गंगा नदी (Ganga river) से जल इकट्ठा करते हैं और फिर शिवलिंग पर उसी पवित्र जल (Holy water) से जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा पर निकले लोगों को ना तो बारिश रोक पाती है ना हीं चिलचिलाती धूप में तपती हुई धरती! कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं। लेकिन उनके उत्साह फिर भी कम नहीं होते। यहीं ज़िद उनके शिव में अथाह भक्ति और विश्वास (devotion and faith) को दिखाता है।
कुंवारी कन्याएँ भी करती हैं उपवास :
सावन में कुंवारी कन्याएँ अच्छे पति (Life partner) की कामना करते हुए हर सोमवार को व्रत (fast) रखती हैं और भगवान शिव से प्रार्थना (pray) करती हैं। इस बार सावन में आठ सोमवार के व्रत होने वाले हैं। यह एक बहुत ही दुर्लभ संयोग (rare) है।