भारत में तेज़ और आधुनिक रेल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेल लगातार वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश की 42वीं Vande Bharat एक्सप्रेस को अब 20 डिब्बों के साथ चलाने का फैसला किया गया है। यह अपग्रेड लगभग दो साल बाद किया गया है ताकि इस व्यस्त रूट पर बढ़ती यात्रियों की मांग को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। पहले यह ट्रेन 16 डिब्बों के साथ चलती थी, लेकिन अब इसमें चार अतिरिक्त कोच जोड़ दिए गए हैं, जिससे यात्रियों के लिए सीटों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत ट्रेनों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। कई प्रमुख रूट्स पर इन ट्रेनों की सीटें जल्दी भर जाती हैं और कई बार वेटिंग लिस्ट भी लंबी हो जाती है। ऐसे में कोचों की संख्या बढ़ाना यात्रियों को राहत देने और यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अहमदाबाद- मुंबई रूट पर चलती है यह वंदे भारत ट्रेन
देश की 42वीं वंदे भारत एक्सप्रेस अहमदाबाद और मुंबई सेंट्रल के बीच चलती है। यह ट्रेन पश्चिमी रेलवे जोन के तहत संचालित होती है और दोनों बड़े आर्थिक शहरों को तेज़ और आधुनिक रेल सेवा से जोड़ती है। इस ट्रेन की व्यावसायिक सेवा मार्च 2024 में शुरू हुई थी और इसे देश की नई पीढ़ी की सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों में शामिल किया जाता है। करीब 491 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन लगभग 5 घंटे 40 मिनट में तय करती है, जो पारंपरिक एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में काफी तेज़ मानी जाती है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच यह रूट व्यापार, उद्योग और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए यहां यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या हमेशा अधिक रहती है।
रास्ते में इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहरती है ट्रेन
अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के बीच चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस कुछ महत्वपूर्ण शहरों पर ठहरती है, जिससे यात्रियों को तेज़ और आरामदायक कनेक्टिविटी मिलती है।
इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव स्टेशन इस प्रकार हैं:

- वडोदरा
- सूरत
- वापी
- बोरीवली
इन स्टेशनों के कारण गुजरात और महाराष्ट्र के कई औद्योगिक और व्यापारिक शहरों को तेज़ रेल सेवा का लाभ मिलता है।
20 डिब्बों के बाद कितनी बढ़ेगी यात्रियों की क्षमता
पहले यह वंदे भारत ट्रेन 16 डिब्बों के साथ संचालित होती थी। अब इसमें चार अतिरिक्त एसी चेयर कार कोच जोड़े गए हैं। इस बदलाव से ट्रेन में लगभग 278 अतिरिक्त यात्रियों के बैठने की क्षमता बढ़ जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे टिकट उपलब्धता बेहतर होगी और यात्रियों को वेटिंग लिस्ट की समस्या से भी कुछ हद तक राहत मिल सकती है। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और वीकेंड के दौरान इस रूट पर यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है।
क्यों बढ़ाई जा रही है वंदे भारत ट्रेनों की लंबाई
भारतीय रेल धीरे-धीरे उन रूट्स पर लंबी वंदे भारत ट्रेनें चलाने की योजना बना रही है, जहां यात्रियों की मांग ज्यादा है। नई ट्रेनें जोड़ने के बजाय कई बार मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ना ज्यादा व्यावहारिक विकल्प माना जाता है। इससे एक ही ट्रेन में अधिक यात्रियों को सफर का मौका मिलता है और रेलवे नेटवर्क पर अतिरिक्त ट्रैफिक भी नहीं बढ़ता। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में और भी व्यस्त रूट्स पर 20-कोच वंदे भारत ट्रेनें देखने को मिल सकती हैं।

भारत में तेजी से बढ़ रहा है वंदे भारत नेटवर्क
वंदे भारत एक्सप्रेस को भारतीय रेल की सबसे आधुनिक ट्रेनों में गिना जाता है। एयरलाइन-स्टाइल सीटें, स्वचालित दरवाजे, बेहतर सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक इंटीरियर जैसी सुविधाओं के कारण यह ट्रेन यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो चुकी है। देशभर में अब कई दर्जन वंदे भारत सेवाएं अलग-अलग रूट्स पर चल रही हैं और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इनकी संख्या और बढ़ाने का है। ऐसे में अहमदाबाद–मुंबई रूट पर 20 डिब्बों वाली यह वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।