Puri-Koraput Express 11 जुलाई 2026 से नियमित रूप से चलेगी
ओडिशा में रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। लंबे समय से लोग इस नई ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, और अब वह नियमित चलने के लिए पूरी तरह तैयार है। Puri-Koraput Express की नियमित सेवा 11 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है, जिससे पुरी, भुवनेश्वर, संबलपुर, रायगढ़ा और कोरापुट जैसे शहरों के बीच सफर पहले से काफी आसान हो जाएगा । 6 जुलाई का उद्घाटन 6 जुलाई 2026 को पुरी रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का उद्घाटन किया गया। स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया गया, और इस मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दोनों काफी ख़ास थे । मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ट्रेन पुरी और कोरापुट के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत करेगी। रेल मंत्री ने बताया कि बहुत सालों से लोगों की मांग थी कि तटीय ओडिशा को दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों से जोड़ने वाली एक सीधी ट्रेन शुरू हो, और अब Puri-Koraput Express के जरिए वह सुविधा यात्रियों को मिल रही है । Puri-Koraput Express का टाइम टेबल अगर आप इस ट्रेन से सफर करने की प्लान बना रहे हैं, तो अपना शेड्यूल पहले देख लेना ज़रूरी है। ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलती है, और दोनों दिशा में इसके समय ये हैं: ट्रेन नंबर 18407 (पुरी → कोरापुट) चलने वाले दिन: सोमवार, गुरुवार और शनिवार पुरी से प्रस्थान: सुबह 7:00 बजे कोरापुट पर पहुंच: रात 11:30 बजे यानी पुरी से कोरापुट तक यह ट्रेन लगभग 16 घंटे 30 मिनट का सफर तय करती है, जो दिन में चलती है और रास्ते के नज़ारे देखने का अच्छा मौका देती है । ट्रेन नंबर 18408 (कोरापुट → पुरी) चलने वाले दिन: मंगलवार, शुक्रवार और रविवार कोरापुट से प्रस्थान: सुबह 5:00 बजे पुरी पर पहुंच: रात 10:20 बजे दोनों ट्रेनों का रूट लगभग 837 किलोमीटर का है और औसत गति 50 कमी/घंटा के करीब होती है । Puri-Koraput Express किन स्टेशनों पर रुकेगी? यह ट्रेन ओडिशा के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रुकती है, जिससे अलग-अलग जिलों के यात्रियों को सीधी यात्रा का फायदा मिलता है। इसका मुख्य स्टॉपेज लिस्ट कुछ ऐसे है: पुरी, खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, नरज मार्थापुर, ढेंकनाल, तालचेर रोड, अनुगुल, बोइंदा, रइराखोल, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटलागढ़, केसिंगा, मुनिगुड़ा, रायगढ़ा, टिकिरी, लक्ष्मीपुर रोड, ककिरीगुमा, दमनजोड़ी, कोरापुट इन स्टेशनों के जरिए Puri-Koraput Express हजारों यात्रियों को सीधी रेल सुविधा दे रही है, और अब कई रूटों पर ट्रेन बदलने की ज़रूरत भी कम पड़ेगी । Puri-Koraput Express में कौन-कौन कोच हैं? यात्रियों के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में 18 आधुनिक LHB कोच लगाए गए हैं, जो पुराने डिब्बों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माने जाते हैं। इन कोचों में शामिल हैं: 1 AC Two Tier (2A) कोच 3 AC Three Tier (3A) कोच 8 Sleeper Class (SL) कोच 4 General (GS) कोच 2 सामान-सह-दिव्यांग अनुकूल कोच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के लिए ये कोच बेहतर सफर का अनुभव देते हैं। Puri-Koraput Express क्यों खास है? Puri-Koraput Express सिर्फ एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि ओडिशा के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बेहतर रेल संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है । पुरी आने वाले श्रद्धालु अब कोरापुट के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। कोरापुट की प्रसिद्ध कॉफी और स्थानीय जनजातीय उत्पादों को राज्य के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। दक्षिण ओडिशा के छात्रों और मरीजों के लिए भी Puri-Koraput Express एक सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकती है, क्योंकि अब उन्हें भुवनेश्वर और पुरी तक पहुंचने के लिए कम परेशानी होगी । ओडिशा में रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम Puri-Koraput Express की शुरुआत के साथ ही रेलवे ने ओडिशा में चल रही दूसरी परियोजनाओं की भी जानकारी दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है । पुरी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 184 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, ताकि स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सके। ओडिशा के करीब 50 रेलवे स्टेशनों का भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। रेलवे ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में उत्तर ओडिशा को पुरी से जोड़ने वाली नई रेल सेवाएं भी शुरू की जा सकती हैं । Five Colors of Travel के कुछ खास सुझाव नई ट्रेन होने की वजह से शुरुआती दिनों में सीटों की मांग ज्यादा रहने की संभावना है। अगर आपकी यात्रा पहले से तय है, तो कम से कम 15–20 दिन पहले टिकट बुक कर लेना बेहतर रहेगा । कोरापुट अपनी बेहतरीन कॉफी के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां पहुंचने के बाद स्थानीय Koraput Coffee जरूर ट्राई करें, क्योंकि इसकी खुशबू और स्वाद इसे दूसरी कॉफी से अलग पहचान देते हैं । ट्रेन का सफर लगभग 16 घंटे 30 मिनट का है और दिन में चलती है, इसलिए आपको ओडिशा की हरियाली, पूर्वी घाट की पहाड़ियां, छोटे गांव और कई खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य देखने का मौका मिलेगा। अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो कैमरा या मोबाइल जरूर साथ रखें । लंबी यात्रा के दौरान आप रेलवे की ई-कैटरिंग सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ConfirmTkt और RailYatri जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भी अपनी सीट पर खाना ऑर्डर किया जा सकता है । अगर आपके पास समय हो, तो कोरापुट के साप्ताहिक जनजातीय हाट जरूर देखें। यहां स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक मसाले, हस्तनिर्मित सामान और कई क्षेत्रीय उत्पाद मिलते हैं, जिन्हें पर्यटक काफी पसंद करते हैं । Puri-Koraput Express ओडिशा के लिए एक महत्वपूर्ण नई रेल सेवा है, जो राज्य के तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोग, छात्र, श्रद्धालु, पर्यटक और व्यापारी सभी को फायदा मिलने की उम्मीद है । अगर आप भी इस ट्रेन से सफर करने की प्लान बना रही हैं, तो यात्रा की तारीख तय करते समय Puri-Koraput Express का शेड्यूल जरूर देख लें और समय से