जानें North East घूमने का पूरा खर्च,IRCTC का बजट प्लान
रोज की भागदौड़, ऑफिस का काम, शहर का ट्रैफिक और एक जैसी जिंदगी से कभी न कभी हर किसी का मन ऊब ही जाता है। फिर दिल करता है कि बस बैग उठाएं और किसी ऐसी जगह निकल जाएं, जहां चारों तरफ पहाड़ हों, बादल बिल्कुल पास दिखाई दें और सुबह उठते ही खिड़की के बाहर कोई खूबसूरत घाटी नजर आए। अगर आपके मन में भी ऐसा ही कुछ चल रहा है, तो North East आपके लिए एक शानदार जगह हो सकती है।
भारत का पूर्वोत्तर हिस्सा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, अलग संस्कृति, शांत गांवों और पहाड़ी रास्तों के लिए जाना जाता है। यहां ऐसी जगहें हैं जहां नदियों का पानी इतना साफ दिखाई देता है कि नीचे पड़े पत्थर तक नजर आते हैं। कहीं ऊंचे पहाड़ हैं, कहीं घने जंगल और कहीं बादलों के बीच बसे छोटे-छोटे गांव। लेकिन North East घूमने का नाम आते ही सबसे पहला सवाल बजट का आता है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि यहां घूमने के लिए लाखों रुपये चाहिए होंगे। कुछ लोगों को परमिट की चिंता होती है तो कुछ को रास्तों और ट्रांसपोर्ट की जानकारी नहीं होती। इसी बीच ₹50,000 में North East घूमने वाली बातें भी काफी चर्चा में रहती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में इतने बजट में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश घूमना संभव है?
इसका जवाब है—हां, लेकिन आपको सही तरीके से प्लानिंग करनी होगी। दूसरी तरफ IRCTC भी एक शानदार और लग्जरी North East टूर पैकेज चलाता है, जिसमें आपको ट्रेन से लेकर होटल, खाना और घूमने तक की सुविधा मिलती है। लेकिन उसका बजट ₹50,000 से काफी ज्यादा है।
तो आइए इस ब्लॉग में जानते हैं कि IRCTC का North East टूर कितना खास है, उसका खर्च कितना आता है और अगर आपका बजट ₹50,000 है तो आप खुद से असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश की यात्रा कैसे प्लान कर सकते हैं।
IRCTC का North East Discovery Tour क्या है?
सबसे पहले बात करते हैं IRCTC के उस खास टूर की, जो उन लोगों के लिए बनाया गया है जो बिना ज्यादा प्लानिंग किए आराम से यात्रा करना चाहते हैं। IRCTC भारत सरकार की “एक भारत श्रेष्ठ भारत” और “देखो अपना देश” जैसी पहल के तहत भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन चलाता है।
इसी के जरिए North East Discovery: Beyond Guwahati नाम से एक खास यात्रा आयोजित की जाती है। यह कोई साधारण ट्रेन यात्रा नहीं है। इसमें सफर को काफी आरामदायक और सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है।
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जो लोग पहली बार North East घूमने जा रहे हैं और खुद होटल, टैक्सी और अलग-अलग टिकट बुक करने की परेशानी से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह पैकेज एक आसान विकल्प हो सकता है।
ट्रेन नहीं, चलते-फिरते होटल जैसा अनुभव
भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन पूरी तरह एयर कंडीशन्ड है। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। ट्रेन में दो डाइनिंग रेस्टोरेंट हैं, जहां बैठकर यात्री खाना खा सकते हैं। खाना तैयार करने के लिए आधुनिक फ्लेमलेस किचन की सुविधा है और यात्रा के दौरान शुद्ध शाकाहारी भोजन दिया जाता है। आराम के लिए ट्रेन में शावर क्यूबिकल्स भी हैं। इसके अलावा फुट मसाजर, आधुनिक वॉशरूम और पढ़ने के शौकीन लोगों के लिए छोटी लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
सुरक्षा की बात करें तो पूरी ट्रेन में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक सेफ की सुविधा भी है और कोच में सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाता है। यानी अगर आप North East की यात्रा को पूरी तरह आरामदायक तरीके से करना चाहते हैं और बजट की ज्यादा चिंता नहीं है, तो यह पैकेज आपके लिए काफी अच्छा अनुभव दे सकता है।
कहां से शुरू होती है यह यात्रा?
इस खास North East यात्रा की शुरुआत दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से होती है। हालांकि दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों के यात्रियों के लिए भी बोर्डिंग की सुविधा दी गई है। यात्री गाजियाबाद, अलीगढ़, टूंडला, इटावा, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे स्टेशनों से भी ट्रेन पकड़ सकते हैं।
पूरी यात्रा करीब 14 रात और 15 दिन की होती है। इस दौरान ट्रेन लगभग 5800 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह यात्रा पूर्वोत्तर भारत के पांच राज्यों तक लेकर जाती है, जिनमें असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय शामिल हैं।
यानी एक ही यात्रा में आपको North East के कई अलग-अलग रंग देखने का मौका मिलता है। कहीं चाय के बागान, कहीं पहाड़ी मठ, कहीं घने जंगल और कहीं स्थानीय संस्कृति—हर राज्य का अनुभव बिल्कुल अलग होता है।
लेकिन क्या यह यात्रा ₹50,000 में हो जाएगी?
यहीं पर सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। IRCTC का यह पैकेज एक प्रीमियम और ऑल-इनक्लूसिव टूर है। यानी इसमें ट्रेन का सफर, होटल, खाना, बस से घूमना, गाइड और यात्रा से जुड़ी कई सुविधाएं पहले से शामिल होती हैं। इसलिए इसका बजट ₹50,000 से काफी ज्यादा है।
सरकार की तरफ से मिलने वाली लगभग 33 प्रतिशत छूट के बाद भी पैकेज की कीमत कुछ इस तरह बताई गई है। AC III यानी कंफर्ट क्लास का किराया लगभग ₹1,16,905 प्रति व्यक्ति से शुरू होता है। AC II यानी डीलक्स क्लास के लिए करीब ₹1,29,915 प्रति व्यक्ति खर्च हो सकता है। AC First Class Cabin का किराया लगभग ₹1,49,815 प्रति व्यक्ति है।
वहीं AC First Class Coupe का खर्च करीब ₹1,67,845 प्रति व्यक्ति तक पहुंच सकता है। तो अगर कोई आपको कह रहा है कि IRCTC की पूरी लग्जरी North East यात्रा ₹50,000 में हो जाएगी, तो ऐसा नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि ₹50,000 में North East घूमना नामुमकिन है। अगर आप खुद से प्लानिंग करें, शेयर टैक्सी लें, होमस्टे में रुकें और थोड़ा समझदारी से खर्च करें तो यह बजट काफी हो सकता है।
₹50,000 में North East घूमने का DIY प्लान
अगर आप दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं, सोलो ट्रैवल करना पसंद करते हैं या बजट में घूमना चाहते हैं, तो खुद से यात्रा प्लान करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। DIY यानी खुद अपनी यात्रा प्लान करना। इसमें आप अपनी पसंद के हिसाब से जगह चुन सकते हैं। जहां ज्यादा समय बिताना हो वहां रुक सकते हैं और जिन जगहों को छोड़ना हो उन्हें छोड़ सकते हैं।
खुद से प्लान करने पर यात्रा कई बार 20 से 30 प्रतिशत तक सस्ती पड़ सकती है। North East की यात्रा शुरू करने के लिए सबसे आसान गेटवे गुवाहाटी है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से गुवाहाटी के लिए फ्लाइट और ट्रेन दोनों विकल्प मिल जाते हैं।
अगर आप 2 से 3 महीने पहले फ्लाइट बुक करते हैं तो राउंड ट्रिप टिकट लगभग ₹6,000 से ₹12,000 के बीच मिल सकती है। वहीं ट्रेन से जाने पर स्लीपर या 3AC में ₹800 से ₹2,000 के आसपास खर्च हो सकता है। अब देखते हैं कि गुवाहाटी पहुंचने के बाद ₹50,000 के बजट में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश कैसे घूमा जा सकता है।
पहला पड़ाव: असम
North East की यात्रा में असम को नजरअंदाज करना मुश्किल है। यह सिर्फ चाय के बागानों का राज्य नहीं है। यहां ब्रह्मपुत्र नदी है, धार्मिक स्थल हैं और काजीरंगा जैसा मशहूर नेशनल पार्क भी है।
अगर सही तरीके से प्लान किया जाए तो असम में 5 से 7 दिन की यात्रा लगभग ₹15,000 से ₹25,000 में की जा सकती है। इसमें रहना, खाना और स्थानीय यात्रा शामिल हो सकती है।
गुवाहाटी में क्या देखें?
गुवाहाटी पहुंचने के बाद सबसे पहले कामाख्या देवी मंदिर जा सकते हैं। यह भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है और यहां दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इसके बाद आप ब्रह्मपुत्र नदी के बीच बने मयूर द्वीप पर स्थित उमानंदा मंदिर जा सकते हैं। यहां जाने के लिए सरकारी नाव का किराया लगभग ₹20 बताया गया है।
शाम के समय ब्रह्मपुत्र नदी में सनसेट क्रूज का अनुभव भी लिया जा सकता है। बजट क्रूज की टिकट करीब ₹200 से ₹500 के बीच मिल सकती है। गुवाहाटी में बजट हॉस्टल और गेस्ट हाउस ₹500 से ₹1,200 प्रति रात के आसपास मिल सकते हैं। खाने के लिए स्थानीय जगहों पर ₹100 से ₹300 में असमिया थाली का आनंद लिया जा सकता है।
काजीरंगा नेशनल पार्क का अनुभव
असम की यात्रा काजीरंगा के बिना अधूरी मानी जा सकती है। यह जगह एक सींग वाले गैंडों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। गुवाहाटी से काजीरंगा पहुंचने में करीब 4 से 5 घंटे लग सकते हैं। बस से यात्रा करने पर लगभग ₹300 से ₹600 तक खर्च हो सकता है।
यहां जीप सफारी का खर्च करीब ₹2,000 से ₹3,000 प्रति जीप हो सकता है। अगर आप दूसरे यात्रियों के साथ सफारी शेयर करते हैं तो खर्च कम किया जा सकता है।
हाथी सफारी के लिए करीब ₹1,000 से ₹1,500 प्रति व्यक्ति खर्च हो सकता है। बजट यात्रियों के लिए यहां एक अच्छी बात यह है कि फॉरेस्ट लॉज और होमस्टे ₹800 से ₹1,500 प्रति रात के आसपास मिल सकते हैं। अगर आप North East यात्रा में पैसे बचाना चाहते हैं तो काजीरंगा की बुकिंग सीधे आधिकारिक सरकारी पोर्टल से करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
दूसरा पड़ाव: मेघालय
असम के बाद अब बारी आती है मेघालय की। मेघालय को बादलों का घर भी कहा जाता है और यह जगह North East की सबसे खूबसूरत जगहों में गिनी जाती है। गुवाहाटी से शिलॉन्ग की दूरी करीब 100 किलोमीटर है। शेयर टैक्सी से यहां पहुंचने का खर्च लगभग ₹300 से ₹500 तक हो सकता है। मेघालय को आराम से देखने के लिए 4 से 5 दिन का समय रखा जा सकता है। एक बजट ट्रिप में यहां लगभग ₹12,000 से ₹20,000 तक खर्च हो सकता है।
शिलॉन्ग की खूबसूरत जगहें
शिलॉन्ग को पूर्व का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यहां का मौसम, पहाड़ और पुरानी वास्तुकला लोगों को काफी पसंद आती है। उमियम झील यहां की सबसे सुंदर जगहों में से एक है। इसके अलावा एलिफेंट फॉल्स, शिलॉन्ग पीक और वॉर्ड्स लेक भी देखी जा सकती हैं। शाम के समय पुलिस बाजार घूमना अच्छा विकल्प है। यहां आपको स्थानीय बाजार और कैफे देखने का मौका मिलता है।
चेरापूंजी की बारिश और झरने
मेघालय की यात्रा में चेरापूंजी जरूर शामिल करना चाहिए। यह जगह गहरी घाटियों, बादलों और बड़े-बड़े झरनों के लिए जानी जाती है। यहां नोहकलिकाई फॉल्स, सेवन सिस्टर्स फॉल्स और मवासमाई गुफाएं देखी जा सकती हैं।
अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है तो डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज का अनुभव जरूर लेना चाहिए। यह पुल किसी लोहे या सीमेंट से नहीं, बल्कि पेड़ों की जीवित जड़ों से बना हुआ प्राकृतिक अजूबा है। ऐसी जगहें ही North East को बाकी भारत से अलग बनाती हैं।
डौकी की साफ नदी और मावलिननॉन्ग गांव
डौकी में बहने वाली उमंगोट नदी अपनी साफ पानी की वजह से दुनिया भर में मशहूर है। कई बार यहां नावें ऐसी दिखाई देती हैं जैसे पानी पर नहीं बल्कि हवा में तैर रही हों। यहां बोटिंग का अनुभव जरूर लिया जा सकता है।
इसके बाद मावलिननॉन्ग गांव की यात्रा की जा सकती है। यह गांव अपनी साफ-सफाई और स्थानीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। अगर आप North East की असली सादगी और शांत जीवन देखना चाहते हैं, तो ऐसे छोटे गांवों को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें।
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तीसरा पड़ाव: अरुणाचल प्रदेश
अब बारी आती है North East के उस राज्य की, जहां भारत में सबसे पहले सूरज की किरणें पहुंचती हैं। अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि कहा जाता है।ऊंचे पहाड़, शांत झीलें, बर्फीले रास्ते और पुराने बौद्ध मठ इसे बेहद खास बनाते हैं। लेकिन अरुणाचल प्रदेश जाने से पहले एक जरूरी काम करना होता है। वह है इनर लाइन परमिट यानी ILP।
अरुणाचल जाने के लिए ILP क्यों जरूरी है?
अरुणाचल प्रदेश एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए भारतीय नागरिकों को यहां यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट लेना जरूरी होता है। बिना परमिट के आपको एंट्री चेकपोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं मिल सकती। ILP के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होता है।
3 दिनों के टूरिस्ट परमिट की फीस ₹300 बताई गई है। वहीं 3 से 14 दिनों के परमिट के लिए ₹500 की फीस लग सकती है। आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो और सरकारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है।
फॉर्म भरते समय आपको उन जिलों और एंट्री गेट का सही चुनाव करना चाहिए जहां आप यात्रा करने वाले हैं। अगर तवांग की तरफ जा रहे हैं तो भालुकपोंग गेट और वेस्ट कामेंग जैसे विवरण ध्यान से भरना जरूरी है।
दिरंग घाटी की शांत खूबसूरती
अरुणाचल प्रदेश में दिरंग घाटी काफी सुंदर जगह है। यह समुद्र तल से करीब 4,900 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां सेब और कीवी के बगीचे, सीढ़ीदार खेत और दिरंग चू नदी का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। सर्दियों में यहां तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
बजट यात्रियों के लिए यहां होमस्टे अच्छे विकल्प हो सकते हैं। दिरंग के पास सांगती घाटी भी है, जो शांत माहौल, नदी और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। अगर आप North East की भीड़ से दूर शांत जगह तलाश रहे हैं तो यह इलाका काफी अच्छा हो सकता है।
सेला पास का बर्फीला सफर
सेला पास अरुणाचल प्रदेश की सबसे चर्चित जगहों में से एक है। यह लगभग 13,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी देखने को मिलती है, जबकि गर्मियों में आसपास की घाटियां अलग रंग में दिखाई देती हैं। यहां की सेला झील का नीला-हरा पानी बेहद खूबसूरत लगता है।
रास्ते में जसवंतगढ़ वॉर मेमोरियल भी आता है, जो देश के लिए शहीद हुए जसवंत सिंह रावत की याद में बनाया गया है। यह पूरा रास्ता North East की उन यात्राओं में से है, जहां सफर खुद मंजिल से कम खूबसूरत नहीं होता।
नुरानंग फॉल्स जरूर देखें
तवांग की तरफ जाते समय जंग गांव के पास नुरानंग फॉल्स देखने को मिलता है। इसे जंग फॉल्स भी कहा जाता है। यह झरना लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है। चारों तरफ घने पहाड़ और जंगल होने की वजह से यह जगह बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। अरुणाचल की यात्रा में यह जगह जरूर शामिल की जा सकती है।
₹50,000 का पूरा बजट कैसे बनाएं?
अब सबसे जरूरी सवाल—अगर आप असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश घूमना चाहते हैं तो ₹50,000 का बजट कैसे मैनेज होगा? अगर आप यात्रा पहले से प्लान करें तो आने-जाने के टिकट पर लगभग ₹8,000 से ₹12,000 खर्च हो सकता है। रहने के लिए होटल की बजाय होमस्टे और हॉस्टल चुनने पर करीब ₹6,000 से ₹10,000 में काम चल सकता है।
स्थानीय ट्रांसपोर्ट, शेयर टैक्सी और बसों पर लगभग ₹7,000 से ₹12,000 खर्च हो सकता है। खाने-पीने के लिए ₹4,000 से ₹7,000 का बजट रखा जा सकता है। अरुणाचल के परमिट और काजीरंगा जैसी एक्टिविटी पर ₹3,000 से ₹5,000 तक खर्च हो सकता है।
वहीं शॉपिंग और दूसरे छोटे खर्चों के लिए ₹3,000 से ₹4,000 अलग रखे जा सकते हैं। इस तरह अगर समझदारी से प्लानिंग की जाए तो पूरा North East ट्रिप लगभग ₹31,000 से ₹50,000 के बीच किया जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितने दिन यात्रा करते हैं, कितने लोग साथ हैं और किस तरह की जगहों पर रुकते हैं।
IRCTC या DIY, आपके लिए कौन सा प्लान बेहतर है?
अगर आप बिना किसी परेशानी के यात्रा करना चाहते हैं, होटल और ट्रांसपोर्ट की चिंता नहीं करना चाहते और आपका बजट ज्यादा है, तो IRCTC का लग्जरी टूर अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आपका बजट ₹50,000 के आसपास है और आप अपनी यात्रा अपनी पसंद से करना चाहते हैं, तो DIY प्लान ज्यादा बेहतर रहेगा।
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खुद से North East घूमने का एक अलग ही मजा है। आप किसी जगह को पसंद आने पर वहां ज्यादा समय रुक सकते हैं। किसी छोटे गांव में होमस्टे कर सकते हैं और स्थानीय लोगों से बात कर सकते हैं। यही आजादी शायद पैकेज टूर में हमेशा नहीं मिलती। बस जरूरत है थोड़ी पहले से प्लानिंग करने की। टिकट समय पर बुक करें, परमिट पहले बनवाएं और जहां संभव हो वहां शेयर ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव
- टिकट पहले बुक करें: फ्लाइट या ट्रेन की टिकट 2-3 महीने पहले लेने से बजट काफी कंट्रोल में रहता है।
- ILP पहले बनवाएं: अरुणाचल जाने से पहले परमिट की प्रक्रिया पूरी कर लें।
- होमस्टे चुनें: महंगे होटल की जगह स्थानीय होमस्टे बजट बचाने का अच्छा तरीका है।
- शेयर टैक्सी लें: पहाड़ी इलाकों में शेयर गाड़ी से यात्रा करने पर खर्च काफी कम हो सकता है।
- कागजात साथ रखें: परमिट, आईडी और होटल बुकिंग की हार्ड कॉपी बैग में जरूर रखें।
तो अगर आपका भी सपना North East घूमने का है, तो सिर्फ बजट के डर से उसे टालिए मत। जरूरी नहीं कि हर यात्रा लग्जरी पैकेज के साथ ही की जाए। सही प्लानिंग, थोड़ा रिसर्च और समझदारी से खर्च करने पर ₹50,000 के अंदर भी असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश की एक यादगार यात्रा की जा सकती है।
पहाड़ों की ठंडी हवा, बादलों से ढकी सड़कें, साफ नदियां और शांत गांव आपका इंतजार कर रहे हैं। बस बैग पैक कीजिए और North East की इस खूबसूरत दुनिया को अपनी आंखों से देखने निकल पड़िए।