Darjeeling Toy Train की 6 नई स्पेशल राइड्स
दुर्गा पूजा आते ही हर तरफ त्योहार की रौनक दिखाई देने लगती है। खासकर पश्चिम बंगाल में इस त्योहार का माहौल बिल्कुल अलग होता है। पंडालों की भीड़, रोशनी, खरीदारी और घूमने-फिरने की प्लानिंग के बीच बहुत से लोग कुछ दिन शहर की भागदौड़ से दूर पहाड़ों में बिताना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर आपका भी इस बार दार्जिलिंग जाने का प्लान है, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
दार्जिलिंग का नाम सुनते ही सबसे पहले आंखों के सामने ठंडी हवा, चाय के बागान, पहाड़ों के खूबसूरत नजारे और घुमावदार रास्तों पर चलती छोटी सी ट्रेन की तस्वीर आती है। यही वजह है कि यहां आने वाले ज्यादातर लोगों की यात्रा Darjeeling Toy Train की सवारी के बिना अधूरी मानी जाती है।
इस दुर्गा पूजा पर्यटकों के लिए यह अनुभव और भी खास होने वाला है। 1 अक्टूबर 2026 से Darjeeling Himalayan Railway कई स्पेशल जॉयराइड सर्विस शुरू करने जा रही है। इनमें छोटी दूरी की यात्रा से लेकर स्टीम इंजन वाली खास सवारी तक शामिल है।
अगर आप इस त्योहार पर पहाड़ों की सैर करने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि इस बार Darjeeling Toy Train में क्या नया मिलने वाला है और कौन-कौन सी खास ट्रेनें पर्यटकों का इंतजार कर रही हैं।
1 अक्टूबर से शुरू होगा खास सफर
Darjeeling Himalayan Railway इस त्योहार के मौसम में पर्यटकों के लिए स्पेशल जॉयराइड सर्विस शुरू करने जा रही है। इसका मकसद सिर्फ लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन्हें पहाड़ों के बीच एक यादगार अनुभव देना भी है। Darjeeling Himalayan Railway की खासियत यही है कि यहां ट्रेन का सफर खुद एक पर्यटन अनुभव बन जाता है।
छोटी पटरियों पर धीरे-धीरे चलती ट्रेन, पहाड़ों के बीच से गुजरते रास्ते और रास्ते में दिखने वाले खूबसूरत नजारे इस यात्रा को अलग बना देते हैं। 1 अक्टूबर 2026 से कुल 6 स्पेशल जॉयराइड सर्विस चलाने की योजना है। इनमें चार एकतरफा ट्रिप दार्जिलिंग और घूम के बीच चलेंगी, जबकि दो राउंड ट्रिप कुर्सियांग और महानदी के बीच चलाई जाएंगी। यानी इस दुर्गा पूजा पर्यटकों के पास Darjeeling Toy Train का अनुभव लेने के लिए पहले से ज्यादा विकल्प होंगे।
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दार्जिलिंग से घूम तक खास जॉयराइड
दार्जिलिंग से घूम वाला रूट वैसे भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत सफर है। इस रूट पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनें डीजल इंजन से चलाई जाएंगी। दार्जिलिंग से घूम जाने के लिए पहली ट्रेन सुबह 9:20 बजे रवाना होगी। दूसरी ट्रेन सुबह 11:25 बजे चलेगी। वहीं घूम से दार्जिलिंग वापस आने के लिए पहली ट्रेन सुबह 10:25 बजे और दूसरी ट्रेन दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी।
इस सफर का प्रस्तावित किराया ₹800 प्रति यात्री रखा गया है। जो लोग कम समय में Darjeeling Toy Train का अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए यह जॉयराइड अच्छा विकल्प हो सकती है। खास बात यह है कि इस छोटे से सफर में आपको दार्जिलिंग की पहाड़ियों और यहां की ऐतिहासिक रेलवे विरासत को करीब से देखने का मौका मिलता है।
रेड पांडा में मिलेगा पुराने जमाने का मजा
अगर आपको पुरानी ट्रेनों का आकर्षण पसंद है और आप स्टीम इंजन की छुक-छुक सुनते हुए पहाड़ों में सफर करना चाहते हैं, तो आपके लिए रेड पांडा नाम की खास सर्विस शुरू की जा रही है। यह ट्रेन कुर्सियांग से महानदी के बीच चलेगी और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्टीम इंजन है। रेड पांडा सुबह 9 बजे कुर्सियांग से महानदी के लिए रवाना होगी।
इसके बाद सुबह 10 बजे महानदी से वापस कुर्सियांग आएगी। इस राउंड ट्रिप का प्रस्तावित किराया ₹1,530 प्रति यात्री रखा गया है। स्टीम इंजन वाली Darjeeling Toy Train की अपनी अलग ही पहचान है।
जब ट्रेन धीरे-धीरे पहाड़ों के बीच आगे बढ़ती है और इंजन की आवाज गूंजती है, तो ऐसा लगता है जैसे आप कुछ समय के लिए पुराने दौर में पहुंच गए हों। फोटोग्राफी और वीडियो बनाने वालों के लिए भी यह सफर काफी खास हो सकता है।
मुक्तधारा नाम की खास ट्रेन भी चलेगी
कुर्सियांग और महानदी के बीच चलने वाली दूसरी खास ट्रेन का नाम मुक्तधारा रखा गया है। यह डीजल इंजन से चलने वाली राउंड ट्रिप सर्विस होगी। इस ट्रेन का नाम नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के प्रसिद्ध नाटक “मुक्तधारा” के नाम पर रखा गया है। मुक्तधारा कुर्सियांग से दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी और महानदी से शाम 4 बजे वापस कुर्सियांग के लिए चलेगी।
इस यात्रा का प्रस्तावित किराया ₹1,030 प्रति यात्री रखा गया है। अगर आप दोपहर के समय पहाड़ों में एक छोटी लेकिन अलग तरह की Darjeeling Toy Train यात्रा करना चाहते हैं, तो मुक्तधारा आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। इस सफर में स्टीम इंजन का अनुभव नहीं होगा, लेकिन पहाड़ों, जंगलों और छोटे स्टेशनों के बीच डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेन का अपना अलग मजा है।
Darjeeling Toy Train की यह यात्रा क्यों खास है?
दार्जिलिंग में ट्रेन की यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का नाम नहीं है। यहां धीमी रफ्तार से चलती ट्रेन आपको पहाड़ों को देखने का समय देती है। बड़ी खिड़कियों से दिखते चाय के बागान, छोटे स्टेशन, घुमावदार ट्रैक और पहाड़ों के बीच से गुजरती ट्रेन, यही चीजें Darjeeling Toy Train को खास बनाती हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान जब पूरे इलाके में त्योहार का माहौल होगा, तब इन स्पेशल जॉयराइड्स का अनुभव पर्यटकों के लिए और भी यादगार बन सकता है। चाहे आप ₹800 वाली छोटी जॉयराइड चुनें या स्टीम इंजन वाली रेड पांडा यात्रा, हर रूट का अपना अलग अनुभव है। अगर आप दार्जिलिंग पहले भी जा चुके हैं, तब भी इस बार इन नई सर्विसेज की वजह से आपकी यात्रा अलग हो सकती है। Darjeeling Toy Train
दार्जिलिंग पहुंचने का सबसे आसान तरीका
दार्जिलिंग पहुंचने के लिए दो मुख्य रास्ते हैं। पहला न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन यानी NJP और दूसरा बागडोगरा एयरपोर्ट। अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं, तो NJP आपके लिए सबसे सुविधाजनक स्टेशन हो सकता है। देश के कई बड़े शहरों से ट्रेन लेकर NJP पहुंचा जा सकता है। यहां से टैक्सी या साझा वाहन लेकर दार्जिलिंग पहुंचा जा सकता है।
अगर आप फ्लाइट से आ रहे हैं, तो बागडोगरा एयरपोर्ट सबसे नजदीकी विकल्प है। एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर सीधे दार्जिलिंग जाया जा सकता है। पहाड़ों का रास्ता खूबसूरत जरूर होता है, लेकिन यात्रा का समय ट्रैफिक और मौसम के हिसाब से बदल सकता है। इसलिए अपनी आगे की योजना बनाते समय पर्याप्त समय जरूर रखें।
दार्जिलिंग पहुंचकर इन जगहों को जरूर देखें
दार्जिलिंग सिर्फ टॉय ट्रेन के लिए मशहूर नहीं है। यहां ऐसी कई जगहें हैं जिन्हें देखने के बाद आपका सफर और भी यादगार बन सकता है। सबसे पहले आता है टाइगर हिल। यहां सुबह-सुबह सूर्योदय देखना एक अलग ही अनुभव होता है। जब सूरज की पहली किरणें कंचनजंगा की चोटियों पर पड़ती हैं, तो पूरा नजारा देखने लायक होता है। Darjeeling Toy Train
इसके बाद आता है बतासिया लूप। यह दार्जिलिंग की सबसे मशहूर जगहों में से एक है। यहां घूमते हुए रेलवे ट्रैक और पहाड़ों का नजारा बहुत खूबसूरत दिखाई देता है। यहां Darjeeling Toy Train को घूमते हुए देखना भी पर्यटकों के लिए खास अनुभव होता है। शाम बिताने के लिए मॉल रोड और चौरस्ता काफी अच्छे विकल्प हैं।
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यहां बैठकर आप दार्जिलिंग के माहौल को महसूस कर सकते हैं। आसपास चाय, स्नैक्स, स्थानीय खरीदारी और पहाड़ी नजारों का मजा लिया जा सकता है। चाय बागान भी जरूर देखें। हरियाली से भरे ये बागान दार्जिलिंग की पहचान हैं। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट काफी दिलचस्प जगह हो सकती है। वहीं रॉक गार्डन प्राकृतिक नजारों और फोटोग्राफी के लिए अच्छा स्थान है।
दुर्गा पूजा में ट्रैफिक सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है
अब बात उस चीज की जिसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए। त्योहारों के समय दार्जिलिंग में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस वजह से सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल सकता है। आम दिनों में सिलीगुड़ी या NJP से दार्जिलिंग पहुंचने में लगभग ढाई से तीन घंटे लग सकते हैं। लेकिन दुर्गा पूजा जैसे पीक सीजन में यही सफर पांच से छह घंटे या उससे भी ज्यादा समय ले सकता है। Darjeeling Toy Train
कुर्सियांग से घूम और दार्जिलिंग के बीच ट्रैफिक काफी बढ़ सकता है। इसलिए अगर आपकी वापसी की ट्रेन या फ्लाइट है, तो आखिरी समय तक इंतजार करने की गलती न करें। पहाड़ों में समय का अनुमान हमेशा मैदानी इलाकों की तरह नहीं लगाया जा सकता।
होटल और टैक्सी की बुकिंग पहले करें
दुर्गा पूजा के दौरान दार्जिलिंग में होटल मिलना मुश्किल हो सकता है। कई बार पर्यटक बिना बुकिंग के पहुंच जाते हैं और बाद में उन्हें रहने की जगह खोजने में काफी परेशानी होती है। इसी तरह टैक्सी की उपलब्धता भी पीक सीजन में कम हो सकती है और मौके पर किराया ज्यादा देना पड़ सकता है।
इसलिए अगर आप 1 अक्टूबर के बाद Darjeeling Toy Train की स्पेशल जॉयराइड लेने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ ट्रेन का टिकट नहीं, बल्कि होटल और आगे की यात्रा की व्यवस्था भी पहले से कर लें।
पहले से की गई छोटी सी प्लानिंग आपके पूरे ट्रिप को काफी आसान बना सकती है। अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं तो होटल की जगह, बाजार से दूरी और टैक्सी की उपलब्धता भी पहले देख लें।
टिकट बुक करते समय क्या ध्यान रखें?
Darjeeling Toy Train की स्पेशल जॉयराइड्स की टिकटें त्योहार के समय जल्दी भर सकती हैं। इसलिए अगर आपने यात्रा की तारीख तय कर ली है, तो टिकट बुकिंग की जानकारी समय-समय पर जरूर देखते रहें। रेड पांडा और मुक्तधारा के लिए बताए गए किराये प्रस्तावित हैं। अंतिम किराया, यात्रा की तारीख, सीट की उपलब्धता और बुकिंग नियम रेलवे की आधिकारिक जानकारी के अनुसार बदल सकते हैं।
टिकट बुक करने से पहले ट्रेन का नाम, प्रस्थान स्टेशन, समय और वापसी की व्यवस्था जरूर मिलान कर लें। दार्जिलिंग से घूम वाली ट्रेन और कुर्सियांग से महानदी वाली जॉयराइड अलग अनुभव हैं। इसलिए अपनी यात्रा योजना के अनुसार सही ट्रेन चुनें। Darjeeling Toy Train
Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव
- टिकट और होटल पहले बुक करें: Darjeeling Toy Train और होटल की बुकिंग पहले से कर लें, क्योंकि दुर्गा पूजा के दौरान काफी भीड़ रहती है।
- NJP से टैक्सी पहले तय करें: NJP या सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग के लिए टैक्सी एडवांस में बुक करें, ताकि पहुंचने के बाद परेशानी न हो।
- सुबह जल्दी घूमने निकलें: दिन चढ़ने के साथ ट्रैफिक और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए टाइगर हिल, बतासिया लूप और दूसरी जगहों के लिए सुबह का समय बेहतर रहेगा।
- वापसी से पहले अतिरिक्त समय रखें: वापसी की ट्रेन या फ्लाइट से पहले पर्याप्त समय रखें, क्योंकि पहाड़ों में ट्रैफिक के कारण यात्रा लंबी हो सकती है।
- एक दिन में बहुत ज्यादा जगह न घूमें: दार्जिलिंग की यात्रा आराम से करें। बहुत ज्यादा जगहों की सूची पूरी करने के बजाय पहाड़ों, चाय और Darjeeling Toy Train के अनुभव को समय दें।
इस दुर्गा पूजा अगर आपका मन शहर की भीड़ से दूर कुछ दिन पहाड़ों में बिताने का है, तो दार्जिलिंग एक शानदार विकल्प हो सकता है। ठंडी हवा, चाय के बागान, कंचनजंगा के नजारे और पहाड़ों के बीच चलती Darjeeling Toy Train आपकी यात्रा को यादगार बना सकती है।
1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली स्पेशल जॉयराइड्स पर्यटकों को दार्जिलिंग और कुर्सियांग के आसपास अलग तरह से घूमने का मौका देंगी। ₹800 वाली दार्जिलिंग-घूम जॉयराइड, स्टीम इंजन वाली रेड पांडा और डीजल इंजन वाली मुक्तधारा, हर यात्रा का अपना अलग आकर्षण है। तो अपना प्लान बनाइए, समय रहते टिकट बुक कीजिए और इस त्योहार पर पहाड़ों के बीच एक अलग तरह का सफर करने के लिए तैयार हो जाइए। Darjeeling Toy Train