साक्षी जोशी – Five Colors of Travel
चार धाम यात्रा २०२२ – विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा की अंतिम तिथि का ऐलान कर दिया गया है। जैसे -जैसे अक्टूबर महीने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है ,वैसे -वैसे चार धाम की यात्रा भी अपने अंतिम पड़ाव पर है। क्योकि जैसे-जैसे सर्दियां बढ़ती हैं यात्रियों का पहाड़ों में जाना दुर्लभ हो जाता है। जब देश भर में अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है , तब उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा शुरू हो जाती है। इस बार ३ मई को चार धाम की यात्रा शुरू हुई थी। जिसके चलते अब तक चालीस लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके है। विजयदशमी के शुभ अवसर पर चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथि भी घोषित कर दी गयी।

कपाट बंद होने की तिथियां
मंदिर समितियों के अनुसार गंगोत्री के कपाट सबसे पहले बंद होंगे और आखिर में बद्रीनाथ के। 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा के दिन दोपहर 12:01 बजे गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो जायेंगे। इसके बाद 27 अक्टूबर भैया दूज के शुभ अवसर पर केदारनाथ व यमनोत्री दोनों के कपाट बंद हो जायेंगे, और आखिर में 19 नवंबर बद्रीनाथ के कपाट भी बंद कर दिए जायेंगे।

शीतकालीन में कपाट बंद क्यों किये जाते है
जहाँ एक तरफ बढ़ती ठंड व भारी बर्फ़बारी के चलते सड़को का बंद हो जाना एक कारण हैं , वहीं दूसरी तरफ धार्मिक मान्यता के चलते भी कपाट बंद किए जाते है। कहा जाता है कि शीतकालीन में कपाट बंद होने पर स्वर्ग से देवता धरती पर आते हैं और केदारनाथ व बद्रीनाथ में पूजन करते है।
