मोमोज़ भारत कैसे आए क्या आपको पता है? नहीं तो जानिए! दरअसल हम सब जानते हैं भारत की सड़कों पर आज जो भी चहल-पहल भरा स्ट्रीट फूड दिखता है, उसमें एक नाम सबसे आगे निकल चुका है मोमोज़ (Momos)। पहाड़ी इलाकों से शुरू हुई ये छोटी-सी डिश अब इंडियन स्ट्रीट फूड कल्चर की जान बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्वादिष्ट पकवान भारत का नहीं, बल्कि तिब्बत (Tibet) का तोहफ़ा है? मोमोज़ की कहानी सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि संस्कृति और यात्रा (food journey) की भी है।
मोमोज़ की यात्रा तिब्बत से भारत तक

मोमोज़ की शुरुआत तिब्बत और नेपाल के पहाड़ी इलाकों से हुई थी। वहां इसे ‘मोमो’ या ‘मोग मोग’ कहा जाता था, जिसका अर्थ होता है ‘भरवां डंपलिंग’। 1950 के दशक में जब तिब्बती शरणार्थी भारत आए, तो अपने साथ वे यह डिश भी लाए। सबसे पहले मोमोज़ ने दार्जिलिंग, सिक्किम और लद्दाख जैसे इलाकों में जगह बनाई। ठंडी जलवायु और गर्म स्टीम्ड मोमोज़ का स्वाद लोगों को तुरंत भा गया।
भारत में मोमोज़ का स्वाद और बदलाव का सफर

भारत पहुंचते-पहुंचते मोमोज़ का स्वाद भारतीय बन गया। अब इसमें सिर्फ सब्ज़ियां (veg momos) ही नहीं, बल्कि चिकन, पनीर, कॉर्न और चीज़ मोमोज़ भी मिलने लगे हैं। दिल्ली, देहरादून, शिमला, गंगटोक जैसे शहरों में यह फूड हर गली में मिलने लगा। दिल्ली के लाजपत नगर और नॉर्थ कैंपस जैसे इलाकों में तो मोमोज़ युवाओं का पसंदीदा स्नैक बन गए।(मोमोज़ की कहानी सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि संस्कृति और यात्रा (food journey) की भी है।)

सोशल मीडिया पर हरेक दिन मोमोज़ ट्रेंडिंग फूड आइटम ट्रेडिंग में रहते हैं जैसे #MomosLove, #StreetFoodIndia, #DelhiMomos, #TandooriMomos जैसे Google trending keywords हर दिन सर्च में रहते हैं। तंदूरी मोमोज़, फ्राइड मोमोज़, स्टीम्ड मोमोज़, वेज मोमोज़, चिकन मोमोज़ इन सभी वेराइटीज़ ने भारत के स्ट्रीट फूड मार्केट में बड़ा बदलाव लाया है। अब तो मोमोज़ सिर्फ सड़क किनारे ठेलों पर नहीं, बल्कि बड़े-बड़े कैफ़े और फूड चेन में भी मिलते हैं।
भारत में मोमोज़ का फूड रेवोल्यूशन जानेंगे तो रह जाएंगे दंग!

मोमोज़ ने भारत में एक तरह से स्ट्रीट फूड रेवोल्यूशन ला दिया है। पहले जहां गोलगप्पा, चाट और समोसा का राज था, वहीं आज हर शहर की गली में ‘ममो वाला भैया’ दिख जाता है। दिल्ली और मुंबई से लेकर कोलकाता, जयपुर, भोपाल और बेंगलुरु तक मोमोज़ हर जगह ट्रेंड में हैं। फूड ब्लॉगर और यूट्यूबर भी अब मोमोज़ के वीडियो से लाखों व्यूज़ पा रहे हैं।
आज का मोमोज़ युवाओं का फेवरेट स्ट्रीट स्नैक

आज मोमोज़ सिर्फ एक फूड नहीं बल्कि युवाओं का ट्रेंड बन चुका है। कॉलेज कैंपस से लेकर मॉल फूड कोर्ट तक, हर जगह मोमोज़ की खुशबू फैल चुकी है। तंदूरी मोमोज़ की मसालेदार चटनी, या स्टीम्ड मोमोज़ की हल्की भाप दोनों ने इंडियन टेस्ट बड्स को जीत लिया है। तिब्बत से चला एक साधारण डंपलिंग आज भारत का Street Food King बन चुका है। मोमोज़ ने न सिर्फ भारत के फूड टूरिज्म को समृद्ध किया, बल्कि इसे ट्रेंडिंग फूड्स की लिस्ट में भी जगह दिलाई है। अगर आप किसी भी शहर की गलियों में हैं और गरमागरम स्टीम उठते मोमोज़ दिख जाएं, तो समझिए आप भारत की खाने की क्रांति (food culture revolution) का हिस्सा हैं!