PNR देखने गए थे, IRCTC पर सामने आ गया गणित का सवाल
जब टिकट की स्थिति देखने गए और सामने आ गया गणित का सवाल, सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब लिए मजे। ट्रेन की टिकट बुक करने के बाद सबसे आम काम होता है उसका PNR देखना। सीट पक्की हुई या अभी प्रतीक्षा सूची में है, गाड़ी में कितनी देर है, टिकट की क्या स्थिति है—इन सबके लिए यात्री बार-बार रेलवे की वेबसाइट या ऐप खोलते हैं। लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों को टिकट की स्थिति देखने से ज्यादा गणित के सवाल में उलझा दिया। सोशल मीडिया पर एक यात्री ने दावा किया कि IRCTC पर PNR की स्थिति देखने के दौरान उसके सामने ऐसा CAPTCHA आया, जिसे देखकर उसे लगा कि टिकट की जानकारी देखने से पहले गणित की परीक्षा देनी पड़ेगी। स्क्रीन पर एक लंबा-सा सवाल दिखाई दे रहा था और उसे हल करके जवाब भरना था। सवाल था—(9876 × 543 − 2468) ÷ 4 = ? बस फिर क्या था। इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की मजेदार बातें शुरू कर दीं। किसी ने कहा कि वह टिकट की स्थिति देखने आया था, प्रतियोगी परीक्षा देने नहीं। किसी ने इसे परीक्षा की तैयारी जैसा बताया तो किसी ने मजाक में कहा कि अब टिकट देखने के लिए कैलकुलेटर भी साथ रखना पड़ेगा। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना भी उतना ही जरूरी है। वायरल हुई तस्वीर और उसके साथ किए गए दावे को देखकर यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि यही सवाल हर यात्री को IRCTC पर दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने तस्वीर की असलियत पर भी सवाल उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे एक वायरल दावा ही बताया गया है, न कि IRCTC का कोई नया आधिकारिक नियम। आखिर CAPTCHA होता क्या है? अगर आपने कभी किसी वेबसाइट पर लॉगिन किया है या कोई जानकारी भरते समय अक्षर, संख्या या चित्र पहचानने वाला सवाल देखा है, तो संभव है कि आपने CAPTCHA का इस्तेमाल किया हो। सरल भाषा में समझें तो CAPTCHA यह जांचने का तरीका है कि वेबसाइट इस्तेमाल करने वाला सामने इंसान है या कोई स्वचालित कंप्यूटर कार्यक्रम। ऑनलाइन टिकट व्यवस्था में यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में स्वचालित कार्यक्रम एक साथ वेबसाइट पर पहुंचकर टिकटों को रोक सकते हैं। इससे सामान्य यात्रियों के लिए टिकट बुक करना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से CAPTCHA जैसी व्यवस्था वेबसाइट को यह पहचानने में मदद करती है कि उसके सामने सामान्य यात्री है या कोई स्वचालित गतिविधि। IRCTC की अपनी सामग्री में भी CAPTCHA और स्वचालित गतिविधियों को रोकने से जुड़ी व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। वायरल तस्वीर में आखिर इतना मुश्किल क्या था? आमतौर पर लोग CAPTCHA का नाम सुनते ही छोटे-छोटे अक्षरों या आसान गणित के सवालों के बारे में सोचते हैं। कई बार दो अंकों को जोड़ना, घटाना या कोई आसान पहचान वाला सवाल सामने आता है। लेकिन वायरल तस्वीर में दिखाई देने वाला सवाल काफी लंबा था। सवाल था—(9876 × 543 − 2468) ÷ 4। अब अगर आप इसे ध्यान से देखें तो पहले गुणा करना होगा, फिर घटाना होगा और आखिर में चार से भाग देना होगा। इसे हल करने पर—9876 × 543 = 5,364,668। अब इसमें से 2,468 घटाने पर—5,364,668 − 2,468 = 5,362,200। इसके बाद चार से भाग—5,362,200 ÷ 4 = 1,340,550। यानी सवाल का उत्तर 1,340,550 आता है। सोशल मीडिया पर इसी सवाल को लेकर सबसे ज्यादा मजाक हुआ। लोगों को परेशानी इस बात से ज्यादा थी कि वे टिकट की स्थिति देखने आए थे और सामने अचानक ऐसा गणित का सवाल आ गया। क्या हर यात्री को ऐसा CAPTCHA दिखाई दे रहा है? नहीं, सिर्फ एक वायरल तस्वीर के आधार पर ऐसा कहना सही नहीं होगा। यही इस पूरे मामले की सबसे जरूरी बात है। वायरल तस्वीर सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह वास्तव में IRCTC का सामान्य CAPTCHA था या तस्वीर में किसी तरह बदलाव किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों में भी इस तस्वीर की असलियत को लेकर सवाल उठने की बात कही गई है। इसलिए इसे IRCTC की तरफ से लागू किया गया कोई नया नियम मान लेना ठीक नहीं होगा। अगर किसी यात्री को अपने फोन या कंप्यूटर पर अलग तरह का CAPTCHA दिखाई देता है, तो वह उसे दोबारा बदलने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्टों में भी IRCTC पर नया CAPTCHA लेने के लिए उसे बदलने का विकल्प होने का उल्लेख किया गया है। IRCTC पर CAPTCHA क्यों लगाया जाता है? टिकटों की मांग वाले समय में रेलवे की वेबसाइट पर बहुत ज्यादा यात्री एक साथ पहुंचते हैं। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और तत्काल टिकट खुलने के समय वेबसाइट पर भारी दबाव रहता है। ऐसे समय में स्वचालित तरीके से बड़ी संख्या में अनुरोध भेजे जाने की संभावना भी रहती है। यहीं CAPTCHA काम आता है। इसका उद्देश्य सामान्य यात्री को परेशान करना नहीं, बल्कि यह जांच करना है कि वेबसाइट का इस्तेमाल इंसान कर रहा है या कोई स्वचालित प्रणाली। IRCTC की उपलब्ध जानकारी में भी CAPTCHA व्यवस्था को स्वचालित और गलत गतिविधियों से बचाव से जोड़ा गया है। इसलिए आसान शब्दों में कहें तो CAPTCHA वेबसाइट के दरवाजे पर लगा एक छोटा-सा पहरेदार है, जो यह देखता है कि सामने वास्तविक व्यक्ति है या स्वचालित कार्यक्रम। क्या CAPTCHA हमेशा गणित का सवाल होता है? बिल्कुल नहीं। CAPTCHA कई तरह का हो सकता है। कहीं अक्षरों को पहचानना पड़ता है, कहीं तस्वीरों में किसी खास चीज को चुनना पड़ता है और कहीं आसान गणित का सवाल सामने आ सकता है। इसलिए अगर किसी यात्री को एक दिन कुछ और तरह का CAPTCHA दिखाई दे और दूसरे दिन कुछ अलग, तो यह अपने आप में असामान्य बात नहीं है। IRCTC से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच को आसान बनाने वाली व्यवस्थाओं का भी उल्लेख मिलता है। उदाहरण के लिए, IRCTC की सुलभता संबंधी सामग्री में CAPTCHA के साथ ओटीपी और आवाज आधारित विकल्पों का भी उल्लेख है। यानी इसका उद्देश्य सिर्फ एक ही तरह का कठिन सवाल पूछना नहीं है। PNR की स्थिति देखने के लिए क्या करना होता है? PNR यानी