यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे, नई तकनीकी पहल कर रही है। रेल मंत्रालय ने ऐलान किया है कि देश में अब तक उपलब्ध सभी 74,000 यात्री कोचों और 15,000 लोकोमोटिवों (रेल इंजन) में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
कैमरे कहाँ और कितने?
प्रत्येक कोच के दोनों प्रवेश द्वारों और सामान्य चलने योग्य कॉरिडोर्स में 4 उच्च गुणवत्ता वाले डोम-टाइप कैमरे लगाए जाएंगे।
प्रत्येक लोकोमोटिव में कुल 6 कैमरे लगवाए जाएंगे, जिनमें एक-एक कैमरा दाएँ-बाएँ, आगे‑पीछे लगवाया जायेगा और लोको पायलट के डेस्क पर एक अतिरिक्त कैमरा लगवाया जायेगा। साथ ही, केबिन में 2 माइक भी लगवाए जाएंगे।
क्यों है ये ज़रूरी?

1. उच्च स्तरीय सुरक्षा:
कैमरों के माध्यम से रात के समय या 100 किमी/घंटा से भी तेज़ रफ्तार पर भी साफ फुटेज सुनिश्चित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि जांच‑मामलों में भी मदद मिलेगी।
2. यात्रियों की निजता:
कैमरे केवल सार्वजनिक क्षेत्रों जैसे दरवाज़े और वॉकवे पर ही लगाए जाएंगे। ताकि यात्रियों की निजता का सम्मान किया जा सके।
3. नई तकनीक से सुसज्जित:
तकनीकी मानदंड की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ये उपकरण STQC प्रमाणित होंगे।
साथ ही, सरकार के India AI मिशन से जुड़े AI तकनीकों की मदद से असामान्य गतिविधियों पर लाइव अलर्ट की भी संभावना है।
4. पायलट सफलता:
उत्तरी रेलवे ज़ोन में चलाए गए ट्रायल सकारात्मक रहे, जिसके आधार पर अब पूरे नेटवर्क में विस्तार का फ़ैसला लिया गया है।
12 जुलाई 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी समीक्षा की।
5. सुरक्षा को आगे बढ़ाना:
हाल ही में हरियाणा के पानीपत स्टेशन में खाली कोच में हुए काण्ड और अन्य अप्रिय घटनाओं के बाद यह पहल और ज़रूरी बन गई थी।
यात्रियों के लिए क्या सहूलियत?
रेल मंत्रालय का मानना है कि इस नई पहल से यात्री एक सुरक्षित और आत्मविश्वास भरी यात्रा कर सकेंगे। वहीं, विशेषज्ञों की राय है कि संरक्षित निगरानी से सशक्त अपराध निरोध तो होगा ही, साथ ही यह एक डिटरेंट (रोक) का भी काम करेगा।
कुछ लोग गोपनीयता पर भी चिंतित हैं, लेकिन मंत्रालय ने इसे संतुलन में रखने की पूरी गारंटी दी है।
यह एक दूरदर्शी निर्णय है, जिसे आधुनिक तकनीक और मानव-सम्मान के संतुलन के साथ लागू किया जाएगा। जब तक कैमरे सीमित सार्वजनिक जगहों पर और स्पष्ट फुटेज के साथ काम करेंगे, यह राष्ट्रीय नेटवर्क में सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा।