क्या है वैश्विक विरासत स्थल?

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization, UNESCO) द्वारा दुनिया भर के विशेष स्थानों में से ऐसे स्थानों को चुना जाता है जो वैश्विक धरोहर बनने के योग्य होते हैं और इन्हीं स्थानों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स के नाम से जाना जाता है। यूनेस्को द्वारा इन हेरीटेज साइटों के चुनाव का उद्देश्य पूरे विश्व के सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित (conservation) करने का होता है। अगर किसी स्थान का नाम यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में आ जाता है तो इस स्थान की देखरेख और रखरखाव यूनेस्को के द्वारा की जाती है।
भारत के वर्ल्ड हेरिटेज साइट
(World Heritage Sites of India)
अब तक यूनेस्को ने भारत के 40 स्थलों को वैश्विक विरासत की सूची में शामिल किया है। जिनमें से 32 सांस्कृतिक (cultural) स्थल हैं, 7 प्रकृति (natural) का स्थल हैं और एक मिश्रित (mixed) स्थल है। यूनेस्को द्वारा चुना गया भारत का 40 वां वैश्विक धरोहर धौलावीरा है, जो कि गुजरात में स्थित है। धोलावीरा हड़प्पा सभ्यता के समय बसा हुआ एक शहर था। जिसका भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। अब इस शहर को वैश्विक इतिहास में भी जगह दी गई है। यूनेस्को के 44वें सत्र में 27 जुलाई 2021 को धोलावीरा को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के सूची में शामिल किया गया।

अब तक यूनेस्को के इस सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी 40 भारतीय स्थलों की सूची नीचे दी गई है :
1.आगरा का किला
2.अजंता की गुफाएं
3.एलोरा की गुफाएं
4.ताजमहल
5.महाबलीपुरम के स्मारक
6.सूर्य मंदिर
7.मानस वन्यजीव अभयारण्य
8.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
9.केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
10.गोवा के चर्च
11.फतेहपुर सीकरी
12.हंपी के स्मारक
13.खजुराहो मंदिर
14.एलीफेंटा की गुफाएं
15.महान चोल मंदिर
16.पट्टाकल के स्मारक
17.सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान
18.नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी
19.सांची का स्तूप
20.हुमायूं का मकबरा
21.क़ुतुब मीनार
22.भारत के पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग, नीलगिरी, शिमला)
23.महाबोधि मंदिर
24.भीमबेटका की गुफाएं
25.चंपानेर पावागढ़ पार्क
26.छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस
27.लाल किला
28.जंतर मंतर
29.पश्चिमी घाट
30.राजस्थान के पहाड़ी किले
31.रानी की वाव
32.ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान
33.नालंदा
34.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
35.ली कार्बुसियर के स्थापत्य कार्य
36.अहमदाबाद
37.विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको
38.जयपुर
39.काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर
40.धोलावीरा
कब मिली पहचान?
when they got added in the list?
विश्व विरासत स्थल के रूप में सबसे पहले वर्ष 1983 में आगरा का किला (उत्तर प्रदेश), अजंता की गुफाएं (महाराष्ट्र), एलोरा की गुफाएं (महाराष्ट्र) और ताजमहल (उत्तर प्रदेश) को चुना गया था। वहीं महाबलीपुरम के स्मारक (तमिलनाडु) और सूर्य मंदिर (ओडीशा) को 1984 में इस सूची में स्थान मिला। 1985 के सत्र में असम के मानस वन्य जीव अभयारण्य और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) को इस सूची में शामिल किया गया। 1986 में गोवा के चर्च (गोवा), फतेहपुर सिकरी (उत्तर प्रदेश), हंपी के स्मारक (कर्नाटक) और खजुराहो के मंदिर (मध्य प्रदेश) का नाम इस सूची में जोड़ा गया। एलीफेंटा की गुफाएं (महाराष्ट्र), महान चोल मंदिर (तमिलनाडु), पट्टाकल के स्मारक (कर्नाटक) और सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान (पश्चिम बंगाल) को वर्ष 1987 में इस सूची में स्थान मिला। वर्ष 1988 में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी (उत्तराखंड) को और वर्ष 1989 में सांची के स्तूप (मध्य प्रदेश) को शामिल किया गया। हुमायूं के मकबरा और कुतुब मीनार को 1993 में यूनेस्को ने इस सूची में शामिल किया। भारतीय पर्वतीय रेलवे (पश्चिम बंगाल) को 1999 में इस सूची में स्थान मिला। वहीं बिहार के महाबोधि मंदिर को 2002 में इस सूची में शामिल किया गया। मध्य प्रदेश की भीमबेटका की गुफाएं 2003 में सूची में शामिल हुई। चंपानेर पावागढ़ पार्क (गुजरात) और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (महाराष्ट्र) 2004 में सूची में शामिल किया गया। दिल्ली स्थित लाल किला को 2007 और राजस्थान स्थित जंतर मंतर को 2010 में सूची में जोड़ा गया। वहीं पश्चिमी घाट जो कि गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के क्षेत्र के अंतर्गत आता है को 2012 में इस सूची में स्थान दिया गया। राजस्थान के पहाड़ी किले को 2013 गुजरात के रानी की वाव और ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान (हिमाचल प्रदेश) को 2014 में इस सूची में जोड़ा गया। वर्ष 2016 में बिहार के नालंदा, सिक्किम के कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान और चंडीगढ़ के ली कार्बुसियर के स्थापत्य कार्य का नाम इस सूची में शामिल किया गया। 2017 में गुजरात के अहमदाबाद कोई सूची में स्थान मिला वहीं 2018 में विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको (महाराष्ट्र) को वैश्विक धरोहर होने का सम्मान मिला। राजस्थान की राजधानी जयपुर को 2019 में इस सूची में जोड़ा गया। वर्ष 2021 में काकतीय रूद्रेश्वर मंदिर धोलावीरा गुजरात को वैश्विक धरोहर के रूप में चुना गया।