आज के समय में ट्रैवलिंग (Traveling) हमारी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो गया है। अगर ट्रैवलिंग रोक दी जाए तो एक तरह से हमारी जिंदगी भी रुक सी जाएगी। कोरोना काल ने हमें यह बहुत हीं अच्छे से समझा दिया कि ट्रैवलिंग और घर से बाहर जाना आज के समय में कैसे हमारी आदत में शामिल हो गया है। लेकिन ट्रैवल करते समय रोड पर हमें कई तरह के चैलेंजेस (challenges) का सामना करना पड़ता है और कई बार वह समस्या हमारे लिए बहुत ही बुरा एक्सपीरियंस (Experience) बन कर रह जाता है। ट्रैवलिंग के समय में आने वाले यह चैलेंज हमारे ट्रिप (Trip) को भी बर्बाद करके रख देते हैं। इसीलिए इस ब्लॉग (blog) में हम आपको बताने वाले हैं, ट्रैवलिंग के समय आने वाले चैलेंज और उनसे बचने के उपाय के बारे में।
इमरजेंसी सिचुएशन
हमें नहीं पता होता है कि कब हमारे लाइफ में मेडिकल इमरजेंसी (medical emergency) आ जाएगी? अगर हम ट्रैवलिंग कर रहे हैं और ऐसे में किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी आती है तो इस परेशानी से आसानी से उबरने का एक साधारण सा उपाय है। अपने साथ एक मेडिसिन किट को कैरी (Carry) करना। अगर आपके पास मेडिसिन किट होगा तो आप छोटे-मोटे परेशानियों से आराम से निपट लेंगे और अगर कभी बड़ी समस्या आई तो आप कम से कम फर्स्ट एड (First Aid) टाइम (Time) पर कर पाएंगे। जिससे उस व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

कार ब्रेकडाउन (car breakdown)
कई बार ऐसा होता है कि हम ट्रैवलिंग के लिए खुशी खुशी अपनी फैमिली (Family) के साथ जा रहे होते हैं और रास्ते में हमारी कार खराब हो जाती है। इस सिचुएशन (Situation) में अगर पास में मैकेनिक मिल जाए तब तो ठीक है। लेकिन अगर कभी ना मिले तो न सिर्फ हमारा घंटों का समय बर्बाद होता है बल्कि इससे ट्रिप (Trip) का मजा भी किरकिरा हो जाता है। इस तरह के रोड इमरजेंसी के लिए आप अपने साथ बैग में एक टूल किट (Tool kit) जरूर रखें। ट्रैवलिंग के समय गाड़ी में दो सबसे बड़ी प्रॉब्लम (Problem) होती है। पहला टायर पंक्चर (Tyre Puncture) होना और दूसरा कार ओवरहीटिंग (Car Overheating)। दोनों ही समस्याओं से थोड़ी सी सूझबूझ के साथ बहुत ही आसानी से निकला जा सकता है।
अगर आपकी कर कभी ओवरहीट हो जाए तो आप आधे घंटे के लिए इंजन को बंद कर दे और तब तक आप छोटी सी नैप (nap) ले सकते हैं। इससे आपके कार के इंजन को नार्मल टेंपरेचर (normal tempreture) पर आने में मदद मिलेगी। वहीं अगर आपकी टायर पंचर हो जाए तो आप अपने गाड़ी में एक एक्स्ट्रा टायर (extra tyre) जरूर कैरी करें ताकि जरूरत पड़ने पर आप उसे खुद से भी चेंज कर सके।

एक्सीडेंट (Accident)
एक्सीडेंट किसी भी ट्रैवलिंग का सबसे बड़ा प्रॉब्लम (problem) होता है। कोई भी ट्रैवलर (traveller) अपने लाइफ में एक्सीडेंट नहीं देखना चाहता है। अगर आप खुद ड्राइव (drive) करके जा रहे हैं तो आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए एक्सीडेंट को होने से रोक सकते हो।
गाड़ी ज्यादा तेज नहीं चलाएं क्योंकि “स्पीड थ्रिल्स बट किल्स”।
अगर दोस्तों के साथ फोन के लिए जा रहे हैं तो गाड़ी चलाते हुए ड्रिंक (drink) ना करें या फिर ड्रिंक करने के बाद गाड़ी ना चलाएं।
आपके ट्रिप का डेस्टिनेशन (destination) अगर ज्यादा दूर हो और अगर आपका सफर कई घंटों का हो तो आप बीच-बीच में रुक कर पॉवर नैप लेते रहें। नींद की स्थिति में ड्राइविंग बिल्कुल भी ना करें। क्योंकि यह आपके लिए हीं नहीं आपके साथियों और परिवार वालों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर (Emergency Contact Number)
जब भी आप ट्रैवलिंग कर रहे होते हैं तो आप अपने साथ एमरजैंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स का लिस्ट जरूर रखें। क्योंकि हर राज्य के अलग-अलग एमरजैंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स होते हैं इसीलिए आप पहले हीं उनके बारे में पता कर ले। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें इस्तेमाल कर सकें। इस तरह के एमरजैंसी नंबर्स में आप तत्कालीन हेल्प लाइन नंबर्स भी ऐड कर सकते हैं और पुलिस के नंबर को भी ऐड कर सकते हैं। इससे क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि ट्रैवलिंग करते समय कुछ चोरी हो जाता है, तो इस स्थिति में जल्दी से जल्दी पुलिस तक पहुंचने का सबसे आसान माध्यम है कि आपको वहां का हेल्पलाइन नंबर पता हो। ताकि आप उस नंबर पर कॉल करके तुरंत मदद के लिए पुलिस को बुला सकते हैं। इसके अलावा और भी तरह की सुरक्षा समस्याएं हो सकती हैं। जिनके लिए आप नंबर को सेव (save) करके रख सकते हैं। खास करके अगर आप महिला हैं तो अपने साथ इस लिस्ट को जरूर कैरी करें।
डॉक्यूमेंट्स हो साथ (Have documents with you)
ट्रैवलिंग की सबसे बड़ी सबसे इंपॉर्टेंट (important) बात यह होती है कि अगर आप अपनी गाड़ी से ट्रैवल कर रहे हैं तो आपके पास उस गाड़ी के सभी तरह के कागजात हो। साथ हीं आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) भी हो। इसके अलावा अगर आप बस या ट्रेन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके पास आपका आधार कार्ड या फिर किसी और तरह का आइडेंटिटीफिकेशन सर्टिफिकेट (Identityfication certificate) जरूर हो। ताकि अगर आप कभी प्रॉब्लम (problem) में पड़े तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें।