मध्यप्रदेश को उसकी समृद्ध जैव-विविधता, घने जंगलों और शानदार वन्यजीव पर्यटन अनुभव के लिए ‘ट्रेवल + लीजर इंडियाज बेस्ट अवॉर्ड्स-2025’ में Best Wildlife Destination का प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। यह सम्मान राज्य के वन्यजीव पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है। इस अवॉर्ड का आयोजन नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य (ITC Maurya) स्थित नन्दिया गार्डन्स में हुआ, जहाँ पर्यटन, संस्कृति और संरक्षण से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। यह पुरस्कार 14वें संस्करण का है और मध्यप्रदेश को देश में वन्यजीव अनुभवों का प्रमुख केंद्र मानते हुए चुना गया।

राज्य की पहचान मजबूत, संरक्षण-आधारित पर्यटन को मिली सराहना
प्रदेश को ‘Best Wildlife Destination’ अवॉर्ड मिलना उसके टाइगर स्टेट के रूप में स्थापित होने की वजहों को मजबूत करता है – जहाँ बाघ, तेंदुआ, सांभर, बारासिंगा जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ और विविध पक्षी जीवन रहते हैं।
नेचुरल ब्यूटी और वन्यजीव अनुभव का केंद्र
मध्यप्रदेश को पिछले कुछ समय में पर्यटन के अन्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मानित किया जा चुका है। उदाहरण के लिए, यह राज्य प्रकृति-प्रेमियों और यात्रियों के लिए “50 Best Places to Travel in 2026” में भी शामिल हुआ है, जो यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव स्थलों की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
राज्य में वन्यजीव हॉट स्पॉट हैं मध्यप्रदेश में 77 हजार 700 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र हैं। इसमें 11 नेशनल पार्क्स और 24 वाइल्ड लाइफ सक्टुँरी के साथ कई वन्यजीव हॉट स्पॉट हैं। 526 की अधिकतम बाघ संख्या वाले टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश को हाल ही में द लेपर्ड स्टेट और घड़ियाल स्टेट का दर्जा मिला है। राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों में बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, सतपुड़ा–महेश्वर तथा पन्ना मुख्य रूप से शामिल हैं, इन पार्कों में बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण और सैकड़ों पक्षी प्रजातियाँ सुरक्षित रूप से पाई जाती हैं, जो पर्यटकों को रोमांचित करते हैं।
पर्यटन को मिलेगा और बूस्ट
इसके साथ ही प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग ने भविष्य में वाइल्डलाइफ और ईको-टूरिज्म को और बढ़ावा देने के लिए योजनाएँ तेज करने का संकेत दिया है। यह सम्मान न केवल पर्यटक आकर्षण को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को पर्यावरण-सुरक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी देगा।(Best Wildlife Destination)