यदि आप रोमांच और रहस्यों के शौकीन हैं, तो जैसलमेर से लगभग 20 किमी पश्चिम में स्थित कुलधरा गाँव आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए। ‘गोल्डन सिटी’ के करीब होने के बावजूद, यह गाँव सन्नाटे और वीरानी की एक अलग ही दुनिया पेश करता है, जिसे आज एक ‘घोस्ट विलेज’ (Ghost Village) के रूप में जाना जाता है।Kuldhara
Kuldhara का गौरवशाली अतीत और अचानक पलायन
इतिहास के अनुसार, कुलधरा कभी पालीवाल ब्राह्मणों का एक समृद्ध और सुव्यवस्थित गाँव था, जो मुख्य रूप से संपन्न व्यापारियों का समुदाय था। इस गाँव की बसावट इतनी शानदार थी कि आज भी यहाँ की चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित घर और मंदिर तत्कालीन टाउन प्लानिंग और नागरिक लेआउट की बेहतरीन समझ को दर्शाते हैं। अभिलेखों के अनुसार, यह समुदाय 1291 ईस्वी तक यहाँ फलता-फूलता रहा। कहा जाता है कि पालीवाल ब्राह्मण न केवल व्यापार में कुशल थे, बल्कि खेती में भी अग्रणी थे। उन्होंने ‘खड़ीन’ (Khadin) नामक जल संचयन प्रणाली विकसित की थी, जो आज भी रेगिस्तानी खेती के लिए एक प्रभावी तकनीक मानी जाती है।
क्यों खाली हुआ यह गाँव? (हॉन्टेड कहानी)
स्थानीय लोककथाओं और डरावनी कहानियों में यहाँ के विनाश का मुख्य पात्र ‘विलेन’ सालम सिंह (Salem Singh) को माना जाता है। लगभग 250 से 300 साल पहले, इस समुदाय ने अचानक अपने घरों को छोड़ दिया। स्रोतों के अनुसार, पलायन के पीछे के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह माना जाता है कि सुरक्षा कारणों से वे जैसलमेर शहर की ओर चले गए। Kuldhara

हालाँकि, आधी रात के ‘चुड़ैल ट्रेल’ (Chudail Trail) पर जाने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ की कहानियाँ अधिक डरावनी हैं। बताया जाता है कि एक अमीर परिवार के घर के तहखाने में एक महिला को जिंदा दफना दिया गया था। आज भी लोग उस घर के खाली कमरों में गूँजती आवाजों और डरावने अहसास की बात करते हैं।
कुलधरा में क्या देखें?
1. खंडहर और वास्तुकला: पत्थर की नक्काशी वाले घर और मंदिर जो अब भी अपनी मजबूती की गवाही देते हैं।
2. प्राचीन मंदिर: यहाँ के मंदिरों में शैव मत (Shaivite) के प्रभाव वाली नक्काशी और तांत्रिक शिलालेख देखने को मिलते हैं।

3. शिवलिंग और सुरक्षा: गाँव के मंदिर के प्रवेश द्वार पर छोटे-छोटे शिवलिंग बने हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे बुरी आत्माओं से रक्षा के लिए बनाए गए थे।
4. कुलधरा कब्रिस्तान: चाँदनी रात में यहाँ के पुराने कब्रिस्तानों और स्मारकों को देखना एक सिहरन पैदा करने वाला अनुभव होता है।
फाइव कलर्स ऑफ़ ट्रेवल के Travel Tips
• कैसे पहुँचें: कुलधरा जैसलमेर से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
• सबसे अच्छा समय: सर्दियों का मौसम यहाँ की यात्रा के लिए सबसे अनुकूल है।
• सावधानी: रात के समय यहाँ का वातावरण काफी डरावना और ओमिनस (Ominous) हो जाता है, इसलिए सूर्यास्त के बाद अकेले जाने से बचें।
कुलधरा सिर्फ एक खंडहर नहीं, बल्कि अतीत और वर्तमान का एक अनूठा संगम है, जहाँ रेगिस्तान की हवाएँ आज भी पालीवाल ब्राह्मणों के समृद्ध इतिहास की कहानियाँ सुनाती हैं

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