हवाई यात्रा आज भले रोजमर्रा की बात लगती हो, लेकिन दुनिया के कुछ हवाई अड्डे ऐसे हैं जिनकी शुरुआत उस दौर में हुई थी जब उड़ान खुद एक अजूबा मानी जाती थी। यही वजह है कि दुनिया के सबसे पुराने हवाई अड्डों की कहानी सिर्फ ट्रैवल या ट्रांसपोर्ट की कहानी नहीं है, बल्कि यह आधुनिक सभ्यता के एक बड़े बदलाव की कहानी भी है। इन एयरपोर्ट्स ने उस समय जन्म लिया जब विमानों का आकार छोटा था, यात्रियों की संख्या कम थी और उड़ानें अभी अपने शुरुआती भरोसे की तलाश में थीं।
फिर भी समय ने इन्हें मिटाया नहीं, बल्कि इतिहास से उठाकर आज के आधुनिक एयर ट्रैफिक सिस्टम का हिस्सा बना दिया। उपलब्ध ऐतिहासिक अभिलेखों और विमानन इतिहास संबंधी स्रोतों के आधार पर कॉलेज पार्क एयरपोर्ट (1909), हैम्बर्ग एयरपोर्ट (1911), बुखारेस्ट बानेआसा (1912), ब्रेमेन एयरपोर्ट (1913), डॉन मुआंग (1914), रोम चियाम्पिनो (1916), एम्स्टर्डम शिफोल (1916) और सिडनी एयरपोर्ट (1920) को दुनिया के सबसे पुराने अब भी सक्रिय हवाई अड्डों में गिना जाता है।
1. कॉलेज पार्क एयरपोर्ट, अमेरिका — जहां से शुरुआती विमानन ने आकार लिया
अमेरिका के मैरीलैंड में स्थित कॉलेज पार्क एयरपोर्ट को दुनिया का सबसे पुराना लगातार संचालित हवाई अड्डा माना जाता है। इसकी स्थापना अगस्त 1909 में अमेरिकी सेना के सिग्नल कॉर्प्स के लिए प्रशिक्षण स्थल के रूप में हुई थी, और यहां खुद विल्बर राइट ने सैन्य अधिकारियों को उड़ान का प्रशिक्षण दिया था। दिसंबर 1911 से यहां नागरिक विमान भी उड़ने लगे, इसलिए इसे लगातार सक्रिय रहने वाले सबसे पुराने एयरपोर्ट के रूप में खास पहचान मिली। यह एयरपोर्ट केवल पुराना नहीं है, बल्कि विमानन इतिहास के कई शुरुआती “पहलों” का गवाह भी है।
2. हैम्बर्ग एयरपोर्ट, जर्मनी — यूरोप के शुरुआती हवाई इतिहास का मजबूत नाम
हैम्बर्ग एयरपोर्ट जनवरी 1911 में खुला और इसे दुनिया के सबसे पुराने अब भी संचालित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शुमार किया जाता है। शुरू में यह एयरशिप संचालन से जुड़ा था, बाद में fixed-wing aircraft यानी सामान्य विमानों के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया। जर्मनी के विमानन इतिहास में इसका बड़ा स्थान है, और आज भी यह आधुनिक यूरोपीय एयर ट्रैफिक का हिस्सा है। इसकी खासियत यह है कि यह शुरुआती विमानन प्रयोगों से निकलकर एक व्यस्त आधुनिक हवाई अड्डे में बदला, लेकिन अपनी ऐतिहासिक पहचान खोई नहीं।
3. बुखारेस्ट बानेआसा ऑरेल व्लाइकू एयरपोर्ट, रोमानिया — पूर्वी यूरोप की पुरानी उड़ानों की याद
रोमानिया का बुखारेस्ट बानेआसा एयरपोर्ट 1912 से जुड़ा माना जाता है और इसे पूर्वी यूरोप के सबसे पुराने सक्रिय हवाई अड्डों में शामिल किया जाता है। शुरुआती दौर में यहां उड़ान प्रशिक्षण और विमानन गतिविधियां होती थीं। बाद के वर्षों में यह एक संगठित नागरिक हवाई ढांचे का हिस्सा बना। आज इसकी भूमिका बड़े अंतरराष्ट्रीय हब जैसी नहीं है, लेकिन इसका ऐतिहासिक महत्व बहुत बड़ा है, क्योंकि यह बताता है कि यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में विमानन कितनी तेजी से फैल रहा था।
4. ब्रेमेन एयरपोर्ट, जर्मनी — शुरुआती सैन्य और नागरिक विमानन के बीच का पुल
ब्रेमेन एयरपोर्ट 1913 में शुरू हुआ और इसे भी दुनिया के सबसे पुराने सक्रिय हवाई अड्डों में गिना जाता है। शुरुआती वर्षों में यह जर्मन विमानन ढांचे का हिस्सा था, और बाद में नागरिक उपयोग के लिए विकसित हुआ। प्रथम विश्व युद्ध और उसके बाद के यूरोपीय राजनीतिक बदलावों के बावजूद यह एयरपोर्ट इतिहास से बाहर नहीं हुआ। यह उन एयरपोर्ट्स में है जो विमानन के प्रयोगात्मक समय से निकलकर नियमित नागरिक उड्डयन तक पहुंचे।
5. डॉन मुआंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बैंकॉक — एशिया के विमानन इतिहास का पुराना दरवाज़ा
थाईलैंड का डॉन मुआंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट 27 मार्च 1914 को आधिकारिक रूप से रॉयल थाई एयर फोर्स बेस के रूप में खुला था, जबकि इससे पहले भी यह लैंडिंग फील्ड के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। 1924 में यहां पहली व्यावसायिक उड़ान आई, और धीरे-धीरे यह दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे अहम एयर गेटवे में बदल गया। इसे एशिया के सबसे पुराने सक्रिय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में गिना जाता है। यह एयरपोर्ट इस बात की मिसाल है कि कैसे शुरुआती सैन्य हवाई पट्टी समय के साथ बड़े नागरिक विमानन केंद्र में बदल सकती है।
6. रोम चियाम्पिनो एयरपोर्ट, इटली — इटली की शुरुआती उड्डयन विरासत का अहम अध्याय
रोम चियाम्पिनो एयरपोर्ट 1916 में खुला और यह इटली के सबसे पुराने सक्रिय हवाई अड्डों में शामिल है। लंबे समय तक यह रोम का प्रमुख एयरपोर्ट रहा, बाद में फ्यूमिचिनो के विकसित होने के बाद इसकी भूमिका बदली। इसके इतिहास में एक खास घटना 1926 की वह उड़ान है जब उम्बेर्तो नोबिले यहीं से अपने एयरशिप Norge के साथ रवाना हुए थे। आज यह लो-कॉस्ट एयरलाइंस, बिजनेस एविएशन और सैन्य उपयोग—तीनों से जुड़ा हुआ है।
7. एम्स्टर्डम एयरपोर्ट शिफोल, नीदरलैंड — सैन्य शुरुआत से वैश्विक हब बनने तक
एम्स्टर्डम शिफोल 16 सितंबर 1916 को एक सैन्य एयरफील्ड के रूप में शुरू हुआ था। बाद में 1920 के दशक में इसने नागरिक विमानन को अपनाया और धीरे-धीरे यह यूरोप के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया। आज शिफोल सिर्फ पुराना एयरपोर्ट नहीं, बल्कि वैश्विक एयर नेटवर्क का बड़ा केंद्र है। इसकी कहानी बताती है कि शुरुआती सैन्य हवाई अड्डे समय के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रा के सबसे बड़े ठिकानों में कैसे बदल गए।
8. सिडनी किंग्सफोर्ड स्मिथ एयरपोर्ट, ऑस्ट्रेलिया — दक्षिणी गोलार्ध का पुराना और जीवित एयर गेटवे
सिडनी एयरपोर्ट, जिसे आज किंग्सफोर्ड स्मिथ एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, 1920 में शुरू हुआ और इसे दक्षिणी गोलार्ध के सबसे पुराने लगातार संचालित वाणिज्यिक हवाई अड्डों में गिना जाता है। शुरुआती दौर में यह एक साधारण उड़ान-क्षेत्र था, लेकिन समय के साथ ऑस्ट्रेलिया का सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया। इसकी खासियत यह है कि यह विमानन के शुरुआती युग से उठकर आधुनिक एशिया-प्रशांत कनेक्टिविटी का मुख्य केंद्र बन चुका है।
इन पुराने एयरपोर्ट्स की असली खासियत क्या है
इन हवाई अड्डों को खास सिर्फ उनकी उम्र नहीं बनाती। असली बात यह है कि इन्होंने विमानन के लगभग हर बड़े दौर को देखा है—राइट ब्रदर्स के बाद का शुरुआती प्रशिक्षण काल, डाक-उड़ानों का जमाना, प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध, जेट युग, सस्ते हवाई सफर का दौर और आज का अत्यधिक डिजिटल एविएशन नेटवर्क। इन एयरपोर्ट्स की रनवे, टर्मिनल या भूमिकाएं समय के साथ बदली होंगी, लेकिन उनकी ऐतिहासिक निरंतरता बनी रही। कुछ अब भी बड़े इंटरनेशनल हब हैं, कुछ क्षेत्रीय या विशेष उपयोग वाले एयरपोर्ट बन चुके हैं, लेकिन इतिहास में उनकी जगह स्थिर है।
रैंकिंग बनाते समय एक बात समझना जरूरी है
दुनिया के “सबसे पुराने एयरपोर्ट” की सूची बनाते समय एक बात हमेशा ध्यान रखनी पड़ती है—कुछ एयरफील्ड पहले सैन्य या प्रशिक्षण उपयोग में थे, कुछ बाद में नागरिक एयरपोर्ट बने, और कुछ के “लगातार सक्रिय” होने की परिभाषा अलग-अलग स्रोतों में थोड़ी बदलती दिखती है। इसी वजह से सूचियों में मामूली फेरबदल मिल सकता है। फिर भी लगभग सभी विश्वसनीय संकलनों में कॉलेज पार्क, हैम्बर्ग, बानेआसा, ब्रेमेन, डॉन मुआंग, चियाम्पिनो, शिफोल और सिडनी जैसे नाम बार-बार सामने आते हैं।
दुनिया के ये 8 सबसे पुराने हवाई अड्डे हमें यह याद दिलाते हैं कि आधुनिक विमानन अचानक पैदा नहीं हुआ था। उसकी जड़ें उन छोटे-से, प्रयोगधर्मी, कई बार अस्थायी दिखने वाले हवाई मैदानों में थीं, जो बाद में दुनिया को जोड़ने वाले स्थायी ढांचे बन गए। कॉलेज पार्क से लेकर सिडनी तक, इन एयरपोर्ट्स की कहानी तकनीक, साहस, युद्ध, व्यापार और इंसानी जिज्ञासा की कहानी भी है। आज जब करोड़ों लोग बिना ज्यादा सोचे रोज़ उड़ान भरते हैं, तब इन पुराने एयरपोर्ट्स का इतिहास एक पल ठहरकर देखने लायक है। क्योंकि वहीं से शुरू हुआ था वह सफर, जिसने दुनिया को सचमुच छोटा बना दिया।

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