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Jallianwala Bagh- Amritsar

पंजाब के अपने सफर में आज हम आ पहुंचे हैं अमृतसर के जलियांवाला बाग में जहां ना जाने कितने लोगों ने देश के लिए क़ुरबानी दी है। वीडियो में आगे बढ़ने से पहले अगर आपने हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो सब्सक्राइब कर लें ताकि आपको हमारी आगे आने वाली वीडियोस की नोटिफिकेशन टाइम से मिलती रहे। Jallianwala Bagh Massacre Amritsar Punjab

दिल्ली से अमृतसर तक की दूरी

दिल्ली से अमृतसर तक की दूरी लगभग 460 किलोमीटर है और अगर आप वहां अपने व्हीकल से जाते हैं तो आपको करीबन  9 से 10 घंटे लग जाएंगे।

जलियांवाला बाग हत्याकांड

जलियांवाला बाग में हुए हत्याकांड को आज शायद ही कोई भुला पाए।  इसी बाग़ में 103 साल पहले यानि 13 अप्रैल 1919 को एक बहुत ही भयानक नरसंहार हुआ था जिसमे सैकड़ों लोगो ने अपनी कुर्बानी दी थी जिसमे आदमी, औरत, बच्चे, और बूढ़े सब शामिल थे।Jallianwala Bagh Massacre Amritsar Punjab

दरअसल रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए बैशाखी के दिन जलियांवाला बाग़ में  एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल डायर नामक एक अँग्रेज ऑफिसर ने बिना किसी वजह के उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियाँ चलवा दीं जिसमें सैंकड़ों लोग शहीद हुए और २००० से अधिक घायल हुए।

10  मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां

बताते हैं 10  मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाई गईं। जलियांवाला बाग उस समय मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान था। वहाँ तक जाने या बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था और चारों ओर मकान थे। भागने का कोई रास्ता नहीं था। कुछ लोग जान बचाने के लिए मैदान में मौजूद एकमात्र कुएं में कूद गए, पर देखते ही देखते वह कुआं भी लाशों से पट गया। आज भी बाग में लगी पट्टिका पर आप पढ़ सकते हैं कि 120  शव तो सिर्फ कुए से ही मिले।

इतना दर्दनाक मंजर सहने वाला यह जलियावाला बाग़ अमृतसर के पवित्र गोल्डन टेम्पल से लगभग 200 300 मीटर दूर हेरिटेज मार्किट में स्थित है। जैसे ही आप इस बाग़ के अंदर जाएंगे तो आपको दीवारों पर उस समय की घटना की कुछ कलाकृतियां देखने को मिलेगी जो आपको हत्याकांड के टाइम की याद दिलाएगी कि उस समय कैसा भयानक मंजर रहा होगा। Jallianwala Bagh Massacre Amritsar Punjab

वॉर मेमोरियल

अंदर जाते ही आपको एक बहुत ही सुंदर और बड़ा बाग़ दिखाई देगा। इस बाग़ को बड़े ही सलिखे से संभाला जाता है। इसके एंट्री गेट से ही आपको वॉर मेमोरियल दिख जाएगा जिसे हमारे उन निर्दोष स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बनवाया गया है।

यहीं पर पास में ही आपको वह मौत का कुआं दिखाई देगा जिसमें कूदकर लोगों ने उस क्रूर डायर की गोलियों की बौछार से बचना चाहा लेकिन बच नहीं पाए।

खूनी गोलियों के निशान

इसी कुएं के बगल में ही वो दीवार है जहां पर आपको उन खूनी गोलियों के निशान आज भी देखने को मिल जाएंगे। इस बाग़ की हर एक दीवार आज भी चींख-चींख कर उस समय की घटना को ब्यान कर रही है।

बाग़ के अंदर आपको अमर ज्योति भी दिखाई देगी जो उन लोगों को श्रद्धांजलि समर्पित करती है जो 1919 के हत्याकांड में मारे गए थे।

अमर ज्योति के बगल में ही आपको एक एक्सिबिशन दिखाई देगा जिसमें हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के फोटो लगाए गए हैं जिनकी कुर्बानियों को भुला पाना शायद मुमकिन नहीं

शहीद उधम सिंह जी की अस्थियों के दर्शन भी आप इसी परिसर में कर सकतें हैं। और इसी जगह आपको इस भयावय नरसंहार की पूरी कहानी बड़े पर्दे पर दिखाई जाती है। (Jallianwala Bagh Massacre Amritsar Punjab)

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