अनुभव कुमार– Five Colors of Travel
छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर, संस्कृति, जनजाति और पर्यावरण के लिए पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। राज्य में 44% वन क्षेत्र और 32% आदिवासी आबादी है। यहां पर आदिवासी जनजाति मिलकर तरह-तरह के उत्सव मनाते रहते हैं और इन्ही उत्सवों को देखने दुनियाभर से लोग आते हैं जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और साथ ही साथ आदिवासी जनजाति के लोगों के रहन-सहन के बारे में लोगों को जानकारी मिल पाती है।

राज्य में 1 नवंबर से 7 नवंबर तक राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2022 का शानदार कार्यक्रम चलेगा। इस सात दिन के कार्यक्रम को देखने के लिए दुनियाभर से भीड़ इकट्ठा होगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का पहला संस्करण वर्ष 2019 में आयोजित किया गया था। इसमें भारत की ओर से 25 राज्यों के और 6 देशों के आदिवासी समुदायों ने भाग लिया था। इसमें 1 लाख लोग उपस्थित रहे थे। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड और छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय नृत्य उत्सव में अलग-अलग देशों के विभिन्न आदिवासी समुदायों के कलाकारों की मेजबानी रायपुर में की जाती है। यहां पर भारत के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों के भारतीय कलाकार और विभिन्न देशों के आदिवासी कलाकार अपने पौराणिक इतिहास, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करते है। यह पर्यटकों के लिए आदिवासियों के लजीज खान पान का आनंद लेने का बहुत शानदार अवसर है।

यह महोत्सव साइंस कॉलेज ग्राउंड, जी ई रोड, रायपुर-छत्तीसगढ़-492001 में आयोजित होने वाला है। यहां से स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है और यहां पर सबसे पास सरस्वती रेलवे स्टेशन है जो साइंस कॉलेज ग्राउंड से करीब 400 मीटर है।
एंट्री फीस – मुफ्त
समय – 1 नवंबर 2022 से 7 नवंबर 2022 तक
दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक।
महोत्सव में सम्मिलित होने वाले दलों में से सर्वश्रेष्ठ तीन दलों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पर्यटकों के लिए आदिवासियों के रहन-सहन, खान-पान और संस्कृति आदि को बिलकुल करीब से देखने का यह बहुत ही शानदार मौका है।