Holi का नाम आते ही रंग, गुजिया और दोस्तों के साथ मस्ती की तस्वीर सामने आ जाती है। लेकिन इन खुशियों के बीच एक चिंता हर साल दोहराई जाती है- त्वचा पर चढ़ जाने वाले पक्के रंग। बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल, डाई और ऐसे तत्व मिले होते हैं जो स्किन को रूखा, बेजान और कभी-कभी एलर्जी से भर सकते हैं। खासकर चेहरे, गर्दन और हाथों पर चढ़ा रंग जल्दी नहीं उतरता और लोग उसे हटाने के लिए गलत तरीके अपना लेते हैं।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि होली के बाद रंग छुड़ाने में सबसे ज्यादा नुकसान “जल्दबाज़ी” पहुंचाती है। ज्यादा रगड़ना, बार-बार फेसवॉश बदलना या तेज केमिकल लगाना त्वचा की ऊपरी परत को कमजोर कर देता है। इसलिए जरूरी है कि रंग हटाने का सही और सुरक्षित तरीका अपनाया जाए।

Holi से पहले क्यों करनी चाहिए तैयारी?
अगर आप चाहती हैं कि होली के बाद घंटों बाथरूम में रंग छुड़ाने की मशक्कत न करनी पड़े, तो पहले से तैयारी कर लें। होली खेलने से करीब आधा घंटा पहले चेहरे, हाथ-पैर, गर्दन और कानों के पीछे तक अच्छी तरह नारियल तेल, बादाम तेल या कोई गाढ़ा मॉइस्चराइज़र लगा लें। इससे त्वचा पर एक परत बन जाती है और रंग सीधे अंदर तक नहीं जा पाता।
बालों में भरपूर तेल लगाकर चोटी या बन बना लें। खुले बालों में रंग ज्यादा फंसता है और बाद में ड्रायनेस बढ़ा देता है। नाखूनों पर डार्क नेल पॉलिश लगाना भी एक आसान ट्रिक है, जिससे रंग नाखूनों के अंदर तक नहीं जाता।
Holi के पक्के रंग को कैसे छुड़ाएं?
रंग उतरने की शुरुआत हमेशा साधारण गुनगुने पानी से करें। पहले सूखा रंग झाड़ लें, फिर हल्के हाथों से पानी डालें। इसके बाद किसी माइल्ड क्लेंजर या बेबी शैंपू से त्वचा साफ करें। अगर रंग गहरा है तो बेसन में दही और थोड़ा सा हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे और हाथों पर लगाकर 15 मिनट छोड़ दें, फिर हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। यह नुस्खा रंग हटाने के साथ त्वचा को पोषण भी देता है।
मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप भी फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल और रंग को सोख लेता है और स्किन को ठंडक देता है।
नारियल तेल से हल्की मालिश करने के बाद कॉटन से पोंछने पर भी रंग काफी हद तक उतर जाता है। संवेदनशील त्वचा वालों को नींबू का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। अगर जलन हो तो तुरंत धो लें।
होली के दिन किन चीज़ों से बचें?
होली के बाद सबसे बड़ी गलती होती है- त्वचा को जोर-जोर से रगड़ना। इससे स्किन छिल सकती है और लाल चकत्ते पड़ सकते हैं।
डिटर्जेंट, केरोसिन या पेट्रोल जैसी चीजें बिल्कुल इस्तेमाल न करें। ये घरेलू उपाय नहीं, बल्कि त्वचा के लिए खतरा हैं।

बार-बार फेस स्क्रब या एक्सफोलिएशन भी नुकसानदेह हो सकता है। रंग अगर एक बार में नहीं उतरता तो घबराएं नहीं, दो-तीन दिन में अपने आप हल्का पड़ जाता है।
होली के बाद स्किन को दें खास ट्रीटमेंट
रंग साफ करने के बाद त्वचा को हाइड्रेट करना बेहद जरूरी है। एलोवेरा जेल, हल्का मॉइस्चराइज़र या विटामिन-ई युक्त क्रीम लगाएं। इससे सूखापन और जलन कम होगी। अगर खुजली, लालपन या रैशेज दिखाई दें तो ठंडे पानी की पट्टी रखें। जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी न करें।
होली साल में एक बार आती है, लेकिन त्वचा की सेहत रोज़ साथ रहती है। थोड़ी-सी सावधानी, सही तैयारी और घरेलू सुरक्षित उपायों से आप पक्के रंग से भी आसानी से छुटकारा पा सकती हैं।
इस बार होली खेलें दिल खोलकर, लेकिन अपनी स्किन को भी उतना ही प्यार दें। यही समझदारी आपको त्योहार की असली खुशी का मजा दिलाएगी।