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भारत में आस्था के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं यह धार्मिक स्थल

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आज के समय में आस्था और भक्ति लोगों के लिए, अपनी जिंदगी से स्ट्रेस को कम करने का सबसे आसान माध्यम बन गया है। आस्तिक लोगों को तो मंदिर जाना पसंद होता ही है, लेकिन आजकल लोग इस भागदौड़ की जिंदगी से शांति के लिए भी मंदिरों का रुख कर रहे हैं। अगर आप भी भारत के ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। १. भोजपुर शिव मंदिर (Bhojpur Shiva temple) भोपाल शहर से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर भोजपुर नामक स्थान पर एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसके बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा भोजराज प्रथम ने 1010 ई से 1055 ई के बीच करवाया था। अगर आप इस मंदिर में सुबह-सुबह आ जाएंगे तो यहां की सुबह की आरती देखकर आपका मन बहुत हीं प्रसन्न हो जाएगा। यह मंदिर इतनी खूबसूरत लोकेशन (beautiful location) पर है कि यहां आने के बाद आपको चारों ओर बस ग्रीनरी हीं ग्रीनरी देखने को मिलेगी। यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भारत के कोने-कोने से लोग भोजेश्वर महादेव का दर्शन करने आते हैं। अगर आप भी भोपाल जा रहे हैं तो आप भी इस मंदिर को एक बार जरुर विजिट (Must visit) करें। यहां के हवाओं में घुली हुई पॉजिटिविटी (positivity and divinity) आपको बहुत हीं बेहतरीन एहसास दिलाएगा।  2. इस्कॉन टेंपल बेंगलुरु (Iskcon temple) अगर आप बैंगलोर आ रहे हैं तो आपको भारत के सबसे बड़े कृष्ण मंदिर का विजिट बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए। इस्कॉन एक ऐसी समिति है जो पूरे दुनिया में जगह-जगह भगवान कृष्ण से जुड़े मंदिरों का निर्माण करवाती है। भारत में इस्कॉन का सबसे मुख्य ब्रांच बेंगलुरु में हीं स्थित है। इस्कॉन ने बेंगलुरु में भारत का सबसे बड़ा कृष्ण मंदिर बनवाया है। जो बेंगलुरु आने वाले पर्यटकों के लिए सेंटर आफ अट्रैक्शन (Centre of attraction) माना जाता है। इस मंदिर का आर्किटेक्चर भी काफी यूनिक और अट्रैक्टिव है। इस मंदिर के दीवारों में ग्लास वर्क (Glass work) भी किया गया है। इस मंदिर का पूरे भारत में बहुत अधिक मान्यता है। भारत के कोने कोने से लोग यहां पूजा करने और दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर में होने वाला कीर्तन लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। जहां लोग सब कुछ भूल कर बस कृष्ण की भक्ति में लीन हो जाते हैं। जिस जगह पर कीर्तन होता है जब आप उसे हॉल (hall) में इंटर करेंगे तो आपके पैर अपने आप हीं थिरकने लगेंगे और आप भी सब कुछ भूल कर बस कृष्णा का नाम लेते हुए कीर्तन करने लगेंगे। यहां आकर आपको एक पॉजिटिव एनर्जी (positive energy) का एहसास होगा। 3. महावीर मंदिर (Mahaveer mandir) यह मंदिर पटना जंक्शन से वाकिंग डिस्टेंस पर स्थित है। जो उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और यह मंदिर देश के प्राचीनतम हनुमान मंदिरों में से एक है। अगर आप इस मंदिर में घूमना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि सामान्य दिनों में ही यहां आएं। क्योंकि रामनवमी, शिवरात्रि या फिर दशहरा के दिनों में यह मंदिर बहुत हीं व्यस्त रहता है। ऐसे में यहां बहुत अधिक मात्रा में श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर की एक और खासियत यह है कि इस मंदिर का ट्रस्ट उत्तर भारत का सबसे बड़ा धार्मिक ट्रस्ट है। जो गरीब लोगों के कैंसर का इलाज करवाने और जरूरतमंदों की सेवा और परोपकार के कार्यों के लिए जाना है। 4. प्रेम मंदिर (Prem mandir) इस मंदिर को सफेद संगमरमर से बनाया गया है और इसके दीवारों पर श्री कृष्ण के जीवन के महत्वपूर्ण कहानियों को कलाकृतियों में उकेरा गया है। जो इस मंदिर को और भी खूबसूरत बनाता है। चारों ओर सफेद संगमरमर और मार्बल से बनाए गए इस मंदिर के परिसर में छोटी-छोटी वाटिकाऐं भी हैं। जहां कहीं कृष्ण के बचपन की झांकियां मिलती हैं, तो कहीं श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए मिलते हैं।  यहां कृष्ण की गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाने की मुद्रा में भी मूर्ति स्थापित है। वृंदावन स्थित इस मंदिर की आधारशिला 2001 में रखी गई थी और इसे तैयार होने में 12 वर्षों का समय लग गया। इस मंदिर की आधारशिला जगतगुरु कृपाल आचार्य ने रखी थी। यहीं वजह है कि इस मंदिर के परिसर में उनके स्मृतियों को भी सहेज कर रखा गया है। प्रेम मंदिर आने का सबसे उचित समय शाम का होता है। क्योंकि शाम ढलते हीं यहां लाइटिंग शो शुरू हो जाते हैं, जो इस मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। 5. बनारस (Banaras) तू बन जा गली बनारस कीमैं शाम तलक भटकूँ तुझमें,,, गंगा के किनारे बसे बनारस शहर में जाने की ख्वाहिश सभी को होती है। वैसे तो यह शहर ज्यादा आधुनिक नहीं है, फिर भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। हर आयु के लोग यहां घूमने आना चाहते हैं। इस शहर की गंगा आरती की खूबसूरती देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने से लोगों को अपनी ओर खींच लाती है। उत्तराखंड को देवों की भूमि के नाम से जाना जाता है और यहां कई सारे तीर्थ स्थल भी हैं। उन्हीं तीर्थ स्थलों में से प्रमुख तीर्थ स्थल हैं गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। इन्हीं चारों तीर्थ स्थलों को मिलाकर बनता है चार धाम! जिसका हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व है। चार धाम यात्रा ना सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से प्रसिद्ध है बल्कि पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। चारों ओर हिमालय की पहाड़ियां और पहाड़ियों के बीच से पतली सी धारा में बहती गंगा नदी किसी का भी मन मोह लेने में सक्षम है। यहां आकर आपको प्राकृतिक खूबसूरती (scenic beauty) के बेहतरीन नजारे देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही पोलूशन फ्री (pollution free) वातावरण (environment) I आपको फिर से तरोताजा कर देंगे।

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खूबसूरत वादियों का शहर है दक्षिण का कश्मीर “मन्नार”

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दक्षिण के कश्मीर के नाम से मशहूर शहर मन्नार केरल राज्य के सबसे प्रमुख शहरों में से एक कोच्चि से 127 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस जगह की खूबसूरती ऐसी मनभावक है कि इसे लोग कश्मीर के बाद भारत का दूसरा स्वर्ग कह ते हैं। शायद इसलिए इसे दक्षिण के कश्मीर की उपाधि दी जाती है। अगर आप भी इस शहर की खूबसूरती को असल जिंदगी में महसूस करना चाहते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए हीं है। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि आप कैसे मन्नार शहर के लिए अपना टूर प्लान कर सकते हैं। हम आपको मन्नार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बारे में भी बताएंगे और उनसे संबंधित जानकारियां भी देंगे। 1. अथिरापल्ली वॉटरफॉल (Athirapally WaterfalI) जब आप कोच्चि से मन्नार की ओर बढ़ेंगे तो आपको रास्ते में बहुत सारे झरने देखने को मिलेंगे। मन्नार के उन्ही प्रसिद्ध वॉटरफॉल्स में से एक है अथिरापल्ली वॉटरफॉल।अथिरापल्ली वॉटरफॉल मेन कोच्चि शहर से लगभग 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक वॉटरफॉल है। जब आप कोच्चि से इस वॉटरफॉल की ओर बढ़ेंगे तो रास्ते में आपको ढेर सारे नारियल के पेड़, रबड़ के पेड़ और केले के पेड़ देखने को मिलेंगे। जिन्हें देखकर आपको एहसास होगा कि मंजिल तो खूबसूरत है हीं साथ ही साथ सफर भी किसी जन्नत से कम नहीं है। यह वहीं वॉटरफॉल है, जिसे बाहुबली मूवी में फिल्माया गया है। चारों ओर दिखने वाली ग्रीनरी के बीच इस वॉटरफॉल को देखना अपने आप में ही एक बहुत ही बेहतरीन दृश्य होता है। जब आप इस वॉटरफॉल के करीब पहुंचेंगे तो इस वॉटरफॉल से निकलने वाली पानी की फुहारें आपको पूरी तरह से भीगा देंगी। मानसून के समय में इस वॉटरफॉल का वाटर फ्लो इतना तेज होता है कि दूर से हीं आपको पत्थरों को चीरती हुई इस झरने की आवाजें सुनाई देने लगेंगी। वहीं सामान्य दिनों में इसके वाटर का फ्लो थोड़ा कम होता है। इस वॉटरफॉल को असल जिंदगी में एक्सपीरियंस करना आपके लिए बहुत ही एक्साइटिंग और एडवेंचरस होने वाला है। 2. टाटा टी गार्डन (Tata Tea Garden) मन्नार शहर को टी गार्डन्स के लिए भी जाना जाता है। चारों ओर दूर-दूर तक फैले चाय के बगानों की खूबसूरती इतनी बेहतरीन होती है कि, लोग अपने आप को यहां रोक कर सेल्फी लेने से रोक नहीं पाते हैं।टाटा टी गार्डन के अंदर आप दार्जिलिंग के टी गार्डन की तरह पिक्चर तो क्लिक नहीं करवा सकते हैं, लेकिन मन्नार में बहुत सारे टी गार्डन हैं जहां जाकर आप फोटोज क्लिक करवा सकते हैं। 3. मन्नार मेन मार्केट (Munnar Main Market)किसी भी जगह को अगर सही से घूमना हो और उसे जगह के कल्चर को समझते हुए अच्छे से घूमनें जाने का प्लान में वहां के बाजारों को एक्सप्लोर करना बेस्ट ऑप्शन होता है। मन्नार के मेन मार्केट में आप हर तरह की शॉपिंग कर सकते हैं, लेकिन जो कुछ चीज यहां की फेमस है वह है मन्नार के चॉकलेट, स्पाइसेज और बनाना फ्लेक्स इन तीनों चीजों की वजह से मन्नार को पूरी दुनिया में जाना जाता है। आप यहां के में मार्केट से यह चीज खरीद सकते हैं। अगर आपको चॉकलेट पसंद है तो आप मन्नार के बाजारों में किलो के भाव में चॉकलेट खरीद सकते हैं या हर वैरायटी के चॉकलेट आपको मिल जाएंगे। 4. फ्लोरीकल्चर गार्डन (Floriculture Garden) फ्लोरीकल्चर सेंटर में आते ही आप खुद को ढेर सारे फ्लावर्स के बीच पाएंगे यहां आपको रंग-बिरंगे अलग-अलग तरह के फ्लावर्स देखने को मिलेंगे और चारों ओर ग्रीनरी देखने को मिलेगी। अगर आप फ्लोरीकल्चर सेंटर को विकसित करने के सबसे बेस्ट टाइम के बारे में जानना चाहते हैं तो फ्लोरीकल्चर सेंटर आने का सबसे बेस्ट टाइम दिसंबर के आसपास का होता है। वैसे तो आप साल के बाकी महीना में भी घूम सकते हैं, लेकिन दिसंबर के आसपास के समय में यहां गार्डन में आपको बहुत ज्यादा वैरायटी के फूल देखने को मिलेंगे। वही मानसून में आपको यहां सबसे कम फूल देखने को मिलते हैं। यहां आप तरह-तरह के फोटोज खिंचवा सकते हैं यह गार्डन ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन फिर भी आप यहां बहुत इंजॉय करेंगे। 5. एलीफेंट पार्क (Elephant Park)अगर आपको कई तरह के एडवेंचर्स करने की इच्छा रखते हैं, तो मन्नार का यह एलीफेंट पार्क पर आपको बहुत ही पसंद आएगा। एलीफेंट पार्क में आप हाथियों को खाना खिला सकते हैं। उनके ऊपर राइड कर सकते हैं। हाथियों की सूंड से बाथ ले सकते हैं और उनके साथ खेल सकते हैं। इस पार्क में बहुत सारे हाथी मौजूद हैं जिन्हें पहले से ही ट्रैन किया जाता है। यहां हर तरह की एक्टिविटीज के लिए आपको अलग-अलग अमाउंट पे करना होगा। लोग हाथियों को देखने और उनके राइड को इंजॉय करने के लिए दूर-दूर से इस पार्क में आते हैं। 6. माडूपट्टी (Madupatty)अपने चेन्नई एक्सप्रेस मूवी का गाना कश्मीर तू मैं कन्याकुमारी जरुर सुना होगा। इस गाने की शूटिंग मधु पट्टी के चाय बागानों के बीच से गुजरने वाली सड़कों पर ही हुई यहां दिखने वाले नजारे इतनी खूबसूरत होते हैं कि आप इसे अपनी लाइफ टाइम तक कभी नहीं भूल पाएंगे। यहाँ की हरियाली आंखों को एक अलग सी ठंडक देती है। मन्नार के इन्हीं चाय के बागानों के बीच से गुजरती हुई सड़कों पर चेन्नई एक्सप्रेस मूवी के गाने की शूटिंग हुई थी। मन्नार की चाय के बागानों की खासियत यह है कि, यह सालों साल तक हरे भरे रहते हैं। आप जब यहां के चाय के बागानों में घूमने जाएंगे तो आपको यह महसूस होगा कि देश के अन्य जगह के चाय बागानों से मन्नार की चाय के बागान बहुत ही अलग है और बहुत ही खूबसूरत भी हैं।

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भोपाल में घूमने की सबसे बेहतरीन 10 जगह

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भोपाल– इस शहर को महाराजा भोज की नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर आज के समय में मध्य प्रदेश की राजधानी है और इस शहर को एक अच्छा टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। क्योंकि यहां के टूरिस्ट प्लेसेस इतने बेहतरीन हैं कि यहां आने वाले लोगों को यही का हो कर रह जाने का मन करने लगता है। अगर आपको भी कभी मौका मिले मध्य प्रदेश जाने का तो आप एक बार भोपाल जरुर विजिट करें। आज हम आपको बताने वाले भोपाल के बेस्ट टूरिस्ट अट्रैक्शंस के बारे में जो इस शहर की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। (Visiting places of Bhopal) 1. अपर लेक (Upper Lake) अगर आप फैमिली और फ्रेंड्स के साथ हॉलीडे (holiday) बिताना चाहते हैं या वीकेंड प्लेन करना चाहते हैं तो भोपाल का अपर लेक आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन (perfect destination) हो सकता है। यह जगह आपको वाकई बहुत पसंद आएगी। यहां आप वोटिंग भी कर सकते हैं। अलग-अलग टाइप के वोटिंग (boating) के लिए टिकट की प्राइस वैरी करती है। नॉरमल डेज में आप यहां क्रूज़ का भी मजा ले सकते हैं। यहां का माहौल बहुत ही शांत और रिफ्रेशिंग (refreshing) है। जोकि फैमिली टाइम बिताने के लिए बेस्ट है। 2. वन विहार (Van Vihar) भोपाल में अपर लेक से कुछ दूरी पर स्थित है वन विहार। वन विहार के एंट्री टिकट की कीमत ₹20 से स्टार्ट होती है। अगर आप अपने व्हीकल (own vehicle) के साथ जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक्स्ट्रा चार्ज लगेंगे। वन विहार फ्राइडे को बंद रहता है और सप्ताह के बाकी के दिनों में खुला रहता है। यहां आपको कई तरह के बड़े जंगली जानवर देखने को मिलेंगे। जिनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ आदि शामिल है। हां यह आपके लक पर निर्भर करता है कि आप इनमें से कितने जानवरों को देख पाते हैं। वन विहार में काफी ग्रीनरी (greenery) है। अगर आप नेचर को पसंद करते हैं तो यह आपको बहुत हीं पसंद आने वाला है। साथ हीं यह आपके लिए एक तरह से जंगल सफारी (jungle safari on own vehicle) की तरह होगा। जिसे आप अपने खुद के गाड़ी से भी इंजॉय कर सकते हैं। यहीं बात इसे दूसरे जंगल सफारी से अलग बनाती है। 3. सैर सपाटा (Sair Sapata) यह भोपाल के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट (tourist spot) में से एक है। जहां बच्चे बहुत ज्यादा एंजॉय करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ बच्चों के लिए है। यहां हर उम्र के लोग इंजॉय कर सकते हैं। सैर सपाटा की एंट्री फीस ₹30 है। इसका निर्माण मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किया गया था। भोपाल का यह खूबसूरत स्थान लगभग 25 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। जहां पर पर्यटक म्यूजिकल फाउंटेन, चिल्ड्रन प्ले एरिया और स्विंग ब्रिज (swing bridge) देख सकते हैं। सैर सपाटा में आप टॉय ट्रेन (toy train) और बोट राइडिंग (boat riding) का भी मजा ले सकते हैं। 4. गौहर महल (Gohar Mahal) गौहर महल को भोपाल की पहली महिला शासक गौहर बेगम ने 1820 ईसवी में बनवाया था। गौहर महल इस शहर के सबसे भव्य महलों (palace) में से एक है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग जाते हैं। भोपाल की यह ऐतिहासिक इमारत (Historical place) हिंदू और मुगल स्थापत्य कला के मिश्रण का एक बेहतरीन नमूना पेश करती है। इतिहास को पसंद करने वाले लोगों के घूमने के लिए यह जगह परफेक्ट है। 5. मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum) मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम एक ऐसा म्यूजियम है, जहां लोग जनजाति समूह के लोगों के जीवन (learn about tribal life) को बहुत अच्छे से समझ सकते हैं और जनजाति वर्ग को और ज्यादा करीब से जान सकते हैं। यह भोपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जहां आपको जनजाति समूह के जीवन शैली (tribal lifestyle) को दर्शाने वाले शोपीसों का कलेक्शन (collection) देखने को मिलेगा। यहां पर रखा गया हर एक शो पीस आदिवासियों के कला, जीवन और संस्कृति को बहुत हीं बेहतरीन तरीके से दर्शाता है। यहां पर रखे गए वस्तुओं के संग्रह के मदद से यहां आने वाले टूरिस्ट जनजातियों के समूह के जीवन को और नजदीक से समझ पाते हैं। 6. पीपल्स मॉल (Peopel’s Mall) पीपल्स मॉल भोपाल शहर के उत्तरी छोर पर मौजूद है। जहां पर दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृति बनाई गई है। घूमने के अलावा यहां पर खाने-पीने की कैंटींस (canteens) और बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया (childrens play area) और वाटर पार्क (water park) भी मौजूद है। यह भोपाल शहर में स्थित फैमिली और फ्रेंड्स के साथ बिताने के लिए यह एक आदर्श पिकनिक का स्पॉट (picnic spot) है। जहां आप परफेक्ट फैमिली टाइम (spend family time) बिता सकते हैं। 7. भोजपुर शिव मंदिर (Bhojpur Shiva temple) भोपाल शहर से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर भोजपुर नामक स्थान पर एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसके बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा भोजराज प्रथम ने 1010 ई से 1055 ई के बीच करवाया था। अगर आप इस मंदिर में सुबह-सुबह आ जाएंगे तो यहां की सुबह की आरती देखकर आपका मन बहुत हीं प्रसन्न हो जाएगा। यह मंदिर इतनी खूबसूरत लोकेशन (beautiful location) पर है कि यहां आने के बाद आपको चारों ओर बस ग्रीनरी हीं ग्रीनरी देखने को मिलेगी। यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भारत के कोने-कोने से लोग भोजेश्वर महादेव का दर्शन करने आते हैं। अगर आप भी भोपाल जा रहे हैं तो आप भी इस मंदिर को एक बार जरुर विजिट (Must visit) करें। यहां के हवाओं में घुली हुई पॉजिटिविटी (positivity and divinity) आपको बहुत हीं बेहतरीन एहसास दिलाएगा। 8. भीमबेटका की गुफ़ाएँ (Bhimvetka caves) भीमबेटका की खोज डॉ विष्णु श्रीधर वकाडकर ने 1957-1958 के बीच की थी। यहां के पत्थरों पर प्राचीन मानव सभ्यता के चित्रकारी का दृश्य देखने को मिलता है। माना जाता है कि यह चित्रकारी (paintings) करीब 1 लाख साल पुरानी है। अगर आप इसे अच्छे से समझ कर घूमना चाहते हैं तो भीमबेटका में घूमने के लिए आपको लगभग 1 घंटे का समय लग सकता है। यह जगह इतिहास प्रेमियों के लिए एक मस्ट विजिट विजिटिंग प्लेस है। यहां

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अमृतसर के बेस्ट टूरिस्ट प्लेस

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अमृतसर– इस शहर का नाम सुनते हीं हमारे मन में कई तरह की भावनाएं जन्म लेती हैं। इस शहर के मायने सभी के लिए अलग-अलग हैं। किसी के लिए यह सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थान है, तो किसी के लिए यह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सबसे दर्दनाक आहुति देने वाला शहर है। नजरिया भले हीं अलग हो इस शहर के लिए सम्मान सभी के दिलों में एक बराबर हीं है। आज के युग में हम आपको पंजाब के इस पवित्र शहर की सैर करवाने वाले हैं और बताने वाले हैं इस शहर से जुड़े मुख्य पर्यटन स्थलों के बारे में। 1. पार्टीशन म्यूजियम (Partition Museum) पंजाब के अमृतसर शहर में पार्टीशन म्यूजियम के नाम का एक बहुत बड़ा संग्रहालय है। जो भारत-पाकिस्तान के विभाजन के कहानी को बखूबी बयां करता है। आप यहां जाकर उस समय के हालातों और फैसलों के बारे में बहुत हीं डिटेल (detail) से जान सकते हैं। अगर आपको भी भारत पाकिस्तान के बंटवारे को जानने में रुचि है या फिर इतिहास में रुचि है तो आप इस जगह पर एक बार जरूर विजिट करें।इस म्यूजियम में विभाजन के समय की कुछ नायाब तस्वीरें और आर्टिकल्स (articles) भी रखी गई है। जिसे देखकर यहां आने वाले पर्यटक उसे समय के हालातों को और भी ज्यादा करीब से महसूस कर सकते हैं। यह जगह अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट (heritage street) का भी हिस्सा है। अगर आप भी कभी अमृतसर आएं तो इस म्यूजियम को एक बार जरूर एक्सप्लोर (explore) करें। इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। 2. वाघा बॉर्डर (Wagah Border) वाघा बॉर्डर को अगर भारत का सबसे चर्चित इंडो पाकिस्तान बॉर्डर कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। इसका एक कारण यह भी है कि वाघा बॉर्डर भारत-पाकिस्तान के बीच की एकमात्र सड़क सीमा रेखा है। हम कह सकते हैं कि जमीन के रास्ते भारत से पाकिस्तान जाने के लिए एकमात्र रास्ता वाघा बॉर्डर हीं है। इसे अटारी वाघा बॉर्डर के नाम से भी जाना जाता है। यह बॉर्डर पंजाब के अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर के बीच एक सैनिकों की चौकी की तरह स्थित है। अमृतसर शहर से इस बॉर्डर की दूरी तकरीबन 28 किलोमीटर और लाहौर से इसकी दूरी लगभग 22 किलोमीटर है। अटारी वाघा बॉर्डर पर हर रोज “लोवेरिंग ऑफ़ द फ्लैग सेरेमनी” (Lowering of the Flag Ceremony) आयोजित किया जाता है जहां दोनों देशों की सेनाओं का बहुत हीं बेहतरीन कोलैबरेशन (collaboration) देखने को मिलता है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। वाघा बॉर्डर पर स्थित सीमा चौकी के प्रवेश द्वार को स्वर्ण जयंती गेट कहते हैं। अगर आप भी कभी अमृतसर जाए या फिर आप अमृतसर के ही निवासी हैं तो वाघा बॉर्डर जरुर विजिट (visit) करें। यह एक्सपीरियंस (experience) आपके लिए कुछ अलग होगा। 3. जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh) इस बाग की कहानी किसे नहीं पता? जिसने भी इस बाग की कहानी को सुना, वो रो पड़ा है और जिसने समझा है, वह एक बार के लिए जरूर भावुक हो जाता है। यह वहीं बाग है जहां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की सबसे बड़ी आहुति दी गई थी। जिसके निशानियां को आज भी इस बाग में संजोकर रखा गया है। अगर बात करें इस बाग के इतिहास की तो 13 अप्रैल 1919 को इस बाग में एक शांतिपूर्ण सभा बुलाई गई थी। जो रॉलेट एक्ट के विरोध में थी। जलियांवाला बाग से निकलने का सिर्फ एक रास्ता था। जनरल डायर ने उसे रास्ते को ब्लॉक (block) करते हुए हजारों की भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आदेश दे दिया। जिन गोलियों के निशान आज भी यहां की दीवारों में देखे जा सकते हैं। आज के समय में इस बाग को एक स्मारक के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। जहां दूर-दूर से पर्यटक घूमने आते हैं और भारत के इतिहास को जानने और समझने का प्रयास करते है। 4. स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) गोल्डन टेंपल अमृतसर हीं नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में माना जाता है। सिख समुदाय के लोगों के लिए यह गुरुद्वारा बहुत ही विशेष महत्व रखने वाला गुरुद्वारा है। लेकिन यहां हर धर्म के लोग घूमने के लिए आते हैं और हर साल यहां के पर्यटकों की संख्या लाखों में होती है। इस गुरुद्वारे का निर्माण 16वीं शताब्दी में सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव सिंह जी ने करवाया था। बाद में 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह जी ने इस गुरुद्वारे के छत को 400 किलो सोने से जड़ दिया था। तब से यह स्वर्ण मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस गुरुद्वारे की बनावट जितनी खूबसूरत है, यहां का माहौल भी उतना ही ज्यादा शांत और सुकून देने वाला है। स्वर्ण मंदिर को सफेद संगमरमर से बनाया गया है और इसे हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। 5. महाराजा रणजीत सिंह म्यूजियम (Maharaja Ranjit Singh Museum) महाराजा रंजित सिंह म्यूजियम अमृतसर के रामबाग में मौजूद है। जहां पर गर्मियों के समय में महाराज और उनका परिवार अपना वक्त बिताया करते थे। वर्तमान में इस ऐतिहासिक स्थल को एक म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया है। पर्यटक यहां पर कई ऐतिहासिक चित्रों, सिक्कों और युद्ध के शस्त्रों को देख सकते हैं और उनके बारे में जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में कोहिनूर हीरा का एक प्रतिरूप भी है। जिसे इसी म्यूजियम में संजोकर रखा गया है। इस हीरे का नाम परीक परवाना है। जो इस जगह का सेंटर आफ अट्रैक्शन (centre of attraction) माना जाता है।

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सिर्फ आईटी हब हीं नहीं बल्कि एक बेहतरीन पर्यटन स्थल भी है बेंगलुरु

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“बेंगलुरु शहर की पहचान सिर्फ कर्नाटक की राजधानी के तौर पर हीं नहीं बल्कि भारत के सबसे बड़े आईटी हब (IT Hub) वाले शहर के रूप में भी की जाती है। यह शहर भारत का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो सिटी (metro city) है और इसे सिलिकॉन वैली ऑफ इंडिया (Silicon Valley of India) के नाम से भी जाना जाता है। इतना हीं नहीं बेंगलुरु शहर पर्यटन (tourism) के लिए भी काफी मशहूर है। क्योंकि यहां घूमने के लिए हर तरह के विजिटिंग प्लेसेस (visiting places) हैं” अगर आप बेंगलुरु जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह ब्लॉग (blog) आपके लिए हीं हैं। क्योंकि हम इस ब्लॉग में आपको बताने जा रहे हैं बेंगलुरु के 12 विजिटिंग प्लेसेस के बारे में। 1. बेंगलुरु पैलेस (Bangalore palace) बेंगलुरु भारत के उन चुनिंदा शहरों में से एक है, जहां मॉर्डनाइजेशन (modernization) के साथ-साथ अन्सिएंट इंडिया का हिस्ट्री (history) भी देखने को मिलता है। यहां सिर्फ आईटी हब नहीं बल्कि बड़े-बड़े पैलेस भी हैं। जिनके लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर शुमार है बेंगलुरु पैलेस! जितना खूबसूरत यह पैलेस बाहर से है, उतना हीं ज्यादा खूबसूरत इसके अंदर का आर्किटेक्चर भी है। बेंगलुरु शहर का यह शाही पैलेस आर्किटेक्चर और आर्टिस्ट्री (Architecture and Artistry) का एक शानदार उदाहरण है। एक समय पर यह महल भारतीय और अंग्रेजी शासकों का यह आशियाना होता था। वहीं आज के समय में यह बेंगलुरु का सबसे बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन है। अगर आपको क्लासिक आर्किटेक्चर और कलाकारी में इंटरेस्ट (interest) है तो आप इस पैलेस इसको देखकर जरूर इंप्रेस होंगे। इस पैलेस के प्रीमियम वुडन इंटीरियर (premium wooden interior) तुर्किश, गोथिक और ब्रिटिश स्टाइल आर्किटेक्चर के बने हुए हैं। जो अपने आप में हीं इस पैलेस को भारत के दूसरे पैलेसेस से यूनिक बनता है। इस पैलेस में घूमते हुए आपको बिल्कुल महाराजाओ जैसी वाइब (Vibe) आएगी। यहां एक एम्यूजमेंट पार्क भी है। साथ हीं यहाँ 19 सेंचुरी की बहुत सारी पेंटिंग्स को डिस्प्ले किया जाता है। 2. लालबाग बोटैनिकल गार्डन (Lalbagh Botanical Garden) इंडिया के सबसे पुराने बोटैनिकल गार्डन्स में से एक लालबाग बोटैनिकल गार्डन एक परफेक्ट विजिटिंग डेस्टिनेशन (Perfect visiting destination) है। खासकर अगर आप नेचर लवर हैं तब तो आपको यहां डेफिनेटली (definitely) विजिट करना चाहिए। इसे बनवाने का काम मैसूर के प्रसिद्ध शासक हैदर अली ने शुरू करवाया था और उनके बेटे टीपू सुल्तान ने इस गार्डन को पूरा बनवाया। यह बोटैनिकल गार्डन 240 एकड़ में फैला हुआ है। इस बोटैनिकल गार्डन में आपको दुनिया के सबसे बेहतरीन और खूबसूरत फ्लावर्स और प्लांट्स के स्पीशीज (species of flowers and plants) के झलक देखने को मिलेंगे। टीपू सुल्तान ने फ्रांस, इटली, पारस और अफगानिस्तान जैसे देशों से प्लांट्स और फ्लावर्स को इंपोर्ट (import) करवा कर इस गार्डन में लगवाया था। आज के दौर में इस तरह के प्लांट्स और फ्लावर्स आपको सिर्फ लालबाग बोटैनिकल गार्डन में हीं देखने को मिलेंगे। इसीलिए यह बोटैनिकल गार्डन और ज्यादा यूनिक (Unique) हो जाता है। इस बोटैनिकल गार्डन में साल में दो बार फ्लावर शो होता है। जिसमें एक ग्लास के चेंबर में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाए गए 20 लाख से भी ज्यादा फ्लावर्स और प्लांट्स को डेकोरेट (Decorate) किया जाता है। जिन्हें देखना वाकई में बहुत ही खूबसूरत होता है। उन प्यारे-प्यारे फूलों को एक साथ देखने के लिए दूर-दूर से लोग फ्लावर शो के टाइम लाल बाग बोटैनिकल गार्डन बेंगलुरु का रुख करते हैं। यह फ्लावर शो जनवरी और अगस्त में रिपब्लिक डे (Republic Day) और इंडिपेंडेंस डे (Independence Day) के आस पास अरेंज (Arrange) किया जाता है। 3. वंडरला एम्यूज़मेंट पार्क बेंगलुरु (Wonderla Amusement Park Bangalore) वंडरला एम्यूजमेंट पार्क का नाम इंडिया के सबसे बेहतरीन एम्यूज़मेंट पार्क के लिस्ट में लिया जाता है। इस एम्यूज़मेंट पार्क में 60 से भी ज्यादा एक्साइटिंग और एडवेंचर राइड्स (Exciting and Adventure Rides) हैं। जिनका एक्सपीरियंस (Experience)आप लाइफ में कभी नहीं भूल पाएंगे। आपके लिए यह एक अनफॉरगेटेबल फीलिंग (Unforgettable feeling) होगा। इस एम्यूजमेंट पार्क में एक बहुत बड़ा वाटर पार्क भी है। जहां के अमेजिंग राइड्स (Amazing rides) पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इसके अलावा इस पार्क में एक वेव पूल भी है। जहां जाकर आपको बिल्कुल समुद्रों वाली वाइब आएगी। यहां के पानी का वेव इतना रियल लगता है कि आप कुछ पल को भूल जाएंगे कि आप एम्यूजमेंट पार्क में नहीं बल्कि असल के समुद्र में हैं। बैंगलोर आकर इस पार्क में आना बिल्कुल भी मिस नहीं किया जा सकता है। अगर आप बेंगलुरु के हीं निवासी हैं तो भी अपने रेगुलर जिंदगी से ब्रेक के लिए आप यहां जा सकते हैं। यकीनन यह आपको बहुत हीं पसंद आएगा। 4. बेंगलुरु विधानसभा (Bangalore Legislative Assembly) बेंगलुरु विधानसभा भारत के सबसे बड़े विधानसभाओं में से एक है। यह पूरा बिल्डिंग 600 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। यह एक प्रशासनिक बिल्डिंग (administrative building) तो है हीं साथ ही साथ आप यहां विजिट भी कर सकते हैं। अगर आपके पास स्पेशल परमिशन हो तो आप इसके मेन एरियाज (Main areas) में भी घूम सकते हैं। बेंगलुरु विधानसभा को कुछ खास उत्सवों के समय जैसे 15 अगस्त, 26 जनवरी और दीपावली जैसे अवसरों पर खूबसूरत और रंग बिरंगी लाइटों के द्वारा सजाया जाता है। तब यह देखने में और भी ज्यादा खूबसूरत लगने लगता है। यहां उस समय लाइटिंग शो (lightning show) भी अरेंज किया जाता है। बेंगलुरु विधानसभा बाहर से जितना सुंदर है इसका आर्किटेक्चर अंदर से भी उतना हीं खूबसूरत है। इसे द्रविड़ शैली और राजस्थानी शैली को मिलाकर बनाया गया है और यह बिल्कुल एंसिएंट वाइब देता है। यहीं वजह है कि यह बेंगलुरु के सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेसेस में से एक है। इसके बेहतरीन आर्किटेक्चर और डिजाइन के वजह से इस बिल्डिंग को ताजमहल ऑफ साउथ इंडिया (Tajmahal of South India) के नाम से भी जाना जाता है। यह बात हैरान करती है कि एक प्रशासनिक बिल्डिंग कैसे ताजमहल ऑफ इंडिया के नाम से जानी जा सकती है? लेकिन यह सच है! क्योंकि यह बिल्डिंग है हीं इतना खूबसूरत कि अपने आप खींचे चले आते हैं। 5. इनोवेटिव फिल्म सिटी (Innovative film city) बेंगलुरु की इनोवेटिव फिल्म सिटी इंडिया की वन ऑफ द बेस्ट एम्यूजमेंट पार्क (One of the best amusement

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कसौली हिल स्टेशन के लिए ऐसे प्लान करें अपना ट्रिप

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खूबसूरत पहाड़ियों के पनाह में एक छोटा सा हिल स्टेशन बसा हुआ है, जिसे लोग कसौली के नाम से जानते हैं। अगर आप चंडीगढ़ से शिमला की ओर बढ़ेंगे तो आपको रास्ते में सबसे पहला हिल स्टेशन कसौली हीं मिलेगा। अब क्योंकि यह शहर पहाड़ियों के गोद में बसा हुआ है इसलिए इसकी खूबसूरती भी काफी मनमोहक है। यहीं वजह है कि हर साल यहां हजारों लोग अपनी गर्मी की छुट्टियां मनाने आते हैं और जमकर एंजॉय करते हैं। आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कसौली के उन खूबसूरत ठिकानों के बारे में जहां जाए बिना कसौली के सफर को अधूरा माना जाता है।अगर आप कभी भी कसौली नहीं गए हैं तो आप यहां के लिए एक अच्छा सा वीकेंड का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। क्योंकि कसौली दिल्ली और चंडीगढ़ से सबसे नजदीकी हिल स्टेशन है। अगर बात किया जाए कसौली के हिस्ट्री की तो अंग्रेजों ने यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को देखते हुए इसे जगह को हिल स्टेशन के रूप में डेवलप किया था। आज के टाइम में यह सेना की छावनी के अधिकार का इलाका है। इस जगह घूमने के लिए कई तरह के पॉपुलर डेस्टिनेशन हैं जिनके नाम निम्नांकित हैं :- यह चर्च 1844 में अंग्रेजों के द्वारा बनवाया गया था। कसौली विजिट (visit) करते समय आप सबसे पहले इस पॉइंट (point) को विजिट कर सकते हैं। क्योंकि यह कसौली के मेन पार्किंग एरिया से बहुत हीं नजदीकी स्थित है। अगर आप कसौली अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो गाड़ी पार्क करने के बाद आप इस जगह को विजिट करने जा सकते हैं। यह बहुत हीं शांत जगह है और यहां पर्यटकों की अच्छी खासी संख्या होने के बावजूद भी आपको एक अलग हीं शांति का एहसास होगा। इस चर्च के बारे में एक और खास बात यह है कि यह हिमाचल प्रदेश का सबसे पुराना चर्च है। इसमें लगाए गए शीशे (glass) खास तौर पर इंग्लैंड से मंगवाए गए थे। इस चर्च में विजिट करने की टाइमिंग (timings) सुबह 7:00 बजे से शाम के 7:00 बजे की है। माल रोड पर आपको कई तरह के कपड़ों के दुकान देखने को मिलेंगे। वहां से आप हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक कपड़ों को खरीद सकते हैं। साथ ही साथ गर्म कपड़े भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा आप माल रोड पर अपने घर वालों या अपने पसंदीदा लोगों को गिफ्ट करने के लिए कई तरह के वुडन आइटम्स भी खरीद सकते हैं। अगर आपको भी बाजारों को इग्नोर करना अच्छा लगता है तो मॉल रोड आपके लिए एक बेहतरीन शॉपिंग डेस्टिनेशन हो सकता है। बहुत हीं अलग-अलग तरह के आइटम आपको यहाँ मिल जाएंगे। आपको माल रोड में शॉपिंग की बहुत अच्छी वैरायटी देखने को मिल जाएंगी।इसके अलावा माल रोड पर स्ट्रीट फूड के भी कई सारे आइटम्स मिलते हैं। आप भी इन लजीज स्ट्रीट फूड्स का लुफ्त उठाना ना भूलें। गिलबर्ट ट्रेल डेढ़ किलोमीटर तक का एक बहुत हीं पतला संकरा सा रास्ता है। जो लोगों को ले जाता है सुसाइडल पॉइंट की ओर! जहां से मिलने वाले व्यूज बहुत हीं अमेजिंग होते हैं। जिन्हें शब्दों में बयां कर पाना बहुत हीं मुश्किल है। गिलबर्ट ट्रेल के लिए जब आप चढ़ाई करना शुरू करेंगे तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि रास्ता बहुत ही संकरा है और बहुत हीं रिस्की भी। इस बात का ध्यान रखें और आराम आराम से चढ़ाई करें। यह रास्ता जितना पतला संकरा और डिफिकल्ट दिखता है एक्चुअल में यह उतना हीं ज्यादा एडवेंचरस भी है। आप अपने साथ एक पानी का बोतल जरूर कैरी करें। क्योंकि आपको इसकी बहुत ज्यादा जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा जब आप गिलबर्ट ट्रेल की ओर बढ़ेंगे तो रास्ता बहुत आगे तक जाता है। ऐसे में आप भटके ना इसके लिए सुसाइडल पॉइंट तक जाने के लिए एक हमारी ओर से एक लैंडमार्क टिप है। जब आप गिलबर्ट ट्रेल के लिए चढ़ाई शुरू करेंगे और करीब 1.5 किलोमीटर तक चलेंगे तो आपको रास्ते में एक हट दिखेगा। जिसके पीछे से आपको सुसाइडल पॉइंट के लिए रास्ता मिलेगा। सुसाइडल पॉइंट से आप कसौली को एक बहुत हीं अलग नजरिए से एक्सप्लोरर कर सकते हैं। यहां से सनसेट को देखना काफी खूबसूरत होता है। अगर आप नेचर को इंजॉय करना पसंद करते हैं तो यह पॉइंट आपको काफी पसंद आने वाला है। साथ हीं अगर आप फोटोग्राफ़ी भी पसंद करते हैं तो भी यह जगह आपके लिए बहुत हीं बेहतरीन जगह होने वाला है। मंकी प्वाइंट कसौली की सबसे ऊंची पहाड़ी है। जहाँ हनुमान जी का एक मंदिर भी है। इस मंदिर से जुड़ी एक कहानी यह भी है कि जब हनुमान जी संजीवनी लेकर जा रहे थे तब उनका एक कदम इस पहाड़ी पर भी पड़ा था। जहां पर आज के समय में यह मंदिर है। इस मंदिर में आपको बहुत सारे बंदर देखने को मिलेंगे। यहां आने वाले पर्यटकों में इस मंदिर को लेकर काफी क्रेज देखने को मिलता है। माल रोड से मंकी पॉइंट की दूरी लगभग 3.5 किलोमीटर के आसपास है। अगर आप मंकी पॉइंट जाना चाहते हैं तो आप चलते हुए भी जा सकते हैं। मंकी प्वाइंट के लिए टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां विजिट करने की टाइमिंग सुबह 9:00 बजे से शाम के 5:00 बजे तक की है। जैसा कि नाम से हीं पता चल रहा है यह कसौली का सबसे बेस्ट सनसेट पॉइंट है। यहां से आपको शाम के सबसे खूबसूरत नज़ारें देखने को मिलेंगे। जिसका एक्सपीरियंस आपकी लाइफ में अनफॉरगेटेबल हो सकता है। यहां पर बैठने के लिए जगहें भी बनाई गईं हैं। आप अपनों के साथ आराम से यहां बैठकर सनसेट को एंजॉय कर सकते हैं। यहां बैठकर जब आप सन सेट को देखोगे तो वह आपको बहुत हीं मैजिकल लगेगा और बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस होगा। अगर आपके पास समय की कमी हो और आपको गिलबर्ट ट्रेल और सनसेट पॉइंट को एक हीं दिन में विजिट करना हो तो आप पहले गिलबर्ट ट्रेल को विजिट कर सकते हैं उसके बाद सनसेट पॉइंट का रुख कर सकते हैं।गिलबर्ट ट्रेल को विजिट करने के बाद सनसेट से लगभग 1 घंटे पहले आप इस पॉइंट पर पहुंच जाना। तब आप यहां बहुत हीं आराम

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Different Types of Vacation Rentals in Portugal

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With its breath-taking coastline, historic cities, and charming countryside, Portugal has become a prime destination for travellers seeking a memorable vacation. While hotels are a popular accommodation choice, vacation rentals offer a unique and immersive experience that truly allows visitors to embrace the local culture. Whether you want to explore the charming cities of Lisbon and Porto, relax on the sunny beaches of the Algarve, or discover the scenic landscapes of the Douro Valley, Portugal have the perfect vacation rentals for you with diverse range of vacation rentals to cater to every preference and budget. You can enjoy the comfort and privacy of your own home away from home, with all the amenities and services you need. Book your flight to Portugal and vacation rental today and get ready for an unforgettable experience in Portugal. (Different Types of Vacation Rentals in Portugal) Let’s explore the different types of vacation rentals in Portugal Coastal Villas and Apartments Portugal’s stunning coastline, stretching along the Atlantic Ocean, is home to numerous villas and apartments that provide unparalleled views and easy access to the beach. From luxurious villas with private pools to modern apartments that are steps away from the ocean, these coastal rentals offer a serene and rejuvenating experience. These properties often come with direct access to the beach, offering a tranquil retreat for relaxation and enjoying the sunsets. Popular coastal destinations for vacation rentals include Algarve, Cascais, Lagos, and Ericeira. Rustic Cottages and Farmhouses Portugal’s countryside is dotted with charming cottages and farmhouses for a tranquil retreat amidst nature. These rustic rentals provide an authentic experience, immersing visitors in the rural lifestyle. Surrounded by rolling hills, vineyards, and olive groves, these accommodations offer a peaceful ambiance and opportunities for hiking, biking, and wine tasting. Regions such as Douro Valley, Alentejo, and Minho are known for their picturesque countryside rentals. City Apartments Portugal’s vibrant cities, such as Lisbon, Porto, and Coimbra, are filled with history, culture, and a lively atmosphere. Opting for a vacation rental in the heart of these urban centres allows you to be at the epicentre of all the action. Stylish apartments in historic buildings offer convenience, comfort, and easy access to iconic landmarks, museums, restaurants, and nightlife. Experience the vibrant city life while enjoying the comforts of a home away from home. Quintas and Manor Houses For a touch of elegance and grandeur, Quintas (country estates) and manor houses offer a regal experience in Portugal. These opulent rentals, often surrounded by landscaped gardens and vineyards, boast magnificent architecture and a rich history. Quintas are prevalent in the Douro Valley, while manor houses are found in regions like Sintra and the Alentejo. Staying in these properties gives a glimpse into Portugal’s aristocratic past and ensures a luxurious and memorable vacation. Eco-Friendly Retreats With an increasing focus on sustainable travel, eco-friendly vacation rentals are gaining popularity in Portugal. These environmentally conscious accommodations prioritize green practices and offer an eco-conscious experience without compromising comfort. From solar-powered villas to eco-lodges in the countryside, these rentals allow travelers to connect with nature while minimizing their carbon footprint. Costa Vicentina, Madeira, and Azores are known for their eco-friendly retreats. Portugal’s diverse landscapes and rich cultural heritage make it an ideal destination for travelers seeking unique vacation experiences. Whether you prefer the coastal allure, rural charm, urban excitement, or eco-conscious retreats, Portugal offers an array of vacation rentals to suit every taste. From luxurious villas to cozy cottages, each accommodation type presents a distinct opportunity to immerse you in the beauty and charm of this fascinating country. So, why make your next vacation unforgettable by choosing a vacation rental in Portugal ?

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Morni Hills – History, Things to Do, Location & Best Time

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Morni Hills is a beautiful hill station located in the Panchkula district of the Indian state of Haryana. It is a popular weekend getaway for people from nearby cities like Chandigarh and Delhi, as it offers a serene escape amidst nature and picturesque landscapes. In this blog, we will tell you about the history, Prime locations, best time to visit of Morni Hills, which is very important for you to know. The Morni Hills Lake, also known as Morni Lake, is a man-made lake located at the center of Morni. It offers boating facilities, and visitors can enjoy a peaceful time by the lake surrounded by the hills. Morni Hills Lake, also known as Morni Lake, is a picturesque man-made lake located in the Morni Hills area of Panchkula district in Haryana, India. It is one of the prominent attractions in Morni Hills and a popular spot for tourists seeking a serene and tranquil environment.The lake is surrounded by the lush greenery of the Morni Hills, offering a beautiful and refreshing ambiance. The calm waters of the lake and the surrounding hills create a picturesque setting, making it a favorite spot for nature lovers and photographers. Boating: Morni Hills Lake offers boating facilities, allowing visitors to take a leisurely ride on the lake’s tranquil waters. Boating at the lake is a popular activity, especially during weekends and holidays. Picnic Spot: The lake’s peaceful and natural surroundings make it an excellent spot for picnics. Families and groups often visit the lake to enjoy a relaxing day amidst nature, away from the hustle and bustle of city life. Birdwatching: The lake area attracts various bird species, making it a paradise for birdwatchers. Bird enthusiasts can spot a variety of resident and migratory birds in and around the lake. Relaxation and Photography: Morni Hills Lake is an ideal place for unwinding and spending leisure time. Visitors can sit by the lakeside, enjoy the cool breeze, and capture the beautiful scenery with their cameras. Adventure Activities: Apart from boating, visitors can also indulge in short hikes and nature walks around the lake, providing opportunities to explore the natural beauty of the Morni Hills. Sunset Views: The lake offers stunning sunset views, making it an excellent spot to witness the sun setting over the picturesque hills. 2. Tikkar Taal Tikkar Taal, also known as Tikkar Lake, is a scenic and serene lake situated near the famous Morni Hills Lake, Tikkar Taal is another delightful attraction that draws nature enthusiasts and travelers seeking a peaceful escape. Tikkar Taal is a natural lake surrounded by lush greenery and hills, creating a tranquil and picturesque setting. The calm waters and the scenic beauty of the lake make it a perfect spot to unwind and relax. The lake area attracts a variety of bird species, making it an excellent spot for birdwatching. Bird enthusiasts can observe numerous resident and migratory birds in their natural habitat around the lake. Boating: Like Morni Hills Lake, Tikkar Taal also offers boating facilities, allowing visitors to take a pleasant boat ride on the lake. Boating is a popular activity, especially during weekends and holidays. Tikkar Taal is a favored picnic spot among locals and tourists alike. Families and groups often visit the lake to enjoy a day amidst nature, have picnics, and engage in various activities. Adventure Activities: The area around Tikkar Taal is suitable for short hikes and nature walks. Exploring the nearby hills and landscapes offers adventure enthusiasts an opportunity to appreciate the natural beauty of the Morni Hills region. Sunrise and Sunset Views: The lake offers breathtaking views of the sunrise and sunset, providing a mesmerizing experience for early morning and evening visitors. Tikkar Taal is relatively less crowded than some other tourist destinations, allowing travelers to enjoy a peaceful and intimate connection with nature. Whether you wish to enjoy boating on the lake, go birdwatching, or simply relax and take in the scenic beauty, Tikkar Taal in Morni Hills is a delightful destination to experience the serenity of nature. It is a beautiful spot for birdwatching and boating, and the surrounding area is perfect for a relaxing picnic. Adventure Activities: Morni Hills offers various adventure activities like trekking and hiking opportunities. The trek to Morni Fort is a favorite among trekkers, offering panoramic views of the surrounding landscape. You can also enjoy paragliding here. For this you will have to spend from 1500 to 2000 rupees per person. 3. Ancient Morni Fort The Morni Fort is an ancient fort located atop a hill and is believed to date back to the 17th century. Although in ruins, it attracts history enthusiasts and adventurers alike. The Ancient Morni Fort is a historical site. The fort is believed to date back to the 17th century and holds significance as a remnant of the region’s rich historical past. Although the fort is now in ruins, it continues to attract history enthusiasts and adventurers seeking to explore its heritage and enjoy the panoramic views from its elevated position. While the fort is now in a state of disrepair, the remnants of its walls and structures give visitors a glimpse of its past glory. Exploring the ruins allows travelers to imagine the grandeur and architectural finesse that once characterized the fort. Trekking and Adventure: To reach the Ancient Morni Fort, visitors need to embark on a trek, which is an adventure in itself. The trek is moderate in difficulty, and it offers a chance to experience the natural beauty of the Morni Hills while ascending to the fort. Panoramic Views: The hilltop location of the fort provides breathtaking panoramic views of the surrounding landscapes, including the Morni Hills, lush greenery, and nearby lakes. The scenic beauty and historical elements of the fort make it a great spot for photography. Visitors can capture the beauty of the ruins and the natural vistas surrounding the fort. Sunset Views: The fort’s elevated position also makes it an ideal spot to witness the mesmerizing sunset views over the

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जन्नत से कम नहीं हैं बिहार के राजगीर शहर की खूबसूरत पहाड़ियां

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अगर आप भी नेचर को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो बिहार की राजधानी पटना से लगभग 100 किलोमीटर के दूरी पर स्थित राजगीर आपके लिए एक परफैक्ट हॉलीडे डेस्टिनेशन (Perfect holiday destination) हो सकता है। राजगीर आजकल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट (Famous tourist spot) बनकर उभर रहा है। सिर्फ बिहार से ही नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग कोने से लोग यहां घूमने आ रहे हैं। यहां आप कई तरह के एडवेंचर एक्टिविटीज (Adventure activities) भी ट्राई कर सकते हैं। शहरों के शोर-शराबे से दूर और पॉल्यूशन फ्री (Pollution free) इस जगह पर आप बेहद ही शांति से खुद के या किसी अपने के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड (Quality time spend) कर सकते हैं। आइए जानते हैं राजगीर के टॉप टेन विजिटिंग प्लेसेस (Top ten Visiting Places) के बारे में : 1. राजगीर जंगल सफारी (Rajgir jungle safari) राजगीर शहर का सबसे मुख्य आकर्षण राजगीर जंगल सफारी है। राजगीर जंगल सफारी में आप कई तरह के एक्टिविटीज (Activities) का आनंद उठा सकते हैं। साथ ही यहां पूर्वोत्तर भारत के सबसे पहले ग्लास ब्रिज (Glass bridge) का भी आनंद लिया जा सकता है।राजगीर जंगल सफारी में सबसे पहले आपको एक थिएटर (Theatre) में एंट्री (Entry) मिलेगा। जहाँ आप पर्यावरण पर बने शॉर्ट फिल्म (Short film) और डॉक्युमेंट्री (Documentry) देखेंगे। इसके बाद आप जंगल सफारी के लिए निकलेंगे।इसी जंगल सफारी में उत्तर पूर्वी भारत का सबसे पहला ग्लास ब्रिज भी है। ग्लास ब्रिज जाने के लिए लोगों को अपने जूते उतारने पड़ते हैं। यहां से दिखने वाला नजारा इतना खूबसूरत होता है कि उसे शब्दों में बयां किया जाना मुमकिन ही नहीं है। इसे जानने के लिए आपको यहां आकर खुद से उस फीलिंग को फील (Feel the feeling) करना होगा। ग्लास ब्रिज को एक्सप्लोर (Explore) करने के बाद आप बढ़ जाएंगे सस्पेंशन ब्रिज (Suspension bridge) की ओर।सस्पेंशन ब्रिज पर भी आप को बिल्कुल ग्लास ब्रिज के जैसा ही चारों ओर का नैचुरल व्यू (natural veiw) मिलेगा। यहां आपको डर भी लग सकता है। लेकिन ट्रस्ट मी (Trust me)! यह बहुत ही एडवेंचरस (Adventurous) है। इसके अलावा आप यहां जिपलाइनिंग (Ziplining), आर्चरी (Archery), राइफल शूटिंग (Rifle Shooting) और स्काई साइकिलिंग (Sky Cycling) का भी मजा ले सकते हैं। 2. राजगीर जू सफारी (Rajgir zoo safari) जंगल सफारी के अलावा राजगीर में एक जू सफारी भी है। जू सफारी विजिट (Visit) के करने के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन (Online or Offline) किसी भी मोड में टिकट ले सकते हैं। जो सफारी में आपको एक एयर कंडीशनिंग (Air conditioning) वाले बस में पूरे जंगल में विजिट करवाया जाएगा और अगर आप लकी हुए तो आप यहां हर तरह के जानवरों को देख पाएंगे। राजगीर जू सफारी में घने जंगलों के बीच जंगली जानवरों को देखना अपने आप में एक बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है। साथ ही साथ यह काफी एडवेंचरस भी होता है। क्योंकि कई बार वहीं जंगली जानवर आपके बस के बहुत हीं नजदीक आ जाते हैं। 3. पावापुरी जल मंदिर (Pawapuri Jal Mandir) पावापुरी का जल मंदिर बिहार हीं नहीं बल्कि पूरे देश में फेमस (Famous) है। यहां दूर-दूर से लोग विजिट करने आते हैं। पावापुरी का जल मंदिर एक जैन मंदिर है। जो जैनों के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के लिए बनवाया गया है। भगवान महावीर ने इसी जगह पर समाधि लिया था। भगवान महावीर के बड़े भाई राजा नंदीवर्धन ने इस मंदिर को बनवाया था। यह मंदिर लेक के बीचों बीच बना हुआ है और काफी शांत वातावरण वाला जगह है। यहां लेक में चारों ओर कमल के फूल खिले हुए हैं। जो इस मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। अगर आप इस जगह पर घूमना चाहते हैं तो यह जगह मेन राजगीर सिटी से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है और जैन धर्म के लोगों के के लिए यह विशेष आस्था का केंद्र है। 4. राजगीर गंगा वॉटर लिफ्टिंग प्रोजेक्ट (Rajgir Ganga Water lifting project) वैसे तो यह जगह पर्यटकों के बीच ज्यादा फेमस नहीं है क्योंकि यह एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। लेकिन अगर आप नेचर की खूबसूरती को शांति से एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो आप इस जगह का विजिट कर सकते हैं। क्योंकि यहां दूर-दूर तक आपको इक्के दुक्के लोग हीं दिखाई देंगे। असल में यहां पाइप लाइन के जरिए गंगा नदी के पानी को लाया जाता है और यह चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है। इसीलिए नेचर को एक्सप्लोर करने के लिए यह जगह परफेक्ट है। इस जगह पर आपको मिलने वाले व्यूज़ इतने खूबसूरत होते हैं कि यहां से जाने का आपका मन ही नहीं करेगा। 5. घोरा कटोरा लेक (Ghora katora lake) इस लेक को इंसानों के द्वारा नहीं बनवाया गया है। यह एक नेचुरल लेक है। जिसके कारण इस लेक की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस लेक के बीचों बीच लगभग 70 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा है। जो इस लेक की खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देती है। इस लेक के चारों ओर ग्रीनरी हीं ग्रीनरी (Only greenry) है। जिसके कारण यहां आने वाले पर्यटकों का मन पूरी तरह से शांत हो जाता है।इस लेक में ढेर सारे बत्तख भी मौजूद हैं जो आपके वोटिंग के एक्सपीरियंस (Experience of boating) को और ज्यादा खूबसूरत बना देते हैं।आप इस लेक में वोटिंग भी कर सकते हैं। यहां पेडल (Paddle) वाली वोटिंग की सुविधा है। भगवान बुद्ध से जुड़ होने के कारण और अपने प्राकृतिक खूबसूरती के वजह से यह जगह काफी फेमस है। 6. विश्व शांति स्तूप (vishwa shanti stupa) विश्व शांति स्तूप एक पहाड़ी पर स्थित है। जहां तक जाने के लिए आपको ट्रैकिंग (Tracking) करनी होगी या फिर आप रोपवे (Ropeway) का भी सहारा ले सकते हैं। मोस्टली लोग यहां एडवेंचर एक्सपीरियंस करने के लिए रोपवे के जरिए ही इस पहाड़ी पर जाते हैं। अगर आप भी कुछ अलग एक्सपीरियंस करना चाहते हैं तो आप भी रोपवे ट्राई कर सकते हैं। विश्व शांति स्तूप के पहाड़ी पर पहुंचने के बाद आपको बहुत हीं शांति और पॉजिटिविटी (Positivity) का एहसास होगा। साथ हीं यहां से मिलने वाले नजारे भी बहुत खूबसूरत होते हैं। 7. गिरियक स्तूप (Giriyak stupa) गिरियक स्तूप तक

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ये हैं बिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

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आज हम आपको लेकर चलेंगे एक ऐसे शहर के सफर पर, जिसका भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। जब बात भारत के इतिहास की हो तो इस शहर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हम बात कर रहे हैं पटना शहर की। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। अगर बात किया जाए इस शहर के वर्तमान की तो यह काफी विकसित हो चुका है। शहर के बड़े-बड़े बिल्डिंग्स, बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल और यहां की सड़कें यह बताने के लिए काफी हैं कि यह शहर भी किसी अन्य शहर से पीछे नहीं है। पटना पर्यटन के लिए भी काफी मशहूर है। जिन लोगों को इतिहास में रुचि है, यह शहर उनका बाहें फैलाकर स्वागत करता है। आइए जानते हैं इस शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में जो इस शहर की शान माने जाते हैं।(visiting places of Patna) 1. गोलघर (Golghar)पटना शहर के बीच में स्थित है गोलघर! जिसे अंग्रेजों द्वारा अनाज के संग्रह के लिए 1786 में बनवाया गया था। एक समय था, जब गोलघर के ऊपर से पूरे पटना शहर के दर्शन किया जा सकता था। लेकिन समय के साथ-साथ इस शहर ने भी तरक्की की और यहां भी बड़े बड़े बिल्डिंग्स बन गए। जिसके कारण अब पूरे पटना शहर का तो दर्शन नहीं किया जा सकता है, लेकिन अब भी गोलघर के शीर्ष से तरक्की की राह पर बढ़ते हुए इस शहर को देखना काफी रमणीय दृश्य होता है। 2. श्री कृष्ण साइंस सेंटर पटना (Shri Krishna Science Center Patna) पटना साइंस सेंटर विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों और बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यहां जाकर आप अचंभित कर देने वाली वैज्ञानिक घटनाओं को देख और समझ सकते हैं। यहां बहुत से गाइड मौजूद होते हैं। जो वैज्ञानिक प्रयोगों और उनके कारणों के बारे में पर्यटकों को समझाते हैं। यहां लेजर शो की भी व्यवस्था की गई है।पटना साइंस सेंटर की स्थापना 1978 में की गई थी और इसका नामकरण बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर किया गया है। आपको जानकारियां हैरानी होगी कि यह देश का पहला क्षेत्रीय स्तर का विज्ञान केंद्र है। पटना साइंस सेंटर के खुलने का समय सुबह 9:30 बजे से शाम के 6:00 बजे तक का होता है। लेकिन यहां टिकट का काउंटर हर रोज शाम 5:15 बजे हीं बंद हो जाता है। 3. बिस्कोमान भवन (Biscomaun Bhawan) पटना साइंस सेंटर के बगल में स्थित है बिस्कोमान भवन। यह पटना हीं नहीं बल्कि पूरे बिहार का सबसे ऊंचा बिल्डिंग है। बिस्कोमान भवन में बहुत सारे ऑफिस हैं और इसके टॉप फ्लोर पर एक “पाइंड द रिवाल्विंग रेस्टोरेंट” है। जो अपने जगह पर 360 डिग्री तक घूमता रहता है। घूमते रहने की खासियत के कारण यह रेस्टोरेंट पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। आप भी यहां जाकर बेहद ही शांत माहौल में लंच इंजॉय कर सकते हैं। बिस्कोमान भवन सुबह 8:00 बजे से शाम के 5:00 बजे तक खुला रहता है। 4. गांधी मैदान (Gandhi maidan) गांधी मैदान जिसे पटना का हार्ट भी कहा जाता है, 62 एकड़ जमीन में फैला एक खुला मैदान है। जहाँ हर दिन पटना के बच्चे, बूढ़े और जवान आपको व्यायाम करते मिलेंगे।गांधी मैदान का उपयोग मुख्यतः 26 जनवरी या 15 अगस्त के दिन झंडोतोलन, परेड और झांकियों के लिए किया जाता है। इसके अलावा यहां बिहार दिवस के अवसर पर भी कई तरह के कार्यक्रम होते हैं। इससे इतर इस मैदान का उपयोग चुनाव प्रचार प्रसार के लिए भी किया जाता है। इस मैदान के दीवारों पर आपको मधुबनी पेंटिंग्स की झलक देखने को मिल जाएंगी। गांधी मैदान में हर वीकेंड पर रात को फिल्म चलाई जाती है। जिसके लिए किसी भी तरह का एंट्री फीस नहीं देना होता है। आप आराम से जाकर खुले आसमान के नीचे बैठकर मूवी को इंजॉय कर सकते हैं। अगर आप भी वीकेंड पर पटना में है तो एक बार गांधी मैदान का चक्कर जरुर लगाएं। यकीनन यह आपको काफी पसंद आएगा। 5. बुद्धा स्मृति पार्क (Buddha smriti park) बुद्धा स्मृति पार्क गांधी मैदान से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस पार्क की खासियत यह है कि यहां पर हर समय होने वाले बुद्धम शरणम गच्छामि के मंत्रोच्चारण के कारण यहां आने वाले पर्यटकों का मन शांत हो जाता है। इस पार्क में एक 200 फीट ऊंचा एक स्तूप है। जिसमें भगवान बुद्ध की अस्थियों के अवशेष को रखा गया है। इस पार्क का उद्घाटन 27 मई 2010 को दलाई लामा ने किया था। उन्होंने पार्क के स्तूप का नाम पाटलिपुत्र करुणा स्तूप रखा। यह पार्क दुनिया भर के बौद्ध पर्यटकों की आस्था का केंद्र है।यहाँ पार्क ऑफ मेमोरी म्यूजियम, लेजर शो, बोध वृक्ष, लाइब्रेरी और मेडिटेशन सेंटर भी है।इस पार्क में बांकीपुर जेल के अवशेषों को भी सहेज कर रखा गया है।बुद्धा स्मृति पार्क के एंट्री टिकट का प्राइस ₹20 है। यह पार्क सोमवार के अलावा सप्ताह के अन्य दिनों में खुला रहता है और इस पार्क के खुलने की टाइमिंग सुबह के 9:00 से शाम के 7:00 बजे तक की है। 6. महावीर मंदिर (Mahaveer mandir) बुद्धा स्मृति पार्क से वॉकिंग डिस्टेंस पर हीं स्थित है महावीर मंदिर। जो उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और यह मंदिर देश के प्राचीनतम हनुमान मंदिरों में से एक है। अगर आप इस मंदिर में घूमना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि सामान्य दिनों में ही यहां आएं। क्योंकि रामनवमी, शिवरात्रि या फिर दशहरा के दिनों में यह मंदिर बहुत हीं व्यस्त रहता है। ऐसे में यहां बहुत अधिक मात्रा में श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर की एक और खासियत यह है कि इस मंदिर का ट्रस्ट उत्तर भारत का सबसे बड़ा धार्मिक ट्रस्ट है। जो गरीब लोगों के कैंसर का इलाज करवाने और जरूरतमंदों की सेवा और परोपकार के कार्यों के लिए जाना है। 7. तारामंडल (Patna Planetarium – Taramandal)पटना का तारामंडल उन लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है, जिन्हें पृथ्वी के बाहर के ब्रह्मांड के बारे में जानने में अत्यंत रुचि होती है। यहां जाकर आप अंतरिक्ष के बारे में काफी कुछ सीख