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राजस्थान के राजसी ठाठ बाट का जीता जागता उदाहरण है जयपुर

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“कुछ शहर खूबसूरत होते हैं और कुछ सुन्दर बनने की चाहत रखते हैं। लेकिन राजस्थान का जयपुर शहर तो शायद सुंदरता के लिए बनाया गया है जिसका नाम जेहन में आते ही मन गुलाबी हो उठता है। चाहे दिन का समय हो या रात का, इस शहर की चमक और बनावट मन से उतरती ही नहीं। चारों और अरावली की पहाडयों से घिरा, चौड़ी और साफ़ सुथरी सड़कों और अपने चमकीले और सैकड़ों साल पुराने बाज़ारों के कारण यह शहर किसी भी पर्यटक के मन को खुश करने में पूरी तरह सक्षम हैं।” इस शहर में बने बेहतरीन ऐतिहासिक इमारतें (Historical sites in Jaipur) जयपुर के कल्चरल हेरीटेज (Cultural heritage of Jaipur) को खुद में समेटे हुए हैं। शायद इसीलिए तो यूनेस्को ने इस पुरे शहर को ही वर्ल्ड हेरिटेज साइट (word heritage site) के सूची में शामिल कर लिया। 1. आमेर का किला (Amer fort): कहा जाता है कि इस शहर को वेल्स के राजकुमार (prince of wales) के स्वागत की खुशी में गुलाबी रंग से रंगा गया था और तभी से इसे गुलाबी शहर (pink city) के नाम से जाना जाता है। जयपुर शहर का नाम आते ही यहाँ के बड़े-बड़े और भव्य किले दिलोदिमाग में तैरने लगते हैं। और इन्हीं किलों में निसंदेह सबसे पहले जिस किले की छवि उभरती है वो है खूबसूरत आमेर का किला। राजस्थान के जयपुर शहर को और ज्यादा खूबसूरत बना देने वाला ये आमेर का किला, अम्बर किला के नाम से भी जाना जाता है। ये किला ना केवल जयपुर शहर बल्कि पूरे राजस्थान के शानदार पर्यटन (jaipur tourist attraction) स्थलों में से एक है। आमेर का किला इतना प्रसिद्ध है कि यहाँ पर हर रोज छह हजार से भी अधिक लोग घूमने के लिए आते हैं। यह किला राज्य की राजधानी जयपुर से 11 किलोमीटर की दूरी पर है। आमेर कैसे पहुंचे? (How to reach Amer): इस किले तक पहुंचने के लिए जयपुर से बस, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी या कैब ली जा सकती है। आप अजमेरी गेट और एमआई रोड से आमेर शहर के लिए रोडवेज या प्राइवेट बसों से भी जा सकते हैं। आमेर का किला एक पहाड़ी पर है, इसलिए किले का दीदार करने के लिए आपको किले के थोड़ी दूर पहले से ही या तो पैदल चलना होगा या फिर आप टैक्सी या जीप से भी किले के मुख्य द्वार तक पहुँच सकते हैं। या फिर आप अपनी पर्सनल गाड़ी से भी यहां जा सकते हैं। किले के मुख्य द्वार के पास थोड़ी सपाट चढ़ाई है, इसलिए अगर आप एक्सपर्ट ड्राइवर हैं तो ही अपनी पर्सनल गाड़ी से किले तक जाने का रिस्क लें। अगर आप सीजन के दौरान यहां जा रहे हैं, तो खुद की गाड़ी से जाने से बचना ही बेहतर होगा, क्योंकि ट्रैफिक जाम आपके लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। हालांकि ऐसा सीजनल टाइम में ही ज्यादा होता है। 2. जल महल (Jal mahal) : जयपुर स्थित जलमहल एक पाँच मंज़िला इमारत है, जिसकी 4 मंज़िल पानी के भीतर बनी हैं और एक पानी के ऊपर नज़र आती है। उस समय के राजा इस महल का उपयोग अपने मनोरंजन के लिए करते थे। जलमहल का इतिहास (History of Jal mahal) : पिंक सिटी जयपुर की ‘मानसागर’ झील के बीचों बीच बना ‘जलमहल’ अनोखे सौन्दर्य और अद्भुत स्थापत्यकला का बेजोड़ उदाहरण है। इस महल का निर्माण आज से लगभग 300 साल पहले आमेर के महाराज सवाई मानसिंह ने सन् 1799 में करवाया था। आपको बता दें यह पाँच मंज़िला इमारत और इस झील की सुंदरता उस समय के राजाओं के आकर्षण का केंद्र (centre of attraction) हुआ करती थी और राजा अक्सर नाव में बैठकर इस महल की सैर किया करते थे। कैसे पहुंचे जलमहल (How to reach Jal mahal?) झील के बीचोंबीच बना ये जलमहल राजस्थान के जयपुर जिले के आमेर मार्ग पर स्थित है, दिल्ली से लगभग 260 किलो मीटर और अजमेर से 146 किलो मीटर की दूरी पर बना ये महल पर्यटकों के आकर्षण (jaipur tourist attraction) का विशेष केंद्र है। 3. मसला चौक जयपुर (Masala Chauk Jaipur) : जयपुर शहर सिर्फ अपने राजसी ठाठ-बाट (jaipur traditional culture) के लिए नहीं बल्कि खाने के लिए भी काफी मशहूर है। क्योंकि यहां के प्रसिद्ध व्यंजन(Famous Foods), तरह-तरह की स्टाइल और तरह-तरह की चीजों से बने हुए होते हैं। इस रॉयल सिटी के लोग खाने के बहुत ही शौकीन माने जाते हैं और यह शहर फूड लवर्स (Food Lovers) के लिए खास मायने रखता है। अगर बात खाने से संबंधित हो तो जयपुर की खूबसूरत जगहों में से एक जगह है मसाला चौक! जो कि खाने को लेकर अपनी वैरायटी के लिए और अपनी क्वालिटी के लिए बहुत ही नामी जगह है।किसी भी शहर में बहुत सारी पसंदीदा चीजों का एक साथ एक जगह पर मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता हैं। लेकिन जयपुर का मसाला चौक एक ऐसी जगह है जहां आपको सभी लोकप्रिय व्यंजन और स्ट्रीट फूड एक ही जगह पर आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। जयपुर के मसाला चौक की शुरुआत जयपुर के सभी प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड को सिर्फ एक जगह पर लाने के उद्देश्य से हुई। यह एक ओपन-एयर फूड कोर्ट (Open air food court) है जिसमें बैठने की अच्छी व्यवस्था है, जिसने इसे उन सभी लोगों के लिए एक टॉप हैंगआउट डेस्टिनेशन बना दिया है जो स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना पसंद करते हैं। मसाला चौक तक कैसे पहुंचे? (How to reach masala chauk?) 4. जंतर मंतर (jantar mantar) : राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया जंतर-मंतर यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज (UNESCO World Heritage Site) सूची में शामिल है। यहाँ पर मौजूद उपकरण और यंत्र बेहद पुराने होने के बावजूद भी आधुनिकता (Modernity) का प्रमाण देते हैं। इन बेहद पुराने उपकरणों से समय को मापा जाता है। जंतर मंतर में स्थित यहाँ के उपकरण आपको एक पल के लिए बांध देने की क्षमता रखते हैं और जैसे ही आप इनकी बनावट देखोगे, इनकी खूबियां देखते ही रह जाओगे। यहाँ पर बहुत सारे उपकरण हैं जो आपको अलग-अलग ज्यामितीय आकारों (geometrical shapes) के दिखाई देंगे। यही वो उम्दा उपकरण हैं जो जयपुर के जंतर मंतर को दुनिया के बेहतरीन वेधशालाओं में से एक बनाते

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एशिया की सबसे सस्ती मार्किट दिल्ली का चोर बाजार(Chor Bazar)

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जानिए एशिया की सबसे सस्ती मार्किट(Cheapest Market of Asia) दिल्ली के चोर बाजार की कहानी : जहाँ सुबह चार बजे लोग आने लगते हैं शॉपिंग के लिए चोर बाजार के बारे में सुना तो बचपन से बहुत कुछ था। मगर वहां जाने का मौका अब मिला। चोर बाजार को लेकर ऐसी अफवाहें हैं कि वहां पर चोरी का सामान मिलता है। आप जानते ही हैं भारत में लोग कम दाम की चीजों को ज्यादा महत्व देते हैं। इसके पीछे कारण कोई भी हो चाहे वह चीज चोरी की हो या कैसी भी हो, लोग उसे खरीदना जरूर पसंद करते हैं क्योंकि वह कम दाम की होती है। आपको बता दें इसे एशिया की सबसे सस्ती मार्केट भी कहा जाता है। यहां हर तरह के हजारों आइटम मिलते हैं। यदि आपके पास 1000 रुपए है, तो आप यहां बैग, ईयरफोन, सॉक्स, कॉसमेटिक और कई यूटिलिटी आइटम भी खरीद सकते हैं। खास बात ये कि आउटडेटेड प्रोडक्ट्स को तो यहाँ कई गुना कम कीमत में खरीदा जा सकता है।Chor Bazaar Delhi यहाँ जाने का सही वक्त (Best Time to Visit) चोर बाजार जाने के लिए आपको सूर्य देवता के उदय होने से पहले ही पहुंचना होता है। वहां जाने के लिए सुबह जल्दी उठना पड़ता है। मगर याद रहे कि यह बाजार केवल रविवार के दिन ही लगता है। अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं  तो आप मार्केट में आसानी से पहुंच सकते हैं। अगर आप कहीं बाहर से आ रहे हैं तो आपको करीब 4-5 बजे के आसपास बाजार में पहुंचना होगा। अभी फिलहाल रात ही थी सूर्य देवता ने अभी दर्शन नहीं दिए थे। आप बस से जैसे ही लाल किला स्टॉप पर उतरते हो, उतरते ही सामने ही आपको बड़ी संख्या में लोग देखने को मिलते हैं। एक बारगी ऐसा लगेगा मानो वहां पर किसी तरह का मेला लगा हुआ है। इतनी भीड़ सुबह तड़के आपको आम तौर पर किसी भी मार्किट में दिखाई नहीं देगी । हां, दिन के समय की बात अलग है । मगर एकदम सुबह किसी बाजार में हजारों की संख्या में लोगों का होना आपको भी हैरान कर सकता है। अभी दिन निकलना बाकी था ऐसे समय में जब दिन भी ना निकला हो और लोगों की संख्या हजारों में हो तो इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि इस मार्केट को लेकर लोगों में कितना उत्साह है। बता दें कि लोग इस मार्केट में रात 3 बजे से ही पहुंचने लग जाते हैं। एक वजह ऐसी भी इतनी बड़ी संख्या में लोग सुबह-सुबह वहां पर इसलिए पहुंचते हैं क्योंकि रात के अंधेरे में बहुत-सा कीमती सामान कम रूपयों में मिल जाता है। सड़क के किनारे ही हजारों की संख्या में लोगों का जमावड़ा देखने को मिलता है। पास जाकर देखा तो वहां पर एक बोरी में जूते लेकर लोग बेच रहे होते हैं और ऐसे ही जूते बेचने वालों की संख्या भी कई गुना थी। तड़के सुबह अँधेरा होने के कारण लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर सामान की परख करते हैं और तोलमोल करके सामान को खरीद रहे होते हैं। गारमेंट्स की बात करें तो वहां पर कपड़े भी आपको कम रुपए में मिल जाते हैं। कबूतर मार्केट– Chor Bazaar Delhi इसे कबूतर मार्केट भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर आपको कोयल, बुग्गी, जावा, कबूतर, खरगोश, आदि सस्ते दामों में आसानी से मिल जाएंगे। जैसे ही दिन चढ़ने लगता है, वैसे ही सड़क पर सामान बेचने वालों की संख्या कम होने लग जाएगी। इसके अंदर जो मार्केट लगती है वह पूरे दिन ही लगी रहती है। जिसे संडे मार्केट कहा जाता है। जो सुबह सड़क के किनारे सामान मिलता है वह रात के अंधेरे में भी मिलता है। रात के अंधेरे में मिलने वाले समान को संदिग्ध माना जाता है। यही कारण है इसे चोर बाजार का नाम दिया गया है। जैसा कि आपको पहले भी बताया है कि कपड़ों से लेकर जूते तक, कॉस्मेटिक से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का सारा सामान यहाँ पर उपलब्ध है। खास बात ये कि इस मार्केट में आपको किसी भी सामान का जितना मूल्य बताया जाता है, आपको उसका रेट आधे से कम लगाना होता है यानि कि आपको बार्गेनिंग या तोलमोल करना आना चाहिए। यहाँ शॉपिंग का मन बनाने से पहले अच्छा होगा कि आपके साथ कोई ऐसा व्यक्ति जाए जिसे गैजेट्स और टेक्नोलॉजी की बारीक़ समझ हो। जैसे-जैसे समय बीतता जायेगा, वैसे-वैसे मार्केट में भीड़ भी बढ़ती जाएगी। रविवार को दिन के समय यहाँ आपको अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल जाएगी। दिन के समय अगर आप यहाँ शॉपिंग करने आएं तो इस संडे बाजार के सामने ही प्रसिद्ध लाल क़िला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक भी है जिसे आप मजे से घूम सकते हैं। लैपटॉप लेना खतरे से खाली नहीं (Taking a laptop is not free from danger) लैपटॉप की बात करें तो लैपटॉप यहाँ से लेना किसी खतरे से कम नहीं है। लैपटॉप का मूल्य आपको 6 हजार से 10 हजार तक का बताया जाता है। लोग तोल मोल करके ले जाते हैं। लेकिन हम आपको सलाह देंगे कि यहाँ से लेपटॉप लेना किसी खतरे से खाली नहीं है। हां, अगर कोई इस फील्ड में एक्सपर्ट है तो वह जाँच परख कर लैपटॉप ले सकता है। अन्यथा लैपटॉप लेना किसी खतरे से खाली नहीं है! यहाँ लैपटॉप देखने में तो बहुत अच्छे लगते हैं। ऐसा लगता है मानो कि यह बिल्कुल ही नए हैं। इसकी पैकिंग ही ऐसी होती है कि लैपटॉप यहाँ आने वाले खरीददारों को खूब आकर्षित करता है और लोग इसकी डेकोरेशन और प्रेजेंटेशन को देखकर ही उसे खरीद लेते हैं और बाद में घर जाकर पछताते हैं। आपको यह भी बता दें कि इस मार्किट में आप अपना मोबाइल और पर्स संभाल कर रखें क्योंकि यहाँ पर मोबाइल और पर्स बहुत अधिक चोरी होता है। क्या चोरी का मिलता है सामान ? ऐसा कहा जाता है कि जो लोग रात के अंधेरे में सामान बेचते हैं यह चोरी का सामान होता है। जिस वजह से ब्रांडेड सामान भी आपको आधे से कम रुपए में भी मिल जाता है। लेकिन यहाँ सभी चीजें चोरी की नहीं होती हैं। यह केवल लोगों के मन में धारणा बन

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जानिए बुद्ध की भूमि बोधगया के बारे में…

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अगर भागदौड़ की जिंदगी से कहीं दूर जाना चाहते हैं और खुद को नेचर (Nature) के करीब महसूस करना चाहते हैं तो, आपके लिए बोधगया सबसे बेस्ट ऑप्शन (best option) हो सकता है।जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, बोधगया महात्मा बुद्ध की धरती है। यह शहर बिहार की राजधानी पटना (Patna) से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। खूबसूरत पहाड़ियों और बुद्ध स्मृतियों से जुड़े हुए इस शहर में आकर लाइफ की सारी निगेटिविटी (Negativity) को खत्म किया जा सकता है। बोधगया का इतिहास (History of Bodhgaya) : बोधगया एक प्राचीन शहर है। जहां लगभग 500 साल पहले भगवान बुद्ध को फल्गु नदी के तट पर, बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। कहते हैं भगवान बुद्ध को वैशाख महीने में पूर्णिमा के दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। जिसके बाद से वह बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए और यहां बौद्ध भिक्षुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। वैशाख की पूर्णिमा जिस दिन भगवान महावीर को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, उस दिन को बौद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाने लगा। माना जाता है कि, बोधगया के महाबोधि मंदिर में स्थित बुद्ध की प्रतिमा उसी अवस्था में है, जिस अवस्था में महावीर बुद्ध ने तपस्या की थी। 13वीं शताब्दी तक यह शहर पूरी दुनिया भर में काफी प्रसिद्ध था। बोधगया में घूमने की जगह : 1. महाबोधि मंदिर (Mahabodhi temple):बोधगया आने वाले लोगों के लिए महाबोधि मंदिर एक खास आकर्षण (Attraction) का केंद्र होता है। दुनिया भर से भगवान बुद्ध के भक्त यहां इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर को महाबोधि वृक्ष के चारों ओर बनाया गया है। इस मंदिर को सम्राट अशोक ने बनवाया था।इस मंदिर के बीच स्थित महाबोधि वृक्ष और उसके नीचे मौजूद भगवान बुद्ध की मूर्ति लोगों के बीच काफी पॉपुलर (popular) है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्यालय में भी इस मूर्ति के प्रतिरूप को स्थापित किया गया है। 2. थाई मठ (Thai Monastery):इस शहर में कई सारे प्रसिद्ध बौद्ध मठ भी हैं। इन्हीं प्रसिद्ध मठों में से एक है थाई मठ। इस मठ के निर्माण में सोने से बनी टाइलों (Golden Tiles) का इस्तेमाल किया गया है। इसके दीवारों और छतों में की गई नक्काशी भारतीय संस्कृति का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां का शांत माहौल और स्वच्छ वातावरण इतना सुकून देने वाला है कि आपको यहीं का होकर रह जाने का मन करेगा। 3. भगवान बुद्ध की प्रतिमा (Statue of Buddha) :इस शहर में भगवान बुद्ध की एक 80 फीट ऊंची प्रतिमा भी है। इस प्रतिमा को भगवान बुद्ध के प्रसिद्ध स्मारकों में से एक माना जाता है। इस मूर्ति को देश के सबसे ऊंची बुद्ध की मूर्तियों में से एक माना जाता है। इसका का उद्घाटन (Inaugration) दलाई लामा द्वारा 1989 में किया गया था। इसे बलुआ पत्थर के ब्लॉक (Block of sand stone) और लाल ग्रेनाइट (Red granite) से बनाया गया है। इस मूर्ति की लोकप्रियता (Popularity) का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पर्यटक (Tourist) विशेषकर इस मूर्ति को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। 4. जापानी मंदिर (Japanese temple) :प्राकृतिक खूबसूरती (Natural beauty) से भरा हुआ यह शहर वास्तु कला में भी धनी है। इस शहर में एक जापानी मंदिर है, जिसमें जापानी आर्किटेक्चर (Architecture) देखने को मिलता है। इस मंदिर के दीवारों पर महात्मा बुद्ध के उपदेशों की नक्काशी की गई है। इस मंदिर का निर्माण 1972 में किया गया था। यह मंदिर मुख्य शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 4. आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम (Archaeological Museum):इस शहर में आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम भी है। यहाँ बौद्ध और हिंदू धर्म तरह-तरह की मूर्तियां और कलाकृतियां मौजूद हैं। साथ ही साथ यहां खुदाई में मिले हुए अन्य वस्तुओं को भी रखा गया है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। 5. पितृपक्ष मेला (Pitrupaksha Mela):गया का हिंदू धर्म में भी विशेष महत्व रहा है। क्योंकि हिंदू धर्म में इसे मोक्ष भूमि के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि, पितृपक्ष के समय यहां आकर पिंडदान करने से पूर्वजों के आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर साल भाद्रपद के पूर्णिमा से अश्विन के कृष्ण पक्ष तक यहां पितृपक्ष का मेला लगता है। गया जाने के लिए सबसे सही समय (Best time to visit Gaya) : वैसे तो गया में साल भर सैलानियों (Visitors) की भीड़ लगी रहती है। लेकिन अगर आप मौसम का लुफ्त उठाते हुए और बिना किसी परेशानी के गया घूमना चाहते हैं तो, फरवरी से अप्रैल और सितंबर से नवंबर तक के समय में यहां घूमने जा सकते हैं। सितंबर से नवंबर के बीच यहां पितृपक्ष का मेला लगता है। इस समय लोग यहां जाकर अपने पूर्वजों के मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान करते हैं। कैसे पहुँचें? (How to reach): बोधगया हवाई, रेल और सड़क तीनों ही मार्गो से जुड़ा हुआ है। बोधगया जाने के लिए सबसे आसान रास्ता हवाई मार्ग है। गया जिला का एयरपोर्ट बिहार का इंटरनेशनल एयरपोर्ट(International Airport) है, जो भारत के अन्य शहरों से भी अच्छी तरह से जुड़ा (Well connected) हुआ है। बोध गया आने का दूसरा सबसे सरल मार्ग रेल मार्ग है। बोधगया से 13 किलोमीटर दूर स्थित गया जंक्शन (Junction) भी भारत के अलग-अलग शहरों से जुड़ा हुआ है। गया आने के लिए आप पटना जंक्शन तक की ट्रेन भी ले सकते हैं। पटना गया की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है। जिससे रोड रेल दोनों ही रास्तों से आसानी से तय किया जा सकता है।

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Amritsar- आस्था और सुकून का शहर

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मुझे जब भी अपने व्यस्त शेड्यूल में या रोज़मर्रा की ज़िंदगी में थोड़े सुकून के पल चाहिए होते हैं तब अनायास ही यात्रा का ख्याल आता है। जब कभी ऐसा लगता है कि इस तनावपूर्ण और भागदौड़ भरी ज़िंदगी से थोड़ी निजात चाहिए तब मेरे पास अंतिम विकल्प यात्रा का ही बचता है। इस बार कार्यक्रम बना अमृतसर का। वो भी प्रसिद्ध त्यौहार बैसाखी के अगले दिन। स्टेशन से उतरते ही फ्री बस बैसाखी के त्यौहार की शुरुआत भारत के पंजाब राज्य से ही हुई है और इसे रबी की फसल की कटाई शुरू होने की ख़ुशी के रूप में मनाया जाता है। बैसाखी के दिन गोल्डन टेम्पल को जगमगाती लाइटों से सजाया जाता है। देश भर से सिख श्रद्धालु इस दिन अमृतसर पहुँचते हैं। बैसाखी से अगले दिन जाने का फायदा ये हुआ कि भीड़ इतनी नहीं थी। वैसे अमृतसर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च ही रहता है। हम हिसार से अमृतसर ट्रैन से पहुंचे। स्टेशन से उतरते ही बाहर फ्री बस सेवा का भी इंतेज़ाम रहता है जो ‘सतनाम वाहेगुरु’ के जयकारें लगाते हुए सीधे गोल्डन टेम्पल ले जाती है। गुरूद्वारे पहुँचते-पहुँचते रात के 11 बज चुके थे। हमनें अंदर परिसर में ही स्थित गंगा निवास में वातानुकूलित रूम बुक करवाया था। भले ही अप्रैल के महीने में ठीक-ठाक गर्मी होती है पर अंदर परिसर में ठंडक थी। थोड़ा आराम करने के बाद जैसे ही हमनें हरमंदिर साहिब में कदम रखा एक हमें अलग ही वातावरण की अनुभूति हुई। और लगा जैसे यहाँ आना पूरी तरह सार्थक हो गया। मेन हाल में दर्शन के लिए लम्बी-लम्बी लाइनें लगी हुयी थी। सुबह तड़के पालकी के दर्शन किये। दर्शन के लिए भले ही भीड़ कितनी ही क्यों न हो पर थकान जरा-सी भी नहीं होती, बस यही खासियत है यहाँ की। परमात्मा एक है और वो सब जगह मौज़ूद है।एक औंकार, सतनाम करता पुरख निरभउ निरवैर…… गोल्डन टेम्पल में दिन रात शब्द कीर्तन और गुरुबाणी चलती रहती है जो दुनिया की भाग दौड़ से थके हारे मन को रूहानी सुकून देती है। अद्भुत और अलौकिक गुरुद्वारा स्वर्ण मंदिर में प्रवेश के लिए चार द्वार है जो इस बात के प्रतीक हैं की यहाँ के दरवाज़े हर धर्म के लोगो के लिए खुले हैं। रात में जगमगाती रौशनी में संगमरमर और सोने के आवरण से बना यह गुरुद्वारा अद्भुत और अलौकिक लगता है। दुनिया की सबसे बड़ी रसोई अंदर परिसर में ही दुनिया की सबसे बड़ी रसोई में से एक गुरु के लंगर में रोज़ाना हज़ारों लोग प्रशाद रूप में भोजन ग्रहण करते है। इतनी बेहतरीन व्यवस्था, इतना स्वाद और इतना अपनापन। सच में अद्भुत। इसी कारण कहते हैं अमृतसर में कोई भूखा नहीं सोता। पवित्र जल के तालाब के बीचों-बीच गुरुद्वारा साहिब है व चारों तरफ बड़ा-सा प्रांगण है। जहाँ आपको सैंकड़ों श्रद्धालु सिमरन करते मिल जायेंगे। गुरूद्वारे में एक भव्य म्यूजियम भी है जहां सिख धर्म से जुडी ऐतिहासिक चीज़ें रखी गयी है। गुरुओं की देन- अमृतसर शहर वैसे तो अमृतसर को देश विदेश में सब जानते हैं लेकिन दरबार साहिब (गोल्डन टेम्पल ) इस शहर की लाइफ लाइन है। पूरा अमृतसर शहर गोल्डन टेम्पल के इर्द गिर्द ही बसा हुआ है। अमृतसर शहर गुरुओं की देन माना जाता है। चौथे गुरु रामदास जी ने पांच सौ बीघा जमीन लेकर यह शहर बसाया था। तभी इसका नाम पड़ा रामदासपुर। महाराज रंजीत सिंह ने हरमिंदर साहिब पर उन्नीसवीं शताब्दी में सोने का आवरण चढ़वाया था और तब से अमृतसर को स्वर्ण नगरी भी कहा जाने लगा। एक शहर के तौर पर देखें तो यह सिर्फ अपने गुरुद्वारों के लिए प्रसिद्ध नहीं है बल्कि कौमी एकता का एक बेहतरीन उदाहरण भी है – यहाँ जहां एक तरफ बेहद खूबसूरत दुर्गियाना मंदिर है वहीँ आज़ादी की लड़ाई की गवाह दिल्ली की जामा मस्जिद जैसी दिखती खैरउद्दीन मस्जिद भी है। जहाँ हज़ारों लोग इबादत के लिए आते हैं।(Golden Temple, Amritsar) वाघा बॉर्डर अमृतसर शहर से 30-32 किलोमीटर एकऔर डेस्टिनेशन है वाघा बॉर्डर। यहाँ पर रोज़ शाम को दोनों देशों के सिपाहियों द्वारा बहुत ही जोशीले ढंग से अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज को वापिस उतरा जाता है। इस दौरान देशभक्ति का ऐसा रंग चढ़ जाता है जिसकी कल्पना करना भी सम्भव नहीं। यहाँ की ये जोशीली परेड देखने के लिए आपको समय से पहले ही जाना पड़ता है वरना भीड़ इतनी हो जाती है कि वहां पर खड़े होने की भी जगह नसीब नहीं होती। जलियावालां बाग अमृतसर में ही भारत की आज़ादी के इतिहास का साक्षी प्रसिद्ध जलियावालां बाग भी है। आज जलियावालां बाग एक पर्यटक स्थल बन गया है और रोजाना हजारों सैलानी इसे देखने आते हैं। यहाँ की दीवार पर आज भी उन गोलियों के निशान मौज़ूद हैं जो जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर चलवाई थी जिसमे हज़ारों लोग मारे गए थे। अमृतसर शहर के पुराने बाजार आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं जैसे किसी ज़माने में हुआ करते थे। आप शाम के समय पैदल ही बाजार की सैर पर निकल सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले ये बाजार एक बार तो आपको चांदनी चौक की याद दिला देंगे। अगर आप खाने के शौकीन हैं तो अमृतसर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं होगा। अमृतसर लस्सी, छोले भटूरे, राजमा चावल और पिन्नी का स्वाद पूरी दुनिया में मशहूर है। बात चाहे धार्मिक आस्था की हो, इतिहास की हो, संस्कृति की या फिर खानपान की, अमृतसर का कोई सानी नहीं। by Pardeep Kumar

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Best places to visit in Chandigarh –

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पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ एक बहुत खूबसूरत शहर है। ये भारत के केंद्र शासित प्रदेशों में से भी एक है। चंडीगढ़ सिटी को बेहद खूबसूरती के साथ बसाया गया है जो अपनी कला और संस्कृति (art and culture) के लिए जाना जाता है। दोस्तों हम लोगों में अक्सर ये इच्छा रहती है कि सभी जगह के कल्चर को अच्छे से जाने, इसलिए अगर आप भी छुट्टियों के लिए हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले हैं तो आप पंजाब और हरियाणा के कल्चर को ठीक से समझने के लिए चंडीगढ़ भी जरूर आए। हेरिटेज (Heritage) को अच्छे से समझने वालो के लिए और बाकी सबके लिए भी चंडीगढ़ एक बेस्ट डेस्टिनेशन (Best Destination) है क्योंकि यहां आपको हर दूसरे कदम पर कलाओं का भंडार (art store) मिलेगा। चंडीगढ़ अपने कई खूबसूरत पार्कों और बगीचों की वजह से ‘गार्डन सिटी’ (Garden City) के नाम से फेमस है। ये पार्क और बगीचे भी चंडीगढ़ में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक हैं। चंडीगढ़ में ऐसे कई टूरिस्ट प्लेस हैं जहां आप न जाकर बड़ी गलती कर सकते हैं। 1. जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन (Zakir Hussain Rose Garden)- गुलाबों से भरा यह खूबसूरत और खुशबूदार गार्डन (Nice and Smelling garden) काफी बड़ा है जो की भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज़ाकिर हुसैन को डेडिकेटिड (Dedicated) है। ज़ाकिर हुसैन गार्डन में अमेजिंग आर्किटेक्चर (Amazing Architecture) है जो फूलों की खूबसूरती को और भी ज्यादा बढ़ाती है। इस गार्डन सबसे की स्पेशल बात ये है कि यहां 1500 से भी ज्यादा वैरायटी (Variety) के गुलाब लगाए गए हैं । पूरे इंडिया से गुलाब कलेक्ट (Collect) करके यहां लगाए गए हैं। अगर आप अपने हनीमून (Honeymoon) पर हैं और अपने हिमाचल हनीमून पैकेज (Himachal honeymoon package) पर चंडीगढ़ में रुक रहे हैं, तो इस गार्डन का विजिट (Visit) करना एक बढ़िया ऑप्शन (Option) है।कपल्स (Couples) अक्सर ऐसी जगह की तलाश में रहते हैं जहां वो एक दूसरे के साथ कुछ क्वालिटी टाइम स्पेंड (Qualitiy time spend) कर पाएं तो जाकिर हुसैन गार्डन आपकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए एक दम सही जगह है। जहां आप फूलों के बीच एक दूसरे से तसल्ली से समय बिता पायेंगे। यहां आने का सबसे अच्छा समय फरवरी और मार्च रहेगा। तो आप भी इस जगह को अपनी डेस्टिनेशन लिस्ट (Destination list) में शामिल कर लें। 2. इस्कॉन मंदिर (Iskcon temple)- पूरे भारत में कृष्ण भगवान की पूजा करने वाले लोगो की संख्या हमारे इमेजिनेशन (Imazination) से भी कई ज्यादा है। और आजकल हम सब ने रील्स (Reels), पोस्ट (Post) और न्यूज (News) में भी इस्कॉन मंदिर का नाम तो सुना ही होगा जो कि काफी कम समय में काफी ज्यादा पॉपुलर (Popular) हो चुका है। इस्कॉन मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित एक बहुत लोकप्रिय मंदिर है। भारत भर में कई इस्कॉन मंदिर फैले हुए हैं और ये सभी मंदिर कृष्ण मंदिर हैं। हिंदू कैलेंडर (Hindu calender) में कुछ त्यौहार (Festivals) के दिनों में, इस्कॉन मंदिर में काफी ग्रैंड इवेंट्स (Grand events) होते हैं और कृष्ण भजन से पूरा माहौल भक्ति भरा होता है। इस्कॉन मंदिर भारत आने वाले इंटरनेशनल ट्रैवलर्स (International travelers) के बीच एक बहुत फेमस डेस्टिनेशन (Famous destination) है। ये मंदिर चंडीगढ़ के फेमस प्लेसिस (Famous Places) में से एक माना जाता है। किसी भी दिन, आप इस मंदिर में भक्तों की भीड़ को देख सकते हैं । परिवारों को मंदिर घुमाने और पिकनिक (Picnic) मनाने के लिए लोग अक्सर यहां समय निकालकर आते है। अक्टूबर से अप्रैल का मंथ (Month) इस जगह को विजिट करने के लिए एक दम परफेक्ट रहेगा। 3. सेक्टर 17 मार्केट (Sector 17 Market)- चंडीगढ़ का 17 सेक्टर चंडीगढ़ शहर का सबसे ज्यादा बिजी एरिया (Busy area) माना जाता है। शॉपिंग और खाने पीने के लिए ये जगह सबसे बढ़िया है। इस जगह पर टीनएजर्स (teenagers) काफी ज्यादा आते है खासकर वो लोग, जो कपल्स है। ये जगह दिल्ली के चांदनी चौक से कम बिल्कुल नही है। यहां भी आप हैंड क्राफ्ट (Hand craft), और कई ऐसे मीमेंटो (Memento) मिल जाएंगे जिसे देख कर आपके गेस्ट (Guest) आपसे जरूर पूछ बैठेंगे की कहाँ से लिया ये आपने? अगर आप अपनी बीवी बच्चो के साथ घूमने निकले है तो इस जगह पर जरूर आए, आफ्टरऑल वूमेन लव्स शॉपिंग (after all women’s love shopping)। 4. सुखना लेक (Sukhna lake)- चंडीगढ़ का ये फेमस लेक काफी बड़े एरिया (Big area) में है और यह एक ऐसी जगह है जहाँ कई माइग्रेटरी बर्ड्स आते हैं। कुछ फेमस बर्ड्स (Famous Birds) जो यहां देखे जा सकते हैं वो हैं क्रेन (Crane) और साइबेरियन बत्तख (Siberian Duck)। अगर आप बर्ड्स (birds) के शौकीन हैं या फोटोग्राफर (Photographer) हैं तो ये जगह घूमने के लिए काफी शानदार है। सुखना लेक उन रोमांटिक जोड़ों (Romantic couples) के लिए एक दम सही है जो यहां पीस (peace) के लिए आते हैं। अगर आप हिमाचल जाने के लिए चंडीगढ़ से गुजर रहे हैं तो आप अपने ट्रेवलिंग प्रोग्राम (Traveling program) में सुखना लेक को ऐड (Add) करने के लिए अपने किसी भी हिमाचल हनीमून पैकेज को आसानी से बुक कर सकते हैं। वैसे तो ये जगह कपल्स के लिए है लेकिन आप यहां अपने फ्रेंड्स ग्रुप (Friends Group) या अपने फैमिली (Family) के साथ या फिर अकेले भी आ सकते हैं। यहां आप कई सारी फन एक्टिविटीज (Fun Activities) को एंजॉय (Enjoy) कर सकते है जैसे कि, वाटर स्कीइंग (Water Skiing), फिशिंग (Fishing) और बोटिंग (Boating) हैं। ये चंडीगढ़ के मोस्ट फेमस प्लेस (Most famous place) में से एक है। 5. हॉप्स एन ग्रेन्स (Hops n Grains)- जो चीज़ चंडीगढ़ को एक ग्रेट सिटी (Great city) बनाती है वो है इसकी नाइटलाइफ़ (Nightlife)। फ्रेंड सर्कल या पार्टनर (Friend circle or partner) के साथ ट्रैवल (Travel) कर रहे एक एडल्ट (Adult) होने के नाते, आप हॉप एन ग्रेन्स को शाम या देर रात बिताने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक पाएंगे। यह सिटी का बेस्ट रेस्टोरेंट है जहाँ आपको डिलीशियस फूड (Delicious Food) और अमेजिंग ड्रिंक्स एंजॉय (Enjoy amazing drinks) करने को मिलेंगी।चिंता मत कीजिए यह फैमिली के लिए स्पेशल प्लेस है जहां गुड अमाउंट (Good amount) पर टेस्टी फूड (Taty food) का टेस्ट (Taste) ले

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बेहतरीन ऐतिहासिक धरोहरों को अपने में समेटे हुए है ओडिशा का जाजपुर

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क्या आप जानते है जाजपुर शहर के बारे में ये बातें? वैसे ओडिशा के इस जाजपुर शहर के बारे में काफी कम लोग ही जानते हैं, लेकिन पर्यटन का ये क्षेत्र काफी दिलचस्प है। जिसे आपको बिलकुल भी विजिट करने से चूकना नहीं चाहिए। भारत के ओडिशा का जोजपूर का एक एमजिंग ऑफबीट डेस्टिनेशन (Amazing Offbeat Destination) है। जो की आपके वेकेशन (Vacation) की खुशियों में जान डाल देगा। ओडिशा के बारे में बात करें, तो सबसे पहले दिमाग में भुवनेश्वर (Bhubaneswar), पुरी (Puri), यूनेस्को साइट (UNESCO Site) या फिर सूर्य मंदिर कोणार्क (Sun Temple Konark) का नाम आता है। खैर, ये जल्द ही एक टूरिस्ट प्लेस (Tourist place) बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जाजपुर का नाम कैसे पड़ा? (How did Jajpur get its name?) – “जाजपुर पहले यज्ञपुरा के नाम से जाना जाता था”इसके अलावा इसे विराजा (Viraja), बैतरिणी तीर्थ (Baitarani Tirtha), जाजापुर (Rajapur) और पार्वती (Parvati) के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि राजा जजाती ने जजातिपुर को अपनी राजधानी बनाया और शहर का नाम बदलकर जाजापुरा रखा। इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थों में से एक माना जाता है। जाजपुर में ऐसे कई मंदिर हैं जिन्हें आप विजिट (Visit) कर सकते हैं यहां आपको काफी पॉजिटिव एनर्जी (Positive Energy) मिलेगी। आप जा सकते हैं – बिराजा मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, बारहनाथ मंदिर, सूर्य देव मंदिर और सप्त मातृका मंदिर। ये सभी एक दूसरे के काफी नजदीक है। जिसकी दूरी कुछ ही घंटों में तय की जा सकती है। बिराजा मंदिर शक्ति पीठ (Barahnath Temple) – जाजपुरा के सभी मंदिरों में बिराजा मंदिर सबसे फैमस है। यह भारत के 18 प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। वैतरिणी नदी के तट पर स्थित इस मंदिर तक सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। विशाल मंदिर परिसर कई मंदिरों, एक विशाल बकुल वृक्ष (स्पेनिश चेरी) और कुछ नए निर्माणों से युक्त है। बराहनाथ मंदिर (Barahnath Temple) – यह मंदिर बराह ( वराह, भगवान विष्णु के सूअर अवतार) को समर्पित है। इसके छत पे की गई कारीगरी काफी एम्जिंग और यूनिक है, यही एक वजह है कि इस मंदिर को एक बार जरूर देखना चाहिए। सूर्य देव मंदिर (Surya Dev Temple) – सूर्य भगवान को समर्पित एक छोटा लेकिन खूबसूरती से बनया गया ये मंदिर काफी शानदार है। यह मूर्ति काफी सरप्राइजिंग है, जिसे 7 सफेद घोड़ों पर टिक एक रथ पर बैठे हुए दिखाया गया है। ब्रह्नानाथ मंदिर और सूर्य देव मंदिर दोनों की यात्रा एक घंटे में की जा सकती है। क्यूंकि दोनो एक ही स्थान पर हैं। आप आसपास के छोटे मंदिरों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं । पास में भगवान शिव की एक बड़ी मूर्ति बनाई गई है और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। जो की आगे चलकर जाजपुर के लिए अट्रैक्शन का में रीजन होगा। जजापुरा का जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple of Jajpur) – ये मंदिर पुरी मंदिर के बाद भगवान जगन्नाथ के दूसरे निवास स्थान के रूप में बनाया गया है। यहां आप उस मंच पर मूल मंदिर के अवशेष देख सकते हैं जिस पर आज मंदिर खड़ा है, जो इस बात का सिगनीफाई करता है कि एक्चुअल मंदिर उस समय कितनी डिफिकल्ट नक्काशी वाला रहा होगा। सप्त मातृका मंदिर (Sapta Matrika Temple) – जिसका मतलब है सात माताओं (देवियों) का मंदिर। जिनमें ब्राह्मणी, वैष्णवी, नरसिम्ही, चामुंडा, इंद्राणी और वाराही की मूर्तियां शामिल हैं। उदयगिरि बौद्ध मठ (Udayagiri Buddhist Monastery) – तीनों में से, उदयगिरि त्रिकोण में सबसे बड़ा और सबसे कम उत्खनन वाला स्थल है। एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए, आप दो मठों के खंडहर, आश्चर्यजनक मूर्तियां और महास्तूपों के अवशेष, प्रार्थना कक्ष, पहाड़ी की चोटी से मंत्रमुग्ध कर देने वाले मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में बहुत सारे कैफे, सौर ऊर्जा संचालित वाहनों के साथ विकसित होने जा रहा है जो दूर-दराज के स्थलों तक पहुंच को आसान बना देगा। पक्षी प्रेमी विभिन्न प्रकार की देशी पक्षी प्रजातियाँ पा सकते हैं। रत्नागिरी – यह स्थल उदयगिरि की तुलना में छोटा है और इसे एक घंटे में कवर किया जा सकता है। इस स्थल ने महाविहार को बर्बाद कर दिया है। इतिहासकारों ने निष्कर्ष निकाला है कि रत्नागिरी मठ एक समय भारत का प्रमुख बौद्ध मठ था। यह उदयगिरि बौद्ध मठ से 13.5 किमी पूर्व में जाजपुर जिले में ब्राह्मणी और बिरुपा नदियों के बीच एक पहाड़ी पर स्थित है। अभी और भी बहुत कुछ खोदा जाना बाकी है। हमने बुद्ध के बालों के घुंघराले बाल देखे, मुझे यकीन है कि यह बुद्ध के सिर का सिर्फ एक हिस्सा था। यदि टीले की खुदाई की जाए तो और भी कई खंडहर मिल सकते हैं। ध्यान देने योग्य एक और दिलचस्प संरचना नीले-हरे क्लोराइट मजबूत दरवाजे का फ्रेम है। उदयगिरि और रत्नागिरि मठ जाजपुर ओडिशा। उपरोक्त दोनों मठों के लिए टिकट आवश्यक हैं। गोपालपुर गोपालपुर जाजपुर ओडिशा में बुनकरों के गांव का दौरागोपालपुर टसर विशेष है और अपनी बुनाई के लिए विशिष्ट है। बुनाई की तकनीक को सात पीढ़ियों से आगे बढ़ाया जा रहा है। हथकरघा के लिए रेशम के धागे चौड़े पंखों वाले पीले-भूरे रंग के कीट (वैज्ञानिक नाम: एंथेरिया पफिया) (Scientific name: Antheria paphia) के रेशम कोकून से प्राप्त किए जाते हैं। गोपालपुर की महिलाएं (पुरुष भी) सुंदर टसर रेशम कपड़ा बनाने में अत्यधिक कुशल हैं। 10 मीटर टसर रेशम का कपड़ा तैयार करने में उन्हें तीन दिन लगते हैं। गोपालपुर गांव में एक हेरिटेज वॉक (Heritage walk) करें और देखें कि रेशम के कीड़ों को पालने से लेकर, कोकून से धागे निकालने, धागों को रंगने और अंत में कपड़े बुनने तक प्रत्येक घर एक या दूसरे तरीके से बुनाई उद्योग में कैसे योगदान देता है। गोपालपुर टसर सिल्क को जीआई टैग मिला हुआ है जाजपुर में क्या खाएं? (What to eat in Jajpur?) –जाजपुर के विभिन्न रेस्तरां में स्वादिष्ट उड़िया व्यंजनों का स्वाद चखें। ओडियानी रेस्तरां में हमारे पास एक उड़िया थाली थी जिसमें अधिक नहीं तो कम से कम 24 आइटम थे। वे व्यंजन जो आपको अवश्य आज़माने चाहिए: 1. दालमा (Dalma) – अलग ढंग से बनाई गई पौष्टिक दाल। यह व्यंजन विभिन्न प्रकार की दालों और सब्जियों के साथ बनाया जाता है

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दिल्ली में कपल्स के लिए ये जगह हैं बिल्कुल परफेक्ट

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दोस्तों क्या आप भी अपने रोज के टाइम टेबल की वजह से अपने स्पेशल वन को टाइम नही दे पा रहे तो अब आप बिल्कुल भी फिक्र मत कीजिए । क्यूंकि हम आपको बताएंगे इस आर्टिकल में आपको कई अमेजिंग एंड रोमांटिक प्लेसिस के बारे में जो आपके क्वालिटी टाइम के लिए है एक दम परफेक्ट। 1. फाइव सेंसेज गार्डन (The Garden of Five Senses)-वैसे तो जहां कपल्स बैठ जाए वो जगह ही रोमांटिक हो जाती है, लेकिन ये जगह दिल्ली की सबसे रोमांटिक जगहों में से एक है। ये गार्डन बहुत वाइड एरिया (Wide area) में है और यहां के पूल, फव्वारे और बम्बू कोर्ट (Bamboo court), स्पेशल गार्डन और यहां तक कि कुछ रेस्तरां जैसे कई थीम भी है। एक रोमांटिक वॉकिंग ट्रेल (Romantic walking trail) के अलावा, इस जगह का माहौल ही इसे यूथ कपल्स (Youth couple) के बीच एक बड़ी हिट (hit) बनाता है जो की बाहर के शोर शराबे से बिल्कुल दूर है, तो अगर आप भी एक साथ कुछ समय बिताने की चाहत रखते हैं तो यहां जरूर आइए। 2. मिलेनियम इंद्रप्रस्थ पार्क (Milanium inderprasth park)-दिल्ली शहर का ये पार्क काफी रोमांटिक है और काफी डिमांड में भी है। अपने स्पेशल वन के साथ कुछ अंतरंग पल बिताने के लिए ये प्लेस एक दम परफेक्ट है। लेकिन कोशिश करे की आप अपने वर्किंग डेज में से कुछ समय निकालकर यहां आए क्यूंकि हॉलीडेज (Holidays) में इस जगह पर कई लोग फैमिली टाइम भी स्पेंड (spend) करते हैं जो आपके लिए सही नही है। 3. कुतुब मीनार मेमेंटो (Qutub Minar Memento)-दिल्ली में जोड़ों के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक, कुतुब मीनार को रोमांटिक बॉलीवुड स्टोरीज (Romantic Bollywood Stories) में कई बार दिखाया गया है। यहां आपको अपने लव्ड वन के साथ बात करने के लिए सही स्पेस और टाइम मिल जाएगा। 4. हुमायूं का टॉम्ब (Humayo tomb)-क्यूंकि जगह खुद भी एक लव सिंबल है। यह टॉम्ब सम्राट की पहली पत्नी द्वारा उनके प्यार की निशानी के तौर पर बनवाया गया था और इसलिए इस जगह की हवा में भी प्यार बहता है। इसका अट्रेक्टिंग आर्किटेक्ट (Attracting Architect) आगे चलकर ताज महल के निर्माण के लिए इंस्पिरेशन (Inspiration) बना। 5. वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to wander park)-नई दिल्ली के अट्रैक्शन लिस्ट में सबसे नया नाम वेस्ट टू वंडर पार्क का है। ये प्लेस उन कपल्स के लिए एक खूबसूरत जगह है जो एक साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते हैं। पार्क में दुनिया के सात अजूबों के स्टेच्यू बनाए गए हैं। इस जगह की खास बात ये है की इस पार्क को बनाने के लिए 150 टन इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल वेस्ट का यूज करके बनाया गया है। शाम के समय पार्क सुंदर दिखता है जब पूरी जगह रोशनी से जगमगा उठती है, जिससे कपल्स के लिए काफी रोमांटिक एनवायरनमेंट क्रिएट होता है और यहां आपके लिए कई सेल्फी पॉइंट्स भी बनाए गए हैं जो आपकी डेट को मेमोरेबल बना देगा। 6. रोज़ कैफ़े (Rose cafe)-ये जगह अपनी ओल्ड डेकोरेशन स्टाइल (Old decoration style) और स्पेशल फूड के लिए जाना जाता है और यूथ के बीच एक नई पसंद बन गया है। ये पीसफुल जगह जरूर आपके डेट के साथ रोमांटिक मीट (Romantic Meet) या सर्पराइज (Surprize) के लिए परफेक्ट है। 7. दिल्ली हाट (Delhi haat)-दिल्ली हाट सच में दिल्ली के दिलवालों के घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। ये प्लेस शॉपिंग के लिए काफी अच्छा है जो की लड़कियों को काफी पसंद भी होता है। आप कपड़े (Cloths), पेंटिंग (Painting), हैंड क्राफ्ट (Hand craft), मिट्टी के बर्तन और यहां तक कि ज्वैलरी जैसी बहुत सारी चीजें खरीद सकते हैं और अपने प्यार को गिफ्ट में दे सकते हैं। एक बार जब आप खरीदारी का काम पूरा कर लें, तो आप दोनों वहां स्टालों पर डिलीशियस डिशिश (Delicious dishes) टेस्ट कर सकते हैं। इस जगह की सबसे अच्छी बात ये है कि आप बजटेड शॉपिंग (Budgeted shopping) कर सकते हैं । जिससे आपके पैसे भी ज्यादा खर्च नही होंगे और आपका लव्ड वन इंप्रेस (Impress) भी हो जाएगा। 8. अटलांटिक वाटर वर्ल्ड (Atlantic Water World)-मौज-मस्ती के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी जगहों में से एक, अटलांटिक वॉटर वर्ल्ड आप दोनों को कई घंटों तक खुशी से जोड़े रख सकता है। वेव अटैक (Wave Attack), यिप्पी लैंड (Yippee Land), लूपी (Loopy), रेसर (Loopy, Racer), ग्रेविटी (Gravity), स्टॉर्म आई (Storm Eye), टॉरनेडो (Tornado) और भी कई वाटर राइड्स हैं। पार्क में रेन डांस सेक्शन आपके एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है, जहां आप दोनों डांस कर सकते हैं। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप किसी बॉलीवुड गाने में देखते हैं। आपके रोमांटिक पलों का बैकग्राउंड स्कोर बजाने के लिए इस जगह पर लाइव डीजे भी है। पार्क में सेल्फी प्वाइंट (Selfie point) आपकी यादों की अलमारी को भरने का काम करेगा। 9.एडवेंचर आईसलैंड (Adventure Island)-अपने पार्टनर को सचमुच इस एडवेंचर पार्क में एक रोमांचक ट्रिप पर ले जाएं, जो आपको कई घंटों तक बिना रुके मौज-मस्ती का वादा करता है। जेड-फोर्स (Z-Force), स्काई राइडर (Sky Rider), साइड विंडर (Side Winder), ट्विस्टर (Twister), स्प्लैश डाउन (Splash Down), फ्लिप आउट (Flip Out), स्पेस जंप (Space Jump) और कई भी बहुत से अट्रैक्शनस (Attraction) हैं ।आप बोट राइड एंजॉय कर सकते हैं और पार्क के स्प्लैश पूल में समय बिता सकते हैं। पार्क के फ़ूड कोर्ट में डिलीशियस फूड (Delicious food) भी आपका इंतजार करेगा।

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Famous Picnic spots in Delhi where you can enjoy in best way

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“इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में जब भी वीकेंड ब्रेक आता है बीबी-बच्चों की घूमने-फिरने की जिद्द शुरू हो जाती है। लेकिन इस ज़िद्द से निजात का एक रामबाण तरीका है पिकनिक। तो आज हम दिल्ली के ऐसे डेस्टिनेशंस के बारे में बताएंगे जहां आप अपने बच्चो के साथ मेमोरेबल पिकनिक मना सकतें हैं।” 1.लोधी गार्डन – (Lodhi garden) :दिल्ली के लोधी गार्डन के बारे में तो आप ने सुना ही होगा। ये एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस (Beautiful Tourist Place) होने के साथ-साथ फेमस पिकनिक स्पॉट भी है। अगर आप अपनी, फैमली (Family), फ्रेंड्स (Friend) के साथ वीकेंड (Weekend) में घूमने के लिए किसी अच्छी और सस्ती जगह की तलाश कर रहे हैं, तो ये जगह एकदम परफेक्ट है। लोधी गार्डन के शांत और खूबसूरत माहौल में पिकनिक मनाने का अलग ही मजा है। दिल्ली में फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यहां काफी फोटोग्राफी (Photography) के अच्छे ऑप्शन्स (Options) हैं। 2.डियर पार्क – (Deer park) :दिल्ली के हौज खास विलेज (Hauz Khas Village) का डियर पार्क भी बेहद बड़ा और खूबसूरत है, बच्चों या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए। इस पार्क को चार विंग्स में बांटा गया है, जिसमें रोज गार्डन (Rose Garden), ओल्ड मॉन्यूमेंट (Old Monument) और हौज खास मार्केट (Hauz Khas Market), डियर पार्क (Deer Park) और फाउंटेन एंड डिस्ट्रिक्ट पार्क (Fountain and District Park) का नाम शामिल है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है डियर पार्क में आपको हिरणों का झुंड देखने को मिल जाएगा। जिसे आपके बच्चे काफी एंजॉय करने वाले हैं 3.गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज – (Garden of five senses) :दिल्ली का सईद-उल-अजायब में गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज भी दिल्ली में घूमने-फिरने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। खासकर उनके लिए जो दिल्ली की भीड़-भाड़़ से दूर किसी शांत जगह जाकर क्वॉलिटी टाइम स्पेंड (Quality Time Spend) करना चाहते है। यहां पास ही एक दूसरी जगह चंपा गली (Champa Gali) भी है। यकीनन इसे देखने का आपका एक्सपीरियंस (Experience) काफी मेमोरेबल होगा। खूबसूरत फूलों और पेड़-पौधों से घिरा यह पार्क बना देगा आपके वीकेंड को मजेदार। 4.नेशनल जूलॉजिकल पार्क – (National Zoological Park, Delhi) :नेशनल जूलॉजिकल पार्क या दिल्ली जू दिल्ली के पुराने किले के पास मौजूद है। दिल्ली के आसपास पिकनिक मनाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। अगर आप भीड़ भाड़ से बचना चाहते हैं, तो वीकेंड की बजाए वीकडे (Weekday) पर घूमने के लिए आएं। यहां आपको एशियाई शेर (Asiatic Lion), रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger), भारतीय गैंडे (Indian Rhinoceros) और लाल जंगली मुर्गी (Red Jungle Fowl) जैसी कई वन्यजीव प्राणियों को देख सकेगें। यहां की एंट्री फि 20-40 रुपए है। 5.रेल म्यूजियम दिल्ली – (Rail Museum, Delhi) :दिल्ली का रेल म्यूजियम 10 एकड़ में फैला हुआ है, जहां आप रेलवे की प्राचीन संरचनाओं (Ancient Railway Structures) की प्रस्तुति (Presentation) देख सकते हैं। रेल म्यूजियम एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है, क्योंकि यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए 3 डी वर्चुअल ट्रेन की सवारी (Ride of 3D virtual train), स्टीम लोको सिम्युलेटर (Steam loco simulator), टॉय ट्रेन (Toy train) और एक इनडोर गैलरी (Indoor gallery) की सुविधा भी दी गई है। बच्चे ऐसी जगहों में घूमकर सबसे ज्यादा खुश होते हैं। 6.बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट – (Botanix Nature Resort) :बोटैनिक्स नेचर रिज़ॉर्ट दमदमा झील के गुरुग्राम में मौजूद है। यहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं। पिकनिक पर जाने के लिए ये जगह एकदम बेस्ट है। दिल्ली की भीड़ भाड़ से दूर आप शांति में आकर प्रकृति की सैर कर सकते हैं। यहां आप अरावली पहाड़ियों की सुंदरता की खूबसूरत तस्वीरें खींच सकते हैं, या फिर इन-हाउस पूल में फुल मस्ती कर सकते है। दिल्ली के बेहद ही पास है खूबसूरत मोरनी हिल्स (Morni Hills), आज ही बनाएं इस स्टेशन में घूमने का प्लान। 7.कैंप वाइल्ड धौज – (Camp Wild Dhauj) :कैंप वाइल्ड धौज फरीदाबाद के मंगर गांव (Mangar Village) में अरावली पहाड़ियों की तलहटी (Foothills of aravalli hills) में मौजूद एक एडवेंचर कैम्प (Adventure Camp) है, जो दिल्ली के पास एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट माना जाता है। यहां आप रॉक क्लाइम्बिंग (Rock Climbing), कैम्पिंग रैपलिंग (Camping Rappelling), फ्लाइंग फॉक्स (Flying Fox) और रिवर क्रॉसिंग (River Crossing) जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज (Adventure Activities) कर सकते हैं। 8.ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी – (Okhla Bird Sanctuary) : यमुना नदी के ऊपर ओखला बैराज पर मौजूद ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी है, जहां आप पक्षियों की अलग-अलग ब्रीड्स (breads) और नेचर ब्यूटी का लुफ़्त उठा सकते हैं। ये दिल्ली का सबसे फेमस पिकनिक स्पॉट (Most famous picnic spot) है, जहां बच्चे (Childrens), फैमिली (Family), कपल्स (Couples) भी घूमने के लिए आते हैं। यहां 300 से अधिक पक्षियों की वेरायटीज (Varieties) मौजूद हैं। जब भी पिकनिक पर जाने का प्लान बने, तो अपनी लिस्ट में ओखला बर्ड्स सैंक्चुअरी को भी जरूर शामिल करें।

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ये हैं दिल्ली की वो जगहें जहां से जुड़ी हैं कई डरावनी और दिल दहला देने वाली कहानियां –

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अगर आप हिम्मती हैं और हांटेड प्लेस घूमने में दिलचस्पी रखते हैं,तो आपको दिल्ली की इन जगहों पर जरूर जाना चाहिए। जहां आपको मिलेंगे कई ऐसे सुलझे-अनसुलझे राज़ जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। ऐसी जगह बेहद खूबसूरत होती हैं लेकिन इन जगहों के बारे में कुछ न कुछ कहानियां ऐसी बुन दी जाती हैं जहाँ आप उत्सुकतावश जरुर जाना चाहते हैं. लेकिन कोशिश कीजिए की आप यहां अकेले न आए क्योंकि डर सिर्फ रात के अँधेरे में ही फैलता है. ऐसी ही कुछ तथाकथित डरावनी जगहों के बारे में हम इस ब्लॉग में आपको बता रहे हैं — 1.दिल्ली छावनी (Delhi Cant)- ये जगह दिन में टहलने के लिए जितनी शानदार है, रात में ये उतनी ही भयानक भी हो जाती है। सड़क पर फैले घने पेड़ों बीच एक डरावनी सी फिलिंग (Scary Feeling) आती है। ऐसा लगता है मानो बॉलीवुड की किसी डरावनी फिल्म सीन देख रहें हों। देर शाम इन रास्तों पर ट्रैवल (Travel) करने वाले लोगों ने बताया है कि उन्होंने सफ़ेद कपड़े पहने एक औरत(Lady) को देखा है जो उनसे उसे सवारी देने की रिक्वेस्ट (Request) करती है। इसके अलावा यहाँ कि कुछ कहानियां हैं जो इसे डरावना बना देती हैं, यहाँ के लोकल लोगों का कहना है कि यहां एक महिला का मर्डर (Murder) हुआ था, जब वो इस एरिया में अकेली वॉक (Walk) कर रही थी। इसलिए जितना हो सके अंधेरा होने के बाद यहां आने से बचें। 2. दिल्ली में डीडीए कॉम्प्लेक्स (DDA Flats in Qutub enclave)-जिसे सबसे डरावने घर के रूप में भी जाना जाता है, वैसे तो ये कब्रिस्तान के ऊपर बनाया गया था, जिसे अब वहां देखे जाने वाले भूतों का कारण बताया जाता है। लोगो का मानना है यहां कई अजीबो गरीब चीजों को महसूस किया गया है । एब्नॉर्मल सी चीखें, टेंपरेचर में एक दम से चेंज आ जाना और भी बहुत कुछ । लोगों ने यह भी कहा है कि उन्होंने भूत देखे हैं और अजीब सी परछाइयां भी यहाँ दिखाई देती हैं जो कि यहाँ आने वालों का पीछा करती हैं। 3. अग्रसेन की बावली (Agrsen Ki Baoli)- वैसे तो इस जगह से पहचान करवाने की कोई खास जरूरत है नही, लेकिन फिर भी अगर आप यहां आने का प्लान बना रहें हैं तो आपके लिए कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी हो जाता है। स्थानीय लोककथाओं के हिसाब से, इस बावली (जिसे बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है) में पहले रहस्यमयी रूप से गहरे पानी का एक कुंड था, जो लोगों को अपनी जान लेने के लिए मजबूर करता था। यहां आस पास रहने वाले लोगो का कहना है, जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं, आपको अहसास होने लगता है कि कोई आपका पीछा कर रहा है। 4. खूनी दरवाजा (Khooni Drwaza)- वैसे तो ये एक बहुत ही सुंदर हिस्टोरिकल प्लेस (Beautiful Historical place) है, लेकिन इस दरवाज़े से जुड़ी कहानियां आपको दंग कर देंगी। ये जगह दिल्ली के मोस्ट हॉन्टेड प्लेस (Most Haunted Place) में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि जब मानसून (Monsoon) आता है, तो इस मोन्यूमेंट (Monument) की छत से खून की धारा बहती है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,जहांगीर ने इस जगह पर बैरम खान के पोते-पोतियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का आदेश दिया था। जहाँगीर ने अपनी ताकत दिखाने के लिए उनके डेड बॉडीज (Dead Bodies)को कई दिनों तक वहाँ लटकाए रखा था। इसलिए आप जब भी यहां आए जरा सावधानी बरतें। 5. फ़िरोज़ शाह कोटला किला (Feroz Shah Kotla Fort)- दिल्ली में सबसे पॉपुलर हिस्टोरिकल प्लेसिस (Popular Historical Places) में से एक होने के अलावा, इसे शहर के सबसे हॉन्टेड जोन (Haunted Zone) में से एक भी माना जाता है। लोगों की मानें तो इस प्लेस पर जिन्न देखे गए हैं, जो 14 सेंचुरी (Century) के हैं। लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने डरावनी आवाज़ें सुनी हैं, किसी बुरे साये (Bad Soul) को महसूस किया है और कई बार नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को फील (Feel) किया गया है।वैसे किला आम तौर पर एक पीसफुल (peaceful) जगह है, लेकिन हर गुरुवार (Thursday) शाम को लोग, वहां रहने वाले जिन्नों को खुश करने के लिए इकट्ठा होते हैं। उन्हें खुश करने के अनुष्ठान करते है जिस बीच , कई लोगो ने किसी इनविजिबल (Invisible) पॉवर का धक्का महसूस किया है। आप पूरे दिन फ़िरोज़ शाह कोटला किले में जा सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास स्ट्रॉन्ग हार्ट (Strong heart) है और आप अपनी क्रायोसिटी (Criosity) को शांत करना है तो मेरी सलाह ये है कि आपको कभी भी यहां अकेले नहीं जाना चाहिए। 6. भूली भटियारी का महल (Bhuli Bhatiyari Ka Mahal)- ये जगह दिल्ली की ऐसी इकलौती जगह है जिसका नाम ही काफ़ी हांटेड है। भूली भटियारी का महल… जिसे कभी तुगलक सम्राटों द्वारा हंटर लॉज (Hunter Laudge) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इस जगह पर कई अनबेलिवेबल इंसीडेंट (Unbelivable Incident) की कई रिपोर्टें मिली हैं, जिनमें से कुछ में आगे-पीछे कदमों के चलने, डरावनी हंसी और लोगों के गायब होने के दावे शामिल हैं। कई रीजंस (Reasons) की वजह से फिलहाल इसके पीछे की मिस्ट्री (Mystery) को फिलहाल सॉल्व (Solve) नही किया गया है, और बहुत कम लोगों में आगे की जांच करने की हिम्मत थी। वैसे तो , यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भूली भटियारी एक्चुअल (Actual) में एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस (Tourist place) है। अगर आप इस स्थान पर जाना चाहते हैं, तो अपने साथ कुछ दोस्तों को लाएँ ताकि आप खंडहरों को अच्छे से बिना डरे देख सकें। लेकिन ध्यान रखें कि आप ये रिस्क (Risk) दिन के समय ही लें। 7. खूनी नाडी (Khooni Nadi)- तो जैसा की आपको इस नाम को सुनते ही महसूस हो गया होगा की ये जगह कितनी डरावनी है, खूनी नाड़ी (खूनी का मतलब खूनी, और नाड़ी का मतलब नदी)। इस इलाके से जुड़ी दिल दहला देने वाली बात ये है की, जो कोई भी नदी के बहुत करीब आएगा वह उसमें समा जाएगा। इस प्लेस से जुड़े ऐसे कई रयूमर्स (Rumours) ऐसे है ,जो की बताते हैं कि इस पानी में जाने वाले कई लोग अब तक वापस नहीं आए। 8.

Best Water Parks in Delhi Category Delhi Destination Travel

Best Water Parks of Delhi

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1. वर्ल्डस ऑफ़ वंडर (Worlds of Wonder):ये वाटर पार्क दिल्ली एनसीआर के सबसे बड़े और खूबसूरत वाटर पार्क्स में से एक है। ये एक्साइटेड प्लेस नोएडा का सेंटर ऑफ अट्रैक्शन (Centre of Attraction) हैं। इस पार्क में एक एरिया ऐसा है जिसे ”ला फिएस्टा” (“La Fiesta”) कहा जाता है। यहाँ आप आराम से एंजॉय (Enjoy) कर सकते हैं। इस एस पार्क में पेंटबॉल, एयर हॉकी, गो कार्टिंग (Go-Carting), कार रेसिंग (Car Racing), वीआर गेम्स (VR Games) और लाइफस्टाइल पजल्स (Lifestyle Puzzle) जैसे कई फन एक्टिविटीज हैं। पार्क का ओपनिंग टाइम सुबह 11 बजे शाम 7 बजे का है और ये पूरे वीक ओपन रहता हैं। 2. एडवेंचर आइलैंड (Adventure Island):एडवेंचर आइलैंड दिल्ली का सबसे फेमस वाटर पार्क (Famous water park) हैं। यहाँ आपको फ्रीफॉल राइड (Freefall ride), ट्विस्टर (Twister) और फ्लिप-आउट (Flip-out), डिमोलिशन डर्बी (Demolition derby) जैसे कई फन टास्क हैं। 3. जुरासिक पार्क (Jurassic park):सोनीपत का ये पार्क जीटी-करनाल में है। इस पार्क में 21 राइड्स (Rides), 6 स्लाइड (Slide) और कई एक्टिविटीज के लिए किड्स पूल (Kids pool),वेव पूल (Wave pool), लेज़ी रिवर (Lazy river), रेन डांस(Rain dance), झरना(Falls), जायंट व्हील (Joint Wheel) है। यहाँ आपको एक गो-कार्टिंग (Go-Carting) और एडवेंचर जोन (Adventure Zone) भी है। 4. ऑयस्टर बीच पार्क (Oyster beech park):इस वाटर पार्क में आपको वेव पूल (Wave pool) और रेन डांस (Rain dance), स्काई फॉल (Sky fall), पाइरेट स्टेशन (Poirot station), टाइफून टनल (Typhon tunnel) जैसी एक्साइट्स वाटर राइड्स हैं। 5. फनमैक्स वाटर पार्क (Funmax water park):ये पार्क शानदार एक्टिविटीज से भरा हुआ काफी फेमस वाटर पार्क है। यहाँ आपको साइक्लोन राइड (Cyclone slide), ट्विस्टर (Twister slide), मल्टी रेसर स्लाइड (Multi racer slide), वेव पूल (Wave pool), और रेनबो शावर (Rainbow shower)जैसी राइड्स मिल जाएगी। इस पार्क में मेंढक स्लाइडर (Mendhak slider)और बच्चों के लिए एक अलग पूल भी है। 6. जस्ट चिल वाटर पार्क (Just Chill Water Park): ये पार्क दिल्ली के नए वाटर पार्कों में से एक है। यहाँ आपको रेन डांस रैंप (Rain dance ramp), डीजे सिस्टम के साथ कई वाटर पूल (Water pool with DJ system) और स्लाइड की सुविधा मिलती है।यहाँ पर आपको कैटरीना ट्विस्ट (Catrina twist), रोमियो जूलियट (Romeo Juliet) और वेव पूल (wave pool) ,ब्लैक थ्रिल (Black thrill) जैसी वाटर एक्टिविटी करने को मिलती है। इस वाटर पार्क में आप ब्रेकडांस (Breakdance), कैटरपिलर (Caterpillar), स्विंग चेयर (Swing chair)और वोर्टेक्स (Vortex) जैसी कई राइड का मजा ले सकते हैं। 7. ड्रिज़्लिंग लैंड वाटर पार्क (Drizzling Land water park):यहां आपको डाइस कोस्टर (Dice coaster ), लॉन्चर स्लाइड (Launcher slide), केम्पटी फाल्स (Captee falls), एयर वैन (Air wain), रॉक एन रोल (Rock n Roll), रोलर कोस्टर (Roller coaster) जैसे अट्रैक्शन (Attraction) देखने को मिलता है। साथ ही यहां आपको रिवर राफ्टिंग (River rafting), किड्स और फॅमिली पूल (Kids and Family pool), साइकलोन (Cyclone) एक्टिविटीज मिलती हैं। 8. आपनो घर वाटर पार्क (Aapno Ghar Water park):ये दिल्ली के पुराने वाटर पार्क में से एक है। यह अपने खूबसूरत रिसोर्ट के लिए काफी फेमस है। यहाँ आप कैटरपिलर (Caterpillar), फ्लाइंग बॉब (Flying Bob), वेस्टर्न ट्रेन (Western train), बेबी ट्रेन (Bobby train) वे राउंड कई राइड्स को एंजॉय कर सकतें हैं। 9. स्पलैश वाटर पार्क (Splash Water Park):ये पार्क गर्मि से राहत दिलाने के लिए एक दम बढ़िया है।यहाँ आप साइक्लोन फैमिली स्लाइड, हरकिरी और मशरूम फॉल,मल्टीलेन स्लाइड आदि राइड्स का आनंद ले सकते हैं। यहाँ आपको लार्ज वाटर स्लाइड्स ,रेन वाटर डांस फ्लॉर ,स्विमिंग पूल आदि की सुविधा मिलती है। 10. फन एन फूड विलेज दिल्ली (Fun N Food Village Delhi):दिल्ली के सबसे लोकप्रिय वाटर पार्क में इसका नाम फेमस है।इस वाटर पार्क में आपको इंडोर स्नो पार्क (Indoor Snow Park), मनोरंजन सवारी (Entertainment Ride), आलसी नदी (Lazy River), जल सवारी (Water Ride), फूड कोर्ट (Food Court) और बार (Bar) प्रमुख आकर्षण देखने को मिल जायेंगे। गर्मियों की तपन से बचने के लिए वाटर पार्क जाना एक बेस्ट ऑप्शन है तो आप भी अपने फेवरेट परक्की जल्दी से लिस्ट बनाए और हॉलीडेज (Holiday) एंजॉय करें।