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मेघालय की खूबसूरती और संस्कृति दोनों को दर्शाता है चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल

मेघालय राज्य की खूबसूरती किसी से छुपी नहीं है। जनजाति बहुल जनसंख्या होने के कारण इस राज्य में वनों का घनत्व बहुत अधिक देखने को मिलता है। साथ ही साथ यह राज्य हिमालयन रेंज के पहाड़ों पर बसा हुआ है। ऐसे में सामान्य दिनों में भी यह राज्य किसी जन्नत से काम नहीं दिखता है। लेकिन इस राज्य की खूबसूरती में चार चांद तब लग जाते हैं जब यहां चेरी ब्लॉसम यानि चेरी के फूल खिलते हैं। खुशी में मेघालय के शिलांग में एक बहुत बड़ा फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। जिसे चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल कहा जाता है। आइए आज के फाइव कॉलर्स ऑफ ट्रैवल के इस ब्लॉग (Blog) में हम आपको चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल शिलांग (Cherry Blossom Festival Shillong) के बारे में बताते हैं :-

क्या है चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल (What is cherry blossoms festival)?

चेरी ब्लॉसम हर साल नवंबर महीने के आसपास ही होता है। ऐसे में चेरी के फूल के खिलने के समय यहां हर साल चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल मनाया जाता है। यह मेघालय के शिलांग के सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। क्योंकि इसकी लोकप्रियता सिर्फ भारत हीं नहीं बल्कि दुनिया भर में है। मेघालय के चेरी ब्लॉसम को देखने के लिए यहां पर्यटक तो देश-विदेश से आते ही हैं, साथ ही साथ यहां परफॉर्म करने वाले आर्टिस्ट भी इंटरनेशनल आर्टिस्ट होते हैं।

क्यों है खास यह चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल (Why this festival is too special)?

इस फेस्टिवल में कई तरह के कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं।जिस में मेघालय के संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। अगर आपको मेघालय की संस्कृति को समझना है तो चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल के समय आप दो-तीन दिनों के लिए मेघालय में रख कर यहां की खूबसूरतीयों का आनंद ले। तब आपको पता चलेगा कि असल में मेघालय कितनी खूबसूरत जगह है।

चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल का इतिहास (History of Cheery Blossom Festival) :

चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल मनाने की प्रथा भारत में जापान से आई है। जापान में कई सदियों से यह परंपरा निभाई जाती है। भारत में चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल पहली बार वर्ष 2021 में मनाई गई थी। इस फेस्टिवल की शुरुआत शिलांग के उत्सव पैलेस के वेन्यू वाईड्स लेक और पोलो ग्राउंड में हुआ था।
चेरी ब्लॉसम के समय चेरी के हल्के गुलाबी रंग के पेड़ परियों की कहानी के किसी कल्पवृक्ष से कम नहीं लगते हैं। यह इतने खूबसूरत होते हैं कि अगर आप पहली बार इन्हें देख रहे हैं तो आप जरूर उनके प्यार में पड़ जाएंगे। प्रकृति की अद्भुत रचना के उदाहरण हैं चेरी के पेड़ और जब एक साथ कई सारे चेरी के पेड़ हल्के गुलाबी रंग के फूलों की चादर से ढक जाते हैं तो इस समय मेघालय का यह नजारा देखने लायक होता है।

कैसे पहुंचे शिलांग (How to reach Shillong)?

  • सड़क मार्ग- बस स्टैंड शिलांग से गुवाहाटी के लिए डेली बस सर्विस (DBS) है।
  • रेल मार्ग- शिलांग का नजदीकी रेलवे स्टेशन है- ‘गुवाहाटी रेलवे स्टेशन’ जहाँ से आप टैक्सी या बस लेकर चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल पहुंच सकते है।
  • हवाई मार्ग- शिलांग में स्थित एयरपोर्ट कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़ा हुआ है।
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