Dalhousie Trip: 7 जगहें अपनी Travel List में जरूर रखें
अगर शहर की भागदौड़ से कुछ दिन दूर जाकर बस पहाड़, ठंडी हवा, हरियाली और सुकून के बीच समय बिताना है, तो Dalhousie आपके लिए एक बढ़िया जगह हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी हरी-भरी वादियों, धौलाधार पर्वत श्रृंखला के नज़ारों और पुराने औपनिवेशिक दौर की इमारतों के लिए जाना जाता है।
परिवार के साथ घूमना हो, दोस्तों के साथ मस्ती करनी हो या फिर पार्टनर के साथ शांत जगह पर कुछ वक्त बिताना हो, Dalhousie हर तरह के ट्रिप के लिए अच्छा विकल्प है। खास बात यह है कि यहां घूमने के लिए सिर्फ एक-दो जगहें नहीं हैं।
आसपास आपको हरे-भरे मैदान, ऊंची पहाड़ियां, जंगल, झरने, झील और पुराने चर्च सब कुछ देखने को मिल जाता है। अगर आप 2026 में Dalhousie Trip का प्लान बना रहे हैं, तो आपको अपनी लिस्ट में कुछ खास जगहों को जरूर शामिल करना चाहिए। यहां की सात ऐसी जगहें हैं, जहां जाकर आपका Dalhousie Trip और भी मजेदार हो सकता है।
खजियार: Dalhousie Trip की सबसे खास जगह
Dalhousie से करीब 16 से 22 किलोमीटर दूर खजियार स्थित है। समुद्र तल से 1,951 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद खजियार को भारत का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। अगर आप पहली बार Dalhousie Trip पर जा रहे हैं, तो खजियार को अपनी लिस्ट से बिल्कुल बाहर न रखें। खजियार की पहचान सिर्फ इसकी खूबसूरती तक सीमित नहीं है। इसका स्विट्जरलैंड से भी एक दिलचस्प जुड़ाव है।
7 जुलाई 1992 को स्विट्जरलैंड के तत्कालीन वाइस काउंसलर विली टी. ब्लेज़र ने खजियार का दौरा किया था। यहां के खूबसूरत मैदानों को देखकर उन्होंने इसकी तुलना स्विट्जरलैंड से की और इसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ का नाम दिया। वह यहां से मिट्टी का एक नमूना भी अपने साथ लेकर गए थे, जिसे स्विट्जरलैंड में प्रदर्शित किया गया था। खजियार का मैदान कटोरी के आकार का एक बड़ा हरा-भरा मैदान है।
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इसके बीच में खजियार झील है और चारों तरफ देवदार और चीड़ के घने पेड़ दिखाई देते हैं। झील की एक खास बात इसका तैरता हुआ द्वीप है, जो घास और खरपतवार से बना हुआ है। यही चीज इस जगह को बाकी जगहों से थोड़ा अलग बनाती है।
Dalhousie Trip के दौरान अगर आप यहां आते हैं तो सिर्फ बैठकर नज़ारे देखने तक खुद को सीमित रखने की जरूरत नहीं है। यहां घुड़सवारी और जॉर्बिंग जैसी गतिविधियां भी की जा सकती हैं। खुले मैदान में घूमना और आसपास लगे स्टॉल पर गरमा-गरम छोले-पूरी और चाय का मजा लेना भी इस ट्रिप का हिस्सा बन सकता है। खजियार में 12वीं शताब्दी का खज्जी नाग मंदिर भी है।
यह मंदिर सर्प देवता को समर्पित है। लकड़ी और पत्थर से बने इस मंदिर की नक्काशी में हिमाचली और मुगल वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। इसलिए अगर आपका Dalhousie Trip सिर्फ घूमने और फोटो लेने तक सीमित नहीं है और आप जगह के इतिहास को भी देखना चाहते हैं, तो यह मंदिर जरूर देखें।
डैनकुंड पीक: जहां हवा भी अलग महसूस होती है
Dalhousie की सबसे ऊंची चोटियों में डैनकुंड पीक का नाम सबसे ऊपर आता है। समुद्र तल से 2,755 मीटर की ऊंचाई पर स्थित डैनकुंड पीक को स्थानीय तौर पर ‘सिंगिंग हिल’ भी कहा जाता है। नाम सुनकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस जगह का हवाओं से खास रिश्ता है। जब हवा देवदार और रोडोडेंड्रोन यानी बुरांश के पेड़ों और जंगलों के बीच से होकर गुजरती है, तो यहां एक तरह की मधुर धुन और गूंज सुनाई देती है।
इसी वजह से इसे सिंगिंग हिल कहा जाता है। Dalhousie Trip में अगर आपको ऊंचाई से पहाड़ों को देखने का शौक है, तो डैनकुंड पीक आपके लिए खास जगह है। यहां ऊपर पहुंचने के बाद धौलाधार और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखलाओं के खूबसूरत नज़ारे दिखाई देते हैं। मौसम साफ हो तो रावी, ब्यास और चिनाब नदियों की चमकती धाराएं भी नजर आ सकती हैं।
चोटी पर फौलानी देवी मंदिर भी मौजूद है। इसके अलावा भारतीय वायु सेना का बेस भी यहां स्थित है। डैनकुंड तक पहुंचने का ट्रेक बहुत मुश्किल नहीं है। इसे पूरा करने में करीब दो घंटे लगते हैं। जंगलों के बीच से गुजरता यह रास्ता Dalhousie Trip में एक अलग तरह का अनुभव देता है।
यहां जाने वालों को रास्ते में ठंडी हवा, पेड़ों और पहाड़ों का साथ मिलता है। अगर आपका Dalhousie Trip कुछ ऐसा होना चाहिए जिसमें थोड़ी पैदल यात्रा भी हो और पहाड़ों के करीब जाने का मौका भी मिले, तो डैनकुंड पीक को जरूर शामिल करें।
कालाटोप: जंगलों के बीच एक अलग दुनिया
Dalhousie से घूमने के लिए अगर आपको जंगल और वन्यजीव पसंद हैं, तो कालाटोप वाइल्डलाइफ सेंचुरी आपके लिए अच्छी जगह है। करीब 30.69 वर्ग किलोमीटर में फैली यह सेंचुरी देवदार, ओक और ब्लू पाइन के घने जंगलों से घिरी हुई है। ‘कालाटोप’ नाम यहां की सबसे ऊंची पहाड़ी पर मौजूद घने काले जंगलों से जुड़ा है। इस जगह पर हिमालयन ब्लैक बीयर यानी काला भालू, हिमालयन ब्लैक मार्टन, हिरण और कई तरह के रंग-बिरंगे पहाड़ी पक्षी पाए जाते हैं।
Dalhousie Trip के दौरान कालाटोप की खासियत यह है कि यहां आपको शहर की भीड़ से अलग जंगल का माहौल मिलता है। अगर आपको ट्रैकिंग या बर्ड वॉचिंग पसंद है, तो यह जगह आपके ट्रिप में अच्छी तरह फिट हो सकती है। सेंचुरी के अंदर ब्रिटिश दौर का कालाटोप फॉरेस्ट रेस्ट हाउस भी मौजूद है। यहां से आसपास की वादियों का नज़ारा काफी खूबसूरत दिखाई देता है।
दिए गए विवरण के अनुसार कालाटोप सेंचुरी पूरे साल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहती है और भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 150 रुपये है। यहां जाते समय पर्यावरण का भी ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि सेंचुरी के अंदर प्लास्टिक की वस्तुओं पर कड़ा प्रतिबंध है। इसलिए Dalhousie Trip में अगर आप कालाटोप जा रहे हैं, तो प्रकृति को वैसे ही साफ रखने की कोशिश करें जैसी आपको वहां मिली है।
चमेरा झील: पहाड़ों के बीच बोटिंग का मजा
Dalhousie से करीब 25 से 26 किलोमीटर दूर चमेरा झील है। यह एक कृत्रिम झील है, जो रावी नदी पर बने चमेरा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का हिस्सा है। समुद्र तल से करीब 760 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील अपने बड़े जल क्षेत्र और बोटिंग के लिए जानी जाती है।
यहां मोटरबोट और पैडल बोट का आनंद लिया जा सकता है। दिए गए कंटेंट के अनुसार बोटिंग की टिकट कीमत आमतौर पर 300 से 800 रुपये के बीच होती है। Dalhousie Trip में अगर आप लगातार पहाड़ी रास्तों और ट्रेकिंग के बाद थोड़ा रिलैक्स करना चाहते हैं, तो चमेरा झील अच्छा विकल्प हो सकती है। झील के आसपास का माहौल शांत है और इसे भंडाल घाटी के घने पाइन जंगलों ने घेर रखा है।
Dalhousie Trip का यह हिस्सा सड़क यात्रा के लिए भी अच्छा है। डलहौजी से चमेरा झील तक करीब एक घंटे की रोड ट्रिप में रास्ते में पहाड़ों और नदियों के खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलते हैं। यानी चमेरा झील पर पहुंचने से पहले ही आपकी Dalhousie Trip का एक अच्छा हिस्सा रास्ते में पूरा हो जाता है।
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पंचपुला और सतधारा: झरनों के बीच कुछ सुकून
Dalhousie के मुख्य शहर से सिर्फ 3 से 4 किलोमीटर दूर पंचपुला स्थित है। यह एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट और झरने वाली जगह है। नाम से ही इसकी खासियत समझ आती है। पंचपुला का मतलब होता है ‘पांच पुल’ और यहां पांच छोटी जलधाराएं एक साथ आकर मिलती हैं। यह जगह Dalhousie शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले मुख्य स्रोत के रूप में भी बताई गई है।
पंचपुला में स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह का स्मारक और समाधि भी है। वह शहीद भगत सिंह के चाचा थे और उन्होंने 1947 में यहीं अपनी अंतिम सांस ली थी। पंचपुला के रास्ते में सतधारा झरना भी आता है।
यह समुद्र तल से करीब 2,030 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और सात प्राकृतिक झरनों के मिलने से बनता है। दिए गए विवरण के अनुसार यहां के पानी में माइका यानी अभ्रक और खनिज तत्व पाए जाते हैं और इसे कई तरह की बीमारियों और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए औषधीय गुणों वाला माना जाता है।
Dalhousie Trip में अगर आपको थोड़ी एडवेंचर एक्टिविटी करनी है तो पंचपुला में ज़िपलाइन, बर्मा ब्रिज और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियां भी की जा सकती हैं। इसलिए पंचपुला और सतधारा को सिर्फ झरने देखने की जगह न समझें। यहां प्रकृति, इतिहास और एडवेंचर तीनों को एक साथ देखा जा सकता है।
सेंट जॉन्स और सेंट फ्रांसिस चर्च
Dalhousie को सिर्फ पहाड़ों और जंगलों की वजह से नहीं जाना जाता। यहां पुराने समय की औपनिवेशिक इमारतें भी इसकी पहचान का हिस्सा हैं। अगर आपको पुराने भवन, इतिहास और शांत जगहें पसंद हैं, तो Dalhousie Trip में सेंट जॉन्स चर्च और सेंट फ्रांसिस चर्च जरूर देखें। गांधी चौक यानी मोती टिबा के पास मौजूद सेंट जॉन्स चर्च डलहौजी का सबसे पुराना चर्च बताया गया है।
इसे 1863 में बनाया गया था। ब्रिटिश विक्टोरियन शैली में बने इस प्रोटेस्टेंट चर्च के अंदर सेंट जॉन और सेंट पीटर की खूबसूरत कांच की पेंटिंग्स लगी हैं। चर्च के अंदर एक लाइब्रेरी भी है, जिसमें डलहौजी के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी दुर्लभ किताबें और तस्वीरें मौजूद हैं। इसलिए अगर आपका Dalhousie Trip थोड़ा इतिहास देखने वाला भी है, तो यह जगह आपके लिए खास हो सकती है।
सेंट फ्रांसिस चर्च 1894 में बनाया गया था। यह भी ब्रिटिश दौर की वास्तुकला को दिखाता है। पत्थरों और कांच पर किया गया काम इस चर्च की खासियत है। इन दोनों चर्चों को देखने से Dalhousie Trip में आपको पहाड़ों के अलावा इस शहर के पुराने दौर की झलक भी मिलती है।
गंजी पहाड़ी और मॉल रोड का स्वाद
Dalhousie Trip में अगर आप थोड़ा ट्रेक करना चाहते हैं तो गंजी पहाड़ी को भी अपनी लिस्ट में रख सकते हैं। यह बकरोटा हिल्स के पास स्थित है और डलहौजी के अच्छे ट्रैकिंग स्पॉट में गिनी जाती है। इसका नाम गंजी पहाड़ी इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी चोटी पर पेड़ या वनस्पति नहीं है और ऊपर से यह बिल्कुल गंजी या सपाट दिखाई देती है। डलहौजी से यहां तक करीब एक घंटे की पैदल वॉक करनी पड़ती है।
ऊपर पहुंचने के बाद ठंडी हवा और पूरी घाटी का सुंदर नज़ारा देखने को मिलता है। Dalhousie Trip में अगर आपको थोड़ी पैदल यात्रा और खुली पहाड़ी का अनुभव चाहिए, तो गंजी पहाड़ी एक अच्छा विकल्प है। लेकिन Dalhousie की यात्रा सिर्फ पहाड़ देखने से पूरी नहीं होती। यहां का लोकल खाना भी ट्रिप का जरूरी हिस्सा है।
खासकर गांधी चौक और मॉल रोड पर खाने के कई विकल्प मिलते हैं। गांधी चौक पर विकी कॉर्नर्स सुबह-सुबह पराठों के लिए लोकप्रिय है। यहां गोभी, आलू-प्याज़ और मिक्स पराठे फ्रेश वेरका दही और अमूल बटर के साथ मिलते हैं। अगर आपको मोमोज पसंद हैं, तो इंडो-तिब्बती मार्केट के पास तिब्बती कॉलोनी में मिलने वाले मोमोज जरूर ट्राई किए जा सकते हैं।
दिए गए कंटेंट के अनुसार यहां 1975 से रह रहे एक परिवार द्वारा बनाए जाने वाले मोमोज पूरे डलहौजी में मशहूर हैं। मॉल रोड पर शाम 4 बजे खुलने वाला सनी दा ढाबा भी खाने के लिए एक खास जगह है।
यहां का बटर चिकन 500 रुपये में 16 पीस के लिए मशहूर बताया गया है। और अगर खाने के बाद कुछ मीठा खाने का मन हो, तो मॉल रोड पर बावा कैफे के देसी घी वाले गरम-गरम गुलाब जामुन भी ट्राई किए जा सकते हैं। यानी Dalhousie Trip में दिन का एक हिस्सा पहाड़ों और जंगलों के बीच गुजर सकता है और शाम का समय मॉल रोड पर घूमते और लोकल खाना खाते हुए।
तीन दिन में कैसे घूम सकते हैं Dalhousie?
अगर आपके पास Dalhousie Trip के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, तो भी काफी कुछ देखा जा सकता है। पहले दिन Dalhousie पहुंचकर होटल में चेक-इन किया जा सकता है। शाम को मॉल रोड और गांधी चौक पर घूम सकते हैं। इसि दौरान सेंट जॉन्स चर्च भी देखा जा सकता है और सुभाष बावली से सूर्यास्त का नज़ारा लिया जा सकता है।
दूसरे दिन सुबह Dalhousie Trip का सबसे खास हिस्सा शुरू किया जा सकता है। सुबह-सुबह खजियार जाएं और वहां के हरे मैदान और झील को देखें। इसके बाद डैनकुंड पीक का ट्रेक किया जा सकता है। दोपहर में चमेरा झील जाकर बोटिंग का मजा लिया जा सकता है।
तीसरे दिन पंचपुला के झरनों से दिन की शुरुआत की जा सकती है। इसके बाद कालाटोप वाइल्डलाइफ सेंचुरी में ट्रैकिंग और बर्ड वॉचिंग की जा सकती है। शाम को लोकल मार्केट में घूमकर खरीदारी करें और फिर Dalhousie Trip की खूबसूरत यादों के साथ घर के लिए निकलें।
Dalhousie Trip को यादगार बनाने के लिए क्या रखें ध्यान में?
Dalhousie पहाड़ी इलाका है और यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए Dalhousie Trip की पैकिंग करते समय मौसम के हिसाब से हल्के और भारी दोनों तरह के ऊनी कपड़े रखना बेहतर रहेगा। डैनकुंड और कालाटोप जैसी जगहों पर पैदल चलना पड़ता है। इसलिए Dalhousie Trip के दौरान ऐसे जूते पहनें जिनकी पकड़ अच्छी हो और जिनमें आराम से काफी देर तक चला जा सके।
खजियार और आसपास के छोटे स्टॉलों पर डिजिटल नेटवर्क हमेशा एक जैसा नहीं मिल सकता। इसलिए Dalhousie Trip पर जाते समय अपने पास पर्याप्त नकद रखना काम आ सकता है। मानसून यानी जुलाई और अगस्त में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा रहता है।
दिए गए कंटेंट के अनुसार मार्च से जून या सितंबर से नवंबर के बीच Dalhousie Trip प्लान किया जा सकता है। और सबसे जरूरी बात, Dalhousie की खूबसूरती को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। खजियार और कालाटोप जैसे प्राकृतिक इलाकों में प्लास्टिक कचरा न फैलाएं और वहां की स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें।
आखिर क्यों करें Dalhousie Trip?
Dalhousie की खासियत यही है कि यहां एक ही ट्रिप में कई तरह के अनुभव मिल जाते हैं। एक तरफ खजियार का खुला हरा मैदान और झील है, दूसरी तरफ डैनकुंड की ऊंची पहाड़ी है।
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कहीं कालाटोप के घने जंगल हैं तो कहीं चमेरा झील का शांत पानी। इसके साथ पंचपुला और सतधारा के झरने हैं, पुराने सेंट जॉन्स और सेंट फ्रांसिस चर्च हैं और मॉल रोड पर मिलने वाला लोकल खाना है। यानी Dalhousie Trip सिर्फ एक जगह जाकर वापस आने वाला ट्रिप नहीं है।
अगर आप 2026 में पहाड़ों में कुछ दिन बिताने का सोच रहे हैं, तो Dalhousie Trip में इन सात जगहों को शामिल करके अपनी यात्रा को काफी अच्छे तरीके से प्लान कर सकते हैं। यहां प्रकृति भी है, इतिहास भी है, थोड़ा एडवेंचर भी है और सबसे जरूरी, कुछ समय खुद के लिए बिताने का मौका भी है।
Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव
- मौसम के हिसाब से पैकिंग करें – पहाड़ों में मौसम जल्दी बदल सकता है, इसलिए हल्के कपड़ों के साथ गर्म कपड़े भी अपने बैग में जरूर रखें।
- आरामदायक जूते पहनें – डैनकुंड पीक, गंजी पहाड़ी और कालाटोप जैसी जगहों पर पैदल चलना पड़ता है, इसलिए अच्छी पकड़ वाले आरामदायक जूते पहनकर ही निकलें।
- थोड़ा कैश साथ रखें – खजियार और आसपास के छोटे स्टॉलों पर नेटवर्क या डिजिटल पेमेंट की परेशानी हो सकती है, इसलिए कुछ नकद पैसे अपने पास जरूर रखें।
- प्राकृतिक जगहों को साफ रखें – खजियार, कालाटोप और झरनों जैसी जगहों पर कचरा न फैलाएं और प्लास्टिक का इस्तेमाल जितना हो सके कम रखें।
- लोकल स्वाद जरूर चखें – Dalhousie Trip के दौरान सिर्फ घूमने तक सीमित न रहें, बल्कि गांधी चौक और मॉल रोड के आसपास मिलने वाले लोकल खाने का स्वाद भी जरूर लें।